देश की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह चुनाव में हार मिलने के बाद अपनी गलतियां स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हैं। शाह ने राहुल गांधी को लेकर कहा कि वह बौखलाए हुए हैं और हर हार के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में SIR (Special Intensive Revision) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी घमासान जारी है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि बीजेपी विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बता रही है।
Amit Shah का Rahul Gandhi पर तीखा हमला
Amit Shah ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब चुनाव में जीत मिलती है, तब कांग्रेस को चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर कोई परेशानी नहीं होती। लेकिन हार मिलते ही EVM, वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाने लगते हैं।
शाह का कहना है कि राहुल गांधी को बार-बार चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करने के बजाय अपनी पार्टी की हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष की तुलना ऐसे खिलाड़ी से की, जो मैच हारने के बाद अंपायर को दोष देने लगता है।
इससे पहले 30 अक्टूबर को लखनऊ में भी अमित शाह ने राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को वोट चोरी के आरोपों पर संसद में खुली बहस की चुनौती दी थी।
SIR विवाद पर अमित शाह ने किया बड़ा दावा
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अमित शाह ने 2 नवंबर को हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया में करीब 3 करोड़ ऐसे नाम सामने आए, जिन्हें उन्होंने घुसपैठियों से जुड़ा बताया।
शाह ने कहा कि मतदाता सूची को साफ-सुथरा रखना जरूरी है और डुप्लीकेट, मृत तथा अपात्र मतदाताओं के नाम हटाना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
उन्होंने राहुल गांधी के उस आरोप पर भी सवाल उठाए, जिसमें करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात कही गई थी। शाह के मुताबिक, इस आंकड़े में दूसरी जगह चले गए लोगों, मृत मतदाताओं और डुप्लीकेट नामों को भी शामिल किया गया है।
हालांकि, घुसपैठियों और मतदाताओं के आंकड़ों को लेकर अमित शाह के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
Rahul Gandhi ने रामलीला मैदान से उठाए सवाल
Amit Shah के हमले के बीच राहुल गांधी भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित हुई थी।
इस रैली में राहुल गांधी के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं और SIR के जरिए बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम भी हटाए जा सकते हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी का कहना है कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।
CEC Gyanesh Kumar को लेकर भी बढ़ा विवाद
SIR विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी विपक्ष के निशाने पर हैं। INDIA गठबंधन के नेताओं ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच हो और चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को लेकर जवाब दे।
दूसरी तरफ, बीजेपी का कहना है कि विपक्ष चुनावी हार को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रहा है। पार्टी का तर्क है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है।
संसद के Special Session की चुनौती, क्या आमने-सामने होंगे राहुल और शाह?
अमित शाह ने राहुल गांधी को चुनौती दी है कि अगर उनके पास वोट चोरी के आरोपों से जुड़े सबूत हैं, तो उन्हें संसद में आकर चर्चा करनी चाहिए। शाह ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाकर बहस करने के लिए तैयार है।
वहीं, कांग्रेस और INDIA गठबंधन का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और SIR से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों और दावों पर कायम हैं। एक तरफ अमित शाह राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग कर रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या संसद में SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर कोई विशेष चर्चा होगी या फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ेगा।
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