बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff ) की कार पर हुई फायरिंग के मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब जांच में एक ऐसा पहलू सामने आया है, जिसने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि टीवी चैनलों पर संदिग्धों के चेहरे दिखने के बाद उन्हें मैसेज भेजकर अलर्ट किया गया था। कथित तौर पर मैसेज में कहा गया कि चेहरे सामने आ गए हैं, वहां से निकल जाओ।
मुंबई पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों तक जांच की जानकारी कौन पहुंचा रहा था। इसी बीच, एक आरोपी से पूछताछ में सलमान खान की तारीफ से जुड़ी पुरानी बात को भी हमले की संभावित वजह बताया गया है। पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
TV पर चेहरे दिखे तो Shooters को किया गया Alert
इंडियन एक्सप्रेस की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों का दावा है कि फायरिंग के बाद आरोपी अपने कथित हैंडलर के संपर्क में थे। टीवी पर घटना से जुड़े वीडियो और संदिग्धों के चेहरे दिखाए जाने के बाद एक आरोपी, रेहान अंसारी, को कथित तौर पर मैसेज भेजा गया।
मैसेज में कहा गया, “तुम्हारे चेहरे आ गए हैं, निकल जाओ वहां से।”
जांचकर्ताओं को संदेह है कि कोई व्यक्ति न्यूज चैनलों पर चल रही खबरों पर नजर रख रहा था और आरोपियों को बता रहा था कि पुलिस जांच कहां तक पहुंची है। इस जानकारी के आधार पर आरोपी अपनी गतिविधियां बदल रहे थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि मैसेज भेजने वाला व्यक्ति कौन था और उसे आरोपियों की मदद करने के निर्देश कहां से मिल रहे थे।
Salman Khan की तारीफ से क्यों जुड़ रहा है मामला?
इस केस में सलमान खान का नाम सामने आने की वजह टाइगर श्रॉफ का साल 2022 का एक बयान बताया जा रहा है। फिल्म ‘हीरोपंती 2’ के प्रमोशन के दौरान टाइगर से फिल्म की रिलीज डेट को लेकर सवाल पूछा गया था। उस समय उन्होंने सलमान खान की तारीफ करते हुए उन्हें इंडस्ट्री का असली टाइगर बताया था।
अब टाइम्स ऑफ इंडिया की 23 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में आरोपी फूल सिंह ने दावा किया कि उसे कथित साजिशकर्ता अनिल पंडित ने बताया था कि सलमान खान की तारीफ करने के कारण टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया गया।
हालांकि, यह आरोपी की ओर से बताई गई वजह है। पुलिस इसकी पुष्टि करने के लिए दूसरे सबूतों और आरोपियों के बयानों की जांच कर रही है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि हमला सिर्फ इसी टिप्पणी की वजह से हुआ था।
18 अक्टूबर को Juhu में हुई थी Firing
18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई थी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। टाइगर सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई थी।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए। जांच में उस बाइक की भी तलाश की गई, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर हमले के बाद भागने के लिए किया गया था। बाद में यह बाइक अंधेरी इलाके में मिली।
जांचकर्ताओं ने आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज, डिजिटल सबूत और यात्रा से जुड़ी जानकारियों को आपस में जोड़ा।
Kota की ट्रेन से पकड़े गए तीन कथित Shooters
फायरिंग के बाद तीन कथित हमलावर मुंबई से फरार हो गए थे। पुलिस की सूचना पर राजस्थान के कोटा में ट्रेन से तीनों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान फूल सिंह, रेहान उर्फ सुक्का और ऋतिक उर्फ रोशन के रूप में रिपोर्ट की गई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने भागने के दौरान बाइक, कैब और ट्रेन का इस्तेमाल किया था। जांचकर्ताओं को एक कैब ड्राइवर को किए गए सामान्य फोन कॉल से भी अहम सुराग मिला।
पुलिस का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर इंटरनेट आधारित कॉल और मैसेजिंग के जरिए संपर्क में थे। अब हिरासत में पूछताछ और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण से यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि उनके बीच किस तरह बातचीत होती थी और उन्हें निर्देश कौन देता था।
मामले में अब तक 10 गिरफ्तारियां
मुंबई पुलिस की जांच अब केवल कथित हमलावरों तक सीमित नहीं है। 24 अक्टूबर को आई रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था।
पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से भी कुछ आरोपियों को पकड़ा है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इनमें से कुछ लोगों ने कथित तौर पर हमले से पहले या बाद में मदद पहुंचाई थी। पुलिस उनकी भूमिका, आपसी संपर्क और कथित साजिश में शामिल होने के आरोपों की जांच कर रही है।
तीन प्रमुख आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजे जाने की रिपोर्ट भी सामने आई है। जांच के दौरान हथियारों की बरामदगी, डिजिटल बातचीत और कथित साजिश के पीछे के लोगों की पहचान अहम मुद्दे बने हुए हैं।
Lawrence Bishnoi Gang का नाम कैसे आया?
फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और ऑडियो संदेश सामने आया था, जिसमें अनिल पंडित नाम से एक व्यक्ति ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। संदेश में सलमान खान का भी जिक्र किया गया था।
पुलिस इस कथित दावे की प्रामाणिकता और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से इसके संबंधों की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को यह भी पता लगाना है कि हमले की योजना किसने बनाई, आरोपियों को किसने मदद दी और घटना के पीछे वास्तविक मकसद क्या था।
किसी सोशल मीडिया पोस्ट या ऑडियो में जिम्मेदारी लेने का दावा अपने आप में किसी व्यक्ति या संगठन की भूमिका का अंतिम प्रमाण नहीं होता। इसलिए पुलिस की जांच और सामने आने वाले ठोस सबूत इस मामले में अहम होंगे।
अब पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है?
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में जांच के कई पहलू अभी बाकी हैं। पुलिस यह जानना चाहती है कि आरोपियों को टीवी पर चल रही खबरों की जानकारी कौन दे रहा था, कथित हैंडलर की पहचान क्या है और हमले के पीछे किसकी भूमिका थी।
इसके अलावा, पैसों के लेनदेन, आरोपियों के संपर्कों और कथित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। सलमान खान की तारीफ से जुड़ी नाराजगी वाले दावे की भी पुष्टि की जानी बाकी है।
फिलहाल इस मामले में गिरफ्तारियां और पूछताछ जारी हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि फायरिंग की साजिश कैसे रची गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
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