देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। अब यह मुद्दा संसद तक पहुंच चुका है। विपक्ष का कहना है कि यह केवल परीक्षा प्रणाली की खामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर राष्ट्रीय सवाल है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। Rahul Gandhi ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवा वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं उनके सपनों और भरोसे दोनों को नुकसान पहुंचा रही हैं। उनका मानना है कि संसद में इस विषय पर खुली चर्चा होनी चाहिए ताकि सरकार अपनी जिम्मेदारी और आगे की कार्ययोजना स्पष्ट कर सके। Speaker से मुलाकात, संसद में चर्चा की मांग लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने विपक्ष की ओर से मांग रखी कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए समय निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि संसद देश की जनता की आवाज है और करोड़ों छात्रों की चिंता को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सके। Kharge का आरोप- विपक्ष को बोलने का मौका नहीं कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया जा रहा है। खड़गे ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में सभापति को पत्र लिखकर विपक्ष को पेपर लीक समेत अन्य जनहित के मुद्दों पर बोलने का समय देने की मांग की है। उनका कहना है कि विपक्ष लगातार युवाओं, बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवाल उठाना चाहता है, लेकिन इन विषयों पर चर्चा से बचने की कोशिश की जा रही है। क्यों बढ़ रही है पेपर लीक पर चिंता? बीते कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की कई भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि लाखों उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे छात्रों का समय, आर्थिक संसाधन और मानसिक संतुलन तीनों प्रभावित हुए हैं। इसी वजह से विपक्ष इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठा रहा है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं और दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। संसद में बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव पेपर लीक को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि जब तक इस विषय पर सदन में चर्चा नहीं होगी और सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देगी, तब तक वह इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। छात्रों की निगाहें संसद पर देशभर के लाखों अभ्यर्थी अब संसद की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए हैं। उनकी उम्मीद है कि राजनीतिक बहस से आगे बढ़कर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए ठोस फैसले लिए जाएंगे। छात्रों का मानना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक पर स्थायी समाधान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!