आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलEducation Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदमBREAKINGदेश-हरपलYouth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौरBREAKINGदेश-हरपलEducation Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्मBREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरूBREAKINGदेश-हरपलPF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF BalanceBREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Student Protest: पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन तेज, Mehbooba Mufti के बयान ने मचाई बहसBREAKINGदेश-हरपलBihar Protest बंद के बीच सीवान में हिंसा, Indore Alert; Prayagraj में 1000 छात्रों का प्रदर्शनBREAKINGदेश-हरपलRSS Chief Mohan Bhagwat बोले- Youth को समझिए, सिर्फ आदेश देने से नहीं बनेगी बातBREAKINGदेश-हरपलEducation Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदमBREAKINGदेश-हरपलYouth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौरBREAKINGदेश-हरपलEducation Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्मBREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरूBREAKINGदेश-हरपलPF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF BalanceBREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Student Protest: पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन तेज, Mehbooba Mufti के बयान ने मचाई बहसBREAKINGदेश-हरपलBihar Protest बंद के बीच सीवान में हिंसा, Indore Alert; Prayagraj में 1000 छात्रों का प्रदर्शनBREAKINGदेश-हरपलRSS Chief Mohan Bhagwat बोले- Youth को समझिए, सिर्फ आदेश देने से नहीं बनेगी बात

Latest Posts

PM Modi

2036 Olympics की तैयारी में जुटा भारत: PM Modi ने कहा – Kashi के युवाओं को आज से Training शुरू करनी होगी

वाराणसी, 11 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी में शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। इस मौके पर उन्होंने युवाओं से अपील की कि अगर वे ओलंपिक में चमकना चाहते हैं, तो उन्हें अभी से ट्रेनिंग शुरू करनी होगी। काशी में ₹3,880 करोड़ की 44 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले महीनों में बनारस की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में और सुधार होगा। ropeway ट्रायल शुरू हो चुके हैं और शहर अब सिर्फ धार्मिक केंद्र नहीं बल्कि स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। खेल और स्वास्थ्य में बनारस की नई पहचान प्रधानमंत्री ने कहा, “काशी अब सिर्फ आध्यात्मिक नगरी नहीं रही। यहां अब आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और खेलों में अवसर बढ़ रहे हैं। दिल्ली-मुंबई जैसी मेडिकल सुविधाएं अब यहीं मिल रही हैं। यह असली विकास है – जब सुविधाएं लोगों तक खुद पहुंचें।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूर्वांचल के लोगों को 10-11 साल पहले इलाज के लिए बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती थीं, लेकिन आज काशी “स्वास्थ्य की राजधानी” बन चुकी है। ओलंपिक 2036: भारत का सपना और काशी का योगदान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ओलंपिक 2036 की मेज़बानी के लिए प्रयासरत है और इसके लिए देशभर के युवाओं को आज से तैयारी शुरू करनी चाहिए। उन्होंने काशी के युवाओं को खेलों के प्रति गंभीर होने और सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की सलाह दी। बड़ी योजनाएं, बड़ा विजन इस दौरान पीएम मोदी ने काशी में कई अहम परियोजनाओं की नींव रखी, जिनमें शामिल हैं: इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
Read more
Stock Market Today

Stock Market Today: मेटल स्टॉक्स ने दिखाई तेजी, Sensex 1200 और Nifty 380 अंक उछला; निवेशकों को बड़ा फायदा

भारतीय शेयर बाजार में आज (11 अप्रैल) जबरदस्त तेजी देखने को मिली। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 90 दिन तक ज्यादातर देशों से आयात पर नया टैरिफ नहीं लगाने के फैसले से ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव सेंटीमेंट पैदा हुआ। इसका सीधा असर आज के Indian Share Market पर भी पड़ा। आज शुक्रवार सुबह जैसे ही बाजार खुले, वैसे ही Tata Steel और Hindalco जैसे मेटल स्टॉक्स ने जान फूंक दी। 👉 सिर्फ चंद मिनटों में निवेशकों की दौलत ₹6 लाख करोड़ से ज़्यादा बढ़ गई। 🔔 Sensex और Nifty की दमदार शुरुआत 10:50 AM तक Nifty 382.65 अंक या 1.71% की उछाल के साथ 22,781.80 पर ट्रेड कर रहा था। 🇺🇸 Trump की टैरिफ पॉलिसी पर राहत ट्रंप ने 9 अप्रैल को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका अगले तीन महीनों तक ज्यादातर देशों से होने वाले आयात पर नया टैरिफ नहीं लगाएगा। इससे भारतीय बाजार में उम्मीदों की लहर दौड़ गई। माना जा रहा है कि इससे India-US Bilateral Trade Agreement (BTA) को लेकर बातचीत के रास्ते भी खुल सकते हैं। हालांकि, चीन से होने वाले आयात पर शुल्क को बढ़ाकर 145% कर दिया गया है, लेकिन कॉपर, फार्मा, सेमीकंडक्टर्स और एनर्जी प्रोडक्ट्स को इससे छूट मिली है। Global Markets में मिला-जुला असर हालांकि ग्लोबल संकेत उतने मजबूत नहीं हैं। अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली: GIFT Nifty ने पहले ही दे दिए थे संकेत भारतीय बाजार 10 अप्रैल को महावीर जयंती के कारण बंद रहे थे। लेकिन शुक्रवार सुबह 7:13 बजे GIFT Nifty फ्यूचर्स 22,943 पर ट्रेड कर रहे थे, जो पिछले सत्र से 460 अंक ऊपर थे — यानि पहले से ही संकेत मिल चुके थे कि बाजार की शुरुआत मजबूत होगी।
Read more
Jaat Movie Review

Jaat Movie Review: Sunny Deol का Raw Desi Action और Ravana-Style Villain Hooda का Superhit मुकाबला!

Rating: ⭐⭐⭐⭐ (4/5) बॉलीवुड के देसी एक्शन सिनेमा को नई जान देने वाली फिल्म Jaat एक ऐसा एक्सपीरियंस है जो सिनेमाघर से निकलने के बाद भी आपके दिल और दिमाग पर छा जाता है। Sunny Deol की फुल-फॉर्म वापसी, Randeep Hooda का खतरनाक विलेन अवतार और डायरेक्टर Gopichand Malineni की मास-एंटरटेनर स्टोरीटेलिंग—सब मिलकर Jaat को बनाते हैं एक धमाकेदार एक्शन ड्रामा जो ना सिर्फ एंटरटेन करता है, बल्कि सोचने पर भी मजबूर करता है। कहानी: Mythology meets Mass Action फिल्म की शुरुआत होती है 2009 के श्रीलंका के जंगली युद्धक्षेत्र से, जहां Ranatunga (Randeep Hooda) एक छुपा हुआ खजाना ढूंढ निकालता है। लेकिन ये खजाना उसे ले जाता है पावर, लालच और क्राइम के रास्ते पर। उसके साथ उसका भाई Somulu (Vineet Kumar Singh) भी है, और दोनों मिलकर बनाते हैं एक ऐसा अंडरवर्ल्ड इम्पायर जो ईस्ट कोस्ट की सियासत और सिस्टम को पूरी तरह हिला देता है। और फिर एंट्री होती है Jaat (Sunny Deol) की—एक साधारण दिखने वाला मुसाफिर, जो असल में इंसाफ का तूफान है। Jaat की पहली फाइट सीन ही बता देती है कि ये कोई आम हीरो नहीं, ये न्याय का अवतार है। फिल्म की कहानी Lord Ram vs Ravana के मॉडर्न वर्जन जैसी लगती है, जिसमें Deol का किरदार एक सामाजिक क्रांति की मिसाल बनता है। परफॉर्मेंस: Sunny Deol का दमदार कमबैक Sunny Deol एक बार फिर साबित करते हैं कि जब बात देसी एक्शन और इमोशनल इंटेंसिटी की हो, तो वो आज भी बेस्ट हैं। उनके एक्शन सीन, डायलॉग डिलीवरी और स्क्रीन प्रेजेंस—all scream power! उनकी शांत चाल के पीछे छुपा गुस्सा हर सीन में फील होता है। Randeep Hooda एक ग्रे-शेडेड विलेन के रोल में कमाल कर गए। Ranatunga एक ऐसा विलेन है जिसे आप नफरत तो करते हैं—but secretly admire too. उनकी परफॉर्मेंस में वो खिंचाव है जो कहानी को मजबूती देता है। Regina Cassandra as Ranatunga की पत्नी एक साइलेंट स्ट्रॉन्ग कैरेक्टर बनकर उभरती हैं। उनकी आंखों में लालच और चालाकी दोनों साफ नजर आती है। वहीं Vineet Kumar Singh अपने पहले निगेटिव रोल में एकदम खतरनाक लगे हैं। Saiyami Kher ने Vijay Lakshmi नाम की एक तेज-तर्रार पुलिस अफसर का रोल निभाया है, जो फिल्म के नैतिक संतुलन का प्रतीक है। टेक्नीकली भी फिल्म है टॉप क्लास Cinematography में श्रीलंका के शांत प्राकृतिक दृश्यों और क्रूर अंडरवर्ल्ड की दुनिया का कॉन्ट्रास्ट बेहतरीन तरीके से दिखाया गया है। एक्शन सीन्स इतने रियल और इम्पैक्टफुल हैं कि आप कुर्सी से चिपक जाते हैं। Background score भी शानदार है—एक-एक सीन को सही टाइम पर सही म्यूजिक के साथ पावर देता है। गाने इमोशनल कनेक्शन बढ़ाते हैं लेकिन कभी भी कहानी से भटकने नहीं देते। Social Commentary के साथ एंटरटेनमेंट का Tadka Jaat सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं है, यह भ्रष्टाचार, सत्ता और सामाजिक अन्याय जैसे मुद्दों पर भी कटाक्ष करती है। फिल्म में subtle तरीके से दिखाया गया है कि कैसे सिस्टम में बदलाव लाने के लिए किसी को “Jaat” बनकर सामने आना पड़ता है। अंतिम फैसला: देसी Action Lovers के लिए Must Watch अगर आप Sunny Deol के फैन हैं, या फिर असली देसी एक्शन, पावर-पैक्ड परफॉर्मेंस और इमोशनल हाई की तलाश में हैं—Jaat आपको निराश नहीं करेगी। थिएटर में सीटियां, तालियां और जोरदार चीयरिंग तय है! Produced by: Naveen Yerneni, Ravi Shankar Yalamanchili, T.G. Vishwa Prasad & Umesh Kumar BansalBanner: Mythri Movie Makers, People Media Factory, Zee Studios
Read more
Tariff Relief

US ने India को दी 90 दिन की Tariff Relief, PM Modi-Trump Deal से बढ़ेगा ₹500 Billion का Trade

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त आयात शुल्क (Tariffs) पर 90 दिनों की राहत देने का फैसला किया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि भारत इस पूरे मामले को बेहद कुशलता से संभाल रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फरवरी में ही इस दिशा में सहमति बन चुकी थी। PM Modi और Trump पहले ही कर चुके थे Trade Deal की Planning पीयूष गोयल ने ANI से बातचीत में कहा,“PM नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने फरवरी में ही यह तय कर लिया था कि दोनों देश एक Bilateral Trade Agreement पर साइन करेंगे, जिससे व्यापार 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकेगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों के बीच बातचीत अच्छी प्रगति कर रही है और इस 90 दिनों की राहत से बातचीत को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी। Exporters को मिली राहत, अब समझौतों पर तेज़ी से होगा काम फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) के अध्यक्ष एस.सी. रल्हान ने भी अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा:“यह हमारे निर्यातकों के लिए बहुत बड़ी राहत है। यह 90 दिन की राहत एक कूटनीतिक खिड़की की तरह है, जिसमें हम अहम व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दे सकते हैं।” वाणिज्य मंत्रालय ने भी आश्वासन दिया है कि प्रस्तावित व्यापार समझौते को जल्द से जल्द फाइनल किया जाएगा। चीन पर टैरिफ बढ़ा, लेकिन India को मिली छूट ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता के बीच अमेरिका ने चीन पर टैरिफ बढ़ाकर 125% कर दिया है, जबकि भारत सहित कई अन्य देशों को 90 दिनों की छूट दी गई है। हालांकि भारत पर अब भी 10% का बेसिक टैरिफ लागू है, जो 5 अप्रैल से प्रभावी हुआ है। अमेरिका ने भारत पर कुल मिलाकर 26% अतिरिक्त शुल्क लगाया था, जिसमें से अधिकतर पर अस्थायी राहत दी गई है। क्या है आगे की राह? इस अस्थायी राहत के चलते भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह वार्ता सफल रहती है, तो दोनों देशों के बीच $500 अरब डॉलर का व्यापार संभव है। इससे न केवल व्यापार संबंध बेहतर होंगे, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। निष्कर्ष:अमेरिका की तरफ से दी गई यह 90 दिनों की टैरिफ राहत भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह न केवल एक्सपोर्टर्स को राहत देगा, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रास्ता खोलता है।
Read more
होम लोन

RBI ने घटाया रेपो रेट, EMI में आएगी राहत: होम लोन धारक ऐसे बचा सकते हैं लाखों रुपए

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के लाखों होम लोन ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती करते हुए इसे 6.25% से घटाकर 6% कर दिया है। यह इस साल की दूसरी कटौती है—पहली कटौती फरवरी में हुई थी जब रेपो रेट को 6.5% से घटाकर 6.25% किया गया था। नई कटौती का सीधा असर उन ग्राहकों की EMI पर पड़ेगा जिनके लोन रेपो रेट से लिंक्ड हैं। इसका मतलब है—अब हर महीने की किस्त कम होगी और लंबी अवधि में लाखों रुपए की बचत संभव है। EMI होगी सस्ती, लेकिन फायदा सबको नहीं मिलेगा Bankbazaar.com के CEO आदिल शेट्टी बताते हैं कि वर्तमान में सबसे कम होम लोन रेट 8.10% से 8.35% के बीच मिल रहे हैं, लेकिन ये रेट्स उन्हीं लोगों को मिलते हैं जिनका क्रेडिट स्कोर 750 से ऊपर है या जो लोन का रीफाइनेंस करवा रहे हैं। यानी हर ग्राहक को समान लाभ नहीं मिलेगा। अगर आपका होम लोन अभी भी MCLR या बेस रेट से जुड़ा है, तो इस कटौती का असर धीरे-धीरे दिखेगा। शेट्टी की सलाह है कि ऐसे ग्राहक अपने लोन को तुरंत रेपो-लिंक्ड (EBLR) में बदलवा लें ताकि RBI की अगली कटौतियों का लाभ भी जल्द मिल सके। ये कटौती क्यों है खास? PL Capital के इकॉनमिस्ट अर्श मोगरे के अनुसार, इस बार की कटौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब भारत में 60% से ज्यादा बैंक लोन सीधे रेपो रेट से जुड़े हुए हैं। इससे RBI के पॉलिसी फैसलों का असर आम जनता तक पहले से कहीं तेजी से पहुंचता है। मोगरे का मानना है कि आने वाले महीनों में रेपो रेट और गिर सकता है और 2025 के अंत तक यह 5% से 5.25% के बीच आ सकता है। इससे होम लोन की ब्याज दरों में कुल मिलाकर 1% से 1.25% तक की कमी हो सकती है। EMI में कितना फर्क पड़ेगा? जानिए गणना अगर आपने ₹50 लाख का होम लोन 10% ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया है, तो मौजूदा EMI ₹48,251 बनती है। लेकिन यदि ब्याज दर घटकर 8% हो जाती है, तो EMI गिरकर ₹43,391 हो जाएगी। यानी हर महीने करीब ₹4,860 की सीधी बचत, और पूरे लोन की अवधि में लगभग ₹11.7 लाख की जबरदस्त बचत। सभी ग्राहकों को तुरंत नहीं मिलेगा लाभ हालांकि, ANAROCK ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि कुछ बैंक अब भी पुरानी कटौतियों का पूरा फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचा पाए हैं। इसकी वजह बैंक की खुद की फंडिंग लागत और प्रॉफिट मार्जिन है। लेकिन अगर बैंक इस बार की पूरी कटौती पास ऑन करते हैं, तो खासतौर पर मिडल क्लास और अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट के ग्राहकों को बहुत बड़ा फायदा होगा। होम लोन ग्राहकों के लिए क्या है स्मार्ट रणनीति? विशेषज्ञों की मानें तो मौजूदा स्थिति में होम लोन से जुड़ा कोई भी निर्णय सोच-समझकर लेने की ज़रूरत है: निष्कर्ष RBI की इस रेपो रेट कटौती से न सिर्फ EMI कम होगी, बल्कि लंबे समय में लाखों रुपए की बचत भी संभव है। लेकिन इसका पूरा फायदा तभी मिलेगा जब आप सही समय पर अपने लोन स्ट्रक्चर में बदलाव करें। होम लोन सिर्फ एक वित्तीय ज़रूरत नहीं, एक दीर्घकालिक निवेश है—इसे स्मार्टली प्लान करना ही समझदारी है।
Read more
तहव्वुर राणा

26/11 का गुनहगार तहव्वुर राणा जल्द भारत में, US कोर्ट ने प्रत्यर्पण को दी मंज़ूरी

2008 के मुंबई आतंकी हमलों (26/11) के एक मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसकी प्रत्यर्पण याचिका खारिज कर दी, जिससे भारत आने का रास्ता साफ हो गया है। भारत की जांच एजेंसियों NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) और RAW की टीमें पहले से ही अमेरिका में हैं और उसे जल्द भारत लाया जाएगा। कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक हैं, जिनका नाम 26/11 हमलों की साजिश में सामने आया था। वे डेविड कोलमैन हेडली के करीबी दोस्त हैं, जो पहले ही भारत की अदालत में हमलों की साजिश कबूल कर चुका है। हेडली ने भारत में रेकी की थी और आतंकियों को जानकारी दी थी – जिसमें तहव्वुर राणा की भूमिका सहयोगी की थी। राणा पर आरोप है कि उसने फर्जी बिजनेस वीज़ा और ट्रैवल एजेंसी के जरिए हेडली को भारत भेजा, ताकि वह मुंबई में हमले की तैयारी कर सके। कैसे हुआ प्रत्यर्पण का रास्ता साफ? राणा लंबे समय से अमेरिका में जेल में बंद था। भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी। हालांकि, राणा ने अदालत में कई बार याचिकाएं डालकर भारत भेजे जाने का विरोध किया। मगर आखिरकार, अमेरिका की अदालत ने साफ कर दिया कि उसे भारत भेजा जा सकता है। यह फैसला भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह भी संदेश गया है कि आतंक के खिलाफ भारत वैश्विक मंच पर गंभीरता से काम कर रहा है। 26/11 हमलों की पृष्ठभूमि 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने शहर के कई बड़े स्थानों जैसे ताज होटल, ओबेरॉय, सीएसटी स्टेशन, नरीमन हाउस आदि को निशाना बनाया था। इस हमले में 166 मासूम लोगों की जान गई, जिनमें कई विदेशी नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। भारत ने इस घटना को कभी नहीं भूला और लगातार दोषियों को सजा दिलाने की कोशिश की। भारत के लिए क्यों है यह महत्वपूर्ण? तहव्वुर राणा का भारत आना 26/11 के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए न्याय की ओर एक बड़ा कदम है। इससे NIA को जांच को आगे बढ़ाने और नए सबूत जुटाने में मदद मिलेगी। इससे यह भी साबित होता है कि भारत अब केवल आतंकी हमलों को सहने वाला देश नहीं, बल्कि उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने वाला राष्ट्र बन चुका है।
Read more
RBI

Trump Tariffs का असर: FY26 में GDP ग्रोथ घटकर 6.5%, RBI ने किया ऐलान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। FY2025-26 के लिए देश की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.5% कर दिया गया है। इसके साथ ही रीपो रेट में भी 0.25% की कटौती की गई है, जिससे यह अब 6.00% हो गई है। क्या है वजह? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अमेरिका द्वारा हाल ही में लागू किए गए टैरिफ नियमों ने वैश्विक आर्थिक स्थिति को और अस्थिर बना दिया है। इसका असर भारत की ग्रोथ पर भी साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा, “ग्रोथ में सुधार हो रहा है, लेकिन ये हमारी उम्मीदों से कम है।” महंगाई दर में राहत RBI ने महंगाई के अनुमान को भी कम करते हुए कहा कि अब FY26 में CPI आधारित रिटेल मुद्रास्फीति 4% रहने की उम्मीद है। यह पहले के 4.2% के मुकाबले थोड़ा कम है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट और तेल की कीमतों में स्थिरता को इसका मुख्य कारण बताया गया है। रीपो रेट में बदलाव क्यों? मौजूदा आर्थिक हालात और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए, केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया है ताकि आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिल सके। क्या होगा इसका असर?
Read more
सेंसेक्स 1500 अंक उछला

Stock Market Today: Infosys, RIL और Airtel की तेजी से सेंसेक्स 1500 अंक उछला, निफ्टी 22,600 के पार पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार में आज ज़बरदस्त तेजी देखने को मिली। Infosys, Reliance Industries और Bharti Airtel जैसे हैवीवेट स्टॉक्स में शानदार खरीदारी के चलते बाजार में तगड़ा उछाल दर्ज हुआ। एशियाई बाजारों में मजबूती और ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स रिकॉर्ड तेजी के साथ ट्रेंड कर रहे हैं। बाजार की ओपनिंग – दमदार शुरुआत! आज सुबह बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 900 अंकों की छलांग लगाकर 74,013.73 पर खुला। दोपहर 1 बजे तक सेंसेक्स में 1585.76 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 2.17% की तेजी के साथ 74,723.66 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी-50 (Nifty-50) ने भी कमाल की शुरुआत की। यह 22,446.75 पर खुला और दोपहर होते-होते 467.80 अंक या 2.11% उछलकर 22,629.40 पर ट्रेड कर रहा था। कल कैसा था बाजार का हाल? सोमवार (7 अप्रैल) को बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 2,226.79 अंक या 2.95% गिरकर 73,137.90 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 742.85 अंक या 3.24% गिरकर 22,161.60 पर आ गया था। यह गिरावट 4 जून 2024 के बाद की सबसे बड़ी थी। ग्लोबल मार्केट्स से क्या मिल रहे संकेत? हालांकि, सोमवार को Dow Jones और S&P 500 में थोड़ी गिरावट रही थी, लेकिन निवेशकों की नजर अब वापसी की ओर है। US अमेरिका-चीन टकराव का असर? अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर दबाव बनाते हुए “रेसिप्रोकल टैरिफ” को हटाने की मांग की है। चीन इस पर सख्त स्टैंड लेने की तैयारी में है। इस तनाव का असर ग्लोबल सेंटिमेंट पर नजर आ सकता है। निवेशकों की नजर RBI की मीटिंग पर अब सबकी नजर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर है, जिसका फैसला कल (9 अप्रैल) आएगा। इसके अलावा कंपनियों के Q4 रिजल्ट्स और इस हफ्ते आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर टिकी हुई है।
Read more
PM मुद्रा योजना

PM मुद्रा योजना 2024: छोटे व्यापारियों को राहत, शिशु और तरुण लोन में बढ़ोतरी, बिहार टॉप पर

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana), जिसे 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था, आज छोटे और मझोले व्यापारियों की रीढ़ बन चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य बिना किसी गारंटी के छोटे उद्यमियों को संस्थागत बैंकिंग सिस्टम से जोड़ते हुए उन्हें आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा योजना के तहत ‘शिशु’ और ‘तरुण’ श्रेणियों में लोन की औसत राशि में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जबकि ‘किशोर’ श्रेणी में गिरावट दर्ज की गई है। शिशु लोन (₹50,000 तक) का औसत अब ₹37,403 पहुंच गया है, जो कि 2015-16 में ₹19,411 था। तरुण लोन (₹5 लाख से ₹10 लाख तक) का औसत ₹8,46,313 रहा, जबकि पहले ₹7,67,555 था।वहीं किशोर लोन (₹50,000 से ₹5 लाख तक) की औसत राशि ₹2,08,037 से घटकर अब ₹1,20,111 रह गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि बहुत छोटे और बड़े उद्यमियों को लाभ ज्यादा मिल रहा है, जबकि मझोले स्तर के कारोबारियों को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पा रही है। बिहार बना टॉप राज्य इस योजना के तहत बिहार देश का नंबर-1 राज्य बनकर उभरा है। यहां अब तक 5.95 करोड़ से ज़्यादा लोन अकाउंट्स को मंज़ूरी दी जा चुकी है।इसके बाद तमिलनाडु (5.82 करोड़), उत्तर प्रदेश (5.16 करोड़), पश्चिम बंगाल (5.15 करोड़) और कर्नाटक (4.98 करोड़) का स्थान आता है। क्यों है यह योजना खास? निष्कर्ष प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने देशभर में लाखों छोटे कारोबारियों की आर्थिक रीढ़ मज़बूत की है। हालांकि ‘किशोर’ श्रेणी में आई गिरावट पर सरकार को ध्यान देना होगा, ताकि मिड-स्केल बिजनेस भी मजबूती से खड़े हो सकें। जैसे-जैसे यह योजना आगे बढ़ रही है, उम्मीद की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका लाभ पहुंचे और भारत की जमीनी अर्थव्यवस्था और भी मजबूत हो।
Read more
Waqf Bill Controversy

Waqf Bill Controversy: वक्फ बिल पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और देशभर में विरोध प्रदर्शन

लेख की मुख्य बातें: क्या है मामला? 5 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को मंज़ूरी दी, जिसके बाद सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी की। सरकार का दावा है कि इस कानून का मकसद वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है और अतिक्रमण को रोकना है। सुप्रीम कोर्ट की दखल 7 अप्रैल को CJI संजीव खन्ना ने इस मामले में सुनवाई की सहमति दी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद, RJD, और कई अन्य संगठनों ने याचिकाएं दाखिल की हैं। उनका तर्क है कि यह कानून मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन है। राज्यों में विरोध और तनाव धार्मिक संगठनों का रुख राजनीतिक प्रतिक्रिया विवाद की जड़ क्या है? बिल में एक नया प्रावधान शामिल किया गया है, जिससे अब वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति भी संभव हो सकेगी। इससे धार्मिक संगठनों में रोष है, क्योंकि उनका मानना है कि वक्फ की संपत्तियाँ सिर्फ़ मुस्लिम समुदाय से संबंधित हैं। विश्लेषण यह विवाद न सिर्फ धार्मिक भावना से जुड़ा है, बल्कि इसमें संवैधानिक अधिकार, भूमि स्वामित्व, और सांप्रदायिक संतुलन भी सवालों के घेरे में हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस मुद्दे पर आने वाले समय में निर्णायक हो सकता है। निष्कर्ष भारत में वक्फ अधिनियम को लेकर उबाल है। यह केवल एक क़ानून नहीं, बल्कि धर्म, राजनीति, और समाज के जटिल संबंधों की गहराई को दर्शाता है। आने वाले दिन इस विषय पर और गर्माहट ला सकते हैं।
Read more
1 283 284 285 286 287 288

Editor's Picks

Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP Protest

CJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरू

दिल्ली में चल रहे CJP Protest के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और झूठे पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ अकाउंट्स को पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा है और इनके जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। Delhi Police ने Social Media Campaign पर जताई चिंता दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह प्रदर्शन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज, वीडियो या पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से स्थिति बिगड़ सकती है। Protest को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Fake News फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से जिम्मेदारी के साथ Social Media इस्तेमाल करने की अपील आज के समय में सोशल मीडिया खबरों का तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। CJP Protest Latest Update फिलहाल CJP Protest को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

PF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF Balance

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PF Account में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज (PF Interest) अब कई सदस्यों के खातों में दिखना शुरू हो गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके PF खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो इसे घर बैठे आसानी से चेक किया जा सकता है। EPFO ने कर्मचारियों के लिए PF Balance Check करने के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब न तो ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन से सिर्फ कुछ मिनटों में Missed Call, SMS, UMANG App और EPFO Portal के जरिए PF Account की जानकारी मिल सकती है। PF Interest Update: खाते में कैसे जुड़ता है ब्याज? EPFO हर वित्त वर्ष के लिए PF खाताधारकों को ब्याज देता है। कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान पर यह ब्याज तय नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है। ब्याज राशि अपडेट होने के बाद कर्मचारी अपनी EPF Passbook में जाकर देख सकते हैं कि उनके खाते में कितनी राशि जमा हुई है और कितना ब्याज मिला है। Missed Call से Check करें PF Balance अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तब भी आप आसानी से PF Balance पता कर सकते हैं। ऐसे करें PF Balance Check: ध्यान रखें कि यह सुविधा लेने के लिए आपका UAN Active होना और मोबाइल नंबर EPFO खाते से लिंक होना जरूरी है। SMS के जरिए जानें PF Account की पूरी जानकारी EPFO अपने सदस्यों को SMS Service की सुविधा भी देता है। Process: अगर आपको हिंदी में जानकारी चाहिए तो ENG की जगह HIN लिखकर भेज सकते हैं। UMANG App से घर बैठे देखें PF Balance सरकार का UMANG App भी PF Account की जानकारी देखने का आसान माध्यम है। Steps Follow करें: EPFO Website से Online Check करें PF Passbook जो कर्मचारी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे EPFO Portal के जरिए भी अपना PF Balance देख सकते हैं। कैसे देखें: PF Balance Check करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान PF खाते की जानकारी देखने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर जांच लें: कर्मचारियों के लिए क्यों खास है PF Interest Update? PF सिर्फ नौकरी के दौरान जमा होने वाली बचत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन भी है। खाते में ब्याज जुड़ने से कर्मचारियों की कुल जमा राशि बढ़ती है और रिटायरमेंट के समय उन्हें इसका फायदा मिलता है। EPFO की डिजिटल सुविधाओं ने अब PF Account को Manage करना पहले से काफी आसान बना दिया है। कर्मचारी कभी भी अपने मोबाइल से यह पता कर सकते हैं कि उनके खाते में कितना Balance है और ब्याज की राशि अपडेट हुई है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.