अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने रविवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले की सुनवाई सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ करेगी।
मामले में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। 13 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में अदालत ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से एक सप्ताह के भीतर SIT की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT का गठन किया था। जांच टीम में लखनऊ मंडल के कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं।
इधर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच कराने और खातों को सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चढ़ावे के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए और यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाए।
पत्र में कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि ट्रस्ट के गठन की घोषणा संसद में की गई थी, जबकि इसके सदस्यों की नियुक्ति सरकार की ओर से की गई। ऐसे में सरकार की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
वहीं, मामले के मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष की 39 घंटे की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस ने टिन्नू की अर्टिगा कार, बुलेट मोटरसाइकिल, जमीन से जुड़े दस्तावेज और नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, टिन्नू के घर से 1 लाख रुपये और मनीष के घर से 2 लाख रुपये नकद मिले हैं।
टिन्नू पर मंदिर के दानपात्रों की देखरेख और मनीष पर चढ़ावे की गिनती का जिम्मा संभालने का आरोप है। इससे पहले पुलिस इस मामले में छह अन्य आरोपियों को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। मामले की जांच जारी है।
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