Operation Sindoor पर राहुल गांधी ने संसद में उठाए सवाल, कहा- आपने पाकिस्तान को पहले ही युद्ध विराम का संदेश क्यों भेजा?
नई दिल्ली, देश हरपल ब्यूरो: संसद में आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने पाक प्रायोजित Pahalgam attack की कड़ी निंदा करते हुए भारतीय सेना के शौर्य की सराहना की, लेकिन साथ ही सरकार की रणनीति और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर तीखे सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा, “पहलगाम में जो नृशंस हमला हुआ, वो पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रायोजित था। इस हमले में निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई, और इस सदन के हर सदस्य ने एकजुट होकर पाकिस्तान की आलोचना की।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले ही विपक्ष पूरी तरह से सरकार और सेना के साथ खड़ा था।
सेना का सम्मान, पर सरकार की नीति पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि वह Karnal और Kanpur जाकर शहीदों के परिवारों से मिले और उनकी पीड़ा को महसूस किया। “जब मैं सेना के जवानों से हाथ मिलाता हूं, मुझे पता चल जाता है कि वह एक टाइगर है। हमारे सैनिक देश के लिए मरने को तैयार रहते हैं, लेकिन सरकार को भी उनके साथ राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ खड़ा होना चाहिए।”
“1:35 AM पर पाकिस्तान को कॉल करना क्या राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाता है?”
राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपने खुद बताया कि ऑपरेशन सिंदूर 1:05 AM पर शुरू हुआ और 1:35 AM पर पाकिस्तान को फोन कर कहा गया कि हम गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
“आपने पाकिस्तान को बता दिया कि आप युद्ध नहीं चाहते। आपने उनकी वायु रक्षा प्रणाली पर हमला करने से मना किया। इससे क्या संदेश गया?” राहुल गांधी ने कहा कि इससे भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति पर प्रश्नचिन्ह लगते हैं।
Air Force को ऑपरेशन की स्वतंत्रता क्यों नहीं दी गई?
राहुल ने इंडोनेशिया के रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन शिव कुमार का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने कुछ विमान खोए क्योंकि हमारे पायलटों को पाकिस्तान की एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला न करने का आदेश मिला था।
“जब आप युद्ध के मैदान में हों, तो वायुसेना को पूर्ण स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, जैसे 1971 में इंदिरा गांधी ने मानेकशॉ को दी थी।”
