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Mukul Dev

अभिनेता Mukul Dev का निधन 54 साल की उम्र में हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

बॉलीवुड और टेलीविजन जगत के जाने-माने अभिनेता मुकुल देव (Mukul Dev) का शुक्रवार, 23 मई 2025 को 54 वर्ष की उम्र में दुखद निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर ने पूरे फिल्म उद्योग को स्तब्ध कर दिया है। मुकुल देव का करियर (Mukul Dev Career Highlights) मुकुल देव ने अपने करियर की शुरुआत 1996 में टीवी सीरियल “मुमकिन” से की थी। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में फिल्म “दस्तक” से डेब्यू किया, जिसमें उन्होंने ACP रोहित मल्होत्रा का किरदार निभाया।उन्होंने “R… Rajkumar”, “Jai Ho”, और “Son of Sardaar” जैसी सुपरहिट फिल्मों में शानदार अभिनय कर दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई एक्टर ही नहीं, पायलट भी थे Mukul Dev कम लोग जानते हैं कि मुकुल देव एक पेशेवर पायलट भी थे। उन्होंने इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स से पायलट की ट्रेनिंग ली थी और एक एविएशन ट्रेनर के रूप में भी कार्य किया था। निधन का कारण (Mukul Dev Death Reason) रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकुल देव पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें ICU में भर्ती कराया गया था। हालाँकि, अभी तक उनके निधन का आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार वे पिछले कुछ हफ्तों से लोगों से दूरी बनाकर रह रहे थे और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो गए थे। बॉलीवुड सितारों ने दी श्रद्धांजलि (Tributes to Mukul Dev) मुकुल देव के निधन पर फिल्म जगत से जुड़े कई नामी सितारों ने दुख व्यक्त किया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Apple

Trump का Apple को झटका, India में बने iPhone पर लगेगा 25% टैरिफ, सभी Smartphone Brands पर असर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने Apple और अन्य स्मार्टफोन कंपनियों (Smartphone Brands) को बड़ा झटका देते हुए ऐलान किया है कि अगर iPhone या अन्य स्मार्टफोन्स का निर्माण भारत (India) या किसी और देश में किया गया है, तो अमेरिका में उन्हें बेचने पर 25% का भारी टैरिफ (Import Tariff) लगेगा। ट्रंप ने साफ किया कि उनका यह फैसला सिर्फ Apple तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी कंपनियों पर लागू होगा। उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही Tim Cook से कह दिया था – आप भारत में iPhone बना सकते हैं, लेकिन अगर आप अमेरिका में बेचना चाहते हैं, तो टैरिफ देना होगा।” iPhone के लिए Airlift: Apple ने भारत से भेजे 600 टन डिवाइसेस Apple ने ट्रंप के इस टैरिफ प्लान को भांपते हुए भारत से लगभग 600 टन iPhones को अमेरिका एयरलिफ्ट कर भेजा है ताकि जून के अंत से पहले स्टॉक भर सकें। जानकारों का मानना है कि यह कदम संभावित टैरिफ से पहले की रणनीति है। सिर्फ Apple नहीं, सभी ब्रांड्स पर असर Donald Trump ने स्पष्ट कहा कि यह टैरिफ नीति केवल Apple पर लागू नहीं होगी। “अगर हम सिर्फ Apple पर टैरिफ लगाते हैं और Samsung को छूट देते हैं, तो यह अनुचित होगा,” उन्होंने कहा। इसका मतलब है कि सैमसंग, शाओमी, ओप्पो, वीवो जैसी कंपनियां भी इस नीति के दायरे में आएंगी। 🇮🇳 India की Manufacturing Strategy पर असर भारत सरकार की PLI (Production Linked Incentive) योजना के तहत Apple, Samsung जैसी कंपनियों ने भारत में बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग शुरू की है। इससे भारत ग्लोबल स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग हब बनता जा रहा है। लेकिन अब अमेरिका के इस फैसले से भारत में बने iPhones की कीमत या बिक्री पर असर पड़ सकता है। भारत सरकार ने ट्रंप के इस बयान पर “wait and watch” की नीति अपनाई है। वाणिज्य विभाग के डायरेक्टर जनरल संतोश सारंगी ने कहा कि सरकार स्थिति पर नज़र रख रही है और जरूरत पड़ने पर प्रतिक्रिया देगी। क्या होगा असर? – Price Hike या Profit Loss विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में टैरिफ लागू होने पर दो ही रास्ते होंगे – या तो iPhones की कीमतें बढ़ेंगी, या Apple को अपने मुनाफे में कटौती करनी पड़ेगी। दोनों ही स्थितियाँ यूजर्स और ब्रांड्स के लिए मुश्किलें पैदा करेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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pancang

24 मई 2025 (शनिवार) का पंचांग (Panchang)

तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी, समाप्ति: 7:20 PM नक्षत्र: रेवती, समाप्ति: 1:48 PM योग: सौभाग्य, समाप्ति: 3:00 PM करण: तैतिल, समाप्ति: 8:58 AM सूर्योदय / सूर्यास्त: 5:46 AM / 7:01 PM चंद्रोदय / चंद्रास्त: 3:07 AM / 4:10 PM राहुकाल: 9:05 AM – 10:44 AM शुभ मुहूर्त: अभिजीत: 11:57 AM – 12:49 PM
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Daily Horoscope

24 मई 2025 शनिवार| (Saturday)| दैनिक राशिफल (Daily Horoscope)

मेष (Aries ♈) – घरेलू मामलों में उलझन रह सकती है। वृषभ (Taurus ♉) – धन संचित करने का उत्तम समय। मिथुन (Gemini ♊) – नौकरी में तनाव, पर समाधान मिलेगा। कर्क (Cancer ♋) – गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं। सिंह (Leo ♌) – निर्णय सोच-समझकर लें। कन्या (Virgo ♍) – भाग्य का साथ मिलेगा, यात्रा लाभकारी। तुला (Libra ♎) – व्यापार में नई डील संभव। वृश्चिक (Scorpio ♏) – संपत्ति विवाद सुलझेगा। धनु (Sagittarius ♐) – खर्च अधिक हो सकता है। मकर (Capricorn ♑) – बॉस से प्रशंसा मिलेगी। कुंभ (Aquarius ♒) – संतान से खुशखबरी मिलेगी। मीन (Pisces ♓) – मित्रों से सहयोग मिलेगा।
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Encounter

Chhattisgarh मुठभेड़ वांछित नक्सली नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज Encounter में ढेर – Naxal Commander Killed

छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में माओवाद के खिलाफ चलाए जा रहे सबसे बड़े ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 21 मई 2025 को अबूझमाड़ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ (Encounter) में भारत का सबसे वांछित नक्सली (Most Wanted Naxal) कमांडर नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज (Nambala Keshav Rao alias Basavaraj) मारा गया। इस कार्रवाई में कुल 27 माओवादी ढेर किए गए, जिनमें 12 महिलाएं भी शामिल थीं। कौन था बसवराज? बसवराज 2018 से भाकपा (माओवादी) का महासचिव था और संगठन की सैन्य रणनीति का प्रमुख मास्टरमाइंड माना जाता था। उसके सिर पर ₹1.5 करोड़ का इनाम घोषित था। वह 2010 के दंतेवाड़ा हमले और 2013 के झीरम घाटी नरसंहार जैसे कई बड़े नक्सली हमलों का प्रमुख साजिशकर्ता रहा है। ऑपरेशन की सफलता इस मुठभेड़( Encounter) में मारे गए 27 माओवादियों पर कुल ₹12.3 करोड़ का इनाम था। बसवराज के साथ मारे गए अधिकांश उग्रवादी उसकी सुरक्षा में तैनात थे। यह कार्रवाई केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त योजना के तहत की गई, जो 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री का बयान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऑपरेशन को माओवाद के खिलाफ “अंतिम कील” करार दिया। उन्होंने कहा, “यह नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार है। राज्य में शांति और विकास की राह अब और मजबूत होगी।” आगे की रणनीति हालांकि, माओवादी संगठन के अन्य शीर्ष नेता जैसे माडवी हिडमा अभी भी फरार हैं। सुरक्षा बल अब शेष नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bank of Baroda

Bank of Baroda भर्ती 2025 BOB Peon Recruitment में निकली 500 Vacancies

Bank of Baroda (BOB) ने 10वीं पास युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का शानदार मौका दिया है। बैंक ने ऑफिस असिस्टेंट (Peon) पदों पर 500 वैकेंसी की घोषणा की है। इच्छुक उम्मीदवार आज यानी 23 मई 2025 तक ही आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम समय सीमा आज रात 11:59 बजे है। यह भर्ती विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जा रही है और चयन ऑनलाइन परीक्षा व स्थानीय भाषा दक्षता परीक्षा के माध्यम से होगा। Bank of Baroda BOB Peon Recruitment 2025 की मुख्य बातें: आवेदन शुल्क (Application Fee): आवेदन कैसे करें (How to Apply): हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Drone Attack

Drone Attack in Moscow: मॉस्को एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला, DMK सांसद Kanimozhi का Delegation बाल-बाल बचा

मॉस्को, 23 मई 2025: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच मॉस्को एयरपोर्ट (Moscow Airport) पर एक बड़ा ड्रोन हमला (Drone Attack) उस समय हुआ जब DMK सांसद कनिमोझी (Kanimozhi) के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल (Indian Delegation) रूस पहुंचने वाला था। हमले के कुछ ही समय पहले यह प्रतिनिधिमंडल विनुकोवो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Vnukovo International Airport) पर लैंड करने वाला था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। Drone Attack के चलते रूस में हड़कंप रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूसी एयर डिफेंस सिस्टम (Russian Air Defense) ने मॉस्को की ओर आ रहे तीन ड्रोन (Three Drones) को समय रहते मार गिराया। इस हमले के बाद मॉस्को के तीन बड़े हवाई अड्डों – Vnukovo, Domodedovo और Sheremetyevo – पर कुछ समय के लिए उड़ानों पर रोक लगाई गई थी, लेकिन अब सभी हवाई सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। एक ही सप्ताह में 485 ड्रोन हमले इस घटना से पहले, रूस ने दावा किया था कि 19 से 22 मई के बीच उसने 485 यूक्रेनी ड्रोन (Ukrainian Drones) को मार गिराया है। इन हमलों में मॉस्को, रियाज़ान और येल्त्स जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया। येल्त्स के एक प्लांट से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि रियाज़ान की ऑयल रिफाइनरी में भारी आग लग गई थी। विदेशी डेलीगेशन पर बढ़ते खतरे ड्रोन हमले की टाइमिंग बेहद संवेदनशील थी क्योंकि उसी समय भारतीय सांसदों का डेलीगेशन रूस में लैंड कर रहा था। हालांकि, किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और सभी सदस्य सुरक्षित हैं। यह घटना अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन की भूमिका Russia-Ukraine War में अब ड्रोन हमले एक महत्वपूर्ण रणनीतिक हथियार बन चुके हैं। ये हमले न केवल सैन्य, बल्कि नागरिक इलाकों और उद्योगों को भी निशाना बना रहे हैं। इससे रूस की सुरक्षा तैयारियों की भी पोल खुल रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow Super Giants

LSG की शानदार जीत: Lucknow Super Giants ने Gujarat Titans को हराया

आईपीएल 2025 (IPL 2025) में Lucknow Super Giants (LSG) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए Gujarat Titans (GT) को 33 रनों से हरा दिया। इस मैच में LSG के ऑलराउंडर Mitchell Marsh ने IPL करियर का पहला शतक जड़ा, उन्होंने केवल 64 गेंदों पर 117 रन ठोके और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। Lucknow Super Giants मैच की हाईलाइट्स: Sanjiv Goenka का स्पेशल मैसेज – “नए परिवार सदस्य” को दी बधाई LSG के मालिक संजीव गोयनका ने जीत के बाद सोशल मीडिया पर टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने खासतौर पर तेज गेंदबाज William O’Rourke को “Super Giants परिवार का नया सदस्य” बताया। ओ’रूर्क ने चोटिल Mayank Yadav की जगह टीम में शामिल होकर जबरदस्त प्रदर्शन किया — 3 विकेट लेकर 27 रन दिए। गोयनका ने Gujarat Titans की पहल की भी सराहना की, जिसमें टीम ने lavender jersey पहनकर कैंसर जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “खेल सिर्फ जीत-हार नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने का माध्यम है।” Rishabh Pant ने टीम के संघर्ष को स्वीकारा LSG के कप्तान ऋषभ पंत ने मैच के बाद कहा, “इस सीजन में टीम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा — चोटें, असंगत प्रदर्शन — लेकिन खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी।” उन्होंने आगे जोड़ा कि टीम आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन कर भविष्य के लिए मजबूत नींव रखेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhool Chuk Maaf

Bhool Chuk Maaf Movie Review: राजकुमार राव और वामीका गब्बी की टाइम लूप कॉमेडी कैसी है?

निर्देशक: करण शर्मामुख्य कलाकार: राजकुमार राव, वामीका गब्बीशैली: रोमांटिक कॉमेडी, ड्रामारिलीज़ डेट: 23 मई 2025 (सिनेमाघर), 6 जून 2025 (OTT) भूल चूक माफ (Bhool Chuk Maaf) 2025 की एक बहुचर्चित हिंदी फिल्म है, जिसमें प्यार, भाग्य और आत्मचिंतन को एक हास्यपूर्ण लेकिन भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म का निर्देशन करण शर्मा ने किया है और इसमें राजकुमार राव और वामीका गब्बी ने मुख्य भूमिका निभाई है। कहानी की झलक Bhool Chuk Maaf कहानी बनारस के एक सीधे-सादे युवक रंजन (राजकुमार राव) की है, जो सरकारी नौकरी पाकर अपनी प्रेमिका तितली (वामीका गब्बी) से शादी करने का सपना देखता है। लेकिन भोलेनाथ से किया गया एक पुराना वादा भूल जाने के कारण वह एक टाइम लूप में फंस जाता है, जिसमें उसे अपनी शादी से एक दिन पहले का समय बार-बार जीना पड़ता है। यह टाइम लूप दर्शकों को एक रोमांचक और मनोरंजक यात्रा पर ले जाता है, जिसमें रंजन को अपने जीवन की गलतियों को समझने और सुधारने का मौका मिलता है। अभिनय और निर्देशन सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दर्शकों की राय मिली-जुली रही है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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US-Iran

US-Iran Conflict: आज ईरान पर हमला करेगा अमेरिका? ट्रम्प ने जताई बड़ी Deal की उम्मीद

US-Iran के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका 25 अक्टूबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, इस बीच ट्रम्प ने दोनों देशों के बीच एक बड़ी डील होने की उम्मीद भी जताई है। एक तरफ अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपना रहा है, तो दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच क्या फैसला होता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर है। ट्रम्प ने ईरान को लेकर क्या कहा? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। उनका कहना है कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच एक बड़ी डील हो सकती है। ट्रम्प के बयान से यह साफ है कि अमेरिका दबाव बनाए रखने के साथ समझौते की संभावना पर भी विचार कर रहा है। हालांकि, 25 अक्टूबर को हमला करने का कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है। Iran Nuclear Program बना विवाद की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद चल रहा है। अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि ईरान ऐसा कोई कदम न उठाए, जिससे वह परमाणु हथियार विकसित कर सके। वहीं, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के आरोपों पर आपत्ति जताई है। दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी और शर्तों पर असहमति के कारण बातचीत आगे बढ़ाना आसान नहीं रहा है। परमाणु कार्यक्रम के अलावा आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इस विवाद को प्रभावित कर रहे हैं। ईरान भी बातचीत के लिए तैयार, लेकिन शर्तें अहम तनाव के बीच ईरान की ओर से भी बातचीत का रास्ता खुला रखने के संकेत मिले हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका के साथ समझौते की कोशिशों को दोबारा आगे बढ़ाने की जरूरत बताई है। हालांकि, बातचीत को लेकर दोनों देशों की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं। अमेरिका परमाणु कार्यक्रम पर ठोस आश्वासन चाहता है, जबकि ईरान अपनी शर्तों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को भी अहम मानता है। यही वजह है कि बड़ी डील की उम्मीद के बावजूद अभी यह कहना मुश्किल है कि दोनों देश जल्द किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे। Strait of Hormuz पर दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल सैन्य और राजनीतिक मामलों तक सीमित नहीं है। Strait of Hormuz भी इस विवाद का एक अहम हिस्सा है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। इसी कारण पश्चिम एशिया के हालात को लेकर दुनिया के कई देश सतर्क हैं। भारत पर क्या पड़ सकता है असर? अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चा तेल खरीदकर पूरा करता है। ऐसे में तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आने पर आयात खर्च बढ़ सकता है। इसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर भी पड़ सकता है। हालांकि, आम लोगों को कितना असर झेलना पड़ेगा, यह कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की विनिमय दर और सरकार की नीतियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, किसी संभावित हमले के कारण भारत में तेल की कीमतें बढ़ने की निश्चित भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी। US-Iran War Update: क्या आज हो सकता है हमला? 25 अक्टूबर को संभावित अमेरिकी कार्रवाई को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ट्रम्प सैन्य विकल्प चुनेंगे या बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। उनके बयान में दोनों संभावनाओं के संकेत हैं, लेकिन किसी नए हमले की अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है। अगर दोनों देश बातचीत के जरिए किसी समझौते पर पहुंचते हैं, तो तनाव कम करने का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर, बातचीत विफल होने पर हालात और जटिल हो सकते हैं। फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच अगला कदम क्या होगा, यह आने वाले घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। दुनिया की नजर अब ट्रम्प के अगले फैसले और दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत पर टिकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SIR

Election Commission: SIR Software की जानकारी क्यों नहीं देगा चुनाव आयोग? RTI में बताई वजह

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। इस बार मामला उस सॉफ्टवेयर से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल मतदाता सूची में रिकॉर्ड की जांच और गड़बड़ियों की पहचान के लिए किया जाता है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जब चुनाव आयोग से इस सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी मांगी गई, तो आयोग ने इसे सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया। आयोग का कहना है कि यह जानकारी ‘Trade Secret’ यानी व्यावसायिक गोपनीयता से जुड़ी है। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना सीधे तौर पर किसी नागरिक के मतदान के अधिकार से जुड़ा है। ऐसे में सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है, रिकॉर्ड में गड़बड़ी की पहचान कैसे होती है और गलत तरीके से किसी मतदाता का नाम हटने से रोकने के लिए क्या व्यवस्था है, इन सवालों पर चर्चा तेज हो गई है। RTI में SIR Software को लेकर क्या सवाल पूछे गए? तेलंगाना के करीमनगर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एमए मुजीब अय्यूब ने चुनाव आयोग से RTI के जरिए सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी मांगी थी। आवेदन में यह जानने की कोशिश की गई कि मतदाता सूची की जांच के दौरान तकनीक का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है। आवेदन में प्रमुख रूप से ये सवाल शामिल थे: इन सवालों का मकसद यह समझना था कि SIR के दौरान मतदाता सूची की जांच किस प्रक्रिया से होती है और संभावित तकनीकी गलतियों को कैसे रोका जाता है। Election Commission ने क्यों नहीं दी Software की जानकारी? चुनाव आयोग ने 16 अक्टूबर 2026 को दिए गए जवाब में सॉफ्टवेयर से जुड़ी कुछ तकनीकी जानकारियां साझा करने से इनकार कर दिया। आयोग ने RTI Act की धारा 8(1)(d) का हवाला देते हुए कहा कि मांगी गई जानकारी व्यावसायिक गोपनीयता, Trade Secret और बौद्धिक संपदा से संबंधित है। AI और Machine Learning के इस्तेमाल तथा सॉफ्टवेयर के काम करने के तरीके पर पूछे गए कुछ सवालों के जवाब में आयोग ने RTI Act की धारा 2(f) का उल्लेख किया। इस प्रावधान के तहत सूचना के अधिकार में वही जानकारी शामिल होती है, जो संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण के पास उपलब्ध हो या उसके नियंत्रण में हो। आयोग का कहना था कि मांगे गए कुछ सवाल स्पष्टीकरण से संबंधित हैं। रिकॉर्ड की जांच करने वाले अधिकारियों की पहचान से जुड़े सवाल पर आयोग ने धारा 8(1)(g) का भी हवाला दिया। यह प्रावधान कुछ परिस्थितियों में ऐसी जानकारी साझा करने से छूट देता है, जिससे किसी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। क्या SIR के लिए नया सॉफ्टवेयर बनाया गया था? RTI के जवाब में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR की प्रक्रिया के लिए कोई नया सॉफ्टवेयर विकसित या खरीदा नहीं गया था। आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन करने की जिम्मेदारी Electoral Registration Officer (ERO) की भूमिका से भी जोड़ी। यहां एक अहम बात समझना जरूरी है। मतदाता सूची में किसी रिकॉर्ड को जांच के लिए चिह्नित करना और किसी मतदाता का नाम हटाने का अंतिम निर्णय लेना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। नाम जोड़ने या हटाने का फैसला लागू चुनावी नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारी को करना होता है। इसलिए सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को लेकर उठ रहे सवालों के साथ यह जानना भी जरूरी है कि मानवीय जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया किस तरह काम करती है। SIR और ECINET को लेकर पहले भी उठे सवाल मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान तकनीकी प्रणालियों की भूमिका को लेकर पहले भी सवाल सामने आए हैं। सितंबर 2026 में The Indian Express की एक रिपोर्ट में ECINET सिस्टम और अधिकारियों की निर्णय प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी ने सॉफ्टवेयर तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर कुछ आपत्तियां दर्ज की थीं। इस मामले में चुनाव आयोग का पक्ष भी सामने आया था। आयोग ने कहा था कि अलग-अलग विचार निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं और फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। 26 सितंबर 2026 को आयोग ने ECINET की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का फैसला घोषित किया था। इसमें एक स्वतंत्र IIT या IIIT विशेषज्ञ को शामिल करने की बात कही गई थी। आयोग ने यह भी बताया था कि SIR के दौरान रिकॉर्ड में विसंगतियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जा सकता है। हालांकि, ECINET की समीक्षा और SIR सॉफ्टवेयर से जुड़ी RTI का मामला अलग-अलग पहलुओं से संबंधित है। दोनों को एक ही जांच या निर्णय का हिस्सा मानना उचित नहीं होगा। मतदाता सूची में नाम गलत होने पर क्या करें? SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम छूटने, विवरण गलत होने या रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने की स्थिति में संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। मतदाता इन बातों का ध्यान रख सकते हैं: नाम छूटने की स्थिति में Form 6 सहित संबंधित आवेदन का इस्तेमाल लागू नियमों और प्रक्रिया के अनुसार किया जा सकता है। आवेदन करने से पहले अपने क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी या चुनाव आयोग के आधिकारिक निर्देशों से इसकी पुष्टि कर लेना बेहतर है। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त OP Rawat ने क्या सुझाव दिया? इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने आवेदक को सक्षम प्राधिकारी के पास अपील करने का सुझाव दिया। उनके मुताबिक, अपील के जरिए मांगी गई जानकारी पर दोबारा विचार कराया जा सकता है। RTI के तहत जानकारी नहीं मिलने पर आवेदक निर्धारित समयसीमा और प्रक्रिया के अनुसार प्रथम अपील कर सकता है। इसके बाद भी समाधान नहीं मिलने पर कानून में उपलब्ध अन्य उपाय अपनाए जा सकते हैं। SIR Software Controversy: पारदर्शिता पर क्यों हो रही चर्चा? SIR सॉफ्टवेयर से जुड़ा विवाद केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं है। इसका संबंध इस बात से भी है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया कितनी स्पष्ट है और गलतियों को सुधारने के लिए नागरिकों को कितनी प्रभावी व्यवस्था मिलती है। इस मामले में तीन सवाल सबसे अहम हैं। पहला, मतदाता रिकॉर्ड में विसंगतियों की पहचान किस आधार पर होती है। दूसरा, AI या अन्य...
Odisha Cyclone

Odisha Cyclone Update: बंगाल की खाड़ी में तूफान की आहट, प्रशासन ने बढ़ाई तैयारी

Odisha Cyclone को लेकर चिंता बढ़ गई है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम का सिस्टम राज्य के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह बन सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। हालात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रहें। Odisha Weather Update: 28 अक्टूबर के आसपास बढ़ सकता है खतरा भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत हो रहा है। इसके डिप्रेशन और आगे चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के करीब पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। हालांकि, तूफान की दिशा, उसकी तीव्रता और तट के करीब पहुंचने की स्थिति में बदलाव संभव है। इसलिए अगले कुछ दिनों में मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा। Cyclone Alert: 90 KM/h तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार संभावित चक्रवात के कारण ओडिशा के तटीय और दक्षिणी इलाकों में मौसम खराब हो सकता है। कुछ प्रभावित क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। 27 से 29 अक्टूबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश भी हो सकती है। तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे मौसम में लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर समुद्र तट के आसपास रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है। Odisha School Holiday: 5 जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को छुट्टी खराब मौसम की आशंका को देखते हुए ओडिशा के पांच जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को 28 और 29 अक्टूबर को बंद रखने का फैसला किया गया है। इन जिलों में शामिल हैं: अन्य जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संबंधित जिला प्रशासन कर सकता है। ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपने जिले की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए। NDRF-ODRAF की टीमें तैनात, 302 टीमों को जिम्मेदारी चक्रवात से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य में करीब 60 ODRAF टीमें, 17 NDRF टीमें और 225 फायर सर्विस टीमें तैयार रखी गई हैं। इस तरह कुल 302 टीमों को आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार किया गया है। प्रशासन का ध्यान उन इलाकों पर है, जहां भारी बारिश से जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों और चक्रवात आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाएगा। अस्पतालों को भी जरूरी दवाइयों और मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। Fishermen Alert: मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह समुद्र में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्र में जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसके अलावा बिजली, पेयजल और सड़क जैसी जरूरी सेवाओं को सुचारु रखने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने को कहा गया है। तेज हवाओं से पेड़ गिरने या बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की तैयारी भी की जा रही है। किसानों को भी अपनी फसल और कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है। Odisha Cyclone: लोगों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान? संभावित चक्रवात के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन की सलाह पर सुरक्षित स्थानों पर जाएं। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखें। मछुआरे समुद्र में जाने से बचें और अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी ही देखें। ओडिशा में अगले कुछ दिन क्यों हैं अहम? बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम की दिशा और ताकत आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी। फिलहाल ओडिशा सरकार ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। पांच जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने और NDRF-ODRAF की टीमों को तैयार रखने जैसे कदमों का मकसद संभावित नुकसान को कम करना है। अब सभी की नजर मौसम विभाग के अगले बुलेटिन पर है। तूफान की दिशा या तीव्रता में बदलाव होने पर बारिश और हवा को लेकर चेतावनी भी बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।

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