China ने द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार के 80 साल पूरे होने (80th Anniversary of Japan’s Defeat in WWII) पर एक भव्य Military Parade का आयोजन किया। इस मौके पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने तियानआनमेन स्क्वायर से संदेश दिया – “मानवता को अब शांति (Peace) और युद्ध (War) में से एक रास्ता चुनना होगा। चीन किसी से डरता नहीं लेकिन शांति और सहयोग का समर्थक है।”
यह परेड केवल चीन की सैन्य शक्ति (Military Power) का प्रदर्शन नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश भी थी।
Beijing Parade में शामिल हुए World Leaders
- मंच पर चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ Russia के राष्ट्रपति Vladimir Putin और North Korea के नेता Kim Jong Un मौजूद थे।
- इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif, आर्मी चीफ़ Asim Munir, नेपाल के पीएम KP Sharma Oli और मालदीव के राष्ट्रपति भी शामिल हुए।
- खास बात यह रही कि भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को आमंत्रित नहीं किया गया, जिसे विशेषज्ञ एक डिप्लोमैटिक मैसेज (Diplomatic Message) मान रहे हैं।
China Military Power: Missiles, Tanks और Fighter Jets की झलक
China ने इस परेड में कई आधुनिक हथियारों की नुमाइश की, जिनमें शामिल हैं:
- DF-61 ICBM (Intercontinental Ballistic Missile) – लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम।
- DF-26D “Guam Killer” Missile – दुश्मन के एयरबेस को निशाना बनाने वाला हथियार।
- J-20 और J-35 Stealth Fighter Jets – अमेरिका के F-35 के मुकाबले माने जा रहे हैं।
- AJX002 Drone Submarine – पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित।
- Type 99B Tank – एडवांस्ड प्रोटेक्शन सिस्टम से लैस।
- FH-97 Combat Drone, JL-3 Submarine Missiles, HQ-19/26 Defense Systems।
कुल मिलाकर परेड में 100 से अधिक हथियार प्रणालियाँ, 45+ सैन्य फॉर्मेशन और 100 से ज्यादा Aircrafts शामिल हुए।
शांति का प्रतीक: 80,000 कबूतर और गुब्बारे
कार्यक्रम के अंत में आसमान में 80,000 कबूतर और गुब्बारे (Doves and Balloons) छोड़े गए। इसे शांति और आशा का प्रतीक बताया गया।
Global Impact और Strategic Message
इस परेड से चीन ने दुनिया को कई बड़े संदेश दिए:
- एशिया और विश्व राजनीति में अपनी लीडरशिप (Leadership) साबित करना।
- Russia और North Korea के साथ गठबंधन दिखाना।
- अमेरिका और पश्चिमी देशों को अप्रत्यक्ष चुनौती।
- भारत को न्योता न देकर डिप्लोमैटिक सिग्नल देना।
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस परेड को लेकर आलोचना की और कहा कि “Xi, Putin और Kim मिलकर अमेरिका के खिलाफ साजिश कर रहे हैं।”
China Military Parade 2025 केवल हथियारों की ताकत दिखाने का मंच नहीं था, बल्कि यह चीन की Political Strategy और Global Ambition का प्रदर्शन भी था। बीजिंग ने साफ कर दिया है कि वह अब दुनिया की शक्ति संतुलन (Power Balance) में बड़ा किरदार निभाना चाहता है।
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