महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। Shiv Sena (UBT) में पिछले कई दिनों से चल रही अंदरूनी खींचतान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। खबर है कि पार्टी के कई बागी लोकसभा सांसद आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने अगले राजनीतिक कदम का ऐलान कर सकते हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत को फिर से गर्मा दिया है। यदि सांसद पार्टी से अलग होने की घोषणा करते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। अलग संसदीय समूह या शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि छह सांसद अलग संसदीय समूह बनाने की तैयारी में हैं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि ये सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अब तक किसी भी सांसद की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की निगाहें आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहां स्थिति पूरी तरह साफ हो सकती है। पार्टी बैठकों से दूरी ने बढ़ाई अटकलें पिछले कुछ दिनों से कई सांसद पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल नहीं हुए। इसी के बाद से शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें तेज हो गईं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में सांसद अलग होते हैं तो इसका असर केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति पर भी दिखाई देगा। उद्धव ठाकरे गुट ने अपनाया सख्त रुख संभावित बगावत के बीच उद्धव ठाकरे गुट ने भी सख्त रुख अपना लिया है। पार्टी की ओर से बागी सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष से यह अपील भी की गई है कि किसी नए गुट को जल्दबाजी में मान्यता न दी जाए। पार्टी का कहना है कि संगठन की विचारधारा और अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। संजय राउत का हमला, राजनीतिक बयानबाजी तेज शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए लालच दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को जनता का समर्थन होने का भरोसा है, तो पहले सांसद पद से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित सांसदों की ओर से भी इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राज ठाकरे और अमित शाह के बयान भी चर्चा में इस राजनीतिक संकट के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के समर्थन में बयान दिया है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना का नेतृत्व अब एकनाथ शिंदे के हाथों में मजबूत हुआ है। दोनों नेताओं के बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। Press Conference के बाद साफ होगी तस्वीर आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि बागी सांसद अलग होने का औपचारिक ऐलान करते हैं, तो शिवसेना (UBT) के सामने संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नई चुनौती खड़ी हो सकती है। वहीं यदि आखिरी समय में कोई सांसद अपना फैसला बदलता है, तो उद्धव ठाकरे गुट को कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों और आम लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले कुछ घंटे महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!