भारत में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ (Gangster Himanshu Bhau) को अमेरिका में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे लास वेगास में पकड़ा गया। उसके साथ गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भी हिरासत में लिया गया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब भारतीय एजेंसियों की नजर उन्हें वापस भारत लाने की प्रक्रिया पर है।
हिमांशु भाऊ लंबे समय से पुलिस की तलाश में था। हरियाणा और दिल्ली समेत कई जगहों पर दर्ज आपराधिक मामलों के चलते वह जांच एजेंसियों के रडार पर रहा है। अगस्त 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। अमेरिका में गिरफ्तारी की खबर ऐसे समय आई है, जब भारतीय एजेंसियां विदेश में मौजूद वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की कोशिश कर रही हैं।
अमेरिका में कैसे पकड़ा गया Himanshu Bhau?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका के लास वेगास क्षेत्र में हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई में हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से मिले इनपुट और अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE की भूमिका बताई गई है।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दोनों को अमेरिकी हिरासत केंद्र में रखा गया है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी सभी परिस्थितियों और आगे की कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
हरियाणा STF और भारतीय एजेंसियां दोनों को भारत वापस लाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रत्यर्पण या इमिग्रेशन प्रक्रिया के जरिए उनकी वापसी कब तक संभव होगी।
हिमांशु भाऊ पर 30 से ज्यादा आपराधिक मामले
हिमांशु भाऊ का नाम हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टरों में गिना जाता है। वह रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला बताया जाता है। पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्ट्स में उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, धमकी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों का जिक्र मिलता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके खिलाफ 30 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्ट्स में मामलों की संख्या अलग बताई गई है। अगस्त 2023 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के समय उसे 18 मामलों में वांछित बताया गया था।
जांच एजेंसियों का आरोप रहा है कि विदेश में रहने के बावजूद हिमांशु भाऊ का कथित नेटवर्क भारत में सक्रिय था। उसके गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका कई आपराधिक घटनाओं में जांच के दायरे में रही है।
2023 में Interpol ने क्यों जारी किया था Red Corner Notice?
हिमांशु भाऊ के खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसका उद्देश्य सदस्य देशों की मदद से किसी वांछित व्यक्ति का पता लगाना और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी गिरफ्तारी में सहयोग करना होता है।
रेड कॉर्नर नोटिस को अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट समझना सही नहीं है। किसी आरोपी को दूसरे देश से भारत लाने के लिए संबंधित देश के कानून और प्रत्यर्पण या अन्य लागू कानूनी प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है।
अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद अब भारतीय एजेंसियों के सामने अगला बड़ा कदम उसे भारत वापस लाने और यहां दर्ज मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने का है।
Neeraj Faridpuria भी पुलिस की रडार पर
हिमांशु भाऊ के साथ नीरज फरीदपुरिया को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। नीरज का नाम हरियाणा और दिल्ली-NCR से जुड़े कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके खिलाफ भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोप शामिल हैं। रिपोर्ट्स में उसे हिमांशु भाऊ के कथित नेटवर्क और अन्य गैंग से जुड़ी गतिविधियों के संदर्भ में भी बताया गया है।
दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां उनके कथित नेटवर्क, संपर्कों और भारत में दर्ज मामलों से संबंधित जानकारी जुटा सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
Elvish Yadav के घर पर Firing Case में भी आया था नाम
हिमांशु भाऊ के कथित गैंग का नाम यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना की जांच में भी सामने आया था। अगस्त 2025 में हुई इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर गैंग के नाम से एक कथित पोस्ट सामने आने की खबरें आई थीं।
पुलिस ने इस मामले में आरोपियों की भूमिका और संभावित गैंग कनेक्शन की जांच की थी। हिमांशु भाऊ के कथित नेटवर्क का नाम सामने आने के बाद यह मामला भी चर्चा में रहा।
हालांकि, किसी घटना में गैंग का नाम सामने आना और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी अदालत में साबित होना अलग-अलग बातें हैं। संबंधित मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।
Lawrence Bishnoi Gang से दुश्मनी की भी चर्चा
हिमांशु भाऊ को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का विरोधी बताया जाता रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में उसके कथित संबंध नीरज बवाना और अन्य गैंग से जुड़े लोगों के साथ भी बताए गए हैं।
पुलिस की जांच में उसके कथित नेटवर्क पर कारोबारियों को धमकाने, रंगदारी मांगने और हिंसक घटनाओं में शामिल होने के आरोप लगे हैं। हालांकि, अलग-अलग मामलों में आरोपियों की भूमिका और गैंग के बीच संबंधों की पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
Himanshu Bhau को भारत कब लाया जाएगा?
अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद अब सबसे अहम सवाल दोनों आरोपियों की भारत वापसी का है। भारतीय एजेंसियां अमेरिकी अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है।
भारत वापसी के लिए प्रत्यर्पण या इमिग्रेशन से जुड़ी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इसका फैसला संबंधित कानूनी प्रावधानों और अमेरिकी अधिकारियों की कार्रवाई के आधार पर होगा।
फिलहाल, हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को भारत लाने की निश्चित तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में होने वाली कार्रवाई पर जांच एजेंसियों और दोनों देशों के अधिकारियों की नजर रहेगी।
क्यों अहम है यह गिरफ्तारी?
अगर दोनों को भारत लाकर संबंधित मामलों में पूछताछ और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है, तो जांच एजेंसियों को उनके कथित नेटवर्क, संपर्कों और आपराधिक मामलों से जुड़ी अहम जानकारियां मिल सकती हैं। फिलहाल, आगे की तस्वीर उनकी कानूनी स्थिति और भारत वापसी की प्रक्रिया स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी।
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