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मोहन भागवत बोले- Gen-Z और Gen Alpha सबसे ज्यादा देशभक्त, संवाद की कमी से हुए आंदोलन

मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में Gen-Z और Gen Alpha के युवाओं से संवाद किया। करीब एक घंटे तक चले इस संवाद में उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ी की तुलना में अधिक देशभक्त और ईमानदार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं की बात सुनना जरूरी है और संवाद की कमी ही कई बार आंदोलनों की वजह बनती है। भागवत ने यह संबोधन इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिया। कार्यक्रम में 11 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2,000 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संवाद की कमी से आंदोलन की नौबत आई मोहन भागवत ने कहा कि जब बातचीत सफल नहीं होती, तब आंदोलन का रास्ता अपनाया जाता है। उनके अनुसार यदि समय रहते संवाद हो जाए, तो कई विवाद टाले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन भी संवाद का एक माध्यम है और उसे इसी नजरिए से देखा जाना चाहिए। Gen-Z सवाल पूछती है, जवाब भी चाहती है भागवत ने कहा कि पहले की पीढ़ी बड़े-बुजुर्गों की बात बिना सवाल किए मान लेती थी, लेकिन आज की युवा पीढ़ी हर विषय पर सवाल पूछती है और तर्कसंगत जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल उत्तर ही नहीं, बल्कि विश्वास और अपनापन भी चाहिए। आंदोलन को देशविरोध से न जोड़ें RSS प्रमुख ने कहा कि यदि युवा किसी मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं, तो उन्हें देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। उनके अनुसार वे देश की अगली पीढ़ी हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आंदोलन व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ। जंतर-मंतर की घटना पर कही यह बात जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के सवाल पर भागवत ने कहा कि किसी भी घटना पर निष्कर्ष निकालने से पहले उसके कारणों को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में कुछ उपद्रवियों के शामिल होने की बात सामने आई है, लेकिन यदि उन्हें किसी पर भरोसा करना हो तो वह देश के युवाओं पर करेंगे। शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर भागवत ने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए और इसके लिए सरकार के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद ही पाठ्यक्रम जैसे विषयों पर चर्चा होनी चाहिए। विदेश नीति और सामाजिक मुद्दों पर भी रखी राय उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति में देश को सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए, लेकिन संघर्ष समाप्त होने के बाद बातचीत का रास्ता तलाशना भी जरूरी है। समलैंगिक विवाह के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक व्यवस्था में बदलाव से पहले समाज को उसके लिए तैयार करना आवश्यक है। वहीं महिलाओं की भागीदारी पर उन्होंने कहा कि उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर और बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। ‘फिंगर क्लैप’ भी बना चर्चा का विषय कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने युवाओं के बीच लोकप्रिय ‘फिंगर क्लैप’ शैली में भी अपनी प्रतिक्रिया दी। यह ताली बजाने का एक तरीका है, जिसमें हथेलियों की बजाय उंगलियों से हल्की चुटकी जैसी आवाज निकालकर सराहना व्यक्त की जाती है। हाल के वर्षों में यह शैली सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुई है। देश, राजनीति और राष्ट्रीय घटनाक्रम की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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भारत-पाकिस्तान महामुकाबला, ACC ने जारी किया पूरा शेड्यूल

दुबई। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने विमेंस एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच 5 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। टी-20 फॉर्मेट में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट 28 अगस्त से शुरू होगा। उद्घाटन मैच में थाईलैंड और हांगकांग-चीन की टीमें आमने-सामने होंगी। 8 टीमें लेंगी हिस्सा विमेंस एशिया कप 2026 में कुल आठ टीमें भाग लेंगी, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-A ग्रुप-B ग्रुप चरण के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष दो-दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को खेला जाएगा। सभी मुकाबले दुबई में होंगे पूरे टूर्नामेंट के सभी मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे चर्चित मैच माना जा रहा है, जिस पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी। भारत सबसे सफल टीम टी-20 फॉर्मेट में अब तक खेले गए पांच विमेंस एशिया कप में भारतीय महिला टीम सबसे सफल रही है। भारत ने तीन बार खिताब अपने नाम किया है, जबकि बांग्लादेश और श्रीलंका ने एक-एक बार ट्रॉफी जीती है। श्रीलंका मौजूदा चैंपियन के रूप में इस टूर्नामेंट में उतरेगा। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में फायर फाइटर्स की छंटनी का आरोप, कर्मचारियों ने रोजगार और श्रम नियमों पर उठाए सवाल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की फायर सेफ्टी व्यवस्था में कार्यरत फायर फाइटर्स ने ठेका बदलने के बाद छंटनी किए जाने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के कई लोगों को काम से हटा दिया गया, जिससे उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने कर्मचारियों के आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि अनुबंध के अनुसार पर्याप्त कर्मचारी कार्यरत हैं और नियुक्ति या हटाने का अधिकार ठेकेदार के पास है। वर्षों से कर रहे थे सेवा कर्मचारियों के अनुसार, चकरभाठा क्षेत्र के धमनी, कड़ार, सेंवार, हिरी और आसपास के गांवों के कई युवक पिछले 3 से 13 वर्षों से हाईकोर्ट में फायर फाइटर के रूप में कार्यरत थे। उनका कहना है कि वे अलग-अलग शिफ्टों में नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके मुताबिक, फायर सेफ्टी सिस्टम का ठेका बदलने के बाद नए ठेकेदार ने कई पुराने कर्मचारियों को काम से हटा दिया। निर्धारित संख्या से कम कर्मचारियों से काम कराने का आरोप फायर फाइटर्स का आरोप है कि अनुबंध के अनुसार कुशल और अकुशल मिलाकर 28 कर्मचारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। उनका दावा है कि पहले केवल 16 कर्मचारियों से काम लिया गया और बाद में उनमें से भी आठ कर्मचारियों को हटा दिया गया। कर्मचारियों के अनुसार, वर्तमान में तीन शिफ्टों में केवल आठ फायर फाइटर्स से काम कराया जा रहा है। वेतन, ईपीएफ और सुरक्षा सुविधाओं पर भी सवाल कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कलेक्टर दर के अनुसार मजदूरी नहीं मिल रही है और उनका मासिक वेतन केवल 8 से 10 हजार रुपये तक सीमित है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे कार्य के दौरान जोखिम बढ़ जाता है। कंपनी के पंजीकरण पर भी उठाए सवाल फायर फाइटर्स ने आरोप लगाया कि संबंधित कंपनी का पंजीकरण 25 मई 2026 को समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद उसी कंपनी से काम कराया जा रहा है। कर्मचारियों ने पूरे मामले की जांच कराने और श्रम कानूनों के पालन की मांग की है। विभाग ने आरोपों से किया इनकार लोक निर्माण विभाग के एसडीओ बिंद्रा प्रसाद ने कर्मचारियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हाईकोर्ट में अनुबंध के अनुसार 28 कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी को नियुक्त करना या हटाना पूरी तरह ठेकेदार का अधिकार है। विभाग की जिम्मेदारी केवल अनुबंध के तहत कार्यों की निगरानी करना है और कर्मचारियों की नियुक्ति या हटाने के निर्णय में विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। छत्तीसगढ़ और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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ईरान में विदेश मंत्री अराघची के खिलाफ महाभियोग की तैयारी! क्षेत्रीय तनाव के बीच कई बड़े घटनाक्रम

तेहरान। ईरान में विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ महाभियोग लाने की चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ सांसद उनके खिलाफ आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। हालांकि, अभी तक महाभियोग की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुई है। एक वरिष्ठ सांसद के हवाले से कहा गया है कि उचित समय आने पर विदेश मंत्री के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया जाएगा। राष्ट्रपति की भूमिका सीमित होने का दावा इजराइली मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व ने सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े अहम मामलों में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की भूमिका सीमित कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका के साथ संभावित वार्ता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर अहमद वाहिदी की भूमिका अधिक प्रभावी हो सकती है। हालांकि, इस दावे की ईरानी अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिका-ईरान वार्ता पर अभी फैसला नहीं अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित बातचीत को लेकर अभी तक न तो तारीख तय हुई है और न ही स्थान। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान और कतर संभावित मेजबान देशों के रूप में चर्चा में हैं और दोनों देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। ईरान की रणनीति में बदलाव का दावा अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान अब सीधे सैन्य टकराव के बजाय समुद्री व्यापार, तेल आपूर्ति और महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों पर दबाव बनाकर अमेरिका और उसके सहयोगियों की रणनीतिक लागत बढ़ाने की नीति पर काम कर सकता है। रीपर ड्रोन मार गिराने का दावा ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ रहे MQ-9 रीपर ड्रोन को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराया। हालांकि, ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह ड्रोन किस देश का था और इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है। अमेरिका भी नए विकल्पों पर कर रहा विचार मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने सैन्य विश्लेषकों से ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए नए रणनीतिक विकल्पों पर सुझाव मांगे हैं। इसे क्षेत्रीय तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हूती धमकी के बाद बदला जहाजों का रूट यमन के हूती विद्रोहियों की धमकियों के बाद छह सऊदी सुपरटैंकरों ने लाल सागर और बाब-अल-मंदेब मार्ग की बजाय अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से से लंबा समुद्री रास्ता अपनाया है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। दुनिया की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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4 साल बाद टेस्ट शतक के करीब पहुंचे बाबर आजम, वेस्टइंडीज के खिलाफ 88 रन बनाकर नाबाद

स्पोर्ट्स डेस्क। पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान बाबर आजम चार साल बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक के बेहद करीब पहुंच गए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में बाबर 88 रन बनाकर नाबाद हैं और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके हैं। बाबर आजम ने अपना पिछला टेस्ट शतक वर्ष 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कराची टेस्ट में लगाया था। उस मुकाबले में उन्होंने 161 रन की शानदार पारी खेली थी। संयोग से उस समय भी वह पाकिस्तान की कप्तानी कर रहे थे। कप्तानी में वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन खराब फॉर्म के चलते बाबर आजम ने वर्ष 2023 में टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद शान मसूद को नियमित कप्तान बनाया गया। हालांकि, 5 जुलाई 2026 को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर बाबर को टेस्ट टीम की कमान सौंपी। कप्तानी में वापसी के बाद उनका यह प्रदर्शन टीम के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब्दुल्ला शफीक के शतक से पाकिस्तान मजबूत दूसरी पारी में अब्दुल्ला शफीक के शानदार नाबाद शतक और बाबर आजम की अर्धशतकीय पारी की बदौलत पाकिस्तान ने 2 विकेट पर 273 रन बना लिए हैं। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी हो चुकी है। पहली पारी के आधार पर पाकिस्तान अब वेस्टइंडीज से केवल 71 रन पीछे है। दो साल बाद शतक लगाने में सफल रहे शफीक अब्दुल्ला शफीक ने अपने टेस्ट करियर का छठा शतक लगाया। यह उनका 2024 के बाद पहला टेस्ट शतक है। वह लंबे समय तक 99 रन पर रुके रहे, लेकिन बाद में जोमेल वॉरिकन की गेंद पर मिडविकेट की दिशा में चौका लगाकर तीन अंकों तक पहुंचे। अजान ओवैस ने दिलाई तेज शुरुआत पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत युवा बल्लेबाज अजान ओवैस ने आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने दूसरे ही ओवर में तेज गेंदबाज केमार रोच के खिलाफ लगातार तीन चौके जड़कर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। हालांकि, इमाम-उल-हक तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंद पर स्लिप में कैच देकर आउट हो गए। ओवैस ने अर्धशतक जरूर पूरा किया, लेकिन बाद में जोमेल वॉरिकन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। पहली पारी में 344 रन पर सिमटी थी वेस्टइंडीज इससे पहले वेस्टइंडीज की पहली पारी 344 रन पर समाप्त हुई थी। टीम की ओर से जस्टिन ग्रीव्स और रोस्टन चेज ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। पाकिस्तान के लिए अली उस्मान ने पहली ही गेंद पर जस्टिन ग्रीव्स का विकेट लिया। उबैद शाह ने रोस्टन चेज को बोल्ड किया, जबकि साजिद खान ने शमार जोसेफ का विकेट लेकर वेस्टइंडीज की पारी का अंत किया। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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रायपुर में भारत ग्रुप के खिलाफ सामूहिक शिकायत, रोजगार और बायबैक के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप

रायपुर। राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित वॉलफोर्ट ओजोन में संचालित भारत ग्रुप के खिलाफ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के लोगों ने सामूहिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी ने अगरबत्ती बनाने की मशीन, बायबैक गारंटी और घर बैठे रोजगार का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये वसूले, लेकिन किए गए वादे पूरे नहीं किए। पीड़ितों ने इस मामले की शिकायत जनदर्शन में कलेक्टर से की है। साथ ही कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर मंगलवार को रायपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय भी पहुंचे। घर बैठे कमाई का दिया गया था दावा शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कंपनी ने विज्ञापनों के माध्यम से दावा किया था कि लोग घर बैठे हर महीने 18 हजार से 60 हजार रुपये तक कमा सकते हैं। कंपनी ने भरोसा दिलाया था कि उसकी मशीन प्रतिदिन 80 से 100 किलो अगरबत्ती तैयार करेगी और तैयार उत्पाद को तय कीमत पर स्वयं खरीद लेगी। मशीन की सर्विस और रखरखाव की जिम्मेदारी भी कंपनी ने लेने का आश्वासन दिया था। मशीनों पर लाखों खर्च, उत्पादन नहीं मिलने का आरोप पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी बचत और कर्ज लेकर 1.10 लाख से 1.20 लाख रुपये तक की कीमत में मशीनें खरीदीं। आरोप है कि मशीनों का सही तरीके से इंस्टॉलेशन नहीं किया गया। कई मशीनें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जबकि जो मशीनें चल रही हैं, वे वादा किए गए उत्पादन के मुकाबले केवल 15 से 20 किलो तक ही अगरबत्ती बना पा रही हैं। GST बिल नहीं देने का भी आरोप शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने मशीन बेचते समय वैध GST बिल जारी नहीं किया और केवल कच्चा चालान देकर लेन-देन किया। उन्होंने इस मामले में संभावित कर अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी की है। कम वजन का कच्चा माल मिलने का दावा पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने दस्तावेजों में जितना कच्चा माल दर्शाया, वास्तविक आपूर्ति उससे कम की गई। उनका दावा है कि कई बोरियों में 2 से 3 किलो तक वजन कम मिला। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इसके समर्थन में उनके पास डिजिटल कांटे से की गई तौल के फोटो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। तैयार माल खरीदने से किया इनकार शिकायत में यह भी कहा गया है कि कंपनी ने तैयार अगरबत्ती वापस खरीदने का वादा पूरा नहीं किया। आरोप है कि विभिन्न कारण बताकर तैयार माल लेने से इनकार कर दिया गया, जिससे बड़ी मात्रा में उत्पाद खराब हो गया और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। रिजेक्शन के नाम पर मनमानी कटौती करने का आरोप भी लगाया गया है। धमकी देने का भी आरोप पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने मशीनों की खराबी, कम वजन या भुगतान को लेकर सवाल उठाए, तो कंपनी के संचालकों और कर्मचारियों ने अनुबंध समाप्त करने और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। कुछ लोगों पर कथित रूप से माफीनामा लिखने का दबाव भी बनाया गया। कलेक्टर से की ये मांग शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कंपनी के वित्तीय लेन-देन और नापतौल की जांच कराने, दोषपूर्ण मशीनें वापस लेने तथा पीड़ितों की जमा राशि ब्याज और मुआवजे सहित लौटाने की मांग की है। साथ ही कंपनी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के मामले दर्ज करने की भी मांग की गई है। फिलहाल, मामले में संबंधित अधिकारियों या कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छत्तीसगढ़ और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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रायपुर के आरंग में महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पति पर हत्या का आरोप लगाया

रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे आरंग क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने उसके पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतका की पहचान पुष्पा सोनकर के रूप में हुई है, जो आरंग के वार्ड नंबर-14 स्थित शनि मंदिर के पास रहती थीं। परिजनों का आरोप- पति का दूसरी महिला से था संबंध मृतका के पिता रामधार सोनकर ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की शादी करीब 20 वर्ष पहले भोला सोनकर से हुई थी। दोनों के चार बच्चे हैं। परिजनों का दावा है कि पिछले तीन वर्षों से भोला सोनकर का दूसरी महिला से संबंध था और उससे एक बच्चा भी है। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। उनका आरोप है कि आरोपी पति आए दिन पुष्पा के साथ मारपीट करता था और उसे जान से मारने की धमकी भी देता था। घटना वाले दिन झगड़े का दावा परिजनों के अनुसार, घटना से एक रात पहले भोला सोनकर घर नहीं लौटा था। मृतका की बेटी का दावा है कि 31 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे वह घर पहुंचा, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद वह पुष्पा को घर के पीछे स्थित बाड़ी की ओर ले गया। बाद में सुबह करीब 8:15 बजे उसने फोन कर पुष्पा के कुएं में गिरने की सूचना परिवार को दी। इलाज के दौरान हुई मौत परिवार के मुताबिक, सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे तो पुष्पा गंभीर हालत में मिलीं। उन्हें पहले आरंग के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने रायपुर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। “तैरना जानती थी, हादसा नहीं लग रहा” मृतका के परिजनों का कहना है कि पुष्पा को तैरना आता था, इसलिए उनके अनुसार कुएं में गिरने की घटना संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दूसरी महिला से संबंधों में बाधा बनने के कारण आरोपी पति ने उन्हें कुएं में धक्का दिया। पुलिस ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई मृतका के पिता, भाइयों और बेटियों ने आरंग थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरंग पुलिस ने बताया कि परिजनों का आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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मंडी शुल्क बढ़ाने के फैसले का खंडवा में विरोध, व्यापारियों ने सरकार से बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की

खंडवा। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज मंडियों में मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को खंडवा में व्यापार एवं उद्योग कांग्रेस के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने पुरानी अनाज मंडी कार्यालय पहुंचकर मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपा और शुल्क में की गई 0.5 प्रतिशत बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की। व्यापारियों ने बढ़ती लागत पर जताई चिंता ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि मंडी शुल्क बढ़ने से व्यापार की लागत में इजाफा होगा, जिसका सीधा असर किसानों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि बढ़ा हुआ शुल्क मध्य प्रदेश की मंडियों को पड़ोसी राज्यों की मंडियों की तुलना में प्रतिस्पर्धा में कमजोर कर सकता है, जिससे कृषि व्यापार प्रभावित होने की आशंका है। पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग व्यापार एवं उद्योग कांग्रेस के खंडवा शहर अध्यक्ष संदीप सोनी ने कहा कि संगठन व्यापार और उद्योग से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से उठाएगा। उन्होंने बताया कि यह संगठन का पहला सामूहिक कार्यक्रम था, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया। उन्होंने सरकार से मंडी शुल्क में की गई वृद्धि को वापस लेकर पहले की व्यवस्था बहाल करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने दिया समर्थन कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी और नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने व्यापारियों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को ऐसे निर्णय लेने से बचना चाहिए, जिनका नकारात्मक प्रभाव व्यापार, कृषि और आम नागरिकों पर पड़े। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “देश का कल्चर-एग्रीकल्चर” जैसे नारे लगाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांग व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि मंडी शुल्क में की गई 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए और किसानों, व्यापारियों तथा उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए पहले वाली शुल्क व्यवस्था दोबारा लागू की जाए। मध्य प्रदेश और कारोबार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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केंद्र का दावा: सात वर्षों में 36 देशों से 274 भगोड़े भारत लाए गए, ₹17,874 करोड़ की संपत्ति अटैच

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि पिछले सात वर्षों में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। सरकार के अनुसार, यह आंकड़ा वर्ष 2004 से 2013 के दौरान हुए प्रत्यर्पण की तुलना में करीब 10 गुना अधिक है। सरकार ने यह भी बताया कि इस अवधि में भगोड़ों की 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति भी अटैच की गई है। कई तरह के गंभीर मामलों में थे वांछित सरकार के मुताबिक, 2019 से जुलाई 2026 के बीच भारत लाए गए 274 भगोड़ों में विभिन्न गंभीर अपराधों के आरोपी शामिल हैं। इनमें 9 आर्थिक अपराध, 17 आतंकवाद, 42 संगठित अपराध, 62 हत्या, लूट और अन्य हिंसक अपराध, 53 यौन अपराध और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध, 16 मादक पदार्थों की तस्करी, 12 नकली मुद्रा तस्करी, 18 मानव तस्करी और 45 अन्य मामलों में वांछित आरोपी शामिल थे। इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस में भी बढ़ोतरी केंद्र सरकार ने बताया कि हाल के वर्षों में इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में 40, 2023 में 100, 2024 में 107, 2025 में 112 और 2026 में अब तक 182 रेड नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पिछले तीन वर्षों में कुल 401 भगोड़े अपराधियों के खिलाफ रेड नोटिस जारी किए गए। प्रत्यर्पण प्रक्रिया को बनाया गया अधिक प्रभावी गृह मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में प्रत्यर्पण संबंधी अनुरोधों को अब अधिक पेशेवर तरीके से तैयार किया जा रहा है। संबंधित देशों की कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप दस्तावेज, साक्ष्य और आवश्यक लिखित आश्वासन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे प्रत्यर्पण प्रक्रिया को मजबूती मिली है। पुराने ढांचे पर भी सरकार का बयान सरकार ने दावा किया कि 2004-13 के दौरान भारत का प्रत्यर्पण तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर था। उस समय केवल 37 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधियां थीं और आर्थिक भगोड़ों से निपटने के लिए अलग कानून भी उपलब्ध नहीं था। सरकार के अनुसार, जटिल कागजी प्रक्रिया के कारण कई मामलों में विदेशी अदालतों ने भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध स्वीकार नहीं किए थे। केंद्र ने यह भी कहा कि वर्ष 2018 में Fugitive Economic Offenders Act लागू किया गया, जबकि 2019 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) में संशोधन कर कार्रवाई के दायरे को और मजबूत किया गया। देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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राहुल गांधी बोले- छात्रों को माफी नहीं, सरकार के कामों का जवाब चाहिए; RSS पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को छात्रों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के छात्र कठिन दौर से गुजर रहे हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माफी नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और कामकाज पर जवाब चाहिए। राहुल गांधी ने यह बातें पूर्व कांग्रेस सांसद वाइको की पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के दौरान कहीं। “छात्र रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं” राहुल गांधी ने कहा कि देशभर के छात्र रोजगार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और बेहतर शिक्षा प्रणाली की मांग को लेकर सड़कों पर हैं। उनके अनुसार, युवाओं की प्रमुख चिंता रोजगार के अवसर और निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि प्रधानमंत्री छात्रों को माफ करने जैसी बात क्यों कर रहे हैं, जबकि छात्र अपनी समस्याओं के समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं। RSS पर इतिहास बदलने का आरोप कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संगठन देश के इतिहास को बदलने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं करेंगे। राज्यों के सम्मान की भी उठाई बात राहुल गांधी ने कहा कि संविधान भारत को राज्यों का एक संघ मानता है और प्रत्येक राज्य देश की विविधता तथा पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि हर राज्य, उसकी भाषा और संस्कृति के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत की विभिन्न भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को कम करके आंकने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि देश की ताकत उसकी विविधता में निहित है। देश और राजनीति से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की 46 अचल संपत्तियों का खुलासा, बाजार मूल्य 64 करोड़ रुपये से अधिक

इंदौर में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में नए खुलासे हुए हैं। लोकायुक्त के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक की जांच में फिरोज खान, उनके परिवार, सहयोगियों और संबंधित फर्म के नाम पर कुल 46 अचल संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों की अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत 64 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जबकि इनकी कुल गाइडलाइन कीमत करीब 17.19 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों पर अब तक 18.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त संपत्तियों के दस्तावेजों, खरीद में इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित लोगों की भूमिका का सत्यापन कर रहा है। जांच अभी जारी है। रंगवासा से लसूड़िया मोरी तक जमीन खरीदने की जानकारी जांच के दौरान इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा में कई कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां सामने आई हैं। ये जमीनें वर्ष 2023 और 2024 में अलग-अलग तारीखों पर खरीदी गई थीं। इसके अलावा, जुलाई 2024 में लसूड़िया मोरी क्षेत्र में रेड कारपेट के पीछे 11.771 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इस जमीन का गाइडलाइन मूल्य करीब 3.85 करोड़ रुपये बताया गया है। लोकायुक्त के मुताबिक, इन जमीनों की खरीद स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर की गई। जांच में सामने आया है कि यह फर्म फिरोज खान की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार के संयुक्त नाम से संचालित है। एजेंसी फर्म से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की भी जांच कर रही है। लोकायुक्त की जांच में अब तक सामने आए आंकड़े लोकायुक्त की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जांच में अब तक ये आंकड़े सामने आए हैं: ये आंकड़े जांच के दौरान अब तक जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं। संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद के लिए इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है। 14 अक्टूबर को कई ठिकानों पर हुई थी सर्चिंग लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान के विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। इसके बाद से जांच एजेंसी संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। जांच में संपत्तियों की खरीद की तारीख, गाइडलाइन मूल्य और अनुमानित बाजार मूल्य का मिलान किया जा रहा है। आय के ज्ञात स्रोतों और संपत्तियों पर किए गए खर्च के बीच संभावित अंतर का आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जानकारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर सामने आएगी।

लाहौल-स्पीति में दर्दनाक सड़क हादसा: चंद्रभागा नदी के किनारे गिरी कार, 3 की मौत; चालक समेत 4 घायल

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के तिन्दी क्षेत्र में सोमवार शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे चंद्रभागा नदी के किनारे जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) उदयपुर पहुंचाया गया है। वीर मंदिर के पास मोड़ पर चालक ने खोया नियंत्रण पुलिस जिला मुख्यालय केलांग से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे हुआ। हरियाणा नंबर की i20 कार में सात लोग सवार होकर तिन्दी गांव से सलग्रां गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इनमें छह लोग सलग्रां गांव और एक व्यक्ति भुजुंड गांव का निवासी था। कार जब तिन्दी के समीप वीर मंदिर के पास एक मोड़ पर पहुंची, तो चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सड़क से नीचे गहरी ढांक में गिरते हुए चंद्रभागा नदी के किनारे जा पहुंची। डीएसपी केलांग केडी शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस चौकी तांदी, पुलिस थाना उदयपुर और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। बचाव दल ने घायलों को निकालकर CHC उदयपुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, तीनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए CHC उदयपुर भेजे गए हैं। हादसे में जान गंवाने वालों के नाम पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग सलग्रां गांव के निवासी थे। चार लोग घायल, चालक भी शामिल हादसे में घायल चारों लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है: घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार की 3 महिला IAS अधिकारियों की कमेटी से बातचीत बेनतीजा, अंतिम संस्कार से इनकार

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार और पंजाब सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। परिजनों की मांगों पर बातचीत के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित तीन महिला IAS अधिकारियों की कमेटी की पहली बैठक सोमवार को बेनतीजा रही। परिवार और एक्शन कमेटी ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और धरना जारी रहेगा। सोमवार को तीनों महिला IAS अधिकारी झोटा के पिता भीम सिंह और पत्नी मनप्रीत कौर से मिलने पहुंचीं। इस दौरान परिवार की ओर से गठित एक्शन कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक के बाद कमेटी के सदस्यों ने बताया कि सरकार की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन सकी है। मांगपत्र सौंपा, CBI जांच की मांग पर अड़ा परिवार एक्शन कमेटी के सदस्यों के मुताबिक, सरकार की कमेटी को मांगपत्र सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा और अंतिम संस्कार भी नहीं होगा। एक्शन कमेटी ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को परिवार से मिलने आ रहे हैं। कमेटी की मांग है कि अमित शाह परिवार से मुलाकात के दौरान मामले की CBI जांच का ऐलान करें। AAP विधायकों को लानत पत्र देने पहुंचे समर्थक, पुलिस से धक्कामुक्की परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में सोमवार को इंसाफ कमेटी, किसान संगठनों और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के घरों पर लानत पत्र देने का अभियान चलाया। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। लुधियाना में AAP विधायक अशोक पराशर पप्पी के घर की ओर जा रहे अकाली नेताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। नेताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद छह नेताओं को आगे जाने की अनुमति दी गई। वहीं, बठिंडा के तलवंडी साबो में विधायक प्रो. बलजिंदर कौर के घर के बाहर पुलिस और किसान व अकाली नेता आमने-सामने आ गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते हुए विधायक की कोठी पर लानत पत्र चिपका दिया। मौड़ मंडी में धरने के दौरान अकाली नेताओं में बहस मौड़ मंडी में विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना के घर के बाहर चल रहे धरने के दौरान भी माहौल गरमा गया। यहां अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के हलका इंचार्ज और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के एक कार्यकर्ता के बीच तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि विवाद उस समय शुरू हुआ, जब लक्खा सिधाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर बयान दे रहे थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंजाब की अलग-अलग सरकारों के कामकाज, पूर्व अकाली सरकार के फैसलों और भाजपा के साथ गठबंधन जैसे मुद्दों पर बहस हुई। पिता बोले- पत्नी भी एक्शन कमेटी में होंगी शामिल परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि अब उनकी बहू मनप्रीत कौर खुद एक्शन कमेटी में शामिल होंगी और मीडिया को भी संबोधित करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि एक्शन कमेटी के कुछ सदस्यों ने पहले अमित शाह के विरोध का ऐलान किया था। भीम सिंह के मुताबिक, यदि गृह मंत्री का विरोध किया जाता है, तो परिवार इसे अपने विरोध के रूप में देखेगा। फिलहाल परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत में सहमति नहीं बनने से मामले का समाधान निकलने का इंतजार जारी है।

दशहरे पर PM मोदी और अमित शाह होंगे शामिल, रामलीला स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजधानी दिल्ली में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अलग-अलग रामलीला आयोजनों में शामिल होंगे। दोनों नेताओं के आगमन को देखते हुए आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली में इंद्रप्रस्थ रामलीला समिति के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, अमित शाह लाल किला स्थित माधवदास पार्क में श्री धार्मिक रामलीला समिति के आयोजन में शिरकत करेंगे। दोनों नेता प्रतीकात्मक रूप से धनुष से बाण चलाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी। आयोजन स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए आसपास की सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। लोगों को आयोजन स्थलों पर जाने से पहले यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। डिजिटल आतिशबाजी और हाईटेक पुतले होंगे आकर्षण दिल्ली की प्रमुख रामलीला समितियों ने दशहरा उत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। इस बार डिजिटल आतिशबाजी, आधुनिक तकनीक से तैयार विशाल पुतले और भव्य मंचन दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगे। रामलीला आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समितियां उत्सव को यादगार बनाने के साथ-साथ दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी तैयारियां कर रही हैं। Desh Har Pal वेबसाइट पर देश-दुनिया, राजनीति और त्योहारों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें।

दिल्ली में 6 नए बायोगैस प्लांट लगेंगे, CM रेखा गुप्ता ने किया गोयला डेयरी प्लांट का उद्घाटन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री आशीष सूद के साथ गोयला डेयरी में 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 6 और बायोगैस प्लांट स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य डेयरी से निकलने वाले गोबर का उचित निस्तारण करना, प्रदूषण कम करना और पशुपालकों को अतिरिक्त आय का अवसर देना है। रोज 200 टन गोबर से बनेगी कंप्रेस्ड बायोगैस मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि गोयला डेयरी में प्रतिदिन करीब 200 टन गोबर निकलता है। उचित निस्तारण नहीं होने पर इसके नालियों के माध्यम से यमुना तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। नए बायोगैस प्लांट में गोबर से प्रतिदिन लगभग 14 हजार घन मीटर कच्ची बायोगैस और 5.6 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी। तैयार गैस की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को की जाएगी। कार्यक्रम में दिल्ली की महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत और विधायक संदीप सहरावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नांगली प्लांट में 55 हजार टन गोबर का निस्तारण मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 200-200 टन प्रतिदिन क्षमता वाले तीन बायोगैस संयंत्र शुरू किए जा चुके हैं। सितंबर 2025 में शुरू हुए नांगली प्लांट में एक साल के भीतर करीब 55 हजार टन गोबर का निस्तारण किया गया। सरकार की योजना दिल्ली में ऐसे और संयंत्र स्थापित कर डेयरी क्षेत्रों में गोबर के प्रबंधन को बेहतर बनाने की है। इससे कचरे के रूप में जमा होने वाले गोबर का इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। पशुपालकों को गोबर के मिलेंगे 67 पैसे प्रति किलो इस परियोजना के तहत संबंधित एजेंसी डेयरी संचालकों से 67 पैसे प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी। इससे पशुपालकों को गोबर से अतिरिक्त कमाई होगी और उसके निस्तारण की समस्या भी कम हो सकेगी। इसके अलावा, डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए घोषित 50 करोड़ रुपये से स्थानीय स्तर पर सफाई और जलभराव से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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