Operation Sindoor: पीएम मोदी ने संसद में खोला 9 तारीख की रात का राज, अमेरिका और पाकिस्तान को दी थी कड़ी चेतावनी
नई दिल्ली, देश हरपल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के तमाम सवालों का करारा जवाब देते हुए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया। पीएम ने पहली बार बताया कि कैसे 9 तारीख की रात अमेरिका के उपराष्ट्रपति लगातार एक घंटे तक उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे सेना के साथ महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में कहा,
“जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति से मेरी बात हुई, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बड़ा हमला करने की योजना बना रहा है। मैंने साफ कहा—अगर पाकिस्तान ऐसा करेगा, तो उसे बहुत महंगा पड़ेगा। हम गोली का जवाब गोले से देंगे।”
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि दुनिया के किसी भी नेता ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि यह भारत के आत्मविश्वास और सैन्य ताकत का प्रमाण है।
“ये विजयोत्सव आतंक के ठिकानों को मिट्टी में मिलाने का है। ये विजयोत्सव ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का है,” – पीएम मोदी
इस पूरे घटनाक्रम में यह भी स्पष्ट हो गया कि भारत अब आतंक के खिलाफ सिर्फ बयान नहीं, एक्शन की नीति पर काम कर रहा है।
विपक्ष पर निशाना: ‘विजयोत्सव’ को भी आलोचना का विषय बना दिया
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वे देश की सुरक्षा और सेना की जीत को भी राजनीति का विषय बना रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यह समय एकजुट होकर भारत की ताकत दिखाने का है, ना कि सवाल उठाने का।
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गरम होता जा रहा है। पहले चरण के मतदान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) दोनों ही पार्टियों के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। इसे कई राजनीतिक जानकार “करो या मरो” की स्थिति बता रहे हैं। पहले चरण पर क्यों टिकी है सबकी नजर? पहले चरण का चुनाव सिर्फ शुरुआत नहीं है, बल्कि यही तय कर सकता है कि आगे की लड़ाई किस दिशा में जाएगी। यही वजह है कि दोनों पार्टियां पूरी ताकत झोंक रही हैं। TMC के लिए चुनौती ममता बनर्जी की पार्टी TMC के लिए यह चरण अपनी पकड़ बनाए रखने की परीक्षा जैसा है। पार्टी चाहती है कि वह अपने मजबूत इलाकों में जीत दर्ज कर एक बार फिर भरोसा कायम रखे। BJP की रणनीति वहीं BJP इस चुनाव को बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने का बड़ा मौका मान रही है। पार्टी का फोकस शुरुआती चरण में अच्छा प्रदर्शन कर राजनीतिक बढ़त बनाने पर है। क्यों है यह चुनाव इतना अहम? पहले चरण के नतीजे आने वाले चरणों की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए दोनों ही दल इसे सिर्फ चुनाव नहीं बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर मैदान में हैं।
Rajasthan में हुए एक रहस्यमयी हादसे को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। शुरुआती जांच और सामने आ रही रिपोर्ट्स में अब टेरर एंगल (आतंकी साजिश की आशंका) की चर्चा भी होने लगी है। हालांकि अभी तक किसी एजेंसी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। क्या है पूरा मामला? राजस्थान में हाल ही में हुए एक हादसे के बाद हालात और भी रहस्यमयी होते जा रहे हैं। जिस घटना की शुरुआत यहां से हुई थी, उसकी कड़ियां अब धीरे-धीरे विदेशों तक जुड़ती दिखाई दे रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसी पैटर्न से जुड़ी एक आग की घटना अब छठे देश की रिफाइनरी तक पहुंच चुकी है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। विदेशों तक फैला मामला रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह कोई सामान्य औद्योगिक हादसा नहीं हो सकता, क्योंकि अलग-अलग देशों में इसी तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां अलर्ट भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हर एंगल से मामले को खंगाला जा रहा है—चाहे वह तकनीकी खराबी हो, लापरवाही या फिर किसी तरह की साजिश। अभी क्या है स्थिति? फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसमें कोई टेरर लिंक है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ तस्वीर सामने आएगी।
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच IPL 2026 का मुकाबला काफी रोमांचक रहा, लेकिन अंत में बाजी राजस्थान के हाथ लगी। राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 160 रन का आसान-सा दिखने वाला लक्ष्य खड़ा किया, लेकिन लखनऊ की टीम इसे भी हासिल नहीं कर पाई और 40 रन से मैच हार गई। राजस्थान की शानदार बल्लेबाजी राजस्थान रॉयल्स ने शुरुआत से ही समझदारी भरी बल्लेबाजी की। टीम ने विकेट संभालकर खेलते हुए स्कोर को 160 तक पहुंचाया। हालांकि बड़े शॉट ज्यादा नहीं दिखे, लेकिन साझेदारियों की वजह से टीम एक सम्मानजनक टोटल तक पहुंच गई। लखनऊ की पारी रही फीकी 160 रन का लक्ष्य ज्यादा मुश्किल नहीं लग रहा था, लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत खराब रही। लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। मिडिल ऑर्डर भी जिम्मेदारी नहीं निभा पाया और पूरी टीम लक्ष्य से काफी पीछे रह गई। राजस्थान की गेंदबाजी का कमाल राजस्थान के गेंदबाजों ने शानदार लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की। उन्होंने शुरुआत में ही लखनऊ को झटके दिए और फिर मैच पूरी तरह अपनी पकड़ में रख लिया। दबाव बनाकर लगातार विकेट निकालते रहे। मैच का नतीजा राजस्थान रॉयल्स ने यह मुकाबला 40 रनों से जीत लिया, जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स 160 रन का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चर्चित “बादाम कांड” के बाद एक बार फिर हाउसिंग बोर्ड का दफ्तर सुर्खियों में है। इस बार वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन पर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में पूनम बंजारे खुद इन आरोपों से इनकार करती नजर आ रही हैं। वहीं, ऑफिस में बहस और हंगामा भी साफ दिखाई दे रहा है। फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष ने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। नामांतरण के लिए लोगों को काटने पड़ रहे चक्कर जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के ऑफिस में मकान और फ्लैट खरीदने के बाद नामांतरण (ट्रांसफर) के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमों के अनुसार आवेदन देने के बाद भी फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक महिला ने बताया कि उसने 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को आदेश जारी होने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला पूनम बंजारे पर NOC देने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा रही है। वहीं, पूनम बंजारे इन आरोपों से साफ इनकार करती दिखती हैं। वीडियो बनते देख वह नाराज हो जाती हैं और ऑफिस में हंगामा करती नजर आती हैं। अधिकारी बोले – शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी एसके शर्मा ने कहा कि उन्हें इस वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई शिकायत आती है, तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। “बादाम कांड” से पहले ही चर्चा में था दफ्तर इससे पहले भी यही हाउसिंग बोर्ड ऑफिस “बादाम कांड” को लेकर चर्चा में आया था। दरअसल, एक युवक तरुण साहू ने नामांतरण के लिए आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उसकी फाइल उसे नहीं दी गई और वह महीनों तक ऑफिस के चक्कर लगाता रहा। आखिरकार परेशान होकर युवक आधा किलो बादाम लेकर ऑफिस पहुंचा और अधिकारियों की टेबल पर फेंकते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी… जब मेरी फाइल मिल जाए, तो बता दीजिए।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। 👉 ऐसी ही जमीनी और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने auto-debit यानी e-mandate नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव सीधे उन करोड़ों लोगों को प्रभावित करेगा जो EMI, SIP, OTT subscriptions, insurance premium या ऑनलाइन बिल पेमेंट के लिए auto-debit का इस्तेमाल करते हैं। नया सिस्टम डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया है। RBI ने Auto-Debit नियमों में क्या बदला? RBI के नए e-mandate framework के तहत recurring payments को लेकर प्रक्रिया को अपडेट किया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सुविधा और कंट्रोल मिल सके। ₹15,000 तक के पेमेंट पर OTP की जरूरत नहीं अब ₹15,000 तक की recurring payments जैसे OTT subscription, मोबाइल बिल, बिजली-पानी बिल आदि पर हर बार OTP डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे-मोटे डिजिटल पेमेंट बिना रुकावट अपने आप हो जाएंगे। बड़ी ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा बनी रहेगी ₹15,000 से ज्यादा की किसी भी auto-debit ट्रांजैक्शन पर OTP या अतिरिक्त verification पहले की तरह जरूरी रहेगा। जरूरी सेवाओं के लिए ₹1 लाख तक की सुविधा Insurance premium, mutual fund SIP और credit card बिल जैसे जरूरी payments में ₹1 लाख तक की auto-debit सुविधा मिल सकती है। पेमेंट से पहले 24 घंटे का अलर्ट अनिवार्य अब किसी भी auto-debit से पहले बैंक या कंपनी को ग्राहक को कम से कम 24 घंटे पहले सूचना (notification) देना जरूरी होगा। आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा? नए नियमों का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखेगा: EMI और SIP जैसी जरूरी सेवाएं बिना रुकावट चलेंगीOTT और subscription payments आसान हो जाएंगेगलत या unauthorized debit का खतरा कम होगाहर transaction की पहले से जानकारी मिलेगीयूजर्स को अपने पैसों पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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