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Weather Alert: चारधाम में माइनस 8°C से नीचे तापमान, दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट जारी

Table of Content

नवंबर की शुरुआत के साथ ही देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज बदलने लगा है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। चारधाम क्षेत्र में तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल समेत कई राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है।

दूसरी तरफ दिल्ली-NCR में प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी में 5 नवंबर की सुबह AQI 482 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। यानी कहीं लोग गिरते तापमान से परेशान हैं, तो कहीं बारिश और जहरीली हवा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आइए जानते हैं देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम कैसा रहने वाला है।

Char Dham Weather: केदारनाथ-बद्रीनाथ में बढ़ी ठंड, माइनस 8°C से नीचे पहुंचा तापमान

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जगहों पर रात का पारा शून्य से काफी नीचे चला गया है।

चारधाम क्षेत्र में तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने की खबर है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। पहाड़ी इलाकों में मौसम का यह बदलाव सर्दियों की शुरुआत का संकेत दे रहा है।

हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर देखनी चाहिए।

Rain Alert: तमिलनाडु समेत 6 राज्यों में बारिश की चेतावनी

दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान Murasu के कमजोर पड़ने के बाद भी मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। इसके प्रभाव से बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।

किन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?

  • तमिलनाडु और पुडुचेरी: 5 से 8 नवंबर के बीच कई इलाकों में बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
  • कर्नाटक: दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 नवंबर को भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
  • केरल: 6 से 8 नवंबर के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
  • आंध्र प्रदेश: तटीय इलाकों और रायलसीमा में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
  • तेलंगाना: कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली चमकने की संभावना है।
  • ओडिशा: कई इलाकों में 7 नवंबर तक बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Delhi AQI 482: राजधानी में सांस लेना हुआ मुश्किल, गंभीर श्रेणी में प्रदूषण

दिल्ली में सर्दी की शुरुआत के साथ प्रदूषण ने भी रफ्तार पकड़ ली है। 5 नवंबर की सुबह राजधानी का औसत AQI 482 तक पहुंच गया। यह गंभीर (Severe) श्रेणी में आता है।

दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। पंजाबी बाग, नरेला, रोहिणी, आरके पुरम, बवाना, नॉर्थ कैंपस और पटपड़गंज जैसे क्षेत्रों में AQI 400 के पार रहा।

AQI 401 से 500 के बीच होने पर हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर का प्रदूषण स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से परेशान लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

प्रदूषण बढ़ने के पीछे वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, पराली जलाने की घटनाएं और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां प्रमुख कारण माने जाते हैं।

Delhi Weather: दिल्ली में बारिश के आसार कम, सुबह छा सकती है धुंध

प्रदूषण के बीच दिल्ली के मौसम में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 5 नवंबर को राजधानी में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक:

  • अधिकतम तापमान: 27 से 29 डिग्री सेल्सियस
  • न्यूनतम तापमान: 15 से 17 डिग्री सेल्सियस
  • सुबह: हल्की धुंध की संभावना
  • दिन: आसमान मुख्य रूप से साफ

फिलहाल दिल्ली-NCR में बारिश की संभावना कम है। ऐसे में प्रदूषण से राहत मिलने के लिए हवा की गति और मौसम में बदलाव अहम रहेंगे।

Madhya Pradesh Weather: भोपाल समेत MP में कैसा रहेगा मौसम?

मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है। भोपाल, उज्जैन और आसपास के इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल सकती है।

वहीं छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऐसे में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

North India Weather: पहाड़ी राज्यों में ठंड बढ़ने के आसार

उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है।

वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में सुबह के समय कोहरा और ठंड बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है।

Weather Forecast: अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा देश का मौसम?

देशभर में अगले कुछ दिनों तक मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ेगी, जबकि दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

दिल्ली में प्रदूषण लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता बना रहेगा। वहीं मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है।

कुल मिलाकर नवंबर की शुरुआत में देश के एक हिस्से में सर्दी तो दूसरे हिस्से में बारिश का असर दिखाई दे रहा है। ऐसे में घर से निकलने से पहले अपने शहर का मौसम अपडेट जरूर देख लें और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।

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गूगल का 5 देशों में बायआउट ऑफर, कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर मिलेगा एग्जिट पैकेज; भारत इस लिस्ट से बाहर

माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब टेक कंपनी गूगल ने भी कर्मचारियों की संख्या और खर्चों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने के बदले एग्जिट पैकेज देने का ऐलान किया है। इस प्रक्रिया को बायआउट या वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम कहा जाता है। हालांकि, इस ऑफर में फिलहाल भारत के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी निवेश कर रही है। ऐसे में कंपनी अपनी बिजनेस प्राथमिकताओं के अनुसार संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है। 5 देशों में शुरू किया वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम गूगल के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि कंपनी ने जून से कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में कुछ कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम शुरू किया है। कंपनी पिछले साल से अमेरिका और ब्रिटेन के कुछ विभागों में भी इस तरह की योजना चला रही है। गूगल के मुताबिक, यह उन कर्मचारियों के लिए एक विकल्प है, जो कंपनी की बदलती रणनीति और नई कार्यशैली के साथ खुद को जुड़ा हुआ महसूस नहीं करते। हालांकि, इस कार्यक्रम में सभी विभागों के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। AI और क्लाउड कंप्यूटिंग पर कंपनी का फोकस सुंदर पिचाई के नेतृत्व वाली गूगल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। कंपनी चाहती है कि उसके संसाधन उन विभागों में लगाए जाएं, जो भविष्य की बिजनेस रणनीति के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। यही वजह है कि गूगल की भर्ती प्राथमिकताओं में भी AI और क्लाउड कंप्यूटिंग सबसे ऊपर हैं। इससे पहले दिए गए बायआउट ऑफर में गूगल क्लाउड और AI यूनिट डीपमाइंड के कर्मचारियों को बाहर रखा गया था। स्विट्जरलैंड में कर्मचारियों को मिलेगा 12 महीने तक का वेतन स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में गूगल का बड़ा इंजीनियरिंग हब है, जहां करीब 5,000 कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी ने यहां जून में कर्मचारियों को एग्जिट पैकेज का ऑफर दिया था। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम समय-सीमा जुलाई रखी गई थी। ऑफर के तहत नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को कंपनी में बिताए प्रत्येक साल के बदले एक महीने की सैलरी दी जाएगी। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 12 महीने के वेतन तक निर्धारित की गई है। AI पर भारी खर्च से निवेशकों की बढ़ी चिंता गूगल समेत दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही हैं। इस बढ़ते खर्च को लेकर वॉल स्ट्रीट के निवेशक चिंतित हैं। इसका असर अल्फाबेट के शेयरों पर भी देखने को मिला है। हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने खर्चों को नियंत्रित करने के लिए कर्मचारियों को बायआउट कॉन्ट्रैक्ट का विकल्प दिया था। 2.04 लाख के पार पहुंची गूगल में कर्मचारियों की संख्या एक तरफ गूगल कुछ देशों में कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का विकल्प दे रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी का कुल वर्कफोर्स भी बढ़ा है। सितंबर 2026 के अंत तक अल्फाबेट में कर्मचारियों की संख्या करीब 2.04 लाख पहुंच गई थी। कंपनी ने महज छह महीनों में लगभग 10,000 नए कर्मचारी जोड़े। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब कई दूसरी टेक कंपनियां खर्च घटाने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं। Wiz के अधिग्रहण से जुड़े 2,000 कर्मचारी गूगल के कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की एक बड़ी वजह साइबर सिक्योरिटी कंपनी Wiz का अधिग्रहण भी है। इस साल मार्च में कंपनी ने Wiz को खरीदा था। इसके बाद Wiz के करीब 2,000 कर्मचारी गूगल के वर्कफोर्स का हिस्सा बन गए। क्या होता है बायआउट ऑफर? बायआउट या वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कंपनी कर्मचारियों को सीधे नौकरी से निकालने के बजाय स्वेच्छा से इस्तीफा देने का विकल्प देती है। इसके बदले कर्मचारियों को उनकी नौकरी की अवधि के आधार पर एकमुश्त सेवरेंस पैकेज और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। इससे कंपनी को कर्मचारियों की संख्या और खर्च कम करने में मदद मिलती है।
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Sharad Pawar

Sharad Pawar Health शरद पवार की तबीयत पर आया डॉक्टरों का बड़ा अपडेट

महाराष्ट्र के दिग्गज नेता और NCP (SP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) की सेहत को लेकर उनके समर्थकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 85 साल के शरद पवार इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। पुणे के अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया है। अब डॉक्टरों ने उनकी सेहत को लेकर ताजा जानकारी दी है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज जारी है। Sharad Pawar की तबीयत खराब होने की खबर सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में हलचल है। पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर उनके समर्थक तक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। Breach Candy Hospital में चल रहा इलाज शरद पवार को 4 नवंबर को मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उनका इलाज पुणे के Ruby Hall Clinic में चल रहा था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिवार ने उनकी आगे की मेडिकल जांच कराने का फैसला किया, जिसके बाद उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने भी सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि परिवार उनकी सेहत को लेकर जरूरी जांच और बेहतर इलाज सुनिश्चित करना चाहता है। डॉक्टरों ने बताया कैसी है Sharad Pawar की हालत? 5 नवंबर को सामने आए डॉक्टरों के अपडेट के मुताबिक, शरद पवार की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्हें खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी के साथ संक्रमण की शिकायत है। डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं और जरूरी उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टरों की ओर से हालत स्थिर बताए जाने के बाद समर्थकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, उम्र को देखते हुए उनकी सेहत की लगातार निगरानी की जा रही है। 2 नवंबर को पुणे के Ruby Hall Clinic में हुए थे भर्ती शरद पवार को 2 नवंबर को पुणे के Ruby Hall Clinic में भर्ती कराया गया था। उन्हें लगातार खांसी और सीने में दर्द की शिकायत हो रही थी। इसके बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें अस्पताल में निगरानी में रखा। Ruby Hall Clinic के चीफ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पुरवेज के. ग्रांट ने बताया था कि उनकी हालत स्थिर है और सीने में दर्द में भी सुधार हुआ है। स्वास्थ्य में सुधार के बाद 4 नवंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। PM मोदी ने फोन कर जाना शरद पवार का हाल शरद पवार की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे फोन पर बातचीत की थी। पीएम मोदी ने उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने शरद पवार को आराम करने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह भी दी। इस बातचीत के बाद उनके समर्थकों के बीच उनकी सेहत को लेकर चर्चा और तेज हो गई। सुप्रिया सुले ने दी थी अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले लगातार उनकी सेहत से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हैं। मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराए जाने के बाद उन्होंने बताया था कि परिवार उनकी आगे की मेडिकल जांच करा रहा है। फिलहाल परिवार और डॉक्टरों की प्राथमिकता उनकी सेहत में सुधार लाना है। Sharad Pawar Health Update: समर्थकों को है जल्द स्वस्थ होने का इंतजार शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में उनकी तबीयत खराब होने की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि, ताजा मेडिकल अपडेट में उनकी हालत स्थिर बताई गई है। मुंबई के Breach Candy Hospital में उनका इलाज जारी है। अब सभी को उम्मीद है कि वह जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौटेंगे। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है और आगे की जानकारी का इंतजार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

खंडवा की कृष्णा घड़िए बनीं 3 अनाथ भाइयों की मां, सिंगल मदर ने एक साथ गोद लिए तीनों बच्चे; संघर्षों से भरी है कहानी

मध्यप्रदेश के खंडवा की 49 वर्षीय कृष्णा घड़िए की कहानी हौसले, आत्मनिर्भरता और ममता की मिसाल बन गई है। दसवीं कक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने के बाद परिवार ने उनकी शादी कर दी थी। शादी के बाद ससुराल में उन्हें आगे पढ़ने की अनुमति नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार के फैसले के खिलाफ खड़ी हुईं, पति से रिश्ता खत्म किया और अपनी पढ़ाई पूरी कर सरकारी नौकरी हासिल की। अब कृष्णा ने तीन अनाथ सगे भाइयों को एक साथ गोद लेकर उन्हें नया परिवार और बेहतर भविष्य देने का फैसला किया है। जनजातीय कार्य विभाग में हॉस्टल अधीक्षिका के पद पर कार्यरत कृष्णा अब तीनों बच्चों की मां बन गई हैं। मध्यप्रदेश में पहली बार किसी सिंगल मदर द्वारा एक साथ तीन सगे भाई-बहनों को गोद लेने का यह मामला सामने आया है। तीनों बच्चों ने कोविड महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो दिया था। इसके बाद वे उत्तर प्रदेश की एक संस्था में रह रहे थे। करीब डेढ़ साल तक चली कानूनी प्रक्रिया बुधवार शाम पूरी हुई। सहज समागम फाउंडेशन की संचालक दीपमाला विधानी के मुताबिक, केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के नियमों के तहत कृष्णा घड़िए ने तीनों बच्चों को गोद लिया है। सरकार ने दिया तीन बच्चों को गोद लेने का विकल्प कृष्णा ने बताया कि दुनिया में उनका अपना कोई नहीं है। लंबे समय से उनके मन में बच्चा गोद लेकर परिवार बसाने की इच्छा थी। इसके लिए उन्होंने CARA पोर्टल पर आवेदन किया था। दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के दौरान उन्हें तीन बच्चों का विकल्प मिला। ये तीनों सगे भाई थे और इन्हें एक साथ गोद लेने के लिए कोई परिवार नहीं मिल रहा था। कृष्णा ने बताया कि जब उन्हें तीनों भाइयों को एक साथ अपनाने का विकल्प मिला तो उन्होंने बिना देर किए उन्हें परिवार देने का फैसला किया। उनका मानना है कि ऐसे कई बच्चे हैं, जो आज भी माता-पिता और परिवार के इंतजार में हैं। करीब डेढ़ साल की प्रक्रिया के बाद बुधवार शाम तीनों बच्चों का दत्तक ग्रहण पूरा हो गया। कोविड में माता-पिता को खोया, संस्था में रह रहे थे तीनों भाई तीनों बच्चों के माता-पिता की कोरोना महामारी के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद उनके पालन-पोषण और भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया। ऐसे में उत्तर प्रदेश की एक संस्था ने उन्हें संरक्षण दिया। तीनों भाई करीब दो से तीन साल तक संस्था में रहे। बाद में CARA की प्रक्रिया के तहत उन्हें एक ही परिवार में गोद देने का विकल्प सामने आया और कृष्णा ने तीनों को अपनाने का निर्णय लिया। बोलीं- तीनों को अच्छी शिक्षा दिलाऊंगी, भविष्य के लिए भी की तैयारी कृष्णा का कहना है कि उन्होंने तीनों बच्चों को गोद लेने का फैसला केवल भावनात्मक रूप से नहीं, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी की जिम्मेदारी समझकर किया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उनके पास पर्याप्त संपत्ति है। तीनों के लिए मकान और प्लॉट की व्यवस्था पहले से है। कृष्णा ने कहा कि वह तीनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएंगी और उनकी पसंद व योग्यता के अनुसार आगे बढ़ने का मौका देंगी। यदि पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी को सरकारी या निजी नौकरी नहीं मिलती है तो उसे अपना व्यवसाय शुरू करवाएंगी। इसके लिए जमीन भी खरीदकर रखी है। उनका कहना है कि बच्चों को जिंदगी में किसी तरह की कमी महसूस नहीं होने देंगी। 10वीं में अच्छे नंबर आए, फिर भी कर दी गई शादी कृष्णा की अपनी जिंदगी भी संघर्षों से भरी रही है। उन्होंने बताया कि जब वह दसवीं कक्षा में थीं, तभी परिवार ने उनकी शादी कर दी थी। शादी के बाद जब परीक्षा का रिजल्ट आया तो उन्होंने अच्छे अंक हासिल किए। वह आगे पढ़ना चाहती थीं, लेकिन ससुराल पक्ष ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने की अनुमति नहीं दी। कृष्णा ने पढ़ाई छोड़ने के बजाय परिवार के फैसले के खिलाफ जाने का साहस दिखाया। उन्होंने पति से तलाक लिया और अपनी शिक्षा पूरी करने का निर्णय किया। इसके बाद बारहवीं, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। लगातार मेहनत के बाद सरकारी नौकरी हासिल की। वह पिछले 26 साल से सरकारी सेवा में हैं और वर्तमान में जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत खालवा क्षेत्र में हॉस्टल अधीक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। 50-60 बच्चों की देखभाल का भी है अनुभव कृष्णा पिछले कई वर्षों से हॉस्टल में रहने वाले करीब 50 से 60 बच्चों के रहने, खाने-पीने, देखभाल और शिक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालती रही हैं। दूसरे बच्चों की परवरिश और उनका भविष्य संवारने के अनुभव के बीच उनके मन में अपना परिवार बनाने की इच्छा भी बनी रही। अब तीन सगे भाइयों को एक साथ गोद लेकर उन्होंने न केवल अपना परिवार बसाया है, बल्कि तीन बच्चों को मां का प्यार और सुरक्षित भविष्य देने की नई शुरुआत भी की है।

बिलासपुर में खाद्य विभाग की छापेमारी, 110 किलो बताशा और 22 किलो बूंदी नष्ट; अखाद्य रंग का हो रहा था इस्तेमाल

बिलासपुर में त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में बिक रही मिलावटी और घटिया मिठाइयों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार को विभाग की संयुक्त टीम ने शहर और आसपास के इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान बिना पंजीयन के बताशा बनाने और बूंदी की मिठाई में अखाद्य रंग का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया। टीम ने चांटीडीह के मेलापारा में 110 किलो बताशा और चकरभाठा में 22 किलो बूंदी मौके पर ही नष्ट करा दी। वहीं, बिना वैध पंजीयन के संचालित बताशा निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया गया। गंदगी के बीच तैयार हो रहे थे बताशे खाद्य विभाग की टीम ने चांटीडीह के मेलापारा स्थित वीर जायसवाल के बताशा निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि यहां अस्वच्छ वातावरण और गंदगी के बीच बताशे तैयार किए जा रहे थे। इसके अलावा निर्माण इकाई का खाद्य विभाग में पंजीयन भी नहीं कराया गया था। अधिकारियों ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए खतरा मानते हुए मौके पर मौजूद 110 किलो बताशे नष्ट करा दिए और निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया। चकरभाठा में बूंदी बनाने में मिला अखाद्य रंग टीम ने चकरभाठा स्थित उधमदास खेमचंद मिठाई वाला प्रतिष्ठान के किचन की भी जांच की। यहां बूंदी तैयार करने के लिए नॉन फूड ग्रेड कलर यानी अखाद्य रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। खाद्य पदार्थों में इस तरह के रंग का उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही 22 किलो बूंदी नष्ट करा दी। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, फिर भी नियमों की अनदेखी खाद्य विभाग इससे पहले भी चांटीडीह और शनिचरी इलाके में बताशा दुकानों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी थी। बुधवार की कार्रवाई में चिंगराजपारा स्थित एक अन्य बताशा निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया, हालांकि टीम के पहुंचने के समय वहां उत्पादन बंद मिला। सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई छापेमारी के दौरान संदिग्ध प्रतिष्ठानों से बेसन के लड्डू और बताशे के नमूने भी लिए गए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संयुक्त कार्रवाई में अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी व प्रतीक तिवारी सहित विभागीय टीम शामिल रही।

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