Uttarakhand के धाराली गांव में 5 अगस्त 2025 को आई भयंकर cloudburst और उसके कारण आई भयानक flood ने क्षेत्र में तबाही मचा दी है। केहर गंगा नदी के ऊपरी क्षेत्र में हुई अचानक भारी बारिश से धाराली सहित आसपास के इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन हुआ, जिसने घरों और बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया।
धाराली Cloudburst से नुकसान और बाढ़ की स्थिति
- इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 5 लोग मारे गए और 100 से अधिक लापता हैं।
- बाढ़ का मलबा 40 फीट ऊंचा पहुंच गया, जिससे कई घर, होटल और पूरे गाँव मलबे में दब गए।
- लिमचीगाड़ बेले ब्रिज और अन्य महत्वपूर्ण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
Uttarakhand Flood 2025 में Rescue Operation की चुनौतियाँ
- भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राहत कार्य में रुकावटें आईं।
- रेस्क्यू टीमों ने थर्मल इमेजिंग और रडार तकनीक का इस्तेमाल कर मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश तेज की है।
- हेलीकॉप्टर से बचाव कार्य जारी है क्योंकि सड़क मार्ग बंद हैं।
पर्यावरणीय संकट और पर्यटन पर असर
धाराली के आसपास का क्षेत्र भगीरथी इको-सेंसिटिव जोन में आता है, जहां तेज़ पर्यटन विकास और जलवायु परिवर्तन इस आपदा को बढ़ावा देने वाले कारक माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के बिना विकास स्थायी नहीं होगा।
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