अमेरिका की फेडरल अपील कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लगाए गए ज्यादातर Global Tariffs को गैरकानूनी (Illegal) करार दिया है। अदालत ने कहा कि Donald Trump प्रशासन ने International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) 1977 की आड़ में अपनी पॉवर (Power) से आगे जाकर टैरिफ लगाए, जबकि इस कानून में राष्ट्रपति को सीधे तौर पर Tariff या Duties लगाने का अधिकार नहीं दिया गया है।
यह फैसला मई 2025 में Court of International Trade के उस निर्णय की पुष्टि करता है जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति ने अपनी संवैधानिक शक्ति से अधिक कदम उठाया।
Court Decision और Impact
- अदालत ने 7-4 के फैसले में Donald Trump के टैरिफ को अवैध बताया।
- हालांकि, कोर्ट ने आदेश लागू करने पर 14 अक्टूबर 2025 तक रोक लगाई है ताकि ट्रंप प्रशासन Supreme Court में अपील कर सके।
- अगर सुप्रीम कोर्ट भी इस फैसले को बरकरार रखता है, तो ट्रंप सरकार को अब तक वसूले गए $159 Billion (करीब 13 लाख करोड़ रुपये) वापस करने पड़ सकते हैं।
- यह फैसला अमेरिका की Trade Policy और Presidential Powers पर बड़ा असर डाल सकता है।
Trump के पास क्या विकल्प हैं?
विशेषज्ञ मानते हैं कि भले ही IEEPA के तहत टैरिफ लगाना अवैध घोषित हो चुका है, लेकिन राष्ट्रपति के पास अन्य कानूनी रास्ते खुले हैं –
- 1974 का Trade Act
- 1962 का Trade Expansion Act (Section 232)
हालांकि इन कानूनों के तहत प्रक्रिया लंबी और सख्त है।
क्यों है ये फैसला Historic?
यह मामला सिर्फ Donald Trump की नीतियों का नहीं बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति की शक्तियों की सीमा (Limit of Presidential Powers) का भी बड़ा उदाहरण है। अदालत ने साफ कर दिया है कि National Emergency की आड़ में राष्ट्रपति को असीमित अधिकार नहीं दिए जा सकते।
अब सबकी नजरें US Supreme Court पर हैं, जहां से तय होगा कि Donald Trump की Tariff Policy का भविष्य क्या होगा और इसका असर ग्लोबल ट्रेड (Global Trade) पर कितना पड़ेगा।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
