भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के लिए शुक्रवार, 6 नवंबर का दिन काफी शानदार रहा। पिछले कई दिनों से जारी तेजी ने बाजार को एक बार फिर नई ऊंचाई के करीब पहुंचा दिया। सेंसेक्स कारोबार के दौरान 80,000 के स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। वहीं निफ्टी ने भी 24,600 का आंकड़ा पार कर लिया। खास बात यह है कि पिछले सात कारोबारी सत्रों में बाजार में 8% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है।
एक तरफ भारतीय निवेशक बाजार की इस तेजी से उत्साहित हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार का मजबूती से आगे बढ़ना निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
Sensex 80,000 के करीब, Nifty में भी जोरदार उछाल
शुक्रवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने करीब 735 अंकों की छलांग लगाई और 79,959 के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, 80,000 का आंकड़ा पार करने से यह कुछ अंक दूर रह गया। दूसरी ओर निफ्टी 50 भी बढ़त के साथ 24,600 के पार पहुंच गया।
इससे पहले गुरुवार को भी बाजार में जबरदस्त खरीदारी हुई थी। सेंसेक्स 2,008 अंक यानी 2.60% की तेजी के साथ 79,310 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में करीब 576 अंकों का उछाल आया था।
लगातार दूसरे दिन बाजार में मजबूत खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
7 दिनों में 8% से ज्यादा चढ़ा Share Market
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से तेजी का सिलसिला जारी है। बीते छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 6,064 अंक चढ़ चुका है। इस दौरान निफ्टी में भी लगभग 8% की बढ़त दर्ज की गई।
इस तेजी का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा है। बाजार पूंजीकरण में लाखों करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। लंबे समय बाद बाजार में ऐसी खरीदारी देखने को मिली है, जिसने निवेशकों के बीच फिर से सकारात्मक माहौल बनाया है।
FII की वापसी से बाजार को मिली नई ताकत
शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की वापसी मानी जा रही है।
5 नवंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 14,975 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। सितंबर 2024 के बाद यह उनकी सबसे बड़ी एकदिवसीय खरीदारी बताई गई है।
दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने करीब 10,445 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी से बाजार में तेजी बनी रही।
FII की वापसी को भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।
अमेरिकी Stock Market में क्यों मची बिकवाली?
भारत में जहां शेयर बाजार ऊपर चढ़ रहा था, वहीं अमेरिका के बाजारों में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली।
अमेरिकी बाजारों में टेक्नोलॉजी और AI कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा। निवेशकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों की बढ़ती वैल्यूएशन और भारी निवेश खर्च को लेकर चिंता सता रही है।
अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- Dow Jones में करीब 3.44% की गिरावट।
- S&P 500 करीब 4.36% टूटा।
- Nasdaq में लगभग 5.52% की बड़ी गिरावट आई।
टेक कंपनियों में मुनाफावसूली और AI सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताओं ने अमेरिकी बाजार का माहौल बिगाड़ दिया।
जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार भी टूटे
अमेरिका में आई गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार को जापान का Nikkei 225 शुरुआती कारोबार में 5% से ज्यादा गिर गया। वहीं दक्षिण कोरिया का Kospi करीब 8% तक टूट गया।
दक्षिण कोरिया के बाजार में तेज गिरावट के कारण कुछ समय के लिए ट्रेडिंग भी रोकनी पड़ी।
टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ने इन बाजारों पर दबाव बढ़ाया। इस तरह एक ही दिन में दुनिया के कई बड़े बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि भारतीय बाजार तेजी के साथ कारोबार करता रहा।
इन 5 वजहों से भारतीय बाजार में आई तेजी
1. विदेशी निवेशकों की खरीदारी: FII की वापसी ने बाजार को बड़ा सहारा दिया है। विदेशी निवेशकों की ओर से हजारों करोड़ रुपये की खरीदारी से प्रमुख इंडेक्स में तेजी आई।
2. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत के लिए राहत की खबर है। इससे देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है।
3. कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे: कई बड़ी कंपनियों के नतीजों ने निवेशकों को आकर्षित किया है। खासकर बैंकिंग, ऑटो और IT सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली।
4. बड़े शेयरों में खरीदारी: सेंसेक्स और निफ्टी में शामिल बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी ने बाजार को ऊपर पहुंचाने में मदद की।
5. निवेशकों का बढ़ता भरोसा: लगातार तेजी और विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है।
किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा हलचल?
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 4% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। कंपनी के बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का ध्यान खींचा।
इसके अलावा टाइटन, HCL टेक्नोलॉजीज, TCS, इंफोसिस और भारती एयरटेल के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
वहीं एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में कमजोरी रही।
आगे कहां तक जाएगा सेंसेक्स?
सेंसेक्स का 80,000 के करीब पहुंचना भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम घटनाक्रम है। हालांकि, लगातार सात दिनों की तेजी के बाद निवेशकों को कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।
आने वाले दिनों में FII की खरीदारी, अमेरिकी बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।
फिलहाल भारतीय बाजार ने वैश्विक कमजोरी के बीच अपनी मजबूती दिखाई है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि सेंसेक्स 80,000 के स्तर को पार कर पाता है या नहीं।
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