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Deepika Padukone

Deepika Padukone vs Sandeep Reddy Vanga ‘Spirit’ फिल्म से बाहर होने पर क्यों मचा बवाल

बॉलीवुड की सुपरस्टार दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा (Sandeep Reddy Vanga) के बीच फिल्म Spirit को लेकर चल रहा विवाद सुर्खियों में है। दीपिका के फिल्म छोड़ने के बाद, वांगा के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने विवाद को और हवा दे दी। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की पूरी कहानी, वजह और आगे की स्थिति। क्या संदीप रेड्डी वांगा ने दीपिका पर कसा तंज? फिल्म Spirit से Deepika Padukone के बाहर निकलने के कुछ ही दिन बाद, निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए एक एक्टर पर “डर्टी PR गेम्स” खेलने और “नॉन-प्रोफेशनल” होने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा: इस बयान को दीपिका पादुकोण की ओर इशारा माना जा रहा है, जिन्होंने हाल ही में फिल्म छोड़ दी थी। दीपिका के बाहर होने की असली वजह क्या थी? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दीपिका ने फिल्म Spirit के लिए कुछ खास शर्तें रखी थीं: इन शर्तों को लेकर प्रोडक्शन टीम और दीपिका के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट से हटने का फैसला किया। Triptii Dimri बनीं नई लीड एक्ट्रेस Deepika Padukone के बाहर होने के बाद Animal फेम त्रिप्ती डिमरी (Triptii Dimri) को फिल्म Spirit में फीमेल लीड के तौर पर कास्ट किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार: सोशल मीडिया पर फैन्स दो हिस्सों में बंटे इस पूरे विवाद ने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर फैंस को दो खेमों में बांट दिया है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शेयर बाजार

Share Market Today निफ्टी 25000 के नीचे, Sensex में गिरावट ,Midcap-Smallcap में दिखी तेजी

27 मई 2025 –भारतीय शेयर बाजार (Share Market) ने आज मंदी के संकेत दिए। सप्ताह की शुरुआत में ही Nifty 50 25,000 के नीचे फिसल गया, जबकि Sensex में लगभग 900 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई। इसके बावजूद, Midcap और Smallcap शेयरों में अच्छी मजबूती देखने को मिली, जिसने बाजार में कुछ संतुलन बनाए रखा। आज के Share Market Highlights शेयर बाजार में गिरावट की 4 बड़ी वजहें Top Gainers (बढ़त वाले स्टॉक्स) Top Losers (गिरावट वाले स्टॉक्स) Nifty और Sensex का अगला Target क्या हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Nifty 24,500 के स्तर पर सपोर्ट बनाए रखता है, तो आने वाले दिनों में यह फिर से 25,400–25,600 की ओर बढ़ सकता है। लेकिन अगर यह सपोर्ट टूटता है, तो बाजार में और भी गिरावट देखने को मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Corona Virus

Corona Virus का नया JN.1 Variant,भारत में तेजी से फैल रहा है

भारत में Corona Virus (COVID-19) का नया JN.1 Variant तेजी से फैल रहा है और सक्रिय केस बढ़ रहे हैं। यह नया वैरिएंट ओमिक्रॉन के BA.2.86.1.1 से उत्पन्न हुआ है, जिसमें कई म्यूटेशन हैं, जो इसे और अधिक संक्रामक बनाते हैं। आइए जानते हैं JN.1 वैरिएंट के लक्षण (Symptoms), बढ़ते मामले (Cases) और इससे बचाव के लिए जरूरी सावधानियां (Safety Tips)। JN.1 Variant के बढ़ते Active Cases – भारत में स्थिति देश के कई राज्यों में JN.1 वैरिएंट के सक्रिय कोरोना केस तेजी से बढ़े हैं। कुल मिलाकर भारत में सक्रिय Corona Virus मामलों की संख्या 1,047 तक पहुंच गई है, जिनमें ज्यादातर JN.1 वैरिएंट से संक्रमित हैं। JN.1 Variant के Symptoms (लक्षण) JN.1 वैरिएंट के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं: Safety Tips: JN.1 से कैसे बचें? स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी से सतर्क रहने और Corona Virus (कोविड-19) से बचाव के लिए इन Safety Tips को अपनाने की सलाह दी है: विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश JN.1 मामलों में लक्षण हल्के होते हैं और अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता कम होती है। फिर भी, सावधानी बरतना जरूरी है क्योंकि नया वैरिएंट तेजी से फैलता है। वैक्सीनेशन और हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करना अभी भी सबसे प्रभावी तरीका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Alert 2025: केरल-कर्नाटक में Red Alert Mumbai-Goa-Andhra में Heavy Rain का कहर

भारत में 2025 का मानसून (Monsoon) पूरे जोश में दस्तक दे चुका है और इसका असर अब देशभर में दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने केरल (Kerala) और कर्नाटक (Karnataka) में रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है, जबकि मुंबई, गोवा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं किस राज्य में कैसा है मौसम का हाल: Kerala में Monsoon का कहर: 11 जिलों में Red Alert केरल में मानसून की समय से पहले और जबरदस्त शुरुआत के कारण लगातार भारी बारिश हो रही है। Karnataka के Coastal इलाकों में 5 दिन का Red Alert कर्नाटक के तटीय जिलों – Dakshina Kannada और Udupi – में लगातार बारिश से जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। Mumbai में Record बारिश, Flights Cancel 26 मई को मुंबई में रिकॉर्ड 295 मिमी बारिश दर्ज की गई। Goa में भी Red Alert, Flash Flood की चेतावनी IMD ने North Goa में रेड अलर्ट जारी किया है। Andhra Pradesh: Coastal क्षेत्रों में Thunderstorm Alert हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AMCA

India का 5th Generation Stealth Fighter Jet ‘AMCA’ को मिली मंजूरी,अब बनेगा स्वदेशी फाइटर प्लेन

भारत ने अपने स्वदेशी 5th Generation Stealth Fighter Jet प्रोजेक्ट AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के साथ भारत अब उन गिने-चुने देशों की सूची में शामिल हो गया है, जो खुद का Next-Gen Fighter Aircraft बना रहे हैं। यह परियोजना देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिहाज से एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। AMCA Project: क्या है इसका उद्देश्य? AMCA एक Single-seat, Twin-engine वाला बहुउद्देशीय फाइटर जेट होगा, जो हर मौसम में उड़ान भरने में सक्षम होगा। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अधीन Aeronautical Development Agency (ADA) द्वारा विकसित किया जा रहा है। निर्माण कार्य में Hindustan Aeronautics Limited (HAL) और कई प्राइवेट कंपनियां साझेदार होंगी। इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए एक Special Purpose Vehicle (SPV) का गठन किया जाएगा, जिससे विकास और उत्पादन दोनों में गति लाई जा सके। कब होगा तैयार? क्या है टाइमलाइन? AMCA की विशेषताएं (Key Features of AMCA Jet) IIT Kanpur की Cloaking Technology देगा Extra Stealth AMCA में IIT कानपुर द्वारा विकसित की गई Meta-material Surface Cloaking System (MSCS) को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। यह तकनीक विमान को रडार की निगाहों से और अधिक छुपा सकती है। ‘Make in India’ और ‘Aatmanirbhar Bharat’ को मिलेगा बढ़ावा इस फाइटर जेट प्रोजेक्ट से भारत की विदेशी रक्षा आयातों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, यह रक्षा क्षेत्र में Make in India और Aatmanirbhar Bharat अभियानों को मजबूती देगा। AMCA ना केवल भारत की वायुसेना को तकनीकी बढ़त देगा, बल्कि देश की रक्षा उद्योग को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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pancang

25 मई 2025 (रविवार) का पंचांग (Panchang)

तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वादशी, समाप्ति: 3:51 PM नक्षत्र: अश्विनी, समाप्ति: 11:12 AM योग: शोभन, समाप्ति: 11:06 AM करण: वणिज, समाप्ति: 3:51 PM सूर्योदय / सूर्यास्त: 5:46 AM / 7:01 PM चंद्रोदय / चंद्रास्त: 3:47 AM / 5:17 PM राहुकाल: 5:38 PM – 7:01 PM शुभ मुहूर्त: अभिजीत: 11:57 AM – 12:49 PM
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Daily Horoscope

25 मई 2025 रविवार| (Sunday)| दैनिक राशिफल (Daily Horoscope)

मेष (Aries ♈) – आत्मबल बढ़ेगा, नई ऊर्जा महसूस करेंगे। वृषभ (Taurus ♉) – पारिवारिक माहौल शांत रहेगा। मिथुन (Gemini ♊) – मनोरंजन के अवसर मिलेंगे। कर्क (Cancer ♋) – लंबित कार्य पूरे होंगे। सिंह (Leo ♌) – पार्टनर से रोमांटिक समय बितेगा। कन्या (Virgo ♍) – नई शुरुआत के लिए अच्छा दिन। तुला (Libra ♎) – कला क्षेत्र में सराहना मिलेगी। वृश्चिक (Scorpio ♏) – धन लाभ की संभावना। धनु (Sagittarius ♐) – शॉपिंग और मौज-मस्ती का दिन। मकर (Capricorn ♑) – घर की सजावट में व्यस्त रहेंगे। कुंभ (Aquarius ♒) – ध्यान और योग में मन लगेगा। मीन (Pisces ♓) – पुराने मित्र से मुलाकात होगी।
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NITI Aayog

नीति आयोग (NITI Aayog) पर Jairam Ramesh का हमला, BJP ने Congress पर बोला तीखा हमला

कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) द्वारा नीति आयोग (NITI Aayog) को “अयोग्य” कहे जाने पर सियासी घमासान मच गया है। रमेश ने नीति आयोग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का “ढोल बजाने वाला” मंच बताया और आरोप लगाया कि यह संस्था संघीय ढांचे (federal structure) की भावना के खिलाफ काम कर रही है। ममता बनर्जी को रोकने का आरोप, कांग्रेस का समर्थन NITI Aayog विवाद की शुरुआत तब हुई जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने नीति आयोग की 9वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक के दौरान आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बात पूरी नहीं कहने दी गई। कांग्रेस ने ममता बनर्जी का समर्थन किया और इसे “अस्वीकार्य” बताया। BJP का पलटवार: “Congress की राजनीति सिर्फ विवाद पैदा करना है” जयराम रमेश की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया। भाजपा नेताओं ने कहा कि रमेश की आदत है बेवजह के विवाद खड़े करना और इससे कांग्रेस की ही छवि को नुकसान पहुंच रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने रमेश के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को पूरा समय दिया गया और किसी का माइक बंद नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रमेश बैठक में थे ही नहीं, तो उन्होंने यह निष्कर्ष कैसे निकाला? पहले भी कर चुके हैं विवादित टिप्पणी यह पहली बार नहीं है जब रमेश अपनी टिप्पणियों को लेकर विवादों में आए हैं। इससे पहले भी वह एक सर्वदलीय बैठक के दौरान उठे मुद्दों को लाइव ट्वीट कर चुके हैं, जिस पर BJP और JDU ने नाराजगी जताई थी और इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया था। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RBI

RBI Economic Capital Framework बदला आरबीआई ने आर्थिक पूंजी ढांचे में किए बड़े बदलाव

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपने Economic Capital Framework (ECF) यानी आर्थिक पूंजी ढांचे में बड़ा संशोधन किया है। यह बदलाव न केवल केंद्रीय बैंक की वित्तीय स्थिरता को मजबूत करेगा, बल्कि सरकार को मिलने वाले अधिशेष (Surplus) को भी प्रभावित करेगा। आइए जानते हैं इस नए बदलाव से जुड़ी पूरी जानकारी। क्या है RBI का Economic Capital Framework (ECF)? Economic Capital Framework वह नीति है, जिसके जरिए RBI यह तय करता है कि वह कितनी पूंजी अपने पास जोखिमों (जैसे बाजार जोखिम, मुद्रा उतार-चढ़ाव) से निपटने के लिए रखेगा और सरकार को कितना अधिशेष (surplus) स्थानांतरित करेगा।यह ढांचा 2019 में बिमल जालान समिति (Bimal Jalan Committee) की सिफारिशों के बाद लागू किया गया था। अब 5 साल बाद इसका रिव्यू कर इसमें अहम बदलाव किए गए हैं। RBI Economic Capital Framework में क्या बदलाव हुए हैं? 1. CRB की सीमा बढ़ी (Contingent Risk Buffer Range Updated) पहले CRB (जो कि रिज़र्व फंड है) की सीमा 5.5% से 6.5% थी। अब इसे बढ़ाकर 4.5% से 7.5% कर दिया गया है। इसका मतलब है कि RBI ज़रूरत पड़ने पर ज्यादा पूंजी रोक सकता है और जब स्थिति ठीक हो, तो सरकार को ज्यादा surplus दे सकता है। 2. Surplus Transfer Policy में बदलाव अगर RBI के पास कुल पूंजी उसकी जरूरत से ज्यादा (7.5% से ऊपर) हो, तो उसे ‘Contingency Fund’ से निकालकर आय (income) माना जा सकता है। इससे सरकार को मिलने वाला लाभांश बढ़ सकता है। 3. Risk Assessment Process में कोई बदलाव नहीं हालांकि ढांचे में लचीलापन लाया गया है, लेकिन जोखिम मूल्यांकन की मौजूदा प्रक्रिया को बरकरार रखा गया है ताकि RBI की विश्वसनीयता और स्थिरता बनी रहे। सरकार को मिलेगा Record Surplus: कितना होगा लाभ? इस संशोधित ढांचे के तहत RBI ने केंद्र सरकार को ₹2.69 लाख करोड़ का रिकॉर्ड अधिशेष (dividend) देने का ऐलान किया है। यह बजट अनुमान ₹2.56 लाख करोड़ से अधिक है। यह भारत की GDP का लगभग 0.2% अतिरिक्त राजकोषीय स्थान प्रदान करेगा। बदलावों का असर (Impact of the New Economic Capital Framework) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon 2025

दक्षिण-पश्चिम Monsoon 2025 ने केरल में दी समय से पहले दस्तक Monsoon in Kerala

24 मई 2025: भारत में Monsoon 2025 ने इस साल समय से पहले दस्तक दी है। दक्षिण-पश्चिम Monsoon 2025 ने आज 24 मई को केरल में प्रवेश कर लिया, जो कि सामान्य तिथि 1 जून से 8 दिन पहले है। यह 2009 के बाद सबसे जल्दी मानसून की एंट्री है, जबकि सबसे जल्दी रिकॉर्डेड आगमन 1990 में 19 मई को हुआ था। IMD का अलर्ट: भारी बारिश की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने केरल और माहे में अत्यधिक भारी वर्षा (Extreme Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की है। अगले 2–3 दिनों में कुछ स्थानों पर 24 घंटे में 205 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है। कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी Monsoon Rain Alerts जारी किए गए हैं। कृषि के लिए वरदान है समय से पहले Monsoon समय से पहले मानसून का आगमन किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। धान, कपास, मक्का, गन्ना, सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों की समय पर बुवाई शुरू हो सकेगी। इससे फसलों की पैदावार और उत्पादकता में इज़ाफा होने की संभावना है। मानसून 2025: सामान्य से अधिक बारिश का पूर्वानुमान IMD के अनुसार, इस वर्ष भारत में औसत से अधिक बारिश (Above Normal Rainfall) होने की संभावना है। पूरे मौसम में 105% LPA (Long Period Average) वर्षा का अनुमान है, ±5% के उतार-चढ़ाव के साथ। राज्य सरकारें अलर्ट मोड पर केरल, कर्नाटक, और तमिलनाडु की सरकारों ने आपदा प्रबंधन बलों को तैयार कर लिया है। भूस्खलन, जलभराव और तेज हवाओं से निपटने के लिए हर जिले में आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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US-Iran

US-Iran Conflict: आज ईरान पर हमला करेगा अमेरिका? ट्रम्प ने जताई बड़ी Deal की उम्मीद

US-Iran के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका 25 अक्टूबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, इस बीच ट्रम्प ने दोनों देशों के बीच एक बड़ी डील होने की उम्मीद भी जताई है। एक तरफ अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपना रहा है, तो दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच क्या फैसला होता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर है। ट्रम्प ने ईरान को लेकर क्या कहा? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। उनका कहना है कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच एक बड़ी डील हो सकती है। ट्रम्प के बयान से यह साफ है कि अमेरिका दबाव बनाए रखने के साथ समझौते की संभावना पर भी विचार कर रहा है। हालांकि, 25 अक्टूबर को हमला करने का कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है। Iran Nuclear Program बना विवाद की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद चल रहा है। अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि ईरान ऐसा कोई कदम न उठाए, जिससे वह परमाणु हथियार विकसित कर सके। वहीं, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के आरोपों पर आपत्ति जताई है। दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी और शर्तों पर असहमति के कारण बातचीत आगे बढ़ाना आसान नहीं रहा है। परमाणु कार्यक्रम के अलावा आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इस विवाद को प्रभावित कर रहे हैं। ईरान भी बातचीत के लिए तैयार, लेकिन शर्तें अहम तनाव के बीच ईरान की ओर से भी बातचीत का रास्ता खुला रखने के संकेत मिले हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका के साथ समझौते की कोशिशों को दोबारा आगे बढ़ाने की जरूरत बताई है। हालांकि, बातचीत को लेकर दोनों देशों की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं। अमेरिका परमाणु कार्यक्रम पर ठोस आश्वासन चाहता है, जबकि ईरान अपनी शर्तों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को भी अहम मानता है। यही वजह है कि बड़ी डील की उम्मीद के बावजूद अभी यह कहना मुश्किल है कि दोनों देश जल्द किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे। Strait of Hormuz पर दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल सैन्य और राजनीतिक मामलों तक सीमित नहीं है। Strait of Hormuz भी इस विवाद का एक अहम हिस्सा है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। इसी कारण पश्चिम एशिया के हालात को लेकर दुनिया के कई देश सतर्क हैं। भारत पर क्या पड़ सकता है असर? अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चा तेल खरीदकर पूरा करता है। ऐसे में तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आने पर आयात खर्च बढ़ सकता है। इसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर भी पड़ सकता है। हालांकि, आम लोगों को कितना असर झेलना पड़ेगा, यह कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की विनिमय दर और सरकार की नीतियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, किसी संभावित हमले के कारण भारत में तेल की कीमतें बढ़ने की निश्चित भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी। US-Iran War Update: क्या आज हो सकता है हमला? 25 अक्टूबर को संभावित अमेरिकी कार्रवाई को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ट्रम्प सैन्य विकल्प चुनेंगे या बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। उनके बयान में दोनों संभावनाओं के संकेत हैं, लेकिन किसी नए हमले की अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है। अगर दोनों देश बातचीत के जरिए किसी समझौते पर पहुंचते हैं, तो तनाव कम करने का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर, बातचीत विफल होने पर हालात और जटिल हो सकते हैं। फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच अगला कदम क्या होगा, यह आने वाले घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। दुनिया की नजर अब ट्रम्प के अगले फैसले और दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत पर टिकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Election Commission: SIR Software की जानकारी क्यों नहीं देगा चुनाव आयोग? RTI में बताई वजह

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। इस बार मामला उस सॉफ्टवेयर से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल मतदाता सूची में रिकॉर्ड की जांच और गड़बड़ियों की पहचान के लिए किया जाता है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जब चुनाव आयोग से इस सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी मांगी गई, तो आयोग ने इसे सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया। आयोग का कहना है कि यह जानकारी ‘Trade Secret’ यानी व्यावसायिक गोपनीयता से जुड़ी है। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना सीधे तौर पर किसी नागरिक के मतदान के अधिकार से जुड़ा है। ऐसे में सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है, रिकॉर्ड में गड़बड़ी की पहचान कैसे होती है और गलत तरीके से किसी मतदाता का नाम हटने से रोकने के लिए क्या व्यवस्था है, इन सवालों पर चर्चा तेज हो गई है। RTI में SIR Software को लेकर क्या सवाल पूछे गए? तेलंगाना के करीमनगर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एमए मुजीब अय्यूब ने चुनाव आयोग से RTI के जरिए सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी मांगी थी। आवेदन में यह जानने की कोशिश की गई कि मतदाता सूची की जांच के दौरान तकनीक का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है। आवेदन में प्रमुख रूप से ये सवाल शामिल थे: इन सवालों का मकसद यह समझना था कि SIR के दौरान मतदाता सूची की जांच किस प्रक्रिया से होती है और संभावित तकनीकी गलतियों को कैसे रोका जाता है। Election Commission ने क्यों नहीं दी Software की जानकारी? चुनाव आयोग ने 16 अक्टूबर 2026 को दिए गए जवाब में सॉफ्टवेयर से जुड़ी कुछ तकनीकी जानकारियां साझा करने से इनकार कर दिया। आयोग ने RTI Act की धारा 8(1)(d) का हवाला देते हुए कहा कि मांगी गई जानकारी व्यावसायिक गोपनीयता, Trade Secret और बौद्धिक संपदा से संबंधित है। AI और Machine Learning के इस्तेमाल तथा सॉफ्टवेयर के काम करने के तरीके पर पूछे गए कुछ सवालों के जवाब में आयोग ने RTI Act की धारा 2(f) का उल्लेख किया। इस प्रावधान के तहत सूचना के अधिकार में वही जानकारी शामिल होती है, जो संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण के पास उपलब्ध हो या उसके नियंत्रण में हो। आयोग का कहना था कि मांगे गए कुछ सवाल स्पष्टीकरण से संबंधित हैं। रिकॉर्ड की जांच करने वाले अधिकारियों की पहचान से जुड़े सवाल पर आयोग ने धारा 8(1)(g) का भी हवाला दिया। यह प्रावधान कुछ परिस्थितियों में ऐसी जानकारी साझा करने से छूट देता है, जिससे किसी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। क्या SIR के लिए नया सॉफ्टवेयर बनाया गया था? RTI के जवाब में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR की प्रक्रिया के लिए कोई नया सॉफ्टवेयर विकसित या खरीदा नहीं गया था। आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन करने की जिम्मेदारी Electoral Registration Officer (ERO) की भूमिका से भी जोड़ी। यहां एक अहम बात समझना जरूरी है। मतदाता सूची में किसी रिकॉर्ड को जांच के लिए चिह्नित करना और किसी मतदाता का नाम हटाने का अंतिम निर्णय लेना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। नाम जोड़ने या हटाने का फैसला लागू चुनावी नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारी को करना होता है। इसलिए सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को लेकर उठ रहे सवालों के साथ यह जानना भी जरूरी है कि मानवीय जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया किस तरह काम करती है। SIR और ECINET को लेकर पहले भी उठे सवाल मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान तकनीकी प्रणालियों की भूमिका को लेकर पहले भी सवाल सामने आए हैं। सितंबर 2026 में The Indian Express की एक रिपोर्ट में ECINET सिस्टम और अधिकारियों की निर्णय प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी ने सॉफ्टवेयर तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर कुछ आपत्तियां दर्ज की थीं। इस मामले में चुनाव आयोग का पक्ष भी सामने आया था। आयोग ने कहा था कि अलग-अलग विचार निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं और फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। 26 सितंबर 2026 को आयोग ने ECINET की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का फैसला घोषित किया था। इसमें एक स्वतंत्र IIT या IIIT विशेषज्ञ को शामिल करने की बात कही गई थी। आयोग ने यह भी बताया था कि SIR के दौरान रिकॉर्ड में विसंगतियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जा सकता है। हालांकि, ECINET की समीक्षा और SIR सॉफ्टवेयर से जुड़ी RTI का मामला अलग-अलग पहलुओं से संबंधित है। दोनों को एक ही जांच या निर्णय का हिस्सा मानना उचित नहीं होगा। मतदाता सूची में नाम गलत होने पर क्या करें? SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम छूटने, विवरण गलत होने या रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने की स्थिति में संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। मतदाता इन बातों का ध्यान रख सकते हैं: नाम छूटने की स्थिति में Form 6 सहित संबंधित आवेदन का इस्तेमाल लागू नियमों और प्रक्रिया के अनुसार किया जा सकता है। आवेदन करने से पहले अपने क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी या चुनाव आयोग के आधिकारिक निर्देशों से इसकी पुष्टि कर लेना बेहतर है। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त OP Rawat ने क्या सुझाव दिया? इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने आवेदक को सक्षम प्राधिकारी के पास अपील करने का सुझाव दिया। उनके मुताबिक, अपील के जरिए मांगी गई जानकारी पर दोबारा विचार कराया जा सकता है। RTI के तहत जानकारी नहीं मिलने पर आवेदक निर्धारित समयसीमा और प्रक्रिया के अनुसार प्रथम अपील कर सकता है। इसके बाद भी समाधान नहीं मिलने पर कानून में उपलब्ध अन्य उपाय अपनाए जा सकते हैं। SIR Software Controversy: पारदर्शिता पर क्यों हो रही चर्चा? SIR सॉफ्टवेयर से जुड़ा विवाद केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं है। इसका संबंध इस बात से भी है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया कितनी स्पष्ट है और गलतियों को सुधारने के लिए नागरिकों को कितनी प्रभावी व्यवस्था मिलती है। इस मामले में तीन सवाल सबसे अहम हैं। पहला, मतदाता रिकॉर्ड में विसंगतियों की पहचान किस आधार पर होती है। दूसरा, AI या अन्य...
Odisha Cyclone

Odisha Cyclone Update: बंगाल की खाड़ी में तूफान की आहट, प्रशासन ने बढ़ाई तैयारी

Odisha Cyclone को लेकर चिंता बढ़ गई है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम का सिस्टम राज्य के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह बन सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। हालात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रहें। Odisha Weather Update: 28 अक्टूबर के आसपास बढ़ सकता है खतरा भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत हो रहा है। इसके डिप्रेशन और आगे चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के करीब पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। हालांकि, तूफान की दिशा, उसकी तीव्रता और तट के करीब पहुंचने की स्थिति में बदलाव संभव है। इसलिए अगले कुछ दिनों में मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा। Cyclone Alert: 90 KM/h तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार संभावित चक्रवात के कारण ओडिशा के तटीय और दक्षिणी इलाकों में मौसम खराब हो सकता है। कुछ प्रभावित क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। 27 से 29 अक्टूबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश भी हो सकती है। तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे मौसम में लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर समुद्र तट के आसपास रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है। Odisha School Holiday: 5 जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को छुट्टी खराब मौसम की आशंका को देखते हुए ओडिशा के पांच जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को 28 और 29 अक्टूबर को बंद रखने का फैसला किया गया है। इन जिलों में शामिल हैं: अन्य जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संबंधित जिला प्रशासन कर सकता है। ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपने जिले की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए। NDRF-ODRAF की टीमें तैनात, 302 टीमों को जिम्मेदारी चक्रवात से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य में करीब 60 ODRAF टीमें, 17 NDRF टीमें और 225 फायर सर्विस टीमें तैयार रखी गई हैं। इस तरह कुल 302 टीमों को आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार किया गया है। प्रशासन का ध्यान उन इलाकों पर है, जहां भारी बारिश से जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों और चक्रवात आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाएगा। अस्पतालों को भी जरूरी दवाइयों और मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। Fishermen Alert: मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह समुद्र में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्र में जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसके अलावा बिजली, पेयजल और सड़क जैसी जरूरी सेवाओं को सुचारु रखने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने को कहा गया है। तेज हवाओं से पेड़ गिरने या बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की तैयारी भी की जा रही है। किसानों को भी अपनी फसल और कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है। Odisha Cyclone: लोगों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान? संभावित चक्रवात के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन की सलाह पर सुरक्षित स्थानों पर जाएं। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखें। मछुआरे समुद्र में जाने से बचें और अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी ही देखें। ओडिशा में अगले कुछ दिन क्यों हैं अहम? बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम की दिशा और ताकत आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी। फिलहाल ओडिशा सरकार ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। पांच जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने और NDRF-ODRAF की टीमों को तैयार रखने जैसे कदमों का मकसद संभावित नुकसान को कम करना है। अब सभी की नजर मौसम विभाग के अगले बुलेटिन पर है। तूफान की दिशा या तीव्रता में बदलाव होने पर बारिश और हवा को लेकर चेतावनी भी बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।

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