अजित डोवाल की रूस यात्रा का उद्देश्य
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने हाल ही में रूस में तेज़ी से कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं, जो अमेरिका के दबाव के बीच एक बड़ा diplomatic message मानी जा रही हैं। यह दौर खासकर तब है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% tariff लगा दिया है, क्योंकि भारत अभी भी रूस से तेल खरीद रहा है।
Putin के भारत दौरे की तारीखें लगभग तय
डोवाल ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने भारत-रूस के गहरे और मजबूत संबंधों पर चर्चा की। Putin के India visit की तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं और यह दौरा इस साल के अंत तक हो सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और गहरी होगी।
ट्रंप पर कड़ा कूटनीतिक संदेश
इसके साथ ही डोवाल ने रूसी उपप्रधानमंत्री डेनीस मंटुरोव से भी रक्षा, सैन्य तकनीकी सहयोग, और नागरिक विमानन, धातुकर्म एवं रसायन उद्योग में साझेदारी के विषय में बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुतिन से विस्तार से वार्ता की, जिसमें यूक्रेन की स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।
रक्षा और आर्थिक सहयोग पर चर्चा
यह सभी कदम यह दिखाते हैं कि भारत रूस के साथ अपने strategic ties को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे अमेरिका कितना भी दबाव क्यों न बनाए। ट्रंप के लगाए गए टैरिफ के बावजूद, भारत ने अपनी विदेश नीति में कोई बदलाव नहीं किया है और रूस के साथ अपने सहयोग को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
नरेंद्र मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने Putin से यूक्रेन संकट और अन्य वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की, और पुतिन को भारत आने का निमंत्रण दिया।
भारत-रूस संबंधों का भविष्य
आगामी भारत-रूस शिखर सम्मेलन से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, रक्षा, और व्यापारिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
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