महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी (Bhiwandi) से शुक्रवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई। शहर के एक रिहायशी इलाके में स्थित चार मंजिला (G+4) इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव टीमों का कहना है कि मलबे के नीचे अभी भी 4 से 5 लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है।
सुबह-सुबह मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा सुबह उस समय हुआ जब आसपास के लोग अपने रोजमर्रा के काम में लगे हुए थे। अचानक तेज आवाज के साथ इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया। कुछ ही सेकंड में पूरा इलाका धूल के गुबार से भर गया और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय नागरिक सबसे पहले मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश शुरू की।
Repair Work के दौरान हुआ हादसा
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत में मरम्मत (Repair Work) चल रहा था। इसी दौरान भवन का एक हिस्सा अचानक गिर गया और देखते ही देखते पूरी संरचना मलबे में तब्दील हो गई। हालांकि हादसे की असली वजह क्या थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
Rescue Operation लगातार जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, नगर निगम और NDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनों, क्रेन और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे मलबे की जांच नहीं हो जाती, तब तक राहत अभियान जारी रहेगा। बचाव दल हर संभावित जगह पर सावधानी से सर्च ऑपरेशन चला रहा है।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
प्रशासन ने फिलहाल 9 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, राहत टीमों को आशंका है कि कुछ लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जर्जर इमारतों पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर महाराष्ट्र के पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई पुरानी इमारतें वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रही हैं, लेकिन समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए जाते। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे भवनों का नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट और समय पर मरम्मत बड़े हादसों को रोक सकती है।
प्रशासन ने जांच के दिए आदेश
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाएंगे कि इमारत की स्थिति क्या थी, मरम्मत का काम किसकी निगरानी में चल रहा था और कहीं सुरक्षा नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल क्या है स्थिति?
राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। जैसे-जैसे मलबा हटाया जा रहा है, वैसे-वैसे हादसे से जुड़ी नई जानकारियां सामने आ रही हैं। पूरे राज्य की नजर अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर बनी हुई है।
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