प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधते हुए एक बार फिर ‘आलू से सोना’ वाले बयान का जिक्र किया। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बनासकांठा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यहां का आलू दुनिया भर में मशहूर है। अगर कोई यहां आकर कहेगा कि वह आलू से सोना बना देगा, तो स्थानीय लोग उस पर भरोसा नहीं करेंगे।
प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि बनासकांठा के किसानों को खेती और आलू की अहमियत अच्छी तरह पता है। यहां के लोग पहले से जानते हैं कि आलू की खेती कैसे की जाती है और उससे कमाई कैसे होती है।
बनासकांठा में PM मोदी ने राहुल गांधी पर कसा तंज
प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के बनासकांठा जिले में आयोजित जनसभा में कहा कि कुछ लोग आएंगे और आलू से सोना बनाने की बात करेंगे, लेकिन बनासकांठा के लोग ऐसी बातों पर भरोसा नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि बनासकांठा का आलू विश्व प्रसिद्ध है। यहां के किसानों को खेती का अच्छा अनुभव है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति यहां आकर आलू से सोना बनाने का दावा नहीं कर सकता।
मोदी की इस टिप्पणी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है आलू से सोना बनाने वाले बयान का पूरा मामला?
‘आलू से सोना’ वाली टिप्पणी का विवाद कई साल पुराना है। नवंबर 2017 में गुजरात के पाटन में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए आलू किसानों से जुड़े एक कथित वादे का जिक्र किया था।
इसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी 2019 में उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक चुनावी सभा के दौरान इस टिप्पणी का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा था।
हालांकि, इस पूरे विवाद में वायरल वीडियो और बयानों को लेकर कई बार फैक्ट चेक भी सामने आए हैं। इसलिए इस टिप्पणी को उसके राजनीतिक संदर्भ में समझना जरूरी है।











































