भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों को और ज्यादा मदद देने की बात कही है। उनका मानना है कि पिचों को और फ्लैट बनाया जाना चाहिए, बाउंड्री छोटी होनी चाहिए और गेंदबाजों के खिलाफ नियमों को और सख्त किया जा सकता है, ताकि टी-20 में नियमित रूप से 20 ओवर में 300 रन बन सकें।
मांजरेकर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर यह बात कही। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय क्रिकेट में फ्लैट पिचों और बल्लेबाजों को मिल रही मदद को लेकर बहस चल रही है। गौतम गंभीर और युजवेंद्र चहल समेत कई क्रिकेटर पिचों को गेंदबाजों के अनुकूल बनाने की मांग कर चुके हैं।
एक दिन पहले चेतन शर्मा ने की थी गेंदबाजों के अनुकूल पिचों की मांग
मांजरेकर की टिप्पणी से एक दिन पहले भारतीय टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजी के अनुकूल पिचों पर सवाल उठाए थे। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि ऐसी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है।
चेतन शर्मा के मुताबिक, गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर उतरते हैं, लेकिन उन्हें इतनी मार नहीं पड़नी चाहिए कि वे दोबारा मैदान पर उतरना ही न चाहें। उनका कहना था कि क्रिकेट में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
गौतम गंभीर भी फ्लैट पिचों पर उठा चुके हैं सवाल
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी हाल में पिचों को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं।
- 9 अक्टूबर, रांची: दूसरे टी-20 मैच के बाद गंभीर ने कहा था कि फ्लैट पिचों पर गेंदबाजों के करियर दांव पर लगे हैं। उनके मुताबिक, पिच पर बल्ले और गेंद के बीच बराबरी का मुकाबला होना चाहिए।
- 3 अक्टूबर, गुवाहाटी: दूसरे वनडे के बाद गंभीर ने मुकाबले को लेकर कहा था कि यह क्रिकेट नहीं, बल्कि सिर्फ बल्लेबाजी थी। उस मैच में भारत ने 406 रन का लक्ष्य हासिल किया था और दोनों टीमों ने मिलकर 811 रन बनाए थे।
इन बयानों के बाद क्रिकेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
संजय मांजरेकर का क्रिकेट करियर
संजय मांजरेकर भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर हैं। वे अपने बेबाक विचारों और तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट खिलाड़ियों को विशेष बल्लेबाजी प्रशिक्षण भी देते हैं।
मांजरेकर ने अपने टेस्ट करियर में 37 मैच खेले और 2,043 रन बनाए। इसमें चार शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, 74 वनडे मैचों में उन्होंने 1,994 रन बनाए, जिसमें एक शतक शामिल है।
टी-20 क्रिकेट में संतुलन पर बहस तेज
मांजरेकर की टिप्पणी और गेंदबाजों के अनुकूल पिचों की मांग के बीच क्रिकेट जगत में दो अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं। एक ओर बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी को टी-20 की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जाता है, वहीं दूसरी ओर गेंदबाजों को पर्याप्त अवसर देने और मुकाबले को संतुलित बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
अब देखना होगा कि पिचों और खेल के नियमों को लेकर यह बहस आने वाले समय में क्रिकेट के स्वरूप पर कितना असर डालती है।







































