Bihar Politics: Tejashwi Yadav, Rahul gandhi Mahagathbandhan
Bihar की राजनीति में एक बार फिर उबाल है। 2025 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, Mahagathbandhan के अंदर चल रही खींचतान और रणनीतियों की परतें खुलने लगी हैं। इसी सिलसिले में दिल्ली में Congress और RJD के बीच एक अहम बैठक हुई जिसमें Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और Tejashwi Yadav जैसे बड़े नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद जब मीडिया ने Tejashwi Yadav से पूछा कि Mahagathbandhan का CM Face कौन होगा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया— “बातचीत के बाद सारी चीज़ें सामने आ जाएंगी।” इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि फॉर्मूला 70 पर चर्चा चल रही है और बहुत जल्द इसका खुलासा होगा।
क्या है फॉर्मूला 70?
बताया जा रहा है कि ‘फॉर्मूला 70’ का मतलब यह हो सकता है कि RJD 70 से ज़्यादा सीटें अपने पास रखेगा और बाकी सीटों पर Congress, Left पार्टियां, VIP और अन्य सहयोगी दलों के साथ समझौता होगा। लेकिन इसी फॉर्मूले को लेकर अभी भी महागठबंधन के भीतर seat sharing पर रस्साकशी बनी हुई है।
Delhi में मंथन, Patna में समीकरण
Patna में जहां पार्टी वर्कर्स और जमीनी स्तर पर संगठन एक्टिव हो चुका है, वहीं Delhi में मंथन जारी है। Congress चाहती है कि उसे पिछले चुनाव की तुलना में ज्यादा सीटें मिलें, वहीं RJD का दावा है कि वह सबसे बड़ी पार्टी है और उसी के पास नेतृत्व रहना चाहिए।
कुर्बानी कौन देगा?
बात सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि leadership की भी है। सूत्रों के मुताबिक Congress यह संकेत दे रही है कि अगर उसे ज़्यादा सीटें नहीं मिलतीं, तो वह campaign में अपने बड़े चेहरों को झोंकने से परहेज़ कर सकती है। वहीं RJD का फोकस Tejashwi Yadav को ही एकमात्र CM Face के तौर पर प्रोजेक्ट करने पर है।
Left और VIP का रोल
Mahagathbandhan में Left पार्टियां और VIP जैसे दल भी शामिल हैं। इनकी मांगें भी equation को complex बना रही हैं। Left पार्टियां जनाधार के आधार पर अधिक सीटें चाहती हैं, जबकि VIP जैसी छोटी पार्टियां symbolic सीटों से संतुष्ट नहीं हैं।
Desh Harpal की Exclusive जानकारी के अनुसार, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने Tejashwi Yadav को भरोसा दिलाया है कि सभी दलों की सहमति से एक common minimum programme और CM Face पर फैसला लिया जाएगा। लेकिन सीट शेयरिंग को लेकर आखिरी निर्णय मई के पहले हफ्ते तक आ सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या Bihar में Mahagathbandhan अपने अंदरुनी मतभेद सुलझाकर एक united front के रूप में सामने आएगा या फिर सीटों और leadership की ‘कुर्बानी’ की राजनीति उसे कमजोर कर देगी।
Desh Harpal आपके लिए आगे भी इस developing political story पर नजर बनाए रखेगा।
