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Cyclone Murasu Alert: आंध्र प्रदेश में आज रात Landfall, MP-छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों में भारी बारिश

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नवंबर की शुरुआत के साथ ही देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मुरासु (Cyclone Murasu) अब गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है। तूफान तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह चेन्नई से करीब 180 किलोमीटर दूर पहुंच चुका है और 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है।

चक्रवात के खतरे को देखते हुए दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। इसका असर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई शहरों में सुबह के समय कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है।

मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के समुद्र किनारे बसे इलाकों में अगले कुछ घंटे काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

Cyclone Murasu Latest Update: कितनी तेज होगी तूफान की रफ्तार?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात मुरासु बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय है। यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।

तूफान के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के आसपास Landfall करने की संभावना है।

चक्रवात से जुड़ी अहम जानकारी:

  • संभावित Landfall: 2 नवंबर की देर रात से 3 नवंबर की सुबह।
  • संभावित स्थान: नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश का तट।
  • हवा की रफ्तार: 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा।
  • हवा के झोंके: 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक।
  • समुद्री स्थिति: ऊंची लहरें और तेज समुद्री हलचल।

IMD ने दक्षिण आंध्र प्रदेश के निचले तटीय इलाकों में सामान्य ज्वार से करीब 1 से 1.5 मीटर तक समुद्री जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई है। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

Andhra Pradesh Weather: इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

चक्रवात मुरासु का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश में देखने को मिल सकता है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

2 नवंबर को एलुरु, पश्चिम गोदावरी, एनटीआर, कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, प्रकाशम, नेल्लोर और तिरुपति समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट है।

वहीं 3 नवंबर को भी विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, विजयनगरम, कुरनूल, नांदयाल, कडप्पा और चित्तूर के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।

समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

Tamil Nadu Weather: चेन्नई समेत कई शहरों में बारिश

चक्रवात का असर तमिलनाडु में भी दिखाई दे रहा है। चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट और वेल्लोर समेत कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, चेन्नई और तिरुवल्लूर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।

तटीय इलाकों में तेज हवाओं और समुद्र में हलचल को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Odisha और Telangana Weather: कई जिलों में Orange Alert

ओडिशा और तेलंगाना में भी चक्रवात के प्रभाव से मौसम बिगड़ सकता है।

ओडिशा: गंजाम, गजपति और रायगढ़ा समेत दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की आशंका है। 3 और 4 नवंबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को तैयार रखा है।

तेलंगाना: खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापेट, महबूबनगर और नागरकुरनूल जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना है। हैदराबाद समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

MP Weather: मध्य प्रदेश में 5 नवंबर तक बारिश का असर

मध्य प्रदेश में भी मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। चक्रवात मुरासु के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 5 नवंबर के बीच बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 नवंबर के बीच मौसम प्रभावित हो सकता है।

भोपाल समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम पर नजर रखनी होगी। हालांकि हर जिले में भारी बारिश होने का अनुमान नहीं है। किसानों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहना चाहिए।

Chhattisgarh Weather: 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश का अनुमान

छत्तीसगढ़ में भी चक्रवात का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद 3 और 4 नवंबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।

बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

Kerala और Karnataka में भी बदलेगा मौसम

चक्रवात मुरासु का प्रभाव दक्षिण भारत के दूसरे राज्यों में भी देखने को मिल सकता है।

  • केरल: 1 से 4 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
  • कर्नाटक: 3 नवंबर को तटीय और उत्तरी आंतरिक इलाकों में बारिश हो सकती है।

इस तरह आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में मौसम प्रभावित होने की आशंका है।

UP Weather: यूपी के 10 शहरों में सुबह कोहरे की संभावना

दक्षिण भारत में चक्रवात का असर है, तो उत्तर प्रदेश में सुबह के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। नवंबर की शुरुआत के साथ कई इलाकों में सुबह हल्की ठंड और कोहरे की स्थिति बन सकती है।

लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, मेरठ, आगरा, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में सुबह के समय दृश्यता कम होने की संभावना है।

कोहरे के दौरान खासकर हाईवे पर वाहन चलाने वालों को सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि इन सभी शहरों के लिए अलग-अलग घने कोहरे का आधिकारिक अलर्ट होने की पुष्टि नहीं है।

Cyclone Murasu से बचाव के लिए प्रशासन की तैयारी

चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए तटीय राज्यों में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

Cyclone Murasu: अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम?

चक्रवात मुरासु का Landfall और उसके बाद की दिशा अगले 48 घंटों के मौसम के लिए महत्वपूर्ण होगी। आंध्र प्रदेश में तूफान के तट से टकराने के बाद बारिश और तेज हवाओं का असर आसपास के राज्यों में भी महसूस किया जा सकता है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। वहीं ओडिशा और तेलंगाना में भी भारी बारिश को लेकर सतर्कता जरूरी है।

फिलहाल लोगों को IMD के ताजा Weather Update पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि चक्रवात की दिशा और गति के अनुसार मौसम विभाग अपने पूर्वानुमान में बदलाव कर सकता है।

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Yukta

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अमेरिका के फ्लोरिडा (Florida) में हुए एक विमान हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। रविवार, 1 नवंबर को एक प्राइवेट जेट रिहायशी इलाके में क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे से पहले पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को कई बार इमरजेंसी कॉल की थी। उसकी आखिरी बातचीत अब सामने आई है, जिसमें वह विमान के तेजी से नीचे गिरने और जमीन से टकराने की आशंका जता रहा था। हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विमान तेजी से नीचे आता दिखाई देता है। कुछ ही पलों बाद जोरदार टक्कर होती है और घटनास्थल पर आग लग जाती है। अब अमेरिकी जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर उड़ान के दौरान ऐसा क्या हुआ कि पायलट विमान को संभाल नहीं पाए। Florida के Greenacres में Crash हुआ Learjet 60 यह हादसा फ्लोरिडा के Palm Beach County स्थित Greenacres इलाके में हुआ। जानकारी के मुताबिक, Bombardier Learjet 60 प्राइवेट जेट टेक्सास के Austin से बहामास के North Eleuthera जा रहा था। उड़ान के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा और रिहायशी इलाके में क्रैश हो गया। टक्कर के बाद वहां आग लग गई और आसमान में धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। विमान में सवार सभी 9 लोगों की मौत की पुष्टि की गई। आसपास के लोगों की सुरक्षा को देखते हुए करीब 600 लोगों को इलाके से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। Pilot की आखिरी Mayday Call में क्या हुआ? इस हादसे की सबसे अहम जानकारी पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच हुई बातचीत से सामने आई है। रिकॉर्डिंग के मुताबिक, उड़ान के दौरान पायलट ने पहले खराब मौसम, टर्बुलेंस और विमान पर बर्फ जमने की जानकारी दी थी। इसके बाद पायलट ने विमान की ऊंचाई बढ़ाने और बेहतर मौसम वाले रास्ते पर जाने की कोशिश की। लेकिन कुछ ही देर में हालात बिगड़ने लगे। पायलट ने ATC को बताया कि विमान तेजी से नीचे गिर रहा है। उसकी नीचे जाने की रफ्तार करीब 10 हजार फीट प्रति मिनट तक पहुंच गई थी। इसके बाद पायलट ने Mayday Call जारी कर इमरजेंसी की जानकारी दी। कुछ समय बाद पायलट ने बताया कि विमान करीब 20 हजार फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे जा रहा है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने उसे जरूरी मदद देने की कोशिश की, लेकिन विमान की स्थिति लगातार बिगड़ती रही। आखिरी बातचीत में पायलट की ओर से विमान के जमीन से टकराने की आशंका जताई गई। रिकॉर्डिंग में ‘We’re out of time’ यानी अब हमारे पास वक्त नहीं बचा जैसी आवाज भी सुनाई दी। इसके कुछ ही देर बाद विमान का संपर्क टूट गया। 32 हजार फीट प्रति मिनट से ज्यादा हुई गिरने की रफ्तार फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान की नीचे गिरने की रफ्तार एक समय 32 हजार फीट प्रति मिनट से भी ज्यादा दर्ज की गई थी। इतनी तेजी से ऊंचाई कम होने के कारण पायलट को विमान संभालने का बहुत कम समय मिला। हादसे से पहले पायलट ने विमान की स्थिति को लेकर ATC को लगातार जानकारी दी थी। हालांकि, आखिरी समय में विमान को नियंत्रित करने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। खराब मौसम और बर्फ जमने की आशंका प्रारंभिक जानकारी में विमान के क्रू ने खराब मौसम, टर्बुलेंस और विमान पर बर्फ जमने की बात कही थी। उड़ान के दौरान तापमान करीब -47 डिग्री सेल्सियस बताया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, विमान पर बर्फ जमना और खराब मौसम उड़ान को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में इन्हें दुर्घटना की पक्की वजह नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि विमान में तकनीकी खराबी आई थी या मौसम की परिस्थितियों ने हादसे में भूमिका निभाई। हादसे के बाद 600 लोगों को सुरक्षित निकाला गया विमान के रिहायशी इलाके में गिरने से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर करीब 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मौके पर राहत और बचाव कार्य चलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास की सड़कों को बंद कर दिया, ताकि जांच और बचाव दल को काम करने में परेशानी न हो। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय तेज आवाज सुनाई दी और कुछ ही देर में इलाके में धुआं फैल गया। विमान का मलबा आसपास के क्षेत्र में भी बिखरा हुआ मिला। FAA और NTSB कर रही हैं Plane Crash की जांच अमेरिका की Federal Aviation Administration (FAA) और National Transportation Safety Board (NTSB) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां विमान के मलबे, फ्लाइट डेटा, मौसम की जानकारी और पायलट-ATC के बीच हुई बातचीत की पड़ताल कर रही हैं। विमान निर्माता कंपनी Bombardier भी जांच में सहयोग कर रही है। फ्लोरिडा के गवर्नर Ron DeSantis और अमेरिकी परिवहन मंत्री Sean Duffy ने हादसे पर दुख जताया है। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है। अब सबसे बड़ा सवाल- आखिर कैसे हुआ यह हादसा? फ्लोरिडा का यह विमान हादसा कई सवाल छोड़ गया है। पायलट ने आखिरी समय तक ATC से संपर्क बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन विमान को बचाया नहीं जा सका। फिलहाल खराब मौसम, बर्फ जमने और संभावित तकनीकी खराबी जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है। दुर्घटना की असली वजह सामने आने में अभी समय लग सकता है। NTSB की जांच रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि 9 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के पीछे आखिर क्या कारण था। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...

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