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Air India

Air India Express Emergency Landing जेद्दा से आ रही फ्लाइट की कोच्चि में सुरक्षित लैंडिंग

जेद्दा से केरल के कोझिकोड जा रही Air India Express Flight को उस समय बीच रास्ते में ही अपना रूट बदलना पड़ा, जब उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी का संकेत मिला। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने विमान को कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Cochin International Airport) पर Emergency Landing के लिए उतारा। राहत की बात यह रही कि विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। क्या है पूरा मामला? (Air India Express News) Air India एक्सप्रेस की यह फ्लाइट IX 398 जेद्दा (सऊदी अरब) से कोझिकोड के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में लैंडिंग गियर से जुड़ी तकनीकी चेतावनी मिली। इसके बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच तत्काल संपर्क हुआ और एहतियातन कोच्चि में विमान उतारने का फैसला लिया गया। सुबह 9:07 बजे हुई सुरक्षित लैंडिंग जानकारी के अनुसार विमान ने सुबह करीब 9:07 बजे कोच्चि एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की। लैंडिंग से पहले ही एयरपोर्ट प्रशासन ने फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और सुरक्षा बलों को रनवे के पास तैनात कर दिया था, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। लैंडिंग के बाद सामने आई असली वजह विमान के रनवे पर रुकते ही तकनीकी टीम ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि विमान के दाईं ओर के टायर फट चुके थे (Burst Tyres)। माना जा रहा है कि इसी वजह से पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लेना पड़ा। 160 यात्रियों की जान बची, कोई घायल नहीं इस फ्लाइट में करीब 160 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। एयरलाइन और एयरपोर्ट अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी को भी कोई चोट नहीं आई। यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया और आगे की व्यवस्था के लिए सहायता दी गई। यात्रियों ने ली राहत की सांस विमान से उतरने के बाद कई यात्रियों के चेहरे पर डर साफ नजर आ रहा था, लेकिन सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी ने राहत की सांस ली। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें हल्का झटका महसूस हुआ, लेकिन पायलट और क्रू ने पूरे समय हालात पर नियंत्रण बनाए रखा। रनवे ऑपरेशन पर पड़ा असर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद कुछ समय तक रनवे की जांच की गई, जिससे अन्य उड़ानों पर थोड़ा असर पड़ा। हालांकि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद एयरपोर्ट का संचालन सामान्य कर दिया गया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Elections ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर विवाद, हिंदी बनाम सियासत की नई बहस

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधानसभा चुनाव से पहले जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची (SIR – Special Intensive Revision) ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। करीब 58 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के बाद यह मुद्दा अब सिर्फ चुनाव आयोग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि TMC और BJP के बीच सीधी राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है। हिंदी-भाषी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ दिखता है कि हिंदी-भाषी आबादी वाले विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम सबसे ज्यादा कटे हैं। कई शहरी और औद्योगिक सीटों पर यह कटौती 15 से 30 प्रतिशत तक बताई जा रही है। इन्हीं इलाकों में बड़ी संख्या में मजदूर, प्रवासी और मध्यम वर्ग के मतदाता रहते हैं। बीजेपी का आरोप है कि इस प्रक्रिया से उन इलाकों के मतदाता ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहाँ पार्टी की पकड़ मानी जाती है। पार्टी इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से छेड़छाड़ करार दे रही है। मुस्लिम-बहुल सीटों पर कम कटौती, सवाल खड़े वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम-बहुल विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता नामों की कटौती अपेक्षाकृत कम देखने को मिली है। इसी आधार पर विपक्ष सवाल उठा रहा है कि एक ही राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में संशोधन का असर इतना अलग क्यों है। यह मुद्दा अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक भरोसे और निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर भी विवाद में इस पूरे विवाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की विधानसभा सीट भवानीपुर का नाम सामने आना TMC के लिए भी झटका माना जा रहा है। यहां करीब 45 हजार मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 22 प्रतिशत है। हालात को देखते हुए TMC ने अपने कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर वोटर वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वास्तविक मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में वापस जुड़ सकें। TMC का पक्ष: नियमों के तहत हुई कार्रवाई तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार की गई प्रशासनिक कवायद है। पार्टी के मुताबिक हटाए गए नामों में शामिल हैं: TMC का आरोप है कि बीजेपी इस तकनीकी प्रक्रिया को राजनीतिक और सामुदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। BJP का पलटवार: लोकतंत्र से खिलवाड़ बीजेपी ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा है कि अगर मतदाता सूची में सुधार निष्पक्ष नहीं हुआ, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक साबित होगा। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को चुनावी मंच तक ले जा सकती है। अभी अंतिम नहीं है वोटर लिस्ट चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जारी की गई सूची केवल ड्राफ्ट है। मतदाताओं को 45 दिनों तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। सभी आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट अब एक साधारण प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई है। हिंदी-भाषी इलाकों में ज्यादा नाम कटने, मुस्लिम-बहुल सीटों पर कम असर और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया है। आने वाले हफ्तों में यह विवाद और तेज होने की संभावना है, क्योंकि अंतिम सूची से ही यह तय होगा कि किसे राहत मिली और किसकी चिंता बढ़ी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नीतीश कुमार

हिजाब Row में नीतीश कुमार के खिलाफ उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का हमला

पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह एक महिला डॉक्टर के सिर से हिजाब/बुरका हटाते दिखाई दे रहे हैं। यह घटना देखते ही देखते राजनीतिक और सामाजिक सुर्खियों में आ गई। उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नीतीश कुमार की इस हरकत की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी महिला के पहनावे में हस्तक्षेप करना अस्वीकार्य है और यह एक वरिष्ठ नेता के लिए शर्मनाक उदाहरण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में व्यक्तिगत और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए। महबूबा मुफ्ती का तीखा हमला पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे “चौंकाने वाला” बताते हुए कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के सार्वजनिक अपमान जैसा है। मुफ्ती ने सवाल उठाया कि क्या यह उम्र का असर है या फिर ऐसे व्यवहार अब सामान्य माने जाने लगे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि नीतीश कुमार को अपने पद पर बने रहने पर विचार करना चाहिए। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से भी इस घटना की कड़ी निंदा की गई है। कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे महिला की गरिमा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। कुछ नेताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की भी मांग की। हिजाब विवाद का महत्व यह विवाद केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा। यह महिलाओं के अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और सत्ता में बैठे नेताओं के आचरण पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और राजनीतिक बयानबाजी होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Railways

Indian Railways अब 10 घंटे पहले बनेगा Reservation Chart वेटिंग यात्रियों की टेंशन खत्म

भारतीय रेलवे (Indian Railways) से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में बड़ा बदलाव किया है। इस नए नियम के तहत अब यात्रियों को अपने टिकट का स्टेटस — कन्फर्म, RAC या वेटिंग — पहले से कहीं ज्यादा जल्दी पता चल सकेगा। यह बदलाव खासतौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है, जो वेटिंग टिकट के साथ आखिरी समय तक असमंजस में रहते थे। पहले क्या था रेलवे का नियम? अब तक Indian Railways में रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से लगभग 4 घंटे पहले बनाया जाता था। इसका मतलब यह था कि कई यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के बाद या यात्रा से ठीक पहले ही यह पता चलता था कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। इससे न सिर्फ मानसिक तनाव बढ़ता था, बल्कि वैकल्पिक यात्रा की योजना बनाना भी मुश्किल हो जाता था। Railway Reservation Chart New Rule क्या है? रेलवे बोर्ड ने इस समस्या को समझते हुए नियमों में बदलाव किया है। अब पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के चलने से लगभग 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। इससे यात्रियों को पर्याप्त समय मिलेगा और वे अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से प्लान कर सकेंगे। नए चार्ट टाइमिंग का पूरा शेड्यूल Indian Railways ने ट्रेनों के प्रस्थान समय के अनुसार चार्ट बनाने का नया सिस्टम लागू किया है: यात्रियों को क्या मिलेगा सीधा फायदा? इस बदलाव से आम यात्रियों को कई तरह की राहत मिलेगी: रेलवे ने यह फैसला क्यों लिया? रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से यात्रियों की ओर से यह मांग की जा रही थी कि टिकट स्टेटस की जानकारी पहले दी जाए। बड़ी संख्या में लोग वेटिंग टिकट के कारण असमंजस में रहते थे। यात्रियों की सुविधा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। Indian Railways Reservation Chart Timing में यह बदलाव यात्रियों के लिए एक व्यावहारिक और ज़मीनी सुधार है। अब सफर से पहले अनिश्चितता कम होगी और लोग ज्यादा आत्मविश्वास के साथ यात्रा की तैयारी कर सकेंगे। यह कदम रेलवे को और ज्यादा यात्री-हितैषी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Market Update 17 December बिकवाली के दबाव में Sensex-Nifty, मेटल स्टॉक्स में चमक

भारतीय शेयर बाज़ार में 17 दिसंबर 2025 को निवेशकों ने काफ़ी सावधानी भरा रुख अपनाया। दिन भर के कारोबार में Sensex और Nifty दोनों दबाव में नज़र आए, जिससे साफ संकेत मिला कि बाज़ार फिलहाल स्पष्ट दिशा की तलाश में है। Sensex और Nifty Today: कैसी रही चाल कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 200 अंकों से ज़्यादा टूटता दिखा, जबकि निफ्टी 50 बार-बार 25,700 से 25,800 के दायरे में फिसलता और संभलता रहा। शुरुआती कारोबार से ही माहौल कमजोर था और दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ता गया। Sector Update: कहां दबाव, कहां राहत अगर सेक्टरों की बात करें तो तस्वीर मिली-जुली रही। Metal & Commodity Stocks में चमक कमज़ोर बाज़ार के बीच मेटल और कमोडिटी शेयरों ने उम्मीद की किरण दिखाई। Block Deals और Corporate News दिन के दौरान कुछ बड़ी कंपनियों में block deals और corporate developments की खबरें भी सामने आईं। इनसे संबंधित शेयरों में हलचल जरूर दिखी, लेकिन इसका असर पूरे बाज़ार पर सीमित ही रहा। Global Cues और Investor Sentiment वैश्विक स्तर पर मिले मिश्रित संकेत, डॉलर-रुपया में उतार-चढ़ाव और आने वाले आर्थिक आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा। ज़्यादातर निवेशक फिलहाल wait and watch mode में दिखाई दिए। Technical View: आगे क्या? तकनीकी जानकारों के मुताबिक, निफ्टी के चार्ट पर अभी भी bearish संकेत बने हुए हैं। कुछ अहम सपोर्ट लेवल्स की परीक्षा चल रही है और जब तक मजबूत पॉजिटिव ट्रिगर नहीं आते, तब तक बाज़ार में volatility बनी रह सकती है। कुल मिलाकर, आज का शेयर बाज़ार निवेशकों के लिए धैर्य की परीक्षा जैसा रहा। जहां चुनिंदा मेटल और PSU शेयरों ने राहत दी, वहीं व्यापक बाज़ार में कमजोरी साफ दिखाई दी। आने वाले दिनों में global market trends और घरेलू संकेत ही यह तय करेंगे कि Sensex और Nifty अगली दिशा किस ओर लेते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP

69 Years of MP Assembly विशेष सत्र में ‘विकसित मध्य प्रदेश’ का रोडमैप

मध्य प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा का अहम दिन, 17 दिसंबर 2025, विधानसभा के 69वें स्थापना दिवस (69 Years of MP Legislative Assembly) के रूप में मनाया गया। यह दिन न केवल इतिहास में दर्ज है, बल्कि राज्य के विकास और भविष्य की योजनाओं की दिशा तय करने का भी अवसर है। स्थापना की पृष्ठभूमि मध्य प्रदेश (MP) का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ और उसी वर्ष 17 दिसंबर को राज्य विधानसभा का पहला सत्र आयोजित किया गया। तब से लेकर आज तक यह विधानसभा राज्य की कानून बनाने और विकास की दिशा निर्धारित करने वाली मुख्य संस्था रही है। विशेष सत्र का आयोजन 69वें स्थापना दिवस पर, MP Assembly Special Session का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकसित और समृद्ध भविष्य (Developed Madhya Pradesh Vision) पर चर्चा करना था। सत्र की मुख्य बातें नेताओं की प्रतिक्रिया मध्य प्रदेश (MP) की विधानसभा न केवल कानून बनाने वाली संस्था है, बल्कि यह राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुधारों की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाती है। यह 69वां स्थापना दिवस राज्य के नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि लोकतंत्र और विकास साथ-साथ चलते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Workers को Anti Pollution Measures में मिली ₹10,000 की राहत

राजधानी दिल्ली (Delhi) में हवा की गुणवत्ता में लगातार गिरावट के कारण सरकार ने सख्त Anti-Pollution Measures लागू किए हैं। इसके तहत GRAP Stage III और IV के नियमों के तहत निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। इसका उद्देश्य वायु में धूल और प्रदूषक तत्वों को कम करना है, लेकिन इसका सीधा असर दैनिक वेतन पर काम करने वाले श्रमिकों पर पड़ा है। Construction Workers के लिए ₹10,000 की Financial Relief Delhi सरकार ने प्रभावित निर्माण श्रमिकों के लिए एक बार की 10,000 रुपये की मदद देने का फैसला किया है। यह राशि उन मजदूरों के लिए है, जिनकी कमाई GRAP के तहत निर्माण कार्य बंद होने के कारण प्रभावित हुई। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह राहत पैकेज श्रमिकों की तात्कालिक आर्थिक मदद के लिए है। वहीं, श्रमिक संघों का कहना है कि राशि बढ़ाई जानी चाहिए और कई मजदूरों का पंजीकरण न होने के कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण के अन्य कदम Delhi में वायु गुणवत्ता का स्तर Hazardous (AQI 400+) तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं: इन कदमों का उद्देश्य हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। Daily Wage Workers की मुश्किलें निर्माण कार्यों पर रोक के कारण कई Daily Wage Workers का रोजगार प्रभावित हुआ है। एक मजदूर ने कहा, “हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है, घर चलाने के लिए रोज़ाना की कमाई जरूरी है।” यह राहत पैकेज थोड़ी मदद जरूर देगा, लेकिन लंबी अवधि में आर्थिक चुनौतियाँ बरकरार रहेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Messi

Messi का India Tour Highlight Vantara में Wildlife और Culture का Experience

विश्व फुटबॉल के लेजेंड Lionel Messi ने अपने India टूर 2025 के दौरान Gujarat के Vantara Wildlife Center का विशेष दौरा किया। यह सेंटर अनंत अंबानी द्वारा स्थापित किया गया है, जो वन्यजीवों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए समर्पित हैं। मेसी (Messi) का यह दौरा केवल एक शोपीस नहीं था, बल्कि उन्होंने सेंटर के rescued animals के साथ समय बिताया और उनके जीवन और संरक्षण प्रयासों को करीब से देखा। इस दौरान एक शेर के बच्चे का नाम “Lionel” रखा गया, जो मेसी के सम्मान में रखा गया। सिर्फ़ वन्यजीवों से ही नहीं, बल्कि मेसी ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं का भी अनुभव लिया। उन्होंने पारंपरिक पूजा और रीति-रिवाजों में हिस्सा लिया, जो उनके भारत दौरे को और भी खास बनाता है। इस खास मौके पर मेसी के साथ उनके Inter Miami के साथी खिलाड़ी, जैसे Luis Suárez और Rodrigo De Paul, भी मौजूद थे। Vantara का यह दौरा उनके भारत टूर का शांत और निजी समापन रहा, जो पहले कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली में आयोजित बड़े कार्यक्रमों और फैन मीट्स के बाद हुआ। मेसी (Messi) के इस दौरे ने केवल उनके फैंस को खुश नहीं किया, बल्कि भारत में wildlife conservation और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी संदेश दिया। Vantara जैसी संस्थाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और मेसी की यह विज़िट उनकी कामयाबी और सराहनीय प्रयासों को वैश्विक मंच पर लेकर आई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Silver

Gold & Silver के भाव आज चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सोना भी हाई पर

आज 17 दिसंबर 2025 को भारत के बाजार में सोना (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में खासा उछाल देखा गया। खास बात यह है कि चांदी ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जबकि सोना भी ऊंचे स्तर पर मजबूती से टिक गया है। सोने की कीमत (Gold Price Today) चांदी की कीमत (Silver Price Today) कीमतों में बढ़ोतरी के कारण (Reasons for Price Surge) आज का दिन चांदी के लिए ऐतिहासिक रहा है, जबकि सोना भी मजबूत बना हुआ है। निवेशक और व्यापारी दोनों इस बढ़ोतरी को देखकर भविष्य के लिए रणनीति बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IPL 2026

IPL 2026 Auction Highlights Prashant Veer और Kartik Sharma की Record Deals

IPL 2026 का ऑक्शन हमेशा की तरह रोमांचक और चौंकाने वाला रहा। इस साल न सिर्फ़ बड़े अंतरराष्ट्रीय सितारे सुर्खियों में रहे, बल्कि Indian uncapped players ने भी रिकॉर्ड तोड़ बोलियों के साथ अपनी पहचान बनाई। आइए देखें इस ऑक्शन के Top Highlights और कौन-कौन से खिलाड़ी बन गए इस साल के सबसे चर्चित नाम। 1. Prashant Veer और Kartik Sharma – Record Uncapped Buys 20 साल के Prashant Veer और Kartik Sharma ने IPL ऑक्शन में इतिहास रच दिया। दोनों को Chennai Super Kings ने ₹14.20 करोड़ में खरीदा, जो अब तक किसी uncapped Indian player के लिए सबसे बड़ा ऑक्शन रिकॉर्ड है। यह ऑक्शन साबित करता है कि IPL 2026 में भविष्य की युवा प्रतिभाओं पर टीमों का भरोसा कितना बढ़ गया है। 2. Auqib Nabi – Jammu & Kashmir का चमकता सितारा Delhi Capitals ने Auqib Nabi को ₹8.4 करोड़ में खरीदा। तेज़ swing और disciplined bowling के लिए मशहूर औक़िब ने domestic cricket में अपना नाम बनाया। 3. Mangesh Yadav – Surprise All-Rounder Royal Challengers Bangalore ने Mangesh Yadav को लगभग ₹5.2 करोड़ में खरीदा। 4. Jason Holder – Smart Overseas Pick West Indies के experienced all-rounder Jason Holder को Gujarat Titans ने ₹7 करोड़ में अपने squad में शामिल किया। 5. IPL 2026 Auction – Big Picture IPL 2026 का ऑक्शन साबित करता है कि अब IPL सिर्फ बड़े नामों तक सीमित नहीं है। Young talent, domestic stars और smart overseas picks ने ऑक्शन को और रोमांचक बना दिया। आने वाले सीज़न में ये नए खिलाड़ी कैसे perform करते हैं, यह देखना फैंस के लिए सबसे exciting part होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

सिंधु जल

India-Pakistan Tension: सिंधु जल संधि को लेकर Pakistan का बड़ा बयान, पानी बना नया विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच Sindhu Water Treaty (सिंधु जल संधि) को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भारत को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या उसके प्रवाह में बाधा डालने की कोशिश की गई, तो इसे केवल जल विवाद नहीं बल्कि युद्ध (War) का कारण माना जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही कई मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में पानी जैसे संवेदनशील विषय पर आई यह टिप्पणी दक्षिण एशिया की राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है। Pakistan Defence Minister का बड़ा बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि सिंधु नदी प्रणाली का पानी देश की करोड़ों आबादी, खेती और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने दावा किया कि यदि भारत ने संधि के तहत मिलने वाले पानी को प्रभावित करने की कोशिश की, तो पाकिस्तान हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पानी पर किसी भी तरह का खतरा पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है और ऐसी स्थिति में जवाब देना मजबूरी होगी। आखिर क्या है Sindhu Water Treaty? सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर भारत और पाकिस्तान ने वर्ष 1960 में हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में विश्व बैंक ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। संधि के तहत— दिलचस्प बात यह है कि 1965, 1971 और कारगिल युद्ध जैसे कठिन दौर में भी यह संधि पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। क्यों फिर चर्चा में आई सिंधु जल संधि? पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर में बनाई जा रही कुछ जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान लगातार आपत्ति जताता रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि इन परियोजनाओं से संधि की भावना प्रभावित हो सकती है। वहीं भारत का कहना है कि उसकी सभी परियोजनाएं Sindhu Water Treaty के नियमों के अनुरूप हैं और इनमें ऐसा कुछ नहीं है जिससे पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोका जाए। क्या बढ़ सकता है India-Pakistan Tension? विशेषज्ञों का मानना है कि पानी आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संसाधनों में शामिल रहेगा। भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के बीच यह केवल प्राकृतिक संसाधन का नहीं, बल्कि कूटनीति, कृषि, ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा का भी विषय है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि ऐसे विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से ही संभव है। दोनों देशों के बीच मौजूद संधियां और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाएं ऐसे मामलों में अहम भूमिका निभाती हैं। भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान के बाद भारत सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि माना जा रहा है कि यदि इस मुद्दे पर तनाव और बढ़ता है, तो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
नेतन्याहू का बड़ा बयान: Trump के इशारों पर नहीं चलता इजराइल

नेतन्याहू का बड़ा बयान: Trump के इशारों पर नहीं चलता इजराइल

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को लेकर दिए गए एक बयान में कहा कि इजराइल अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है और वह किसी के इशारों पर नहीं चलता। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बना हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इजराइली सेना फिलहाल लेबनान के कुछ रणनीतिक इलाकों से पीछे नहीं हटेगी। इजराइल का कहना है कि उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सीमा पर मौजूद खतरों को देखते हुए सेना की तैनाती जरूरी है। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। दोनों देशों के प्रतिनिधि क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और अन्य विवादित मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। लंबे समय से तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद वार्ता की बहाली को कूटनीतिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो इससे पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि इजराइल अब भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर चिंतित है। इसी बीच लेबनान सीमा पर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। इजराइल का कहना है कि जब तक सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी रहेंगी, तब तक सेना की मौजूदगी जारी रहेगी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील कर रहा है। मध्य पूर्व की बदलती परिस्थितियों के बीच नेतन्याहू का यह बयान और अमेरिका-ईरान वार्ता की बहाली आने वाले दिनों में क्षेत्रीय राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति, कूटनीति और दुनिया भर की ताजा खबरों के लिए Deshharpal News Portal से जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
विधान परिषद

Maharashtra Politics: विधान परिषद चुनाव में महायुति की बड़ी जीत, कांग्रेस पूरी तरह साफ

महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति की तस्वीर साफ कर दी है। भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के गठबंधन महायुति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की। हालांकि, इस जीत के बीच सबसे बड़ी चर्चा नासिक सीट की रही, जहां भाजपा के बागी उम्मीदवार ने महायुति के अधिकृत प्रत्याशी को हराकर पूरे चुनाव का समीकरण बदल दिया। वहीं, कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक साबित हुआ। पार्टी एक भी सीट अपने नाम नहीं कर सकी और उसका खाता तक नहीं खुल पाया। 6 सीटों पर पहले ही तय हो गई थी जीत चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही महायुति को बड़ी बढ़त मिल गई थी। 17 में से 6 सीटों पर उसके उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। इसके बाद बची हुई 11 सीटों पर मतदान कराया गया, जिनके परिणाम आने पर महायुति ने लगभग सभी सीटों पर अपना दबदबा कायम रखा। इन नतीजों ने यह साफ कर दिया कि राज्य में फिलहाल महायुति का संगठन और चुनावी रणनीति विपक्ष पर भारी पड़ रही है। Nashik बना चुनाव का सबसे बड़ा Surprise इस चुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला नासिक में देखने को मिला। यहां भाजपा के बागी उम्मीदवार गोकुल गीते ने महायुति समर्थित शिवसेना उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हराकर सभी राजनीतिक समीकरण बदल दिए। गीते की जीत ने यह संकेत भी दिया कि गठबंधन के भीतर कुछ जगहों पर असंतोष अभी भी मौजूद है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनावों में महायुति को इस तरह की अंदरूनी चुनौतियों पर ध्यान देना होगा। भाजपा का शानदार प्रदर्शन, कई सीटों पर बड़ी जीत जलगांव, नागपुर, सांगली, सतारा, सोलापुर, नांदेड़, परभणी और अन्य स्थानीय निकाय क्षेत्रों में भी महायुति के उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन किया। भाजपा ने कई सीटों पर निर्णायक बढ़त के साथ जीत हासिल की, जबकि सहयोगी दल शिवसेना और एनसीपी ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव बनाए रखा। इन परिणामों ने महायुति को राज्य की राजनीति में और मजबूती दी है। कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी के लिए बड़ा झटका महाविकास अघाड़ी (एमवीए) इस चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। कांग्रेस एक भी सीट जीतने में असफल रही, जबकि कई स्थानों पर विपक्ष के उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया था। इससे महायुति को सीधा लाभ मिला। चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस को संगठन मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने की जरूरत है। विपक्ष ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप चुनाव के बाद महाविकास अघाड़ी के नेताओं ने आरोप लगाया कि कई उम्मीदवारों पर राजनीतिक दबाव बनाया गया और इसी वजह से कुछ सीटों पर मुकाबला कमजोर पड़ गया। हालांकि महायुति ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि जनता और जनप्रतिनिधियों ने विकास के नाम पर उनका समर्थन किया है। क्या कहते हैं ये नतीजे? महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजे यह संकेत देते हैं कि राज्य में महायुति की राजनीतिक पकड़ फिलहाल मजबूत बनी हुई है। हालांकि नासिक में बागी उम्मीदवार की जीत यह भी दिखाती है कि गठबंधन के भीतर असंतोष पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दूसरी ओर, कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी के लिए यह परिणाम गंभीर समीक्षा का विषय बन गए हैं। आने वाले स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले इन नतीजों का असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई दे सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
BMW

High Speed BMW Crash: ठाणे में 251kmph की रफ्तार ने छीनी 2 युवकों की जान

महाराष्ट्र के ठाणे से एक ऐसा सड़क हादसा सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। देर रात पार्टी से लौट रहे तीन दोस्त एक लग्जरी BMW कार में सफर कर रहे थे। सफर अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि कुछ ही सेकंड में सब कुछ बदल गया। तेज रफ्तार कार डिवाइडर से जा टकराई और हादसा इतना भीषण था कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े। जब तक राहत टीम पहुंची, कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। 251kmph की Speed ने बढ़ाई चिंता प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय BMW की स्पीड करीब 251 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची थी। हालांकि पुलिस अभी इस आंकड़े की तकनीकी जांच कर रही है। वाहन के इलेक्ट्रॉनिक डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना के वक्त कार की वास्तविक रफ्तार कितनी थी। यदि यह स्पीड आधिकारिक जांच में सही साबित होती है, तो यह हाल के वर्षों के सबसे तेज रफ्तार सड़क हादसों में शामिल हो सकता है। टक्कर इतनी जबरदस्त कि इंजन 30 मीटर दूर जा गिरा हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद BMW का इंजन कार से अलग होकर करीब 30 मीटर दूर जाकर गिरा। कार के कई हिस्से सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। बचाव दल ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पार्टी से लौटते समय हुआ हादसा पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, तीनों युवक एक पार्टी से लौट रहे थे। देर रात सड़क अपेक्षाकृत खाली थी, जिससे कार काफी तेज गति से चल रही थी। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और BMW सीधे डिवाइडर से टकरा गई। फिलहाल मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हादसे की वजह सिर्फ तेज रफ्तार थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था। इसके अलावा चालक ने शराब का सेवन किया था या नहीं, इसकी पुष्टि मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। सड़क पर Speed नहीं, Safety सबसे जरूरी ठाणे का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि आधुनिक और महंगी कारें भी लापरवाही की भरपाई नहीं कर सकतीं। सड़क पर कुछ मिनट पहले पहुंचने की जल्दबाजी कभी-कभी पूरी जिंदगी बदल देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन कितना भी सुरक्षित क्यों न हो, अगर गति नियंत्रण से बाहर हो जाए तो गंभीर हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना और निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
खर्चों पर लगाम लगाने के लिए सरकार का नया आदेश: Delhi यात्रा पर अब अनुमति जरूरी

खर्चों पर लगाम लगाने के लिए सरकार का नया आदेश: Delhi यात्रा पर अब अनुमति जरूरी

Delhi : सरकार ने सरकारी खर्चों को नियंत्रित करने के लिए एक नया सख्त कदम उठाया है। नए निर्देशों के तहत अब दिल्ली यात्रा के लिए भी पहले से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला प्रशासनिक खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। दिल्ली यात्रा के लिए मंजूरी जरूरी नए नियमों के अनुसार, किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को दिल्ली या अन्य महत्वपूर्ण दौरों पर जाने से पहले उच्च स्तर की अनुमति लेनी होगी। बिना स्वीकृति के यात्रा करने पर कार्रवाई भी हो सकती है। खर्च में कटौती पर सरकार का फोकस सरकार का कहना है कि अनावश्यक यात्राओं और फिजूलखर्ची को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है। सभी विभागों को अपने बजट का सही और सीमित उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। फूड ऑयल के कम उपयोग पर भी जोर इसके साथ ही सरकारी संस्थानों और कैंटीनों में फूड ऑयल के कम से कम उपयोग को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सुधार के साथ-साथ खर्च में भी कमी लाना बताया जा रहा है।

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