चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के दौरे के दौरान मेट्रो रेल परियोजना का उद्घाटन चर्चा का केंद्र रहा। प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मेट्रो में सफर किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने नई मेट्रो सुविधा और शहर की कनेक्टिविटी से जुड़ी जानकारी ली। प्रधानमंत्री के इस दौरे में चेन्नई को परिवहन, रेलवे, सड़क और शिक्षा के क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी गई।
PM मोदी ने CM विजय के साथ किया Metro का सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के तहत पूनमल्ली से वडापलानी के बीच नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के साथ मेट्रो ट्रेन में यात्रा की।
इस दौरान अधिकारियों ने दोनों नेताओं को परियोजना, रूट और आधुनिक मेट्रो सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। नए कॉरिडोर से पश्चिमी चेन्नई के कई इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इससे रोजाना काम, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिल सकती है।
₹4,900 करोड़ की लागत से तैयार हुआ Metro Corridor
चेन्नई मेट्रो के फेज-2 के तहत पूनमल्ली से वडापलानी के बीच लगभग 15 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को शुरू किया गया है। इसमें 11 स्टेशन शामिल हैं। इस हिस्से पर करीब 4,900 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इस परियोजना में डबल-डेकर स्ट्रक्चर और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना और सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मदद करना है।
चेन्नई जैसे तेजी से बढ़ते शहर में बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी लोगों के लिए काफी मायने रखती है। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परिवहन के अधिक विकल्प मिल सकते हैं।
चेन्नई को ₹13,000 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे में मेट्रो के अलावा सड़क, रेलवे, बंदरगाह और पेट्रोलियम सेक्टर से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल रहीं। इनका उद्देश्य तमिलनाडु में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
Highway और Railway Projects पर फोकस
कार्यक्रम में करीब 3,700 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े उद्घाटन और शिलान्यास शामिल हैं। इन परियोजनाओं से सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
रेलवे क्षेत्र में भी 750 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं कार्यक्रम का हिस्सा रहीं। इनमें नई रेल लाइन, रेल फ्लाईओवर और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए गए पांच रेलवे स्टेशनों से जुड़े कार्य शामिल हैं।
Port और Petroleum Sector को भी बढ़ावा
चेन्नई पोर्ट, कामराजर पोर्ट और वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट पर माल ढुलाई और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़ी परियोजनाएं भी इस दौरे के एजेंडे में शामिल रहीं।
इसके अलावा, चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की रिफाइनरी में ल्यूब ऑयल बेस स्टॉक्स परियोजना के लिए लगभग 1,620 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े कार्य का शिलान्यास कार्यक्रम भी रखा गया।
इन परियोजनाओं से लॉजिस्टिक्स, उद्योग और परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
IIT Madras में Brain Research को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में IIT मद्रास स्थित सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर भी शामिल रहा। यह केंद्र मानव मस्तिष्क पर वैज्ञानिक शोध को आगे बढ़ाने के लिए काम करता है।
कार्यक्रम में मानव मस्तिष्क के थ्री-डायमेंशनल एटलस और स्ट्रोक से प्रभावित मस्तिष्क के अध्ययन से जुड़ी शोध पहलों को भी महत्व दिया गया। ऐसी परियोजनाओं से वैज्ञानिकों को मस्तिष्क की संरचना और उससे जुड़ी बीमारियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है।
PM मोदी और CM विजय की मुलाकात क्यों रही चर्चा में?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की मुलाकात भी इस दौरे का अहम हिस्सा रही। मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं का मेट्रो में साथ सफर करना भी चर्चा में रहा।
इस दौरे में विकास परियोजनाओं के साथ शहरी परिवहन और आधुनिक बुनियादी ढांचे पर जोर दिखाई दिया। हालांकि, आम लोगों के लिए इन घोषणाओं का असली महत्व तब सामने आएगा, जब नई सुविधाओं से यात्रा आसान होगी, समय बचेगा और शहर की कनेक्टिविटी में सुधार देखने को मिलेगा।
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