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गूगल का 5 देशों में बायआउट ऑफर, कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर मिलेगा एग्जिट पैकेज; भारत इस लिस्ट से बाहर

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माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब टेक कंपनी गूगल ने भी कर्मचारियों की संख्या और खर्चों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने के बदले एग्जिट पैकेज देने का ऐलान किया है। इस प्रक्रिया को बायआउट या वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम कहा जाता है। हालांकि, इस ऑफर में फिलहाल भारत के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है।

गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी निवेश कर रही है। ऐसे में कंपनी अपनी बिजनेस प्राथमिकताओं के अनुसार संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है।

5 देशों में शुरू किया वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम

गूगल के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि कंपनी ने जून से कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में कुछ कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम शुरू किया है। कंपनी पिछले साल से अमेरिका और ब्रिटेन के कुछ विभागों में भी इस तरह की योजना चला रही है।

गूगल के मुताबिक, यह उन कर्मचारियों के लिए एक विकल्प है, जो कंपनी की बदलती रणनीति और नई कार्यशैली के साथ खुद को जुड़ा हुआ महसूस नहीं करते। हालांकि, इस कार्यक्रम में सभी विभागों के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है।

AI और क्लाउड कंप्यूटिंग पर कंपनी का फोकस

सुंदर पिचाई के नेतृत्व वाली गूगल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। कंपनी चाहती है कि उसके संसाधन उन विभागों में लगाए जाएं, जो भविष्य की बिजनेस रणनीति के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

यही वजह है कि गूगल की भर्ती प्राथमिकताओं में भी AI और क्लाउड कंप्यूटिंग सबसे ऊपर हैं। इससे पहले दिए गए बायआउट ऑफर में गूगल क्लाउड और AI यूनिट डीपमाइंड के कर्मचारियों को बाहर रखा गया था।

स्विट्जरलैंड में कर्मचारियों को मिलेगा 12 महीने तक का वेतन

स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में गूगल का बड़ा इंजीनियरिंग हब है, जहां करीब 5,000 कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी ने यहां जून में कर्मचारियों को एग्जिट पैकेज का ऑफर दिया था। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम समय-सीमा जुलाई रखी गई थी।

ऑफर के तहत नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को कंपनी में बिताए प्रत्येक साल के बदले एक महीने की सैलरी दी जाएगी। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 12 महीने के वेतन तक निर्धारित की गई है।

AI पर भारी खर्च से निवेशकों की बढ़ी चिंता

गूगल समेत दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही हैं। इस बढ़ते खर्च को लेकर वॉल स्ट्रीट के निवेशक चिंतित हैं। इसका असर अल्फाबेट के शेयरों पर भी देखने को मिला है।

हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने खर्चों को नियंत्रित करने के लिए कर्मचारियों को बायआउट कॉन्ट्रैक्ट का विकल्प दिया था।

2.04 लाख के पार पहुंची गूगल में कर्मचारियों की संख्या

एक तरफ गूगल कुछ देशों में कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का विकल्प दे रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी का कुल वर्कफोर्स भी बढ़ा है। सितंबर 2026 के अंत तक अल्फाबेट में कर्मचारियों की संख्या करीब 2.04 लाख पहुंच गई थी।

कंपनी ने महज छह महीनों में लगभग 10,000 नए कर्मचारी जोड़े। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब कई दूसरी टेक कंपनियां खर्च घटाने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं।

Wiz के अधिग्रहण से जुड़े 2,000 कर्मचारी

गूगल के कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की एक बड़ी वजह साइबर सिक्योरिटी कंपनी Wiz का अधिग्रहण भी है। इस साल मार्च में कंपनी ने Wiz को खरीदा था। इसके बाद Wiz के करीब 2,000 कर्मचारी गूगल के वर्कफोर्स का हिस्सा बन गए।

क्या होता है बायआउट ऑफर?

बायआउट या वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कंपनी कर्मचारियों को सीधे नौकरी से निकालने के बजाय स्वेच्छा से इस्तीफा देने का विकल्प देती है। इसके बदले कर्मचारियों को उनकी नौकरी की अवधि के आधार पर एकमुश्त सेवरेंस पैकेज और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। इससे कंपनी को कर्मचारियों की संख्या और खर्च कम करने में मदद मिलती है।

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

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पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम.एम. सोमैया के घर चोरी, 1980 मॉस्को ओलंपिक का गोल्ड मेडल ले गए चोर; 3.53 लाख का सामान पार

भारत के पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम.एम. सोमैया के बेंगलुरु स्थित घर में चोरी का मामला सामने आया है। चोर उनके घर से 1980 मॉस्को ओलंपिक में जीता गया गोल्ड मेडल समेत कई अंतरराष्ट्रीय पदक और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। 28 अक्टूबर की रात हुई इस वारदात के दौरान 67 वर्षीय सोमैया अपने परिवार के साथ कोडागु गए हुए थे। पुलिस ने चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 3.53 लाख रुपए आंकी है। चोर ओलंपिक गोल्ड के अलावा 1982 एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल, 1986 एशियन गेम्स का ब्रॉन्ज मेडल और 1982 चैंपियंस ट्रॉफी का ब्रॉन्ज मेडल भी ले गए। इसके साथ ही सोने के गहने, चांदी के सामान और 30 हजार रुपए नकद चोरी हुए हैं। पड़ोसी ने दी चोरी की सूचना, CCTV में दिखे दो संदिग्ध चोरी का खुलासा तब हुआ, जब एक पड़ोसी ने सोमैया के घर का दरवाजा खुला देखा। इसके बाद उसने उन्हें इसकी सूचना दी। पड़ोसी के घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर रात करीब 2:34 बजे दो संदिग्ध घर में घुसते दिखाई दिए। इनमें से एक ने नीली और दूसरे ने लाल रंग की शर्ट पहन रखी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 1980 में 16 साल बाद भारत ने जीता था ओलंपिक गोल्ड मॉस्को ओलंपिक का गोल्ड मेडल भारतीय हॉकी के इतिहास में बेहद खास स्थान रखता है। भारत ने इससे पहले 1964 के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 1980 में भारतीय टीम ने 16 साल के अंतराल के बाद एक बार फिर ओलंपिक गोल्ड अपने नाम किया था। इससे पहले भारत 1928 से 1956 तक लगातार छह ओलंपिक गोल्ड जीतकर विश्व हॉकी में अपना दबदबा कायम कर चुका था। मॉस्को ओलंपिक के फाइनल में भारत ने स्पेन को 4-3 से हराया था। इस मुकाबले में सुरिंदर सिंह सोढ़ी ने दो गोल किए, जबकि मोहम्मद शाहिद और एम.के. कौशिक ने एक-एक गोल कर भारत को चैंपियन बनाया। इंटरनेशनल डेब्यू के साथ ही जीता ओलंपिक गोल्ड एम.एम. सोमैया का पूरा नाम मानेयापांडा मुथन्ना सोमैया है। उनका जन्म 8 मई 1959 को कर्नाटक के मर्कारा (अब मदिकेरी) में हुआ था। उनके पिता बॉम्बे हॉकी एसोसिएशन के सदस्य थे। सोमैया बचपन से ही हॉकी में रुचि रखते थे। पांच साल की उम्र से हॉकी देखना शुरू किया और 12 साल की उम्र में खुद खेलना शुरू कर दिया। बाद में माइकल सालदान्हा ने उन्हें महिंद्रा एंड महिंद्रा की टीम में खेलने का मौका दिया। 1975 से वह बॉम्बे की जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप टीमों का हिस्सा बनने लगे। 1980 के मॉस्को ओलंपिक में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में डेब्यू किया और अपने पहले ही बड़े टूर्नामेंट में ओलंपिक गोल्ड जीत लिया। एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए बजरी के मैदान पर की थी तैयारी 1980 मॉस्को ओलंपिक में भारतीय टीम के सामने एस्ट्रो टर्फ पर खेलने की बड़ी चुनौती थी। यह कृत्रिम घास से बना मैदान होता है, जहां गेंद प्राकृतिक घास के मुकाबले अधिक तेजी से चलती है। उस दौर में भारतीय खिलाड़ी ज्यादातर प्राकृतिक घास के मैदानों पर खेलने के आदी थे। इस चुनौती से निपटने के लिए कोच बालकृष्ण सिंह ने बेंगलुरु में बजरी के मैदान पर खिलाड़ियों को अभ्यास कराया था। इसका उद्देश्य उन्हें तेज सतह पर खेलने के लिए तैयार करना था। सोमैया ने भी बाद में बताया था कि एस्ट्रो टर्फ पर खेलना उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव था। तीन ओलंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व, 1988 में बने कप्तान मॉस्को ओलंपिक के बाद एम.एम. सोमैया ने 1984 के लॉस एंजिलिस और 1988 के सियोल ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1988 में उन्हें भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। उन्होंने अपने करियर में दो हॉकी वर्ल्ड कप, दो एशियन गेम्स, दो एशिया कप और तीन चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भी देश का प्रतिनिधित्व किया। खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

WPL 2027 का आगाज 14 जनवरी से, पहले मैच में भिड़ेंगी RCB और मुंबई इंडियंस; 7 फरवरी को होगा फाइनल

विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के नए सीजन का आगाज 14 जनवरी को होने जा रहा है। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के बीच खेला जाएगा। वडोदरा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला शाम 7:30 बजे शुरू होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस सीजन के लिए वडोदरा और मुंबई को मेजबान शहर चुना है। टूर्नामेंट के शुरुआती 11 मुकाबले 14 से 24 जनवरी तक वडोदरा में खेले जाएंगे। इसके बाद 26 जनवरी से मुंबई में लीग के बाकी मैच होंगे। लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला 3 फरवरी को दिल्ली कैपिटल्स और यूपी वॉरियर्स के बीच खेला जाएगा। वहीं, एलिमिनेटर 5 फरवरी और खिताबी मुकाबला 7 फरवरी को होगा। 25 दिन में खेले जाएंगे 22 मुकाबले WPL में कुल पांच टीमें हिस्सा लेंगी। लीग स्टेज में प्रत्येक टीम बाकी चार टीमों के खिलाफ दो-दो मुकाबले खेलेगी। इस तरह लीग चरण में कुल 20 मैच होंगे। इसके बाद एलिमिनेटर और फाइनल सहित टूर्नामेंट में कुल 22 मुकाबले खेले जाएंगे। पूरा सीजन 25 दिनों में संपन्न होगा। UP वॉरियर्स की शुरुआत गुजरात जायंट्स से यूपी वॉरियर्स अपना पहला मुकाबला 15 जनवरी को गुजरात जायंट्स के खिलाफ खेलेगी। हालिया नीलामी में यूपी की टीम ने कई बड़े खिलाड़ियों को खरीदकर सुर्खियां बटोरी थीं। टीम ने ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू को 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा। इसके अलावा ग्रेस हैरिस को भी दोबारा अपनी टीम में शामिल किया। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स अपना पहला मैच 16 जनवरी को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेलेगी। दिल्ली की टीम अब तक चार बार WPL के फाइनल में पहुंच चुकी है, लेकिन उसे पहली ट्रॉफी का इंतजार है। ऑक्शन में 25 खिलाड़ियों पर लगी बोली 28 अक्टूबर को हुए WPL के पांचवें सीजन के ऑक्शन में कुल 25 खिलाड़ियों को खरीदा गया। इनमें 18 भारतीय और 7 विदेशी खिलाड़ी शामिल रहीं। ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यूक्स नीलामी की सबसे महंगी खिलाड़ियों में रहीं। यूपी वॉरियर्स ने उन्हें 1.10 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया। भारतीय ऑलराउंडर स्नेह राणा को भी यूपी ने 30 लाख रुपए में खरीदा। वहीं, किरण नवगिरे को दिल्ली कैपिटल्स ने 75 लाख रुपए और जी कमलिनी को गुजरात जायंट्स ने 40 लाख रुपए में खरीदा।
Amit Shah

Rahul Gandhi पर Amit Shah का बड़ा हमला, बोले- चुनाव हारते ही आयोग को ठहराते हैं जिम्मेदार

देश की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह चुनाव में हार मिलने के बाद अपनी गलतियां स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हैं। शाह ने राहुल गांधी को लेकर कहा कि वह बौखलाए हुए हैं और हर हार के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में SIR (Special Intensive Revision) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी घमासान जारी है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि बीजेपी विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। Amit Shah का Rahul Gandhi पर तीखा हमला Amit Shah ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब चुनाव में जीत मिलती है, तब कांग्रेस को चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर कोई परेशानी नहीं होती। लेकिन हार मिलते ही EVM, वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाने लगते हैं। शाह का कहना है कि राहुल गांधी को बार-बार चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करने के बजाय अपनी पार्टी की हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष की तुलना ऐसे खिलाड़ी से की, जो मैच हारने के बाद अंपायर को दोष देने लगता है। इससे पहले 30 अक्टूबर को लखनऊ में भी अमित शाह ने राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को वोट चोरी के आरोपों पर संसद में खुली बहस की चुनौती दी थी। SIR विवाद पर अमित शाह ने किया बड़ा दावा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अमित शाह ने 2 नवंबर को हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया में करीब 3 करोड़ ऐसे नाम सामने आए, जिन्हें उन्होंने घुसपैठियों से जुड़ा बताया। शाह ने कहा कि मतदाता सूची को साफ-सुथरा रखना जरूरी है और डुप्लीकेट, मृत तथा अपात्र मतदाताओं के नाम हटाना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने राहुल गांधी के उस आरोप पर भी सवाल उठाए, जिसमें करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात कही गई थी। शाह के मुताबिक, इस आंकड़े में दूसरी जगह चले गए लोगों, मृत मतदाताओं और डुप्लीकेट नामों को भी शामिल किया गया है। हालांकि, घुसपैठियों और मतदाताओं के आंकड़ों को लेकर अमित शाह के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। Rahul Gandhi ने रामलीला मैदान से उठाए सवाल Amit Shah के हमले के बीच राहुल गांधी भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित हुई थी। इस रैली में राहुल गांधी के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं और SIR के जरिए बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम भी हटाए जा सकते हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी का कहना है कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। CEC Gyanesh Kumar को लेकर भी बढ़ा विवाद SIR विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी विपक्ष के निशाने पर हैं। INDIA गठबंधन के नेताओं ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच हो और चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को लेकर जवाब दे। दूसरी तरफ, बीजेपी का कहना है कि विपक्ष चुनावी हार को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रहा है। पार्टी का तर्क है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है। संसद के Special Session की चुनौती, क्या आमने-सामने होंगे राहुल और शाह? अमित शाह ने राहुल गांधी को चुनौती दी है कि अगर उनके पास वोट चोरी के आरोपों से जुड़े सबूत हैं, तो उन्हें संसद में आकर चर्चा करनी चाहिए। शाह ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाकर बहस करने के लिए तैयार है। वहीं, कांग्रेस और INDIA गठबंधन का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और SIR से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों और दावों पर कायम हैं। एक तरफ अमित शाह राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या संसद में SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर कोई विशेष चर्चा होगी या फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

गूगल का 5 देशों में बायआउट ऑफर, कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर मिलेगा एग्जिट पैकेज; भारत इस लिस्ट से बाहर

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Weather Alert: चारधाम में माइनस 8°C से नीचे तापमान, दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट जारी

नवंबर की शुरुआत के साथ ही देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज बदलने लगा है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। चारधाम क्षेत्र में तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल समेत कई राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। दूसरी तरफ दिल्ली-NCR में प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी में 5 नवंबर की सुबह AQI 482 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। यानी कहीं लोग गिरते तापमान से परेशान हैं, तो कहीं बारिश और जहरीली हवा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आइए जानते हैं देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम कैसा रहने वाला है। Char Dham Weather: केदारनाथ-बद्रीनाथ में बढ़ी ठंड, माइनस 8°C से नीचे पहुंचा तापमान उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जगहों पर रात का पारा शून्य से काफी नीचे चला गया है। चारधाम क्षेत्र में तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने की खबर है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। पहाड़ी इलाकों में मौसम का यह बदलाव सर्दियों की शुरुआत का संकेत दे रहा है। हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर देखनी चाहिए। Rain Alert: तमिलनाडु समेत 6 राज्यों में बारिश की चेतावनी दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान Murasu के कमजोर पड़ने के बाद भी मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। इसके प्रभाव से बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। किन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम? इसके अलावा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। Delhi AQI 482: राजधानी में सांस लेना हुआ मुश्किल, गंभीर श्रेणी में प्रदूषण दिल्ली में सर्दी की शुरुआत के साथ प्रदूषण ने भी रफ्तार पकड़ ली है। 5 नवंबर की सुबह राजधानी का औसत AQI 482 तक पहुंच गया। यह गंभीर (Severe) श्रेणी में आता है। दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। पंजाबी बाग, नरेला, रोहिणी, आरके पुरम, बवाना, नॉर्थ कैंपस और पटपड़गंज जैसे क्षेत्रों में AQI 400 के पार रहा। AQI 401 से 500 के बीच होने पर हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर का प्रदूषण स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से परेशान लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदूषण बढ़ने के पीछे वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, पराली जलाने की घटनाएं और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां प्रमुख कारण माने जाते हैं। Delhi Weather: दिल्ली में बारिश के आसार कम, सुबह छा सकती है धुंध प्रदूषण के बीच दिल्ली के मौसम में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 5 नवंबर को राजधानी में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक: फिलहाल दिल्ली-NCR में बारिश की संभावना कम है। ऐसे में प्रदूषण से राहत मिलने के लिए हवा की गति और मौसम में बदलाव अहम रहेंगे। Madhya Pradesh Weather: भोपाल समेत MP में कैसा रहेगा मौसम? मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है। भोपाल, उज्जैन और आसपास के इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऐसे में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। North India Weather: पहाड़ी राज्यों में ठंड बढ़ने के आसार उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में सुबह के समय कोहरा और ठंड बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। Weather Forecast: अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा देश का मौसम? देशभर में अगले कुछ दिनों तक मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ेगी, जबकि दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। दिल्ली में प्रदूषण लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता बना रहेगा। वहीं मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। कुल मिलाकर नवंबर की शुरुआत में देश के एक हिस्से में सर्दी तो दूसरे हिस्से में बारिश का असर दिखाई दे रहा है। ऐसे में घर से निकलने से पहले अपने शहर का मौसम अपडेट जरूर देख लें और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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