भोपाल। मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन के बाद ई-टोकन व्यवस्था बंद होते ही खाद की खरीदी में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया। अगस्त में प्रदेश के 15 जिलों में पिछले साल के मुकाबले 9 गुना तक अधिक खाद उठाई गई। कृषि विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद सभी 15 जिलों के कलेक्टरों से जांच कराई गई।
जांच में सामने आया कि करीब डेढ़ लाख किसानों ने जरूरत से अधिक खाद खरीदी और उसे अपने घरों में स्टॉक कर लिया। यह खरीदी आधार कार्ड के जरिए की गई थी। कलेक्टरों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को खरीदारों के आधार कार्ड में दर्ज पते पर भेजकर इसकी पुष्टि कराई। जांच रिपोर्ट कृषि विभाग को भेज दी गई।
ई-टोकन बंद होते ही बढ़ी खाद की खरीदी
जुलाई में किसान आंदोलन के बाद शासन ने 29 जुलाई को ई-टोकन सिस्टम बंद कर दिया था। इसके बाद बिना ई-टोकन प्रक्रिया के किसानों को खाद का वितरण शुरू किया गया।
14 से 17 अगस्त के बीच खाद के स्टॉक का मिलान किया गया तो कई जिलों में पिछले साल के मुकाबले कई गुना अधिक उठाव सामने आया। जिन जिलों में पिछले साल करीब 100 मीट्रिक टन खाद उठाई गई थी, वहां इस बार यह आंकड़ा 1,000 मीट्रिक टन तक पहुंच गया।
परिवार और मजदूरों के आधार कार्ड से भी खरीदी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ किसानों ने अपने परिवार के सदस्यों, खेतों में काम करने वाले मजदूरों और रिश्तेदारों के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर खाद खरीदी थी। इस तरह बड़ी मात्रा में खाद खरीदकर घरों में रखी गई।
अधिकारियों के मुताबिक, आधार कार्ड में दर्ज पते पर राजस्व विभाग की टीमों के पहुंचने पर खरीदी करने वाले किसानों की पहचान और खाद के स्टॉक की जानकारी की पुष्टि हुई।
छतरपुर में 12 दिन में 2,500 मीट्रिक टन खाद का उठाव
जिन जिलों में सबसे ज्यादा खाद खरीदी गई, उनमें छतरपुर प्रमुख रहा। यहां 12 दिनों में करीब 2,500 मीट्रिक टन खाद का उठाव हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में किसानों ने 255 मीट्रिक टन खाद खरीदी थी।
इसके अलावा अशोकनगर, गुना, जबलपुर, रायसेन, सिवनी, देवास, सतना, धार और शिवपुरी में 9 गुना तक अधिक खाद उठाई गई। वहीं, आगर मालवा, सीहोर, इंदौर, मंदसौर और बैतूल जैसे जिलों में 8 गुना तक अधिक खाद की खरीदी दर्ज की गई।
जांच के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मामले की जांच के बाद रिपोर्ट कृषि विभाग को भेजी गई, लेकिन खरीदारों के किसान होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई। कृषि विभाग के डायरेक्टर उमाशंकर भार्गव ने बताया कि खाद की कालाबाजारी नहीं हुई है। उनके मुताबिक, खाद किसानों ने ही खरीदी थी।
रबी सीजन के लिए खाद का कितना स्टॉक?
कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस साल रबी फसल के लिए खाद का भंडारण पिछले साल के मुकाबले अधिक किया गया है। विभाग के अनुसार, इस बार 5.50 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण है, जबकि पिछले साल यह मात्रा 3.70 लाख मीट्रिक टन थी।
विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए खाद के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- यूरिया: 5.50 लाख मीट्रिक टन
- DAP: 1.60 लाख मीट्रिक टन
- NPK: 3.60 लाख मीट्रिक टन
- SSP: 3.75 लाख मीट्रिक टन
इस साल रबी फसल के लिए 140.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। अब खाद के भंडारण और वितरण व्यवस्था पर नजर रहेगी, ताकि किसानों को बुवाई के दौरान जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध हो सके।

