भारत के शेयर बाजार में इन दिनों सबसे चर्चित विवाद Jane Street बनाम SEBI (Securities and Exchange Board of India) का है। आज यानी 9 सितंबर 2025 से इस मामले की सुनवाई Securities Appellate Tribunal (SAT) में शुरू हो गई है। यह केस न सिर्फ भारतीय निवेशकों के लिए बल्कि ग्लोबल मार्केट के लिए भी अहम माना जा रहा है।
SEBI के आरोप: Market Manipulation का खेल
जुलाई 2025 में SEBI ने Jane Street पर Stock Manipulation के आरोप लगाए।
- आरोप है कि फर्म ने Bank Nifty Expiry Days पर कैश और फ्यूचर्स मार्केट में सुबह आक्रामक खरीदारी की और बाद में बड़े पैमाने पर सेल करके Options Market से भारी मुनाफा कमाया।
- SEBI के मुताबिक, इस रणनीति से Jane Street ने करोड़ों का फायदा उठाया जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स को भारी नुकसान हुआ।
- 4 जुलाई 2025 को SEBI ने कंपनी पर Trading Ban लगाया और करीब ₹4,843 करोड़ (US $567 मिलियन) की रकम को “Unlawful Gains” बताते हुए फ्रीज़ कर दिया।
Jane Street की दलील: सिर्फ Arbitrage, कोई Manipulation नहीं
Jane Street ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनकी ट्रेडिंग सिर्फ Basic Index Arbitrage Strategy है, जिसमें किसी तरह की हेराफेरी नहीं की गई।
- कंपनी का कहना है कि जांच से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट्स उन्हें उपलब्ध नहीं कराए, जिससे Fair Trial प्रभावित हो रहा है।
- हालांकि, कंपनी ने SEBI के आदेश का पालन करते हुए रकम को Escrow Account में जमा किया है।
SAT Hearing: क्या बोले वकील?
आज की सुनवाई में Jane Street ने मांग रखी कि—
- SEBI उन्हें सारे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए।
- जब तक डॉक्यूमेंट्स नहीं दिए जाते, आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
SAT की बेंच, जिसकी अगुवाई जस्टिस पी.एस. दिनेश कुमार कर रहे हैं, ने इस मामले की विस्तृत सुनवाई शुरू की है।
क्यों है यह मामला अहम?
- Global Impact: Jane Street एक टॉप क्वांट और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्म है। इस केस का असर Citadel, Jump Trading, IMC जैसी दूसरी ग्लोबल कंपनियों पर भी हो सकता है।
- Indian Market Reforms: इस विवाद के बाद SEBI एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग और डेरिवेटिव्स पर और सख्त निगरानी की तैयारी कर रहा है।
- Retail Investors की सुरक्षा: इस केस का सबसे बड़ा पहलू यह है कि लाखों रिटेल इन्वेस्टर्स को नुकसान से बचाने के लिए कड़े नियम लागू हो सकते हैं।
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