आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलNew Education Minister B.A. पास हैं Pralhad Joshi, जानिए क्यों सौंपी गई Education Ministry की जिम्मेदारीBREAKINGदेश-हरपलSiwan Student Protest Update: SP घायल, 30 पुलिसकर्मी जख्मी; Firing के आरोपों से बढ़ा तनावBREAKINGदेश-हरपलEducation Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदमBREAKINGदेश-हरपलYouth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौरBREAKINGदेश-हरपलEducation Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्मBREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरूBREAKINGदेश-हरपलPF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF BalanceBREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Student Protest: पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन तेज, Mehbooba Mufti के बयान ने मचाई बहसBREAKINGदेश-हरपलNew Education Minister B.A. पास हैं Pralhad Joshi, जानिए क्यों सौंपी गई Education Ministry की जिम्मेदारीBREAKINGदेश-हरपलSiwan Student Protest Update: SP घायल, 30 पुलिसकर्मी जख्मी; Firing के आरोपों से बढ़ा तनावBREAKINGदेश-हरपलEducation Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदमBREAKINGदेश-हरपलYouth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौरBREAKINGदेश-हरपलEducation Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्मBREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरूBREAKINGदेश-हरपलPF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF BalanceBREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Student Protest: पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन तेज, Mehbooba Mufti के बयान ने मचाई बहस

Latest Posts

JD Vance

Pahalgam आतंकी हमला: JD Vance का Pakistan पर बड़ा बयान, India से शांतिपूर्ण जवाब की उम्मीद

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है। पाकिस्तान को घेरते हुए बोले जेडी वेंस अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि पाकिस्तान को, जहां तक वह इस हमले के लिए जिम्मेदार है, भारत के साथ मिलकर आतंकियों की तलाश में पूरा सहयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी आशा जताई कि भारत का जवाब ऐसा हो जो क्षेत्रीय तनाव को और न बढ़ाए। “हम उम्मीद करते हैं कि भारत इस हमले का जवाब सोच-समझकर देगा ताकि कोई बड़ा क्षेत्रीय संघर्ष न हो। साथ ही पाकिस्तान, अगर वह किसी भी रूप में जिम्मेदार है, तो उसे भारत के साथ मिलकर इन आतंकियों को ढूंढने और सज़ा दिलाने में सहयोग करना चाहिए,” वेंस ने यह बात एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में फॉक्स न्यूज से कही। गौरतलब है कि जब यह हमला हुआ, उस समय JD Vance अपने परिवार के साथ भारत यात्रा पर थे। उन्होंने तुरंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कॉल कर इस क्रूर हमले की कड़ी निंदा की और मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि वेंस ने मोदी से बात करते हुए कहा कि “अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और आतंकवाद के खिलाफ इस साझा लड़ाई में हरसंभव सहायता देने को तैयार है।” JD Vance ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी भावुक पोस्ट करते हुए लिखा,“उषा और मैं पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के पीड़ितों के लिए संवेदना व्यक्त करते हैं। भारत की सुंदरता और इसके लोगों की गर्मजोशी से हम बेहद प्रभावित हुए हैं। इस भयानक समय में हमारी प्रार्थनाएं भारत के साथ हैं।” आतंकियों का निशाना बना ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ यह आतंकी हमला बैसारन घाटी में हुआ, जो अपनी हरी-भरी वादियों और पहाड़ियों के कारण ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर है। हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल है, जबकि दर्जनों घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही गोलियों की आवाजें गूंजीं, पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन खुला मैदान होने की वजह से वे कहीं छिप नहीं पाए और कई जानें चली गईं। भारत का सख्त जवाब: सिंधु जल संधि निलंबित इस हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है, और भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा जा रहा है। इसके साथ ही भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और आतंकियों की तलाश जारी है। यह हमला अनुच्छेद 370 हटने के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
Read more
pancang

2 मई 2025 (शुक्रवार) का पंचांग

तिथि: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा योग: वज्र करण: गर सूर्योदय: 05:48 AM सूर्यास्त: 06:50 PM चंद्रोदय: रात्रि में चंद्र राशि: मिथुन से कर्क में प्रवेश रात्रि में राहुकाल: 10:36 AM – 12:16 PM शुभ मुहूर्त: चर संज्ञक कार्य हेतु ग्रह दशा: सूर्य मेष में, चंद्रमा मिथुन/कर्क में
Read more
Daily Horoscope

2 मई 2025 (शुक्रवार) | Friday| दैनिक राशिफल (Daily Horoscope)

मेष (Aries ♈️): आज कठिनाइयाँ आ सकती हैं, धैर्य रखें। वृषभ (Taurus ♉️): धन लाभ का दिन है। पुराने निवेश से फायदा मिलेगा। मिथुन (Gemini ♊️): सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मान-सम्मान मिलेगा। कर्क (Cancer ♋️): रिश्तों में तनाव से बचें। संयम से काम लें। सिंह (Leo ♌️): कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। वरिष्ठों का सहयोग रहेगा। कन्या (Virgo ♍️): मानसिक शांति मिलेगी। छोटे यात्राओं के योग हैं। तुला (Libra ♎️): विरोधी सक्रिय रहेंगे, सतर्क रहें। आत्मबल बनाए रखें। वृश्चिक (Scorpio ♏️): बड़े फैसले सोच-समझकर लें। सफलता मिलेगी। धनु (Sagittarius ♐️): दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। घूमने का प्लान बन सकता है। मकर (Capricorn ♑️): नया वाहन या संपत्ति खरीद सकते हैं। शुभ समाचार मिलेगा। कुंभ (Aquarius ♒️): समय का सदुपयोग करें। नई योजनाएं सफल होंगी। मीन (Pisces ♓️): क्रिएटिव फील्ड वालों के लिए अच्छा दिन है। आत्मविश्वास बढ़ेगा।
Read more
WAVES 2025

WAVES 2025 समिट मुंबई में शुरू: भारत बनेगा Global Entertainment Hub, बोले PM मोदी

1 मई 2025 — मुंबई के जिओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आज से शुरू हुआ ‘WAVES 2025’ (World Audio Visual and Entertainment Summit) — एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय मंच जो भारत को ग्लोबल मीडिया और एंटरटेनमेंट हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह चार दिवसीय समिट 4 मई तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर कहा, “भारत की रचनात्मकता और सांस्कृतिक विविधता अब वैश्विक पहचान पा रही है। WAVES 2025 इस बदलाव को और मजबूत करेगा।” PM मोदी ने इस समिट की घोषणा पहले ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में की थी, और तब से देशभर में इसकी चर्चा जोरों पर है। क्या है WAVES 2025? WAVES 2025 एक अंतरराष्ट्रीय समिट है जिसमें दुनिया भर के मीडिया हाउस, फिल्म निर्माता, एनीमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री के दिग्गज, तकनीकी विशेषज्ञ और निवेशक भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य भारत को ऑडियो-विज़ुअल और मनोरंजन उद्योग के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाना है। सम्मलेन के प्रमुख उद्देश्य: किसने क्या कहा? भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर हॉलीवुड, बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के टॉप चेहरों तक—हर कोई इस समिट को भारत के लिए “गेम-चेंजर” मान रहा है। यह मंच भारत की soft power को बढ़ावा देगा और दुनिया को यह दिखाएगा कि हम न केवल कंटेंट का उपभोग करते हैं, बल्कि अब उसे गढ़ते भी हैं। पहले गोवा, अब मुंबई गौरतलब है कि यह समिट पहले नवंबर 2024 में गोवा में होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे मुंबई में मई 2025 के लिए रीशेड्यूल किया गया — ताकि अधिक प्रतिभागियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को शामिल किया जा सके। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
Read more
Supreme Court

Supreme Court ने Pahalgam Terror Attack की Judicial Inquiry वाली PIL को किया खारिज, कहा – “Desh ko Jodne ka Waqt Hai”

1 मई 2025 – Supreme Court ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इसे गैर-ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि ऐसे वक्त में सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने वाली याचिकाएं नहीं लाई जानी चाहिए। Supreme Court ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे समय में इस तरह की याचिकाएं देश की सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल गिरा सकती हैं। 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिनमें कई पर्यटक भी शामिल थे। इस दर्दनाक घटना के बाद तीन नागरिक – मोहम्मद जुनैद, फतेह कुमार साहू और विक्की कुमार – ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की मांग की थी। लेकिन जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इस याचिका को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया और स्पष्ट शब्दों में कहा: “ऐसी याचिकाएं सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ती हैं। यह समय एकजुट होकर आतंक के खिलाफ खड़े होने का है, न कि जांच के नाम पर अफसरों को कटघरे में खड़ा करने का। देश के लिए जिम्मेदार बनिए।” कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि न्यायिक जांच की मांग क्यों की जा रही है, जबकि जांच की ज़िम्मेदारी पहले से ही एजेंसियों के पास है। “हम न्याय करते हैं, जांच नहीं। रिटायर्ड जज जांच के विशेषज्ञ नहीं होते। हर मामले में न्यायिक आयोग बना देना समाधान नहीं है,” कोर्ट ने कहा। इन सख्त टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली। Supreme Court ने याचिका को वापस लेने की अनुमति तो दी, लेकिन साफ कर दिया कि भविष्य में ऐसी याचिकाएं दाखिल करने से पहले राष्ट्रीय भावना और ज़िम्मेदारी को समझना ज़रूरी है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
Read more
pancang

1 मई 2025 (गुरुवार) का पंचांग

तिथि: पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) नक्षत्र: मूल (प्रातः बाद) योग: हर्षण करण: तैतिल सूर्योदय: 05:48 AM सूर्यास्त: 06:49 PM चंद्रोदय: 07:00 PM चंद्र राशि: मिथुन राहुकाल: 01:55 PM – 03:34 PM शुभ मुहूर्त: पुण्यकाल सारा दिन ग्रह दशा: सूर्य मेष में, चंद्रमा मिथुन में
Read more
Daily Horoscope

1 मई 2025 (गुरुवार )| Thursday | दैनिक राशिफल (Daily Horoscope)

मेष (Aries ♈️): साहसिक निर्णय लाभ देंगे। जीवन में ऊर्जा रहेगी। वृषभ (Taurus ♉️): धन निवेश सोच-समझकर करें। परिवार के साथ समय बिताएं। मिथुन (Gemini ♊️): प्रेम जीवन में सुधार आएगा। कार्यक्षेत्र में तरक्की के संकेत। कर्क (Cancer ♋️): मनचाही सफलता मिलेगी। मित्रों से सहयोग मिलेगा। सिंह (Leo ♌️): रचनात्मक कामों में सफलता मिलेगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा। कन्या (Virgo ♍️): स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें। वाणी पर संयम रखें। तुला (Libra ♎️): मित्रों के साथ समय बितेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वृश्चिक (Scorpio ♏️): संतान से सुख मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता। धनु (Sagittarius ♐️): नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए उत्तम दिन। मकर (Capricorn ♑️): संपत्ति में निवेश लाभकारी रहेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कुंभ (Aquarius ♒️): व्यावसायिक मामलों में समझदारी से काम लें। लाभ होगा। मीन (Pisces ♓️): परिवार में खुशहाली आएगी। किसी पुराने विवाद का हल निकलेगा।
Read more
Census

Caste Census अब होगी Main Census का हिस्सा: 1931 के बाद पहली बार होगा जातीय डेटा कलेक्शन

देश की अगली Census अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी — यह भारत के सामाजिक ताने-बाने को एक नई पारदर्शिता के साथ दुनिया के सामने लाएगी। केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए घोषणा की है कि अब जातीय आंकड़ों की गिनती भी मुख्य जनगणना का हिस्सा होगी। यह फैसला न केवल सरकार की सोच में बदलाव दर्शाता है, बल्कि देश की करोड़ों जातियों और उपजातियों को पहली बार मुख्य धारा के डेटा में लाने की कोशिश भी है। अब हर जाति की होगी गिनती, खुलेगा असली सामाजिक चित्र केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा कि कैबिनेट ने यह निर्णय लिया है कि आगामी Census में अब जातीय विवरण भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा, “समाज में बहुत सारी योजनाएं जातीय आधार पर बनती हैं, लेकिन ठोस आंकड़े नहीं होने के कारण असली लाभार्थी वंचित रह जाते हैं।“ अब पहली बार केंद्र सरकार यह जिम्मेदारी खुद उठाकर एक भरोसेमंद जातीय डेटा उपलब्ध कराएगी। राज्यों के जातीय सर्वे को बताया ‘राजनीतिक नाटक’ मंत्री ने कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में हुए जातीय सर्वेक्षणों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि ये सर्वे राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित थे और इनमें पारदर्शिता की भारी कमी रही। केंद्र सरकार का मानना है कि जब तक जातीय Census पूरे देश में एकसमान रूप से नहीं होगी, तब तक इसके आधार पर नीति बनाना गलत होगा। क्यों है यह फैसला ऐतिहासिक? जातीय आंकड़े क्यों ज़रूरी हैं? भारत एक विविधता से भरा देश है। हर क्षेत्र, हर गाँव और हर समुदाय में अलग-अलग सामाजिक परतें हैं। लेकिन जब योजनाएं बनती हैं, तो बिना आंकड़ों के सिर्फ अनुमान के आधार पर फैसले होते हैं। अब जातीय Census के जरिए सरकार को यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि कौन पीछे रह गया है, और किसे वास्तव में मदद की जरूरत है। आम जनता की आवाज को मिलेगा प्लेटफॉर्म यह कदम उन लोगों के लिए भी उम्मीद की किरण बनकर आया है जो लंबे समय से कहते आए हैं कि — “हमें गिना नहीं जाता, तो हमें क्यों माना जाएगा?” अब जातियों की पहचान और उनकी समस्याएं सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं रहेंगी, बल्कि नीति और समाधान का हिस्सा बनेंगी। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
Read more
Waqf Act

भोपाल में ‘Light Bandh’ Protest: Waqf Act के खिलाफ मुस्लिम समाज का अनोखा प्रदर्शन

भोपाल, मध्यप्रदेश — देशभर में वक्फ कानून (Waqf Act) में हुए संशोधनों के विरोध में मुस्लिम समाज द्वारा एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया गया। मंगलवार, 30 अप्रैल 2025 को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के आह्वान पर भोपाल सहित कई शहरों में ‘लाइट बंद करो’ (Light Bandh) अभियान चलाया गया। Waqf Act के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध AIMPLB ने मुस्लिम समुदाय से अपील की थी कि वे रात 9:00 से 9:15 बजे तक अपने घरों और दुकानों की लाइटें बंद रखें। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन का उद्देश्य था सरकार को यह संदेश देना कि वक्फ संशोधन कानून को लेकर मुस्लिम समाज में गहरी नाराजगी है। क्या है विरोध का कारण? AIMPLB के महासचिव मौलाना फजलूर्रहीम मुजद्दीदी ने Waqf Act को भेदभावपूर्ण और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि नए संशोधनों से वक्फ संपत्तियों पर मुस्लिम समाज का नियंत्रण कम हो गया है और यह सीधा धार्मिक हस्तक्षेप है। भोपाल में हुए धरना-प्रदर्शन इससे पहले भोपाल में सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड पर सैकड़ों लोगों ने वक्फ बिल के खिलाफ धरना दिया था। हालांकि प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलने के कारण कई प्रदर्शन मोती मस्जिद रोड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर किए गए। इन विरोधों में AIMPLB, मुस्लिम त्योहार समिति और कई सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। सुप्रीम कोर्ट में याचिका, देशभर में विरोध AIMPLB ने वक्फ संशोधन बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और देशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन की शुरुआत की है। बोर्ड का कहना है कि यह सिर्फ एक समुदाय का मुद्दा नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता का मामला है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
Read more
Sanjay Dutt

Sanjay Dutt Statement: “Film Industry बंट चुकी है, पहले जैसी Unity नहीं रही”

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) के बदलते स्वरूप पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज की इंडस्ट्री पहले की तरह एकजुट और पारिवारिक नहीं रही, बल्कि अब इसमें “बंटवारा” और “असुरक्षा” हावी हो गई है। Bollywood में अब Unity नहीं, बढ़ गई है Insecurity – संजय दत्त संजय दत्त ने बताया कि एक समय था जब फिल्म इंडस्ट्री एक परिवार की तरह हुआ करती थी। कलाकारों में आपसी सम्मान और दोस्ती थी। लेकिन आज हर कोई एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में है। उन्होंने कहा, DeshHarpal  पर बॉलीवुड की दुनिया से जुड़ी हर ताज़ा खबर पढ़ें और अपडेट रहें
Read more
1 276 277 278 279 280 288

Editor's Picks

Pralhad Joshi

New Education Minister B.A. पास हैं Pralhad Joshi, जानिए क्यों सौंपी गई Education Ministry की जिम्मेदारी

देश की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद, छात्रों के आंदोलन और शिक्षा सुधार को लेकर बढ़ती मांग के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री (New Education Minister) बनाया गया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई है। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं—आखिर नए शिक्षा मंत्री कितने पढ़े-लिखे हैं? उनका राजनीतिक अनुभव कितना है? और क्या वे शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल कर पाएंगे? आइए जानते हैं। कौन हैं Pralhad Joshi? Pralhad Joshi भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनका राजनीतिक सफर संगठन से शुरू होकर संसद और केंद्र सरकार तक पहुंचा है। वे कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार कई बार सांसद चुने जा चुके हैं, जो उनकी मजबूत जनाधार और राजनीतिक स्वीकार्यता को दर्शाता है। केंद्र सरकार में वे पहले भी कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संसदीय कार्य, कोयला, खान, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे मंत्रालयों में उनके काम को प्रशासनिक अनुभव का मजबूत आधार माना जाता है। Education Qualification: कितने पढ़े-लिखे हैं नए शिक्षा मंत्री? अगर उनकी पढ़ाई की बात करें तो प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक विश्वविद्यालय (Karnataka University), धारवाड़ से संबद्ध श्री कदासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से Bachelor of Arts (B.A.) की डिग्री हासिल की है। कॉलेज शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन को चुना और राजनीति में सक्रिय हो गए। पिछले तीन दशकों में उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। ऐसे समय मिली शिक्षा मंत्रालय की कमान प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब देश में परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों ने पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग की। कई शहरों में प्रदर्शन हुए और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई। इन्हीं परिस्थितियों के बीच सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बदलाव करते हुए अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा जताया है। New Education Minister के सामने क्या होंगी सबसे बड़ी चुनौतियां? परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सुरक्षा बढ़ाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। National Education Policy (NEP) को गति देना नई शिक्षा नीति को सभी राज्यों में प्रभावी ढंग से लागू करना और उसकी प्रगति की निगरानी करना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। छात्रों का भरोसा दोबारा जीतना हालिया घटनाओं के बाद छात्रों और अभिभावकों का विश्वास प्रभावित हुआ है। नई नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए इस भरोसे को मजबूत करना जरूरी होगा। डिजिटल और रोजगार आधारित शिक्षा उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देकर शिक्षा को रोजगार से जोड़ना भी मंत्रालय के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल रहेगा। क्या बदल सकती है शिक्षा व्यवस्था? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल मंत्री बदलने से बदलाव नहीं आएगा। असली परीक्षा नई टीम के फैसलों और उनके क्रियान्वयन की होगी। यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ती है, छात्रों की शिकायतों का समय पर समाधान होता है और शिक्षा नीति को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो इसका सीधा लाभ देश के करोड़ों विद्यार्थियों को मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Siwan

Siwan Student Protest Update: SP घायल, 30 पुलिसकर्मी जख्मी; Firing के आरोपों से बढ़ा तनाव

बिहार के सिवान (Siwan) में छात्रों का प्रदर्शन शनिवार को अचानक हिंसक हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में सिवान के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित करीब 30 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने जिले में सुरक्षा बढ़ा दी और अफवाहों को रोकने के लिए शाम तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इस बीच प्रदर्शन के दौरान खुलेआम फायरिंग होने के आरोप भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। छात्रों का प्रदर्शन कैसे बदला हिंसा में? जानकारी के मुताबिक, छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ समय बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसी दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। SP समेत 30 पुलिसकर्मी घायल हिंसा में सिवान के SP सहित लगभग 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है। Firing के आरोप, वीडियो की जांच शुरू घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें फायरिंग जैसी आवाजें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। कुछ लोगों ने प्रदर्शन के दौरान खुलेआम गोली चलने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। Internet Service बंद करने का फैसला तनावपूर्ण माहौल और सोशल मीडिया पर अफवाहों के प्रसार की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने शाम तक मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और गलत सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है। उपद्रवियों की पहचान में जुटी पुलिस पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हिंसा फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सियासत भी हुई तेज सिवान की इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल क्या है स्थिति? प्रशासन के अनुसार, जिले में स्थिति पहले से बेहतर है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी अपुष्ट खबर पर विश्वास न करने की अपील की गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.