दिवाली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत आज 6 नवंबर को Dhanteras के साथ हो गई है। हिंदू धर्म में Dhanteras का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। मान्यता है कि धनतेरस पर नई चीजें खरीदने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
यही वजह है कि इस दिन बाजारों में सोना-चांदी, बर्तन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है। इस बार त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर की सुबह 10:31 बजे शुरू होकर 7 नवंबर की सुबह 10:48 बजे तक रहेगी। ऐसे में दोनों दिन खरीदारी के लिए शुभ समय मिल रहा है।
धनतेरस पर खरीदारी के शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर शुभ चौघड़िया में खरीदारी करना अच्छा माना जाता है। भोपाल के पंचांग के अनुसार खरीदारी के कुछ प्रमुख शुभ समय इस प्रकार हैं।
6 नवंबर, शुक्रवार के शुभ मुहूर्त:
- सुबह 7:52 से 9:16 बजे तक – लाभ
- सुबह 9:16 से 10:40 बजे तक – अमृत
- दोपहर 12:03 से 1:27 बजे तक – शुभ
- शाम 4:15 से 5:39 बजे तक – चल
- रात 8:51 से 10:27 बजे तक – लाभ
7 नवंबर, शनिवार के शुभ मुहूर्त:
- रात 12:04 से 1:40 बजे तक – शुभ
- रात 1:40 से 3:16 बजे तक – अमृत
- रात 3:16 से 4:52 बजे तक – चल
- सुबह 7:52 से 9:16 बजे तक – शुभ
ध्यान दें कि ये समय भोपाल के स्थानीय पंचांग पर आधारित हैं। अलग-अलग शहरों में समय में कुछ अंतर हो सकता है।
धनतेरस पर पूजा का शुभ समय
धनतेरस के दिन शाम को भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है।
भोपाल में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:10 बजे से रात 8:08 बजे तक रहेगा। वहीं प्रदोष काल शाम 5:39 बजे से रात 8:13 बजे तक है।
इस दौरान घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने और भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करने की परंपरा है।
धनतेरस पर आखिर क्यों खरीदे जाते हैं बर्तन?
धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है। इसके पीछे धार्मिक मान्यता भगवान धन्वंतरि से जुड़ी हुई है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी वजह से कलश और धातु के बर्तनों को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन नया बर्तन घर लाने से सुख-समृद्धि आती है। लोग अपनी सुविधा और बजट के अनुसार पीतल, तांबे, चांदी और स्टील के बर्तन खरीदते हैं।
धनतेरस पर क्या-क्या खरीदना माना जाता है शुभ?
धनतेरस पर कई चीजें खरीदने की परंपरा है। इनमें प्रमुख हैं:
- सोना और चांदी: सोने-चांदी को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग सिक्के, गहने और चांदी के बर्तन खरीदते हैं।
- नए बर्तन: पीतल, तांबे, चांदी और स्टील के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है।
- वाहन: कई लोग इस दिन नई कार, बाइक या स्कूटर खरीदना पसंद करते हैं।
- मकान और जमीन: कुछ लोग धनतेरस के अवसर पर प्रॉपर्टी खरीदने या उसकी बुकिंग करना शुभ मानते हैं।
- झाड़ू: धार्मिक मान्यता के अनुसार धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है। इसे घर से नकारात्मकता और दरिद्रता दूर करने का प्रतीक माना जाता है।
- धनिया और अन्य पूजा सामग्री: साबुत धनिया, दीपक और पूजा से जुड़ी चीजें खरीदने की भी परंपरा है।
धनतेरस का क्या है धार्मिक महत्व?
धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।
इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा विशेष रूप से की जाती है। उन्हें आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है। इसलिए धनतेरस केवल धन और संपत्ति से जुड़ा त्योहार नहीं है, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना का भी प्रतीक है।
कुल मिलाकर, धनतेरस का संदेश सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं है। यह त्योहार परिवार में खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य और सकारात्मकता का स्वागत करने का अवसर भी है। आप भी अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी करें और परिवार के साथ इस पर्व की खुशियां मनाएं।
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