तमिलनाडु की राजनीति में AIADMK को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी के भीतर चल रहे विवाद के बीच अब सुलह की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
सूत्रों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लोर टेस्ट के दौरान सरकार के पक्ष में समर्थन देने वाले 21 AIADMK विधायकों के खिलाफ अब किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
ये विधायक पहले पार्टी लाइन से अलग जाकर दूसरी तरफ मतदान करने के कारण चर्चा में आ गए थे। लेकिन अब पार्टी नेतृत्व ने मामले को और आगे न बढ़ाते हुए अंदरूनी एकता बनाए रखने का फैसला किया है।
हालांकि इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि AIADMK के भीतर मतभेद अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं, लेकिन फिलहाल पार्टी नेतृत्व स्थिति को संभालने और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला पार्टी में टूट को रोकने और आने वाले समय में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश का हिस्सा है।
