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Pakistani Anchor Crying Video Viral:

Pakistani Anchor Crying Video Viral: ऑपरेशन सिंदूर के बाद वायरल हुआ पाकिस्तानी एंकर के रोने का वीडियो

Indian Army’s ‘Operation Sindoor’ shook Pakistan. A viral video shows a Pakistani news anchor crying, claiming to mourn deaths due to the airstrike. Full details on Desh Harpal. भारतीय सेना ने पहलगाम हमले के जवाब में ‘Operation Sindoor’ के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में पाकिस्तानी एंकर का रोता हुआ चेहरा सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पाकिस्तानी न्यूज एंकर लाइव टीवी पर रोते हुए दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि वह भारतीय हवाई हमले में मारे गए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए दुख जता रही है। वीडियो में वह टूटे दिल से दया और हिम्मत की दुआ मांगती नजर आ रही है। एंकर रोते हुए कहती है कि जो मासूम शहीद हुए उनकी आत्मा को शांति मिले। क्या है वीडियो की सच्चाई? इस वायरल वीडियो की सत्यता की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कई लोग इसे हाल ही में भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का रिएक्शन मान रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो पुराने फुटेज का भी हो सकता है, जिसे मौजूदा हालात के साथ जोड़ा जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान में खौफ भारतीय सेना के ‘Operation Sindoor’ के बाद पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आतंकियों के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में असंतोष और भय का माहौल बना हुआ है। भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन के तहत आतंकवादियों के ठिकानों पर बड़ा प्रहार किया। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं लोग सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे भारतीय सेना की कड़ी प्रतिक्रिया मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि यह पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का हिस्सा भी हो सकता है। वायरल वीडियो और ऑपरेशन सिंदूर के बीच क्या संबंध है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान में हड़कंप जरूर मचा दिया है।
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Operation Sindoor

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर बना भारत की शान, पीएम मोदी बोले – “Pride of India”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को भारत के लिए “गर्व का विषय (Pride of India)” बताया और इसे भारतीय सेना की ताकत और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक कहा। यह ऑपरेशन 6 मई को उस आतंकी हमले के जवाब में किया गया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। प्रधानमंत्री ने सोमवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में कहा, “पूरा देश हमारी ओर देख रहा था। सेना ने जिस तरह से यह ऑपरेशन अंजाम दिया, वह सराहनीय है। हमें अपनी सेना पर गर्व है।” मंत्रियों ने मेज थपथपाकर ऑपरेशन की सराहना की और पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। Operation Sindoor की रणनीति और सफलता 6 मई की रात 1:05 बजे शुरू हुए इस हाईली कोऑर्डिनेटेड स्ट्राइक में मात्र 25 मिनट में दुश्मन के कब्जे वाले इलाके में मौजूद 9 आतंकी कैंप और ट्रेनिंग फैसिलिटीज को तबाह कर दिया गया। भारतीय वायुसेना ने इस मिशन में फ्रांस निर्मित HAMMER Bomb और SCALP Missile जैसे अत्याधुनिक स्टैंड-ऑफ हथियारों का इस्तेमाल किया। इस स्ट्राइक को इस तरह डिज़ाइन किया गया था कि दुश्मन को इसका अंदेशा भी न हो और अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सके। Operation Sindoor” नाम का भावनात्मक संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने इस मिशन का नाम ‘सिंदूर’ रखा, जो भारतीय संस्कृति में विवाहित महिलाओं के माथे की पहचान है। यह नाम उन महिलाओं को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में अपने पति खो दिए। यह सिर्फ एक सैन्य ऑपरेशन नहीं बल्कि मानवता और न्याय की लड़ाई का प्रतीक भी है। शहीदों के परिजनों की प्रतिक्रिया हमले में मारे गए सुमित परमार के भतीजे ने कहा, “हम सरकार के आभारी हैं। हमें लगता है कि हमारे परिवार को न्याय मिला है। हम पीएम मोदी से अपील करते हैं कि आतंकवाद का सफाया पूरी तरह हो।” देशभर में सराहना और समर्थन कैबिनेट मंत्रियों ने एकमत से ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया और प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की तारीफ की। पूरे देश में इस जवाबी कार्रवाई को सराहा जा रहा है और सोशल मीडिया पर लोग इसे #OperationSindoor और #PrideOfIndia के रूप में ट्रेंड करा रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor

Operation Sindoor: India Strikes Terror Targets in PoK, China Expresses Concern

भारत ने 7 मई 2025 को एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन, जिसे ‘Operation Sindoor’ कहा गया, पाकिस्तान और पाकिस्तान-आधारित कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए शुरू किया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य जम्मू और कश्मीर में हुए पहलगाम हमले में मारे गए भारतीय नागरिकों का बदला लेना था। भारत ने दावा किया कि इस कार्रवाई के तहत जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। Operation Sindoor के प्रमुख तथ्य: Operation Sindoor में भारतीय सेना ने पाकिस्तान-आधारित कश्मीर (PoK) के आतंकी कैंपों पर हमले किए, जिसमें कई आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया गया। यह हमला पाकिस्तान के बालाकोट इलाके में हुआ, जहां आतंकवादी समूहों की गतिविधियाँ जारी थीं। भारत सरकार के मुताबिक, यह हमले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ किए गए थे और इसने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लिया, जिसमें 26 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। पाकिस्तान का विरोध: पाकिस्तान ने इस हमले में नागरिकों के मरने की पुष्टि की और भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया। भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव बढ़ गया है और दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष का खतरा उत्पन्न हो गया है। पाकिस्तान ने इस हमले को उकसावे का कारण बताया और इसके जवाब में कड़े कदम उठाने की धमकी दी। चीन की प्रतिक्रिया: भारत के Operation Sindoor पर चीन ने गहरी चिंता जताई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “चीन भारत की सैन्य कार्रवाई पर खेद व्यक्त करता है और वर्तमान घटनाओं के संबंध में चिंतित है। चीन आतंकवाद के सभी रूपों का विरोध करता है और दोनों देशों से अपील करता है कि वे शांति बनाए रखें और संयम बरतें, ताकि स्थिति और जटिल न हो।” चीन का यह बयान उसकी पहले की नीति के अनुरूप है, जिसमें उसने हमेशा भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने और विवादों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की वकालत की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का संदेश: संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन इस बढ़ते तनाव पर नजर बनाए हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भारत और पाकिस्तान से शांति बनाए रखने और सैन्य संघर्ष से बचने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से आग्रह किया है कि वे बातचीत के जरिए समाधान खोजें और क्षेत्रीय शांति को खतरे में न डालें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor: India's Decisive Strike Against Terrorism

Operation Sindoor:भारतीय सेना ने इन दमदार मिसाइलों से मचाया पाकिस्तान में कोहराम

भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर किया करारा प्रहार Operation Sindoor: India’s Decisive Strike Against Terrorism 7 मई की रात भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में यह सैन्य अभियान शुरू किया गया, जिसमें अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों का उपयोग किया गया। SCALP मिसाइल: दुश्मन के किले पर सटीक वार इस अभियान में भारतीय सेना ने SCALP क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया। फ्रांसीसी-ब्रिटिश मूल की यह मिसाइल लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है। 250 से 560 किमी तक की रेंज और 1000 किमी प्रति घंटे की गति वाली इस मिसाइल का वजन 1300 किलोग्राम है। राफेल और यूरोफाइटर टाइफून से दागी जाने वाली इस मिसाइल का उपयोग इराक, लीबिया और सीरिया में भी हो चुका है। HAMMER मिसाइल: हवा से जमीन तक अचूक वार फ्रांसीसी कंपनी SAFRAN द्वारा निर्मित HAMMER मिसाइल मध्यम दूरी की मिसाइल है। इसकी रेंज 20 से 70 किलोमीटर तक हो सकती है। GPS और लेजर गाइडेंस से लैस इस मिसाइल में इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग का भी सामना करने की क्षमता है। इसका उपयोग अफगानिस्तान, लीबिया, इराक और माली में किया गया है। राफेल की ताकत: पाकिस्तान के लिए खौफ Rafale fighter jets की गति 2202 किमी प्रति घंटा है, जो पाकिस्तान के JF-17 और J-10 से अधिक है। इसकी फ्यूल कैपेसिटी 11,202 लीटर है और यह 50 हजार फीट तक उड़ सकता है। राफेल में लगी SCALP और HAMMER मिसाइलों के कारण पाकिस्तान में इसका डर हमेशा बना रहता है। ऑपरेशन सिंदूर का संदेश इस अभियान ने न केवल आतंकवादियों को कड़ा संदेश दिया है, बल्कि पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के मन में भय भी पैदा किया है। राफेल की मारक क्षमता और आधुनिक मिसाइल तकनीक ने यह साबित कर दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
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Rahul Gandhi News, Shankaracharya Avimukteshwaranand

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सनातन धर्म से बहिष्कृत! शंकराचार्य ने सुनाया बड़ा फैसला

Breaking: Shankaracharya Expels Rahul Gandhi from Sanatan Dharma, Here’s Why उत्तराखंड के बद्रीनाथ स्थित ज्योतिर्मठ से सनातन धर्म को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से सार्वजनिक रूप से बहिष्कृत करने की घोषणा कर दी है। शंकराचार्य का आरोप है कि राहुल गांधी ने संसद में मनुस्मृति के खिलाफ जो टिप्पणी की, उससे संपूर्ण सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि संसद में राहुल गांधी ने कहा कि “बलात्कारी को बचाने का फॉर्मूला संविधान में नहीं, आपकी किताब में है” — जो सीधा मनुस्मृति को लेकर कहा गया माना गया। पहले दी गई थी चेतावनी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, राहुल गांधी को तीन महीने पहले एक नोटिस भेजा गया था, जिसमें पूछा गया था कि उन्होंने जो बात मनुस्मृति के बारे में कही, वह ग्रंथ में कहां लिखी है? लेकिन राहुल गांधी की ओर से न कोई जवाब आया और न ही उन्होंने क्षमा याचना की। सार्वजनिक बहिष्कार की घोषणा इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, शंकराचार्य ने अब औपचारिक रूप से राहुल गांधी को सनातन धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि “जो व्यक्ति धर्म ग्रंथों का सार्वजनिक रूप से अपमान करे और पश्चाताप भी न करे, वह हिंदू नहीं रह सकता।” क्या है आगे की राह? यह बयान राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही स्तरों पर बड़ी बहस का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या धार्मिक संस्थाओं को किसी राजनेता को धर्म से बहिष्कृत करने का अधिकार है? और क्या राहुल गांधी को अब सफाई देनी चाहिए? देश हरपल इस मुद्दे पर होने वाले हर अपडेट को आप तक पहुंचाता रहेगा।
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India Pakistan tension

War Before War: भारत की स्ट्रैटेजिक स्ट्राइक से बिना लड़े ही कंगाल हो रहा Pakistan

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत ने पाकिस्तान को जवाब देने के लिए जो रणनीति बनाई है, वो किसी मिसाइल या बम से कम नहीं है। ये ‘वॉटर स्ट्राइक’ और ‘फाइनेंशियल स्ट्राइक’ इतनी असरदार साबित हो रही हैं कि पाकिस्तान युद्ध लड़े बिना ही आर्थिक रूप से थकने लगा है। भारत ने सबसे पहले सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) पर पुनर्विचार शुरू कर दिया और पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इससे पाकिस्तान को दोहरी मार पड़ी – एक तो पानी का दबाव और दूसरा व्यापारिक घाटा। हर दिन जल रहा अरबों का इंधन:एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान हर रोज़ करीब 4 अरब पाकिस्तानी रुपये सिर्फ बॉर्डर अलर्ट पर खर्च कर रहा है। यानी न युद्ध हुआ, न गोली चली, लेकिन आर्थिक नालियों में उसका खजाना बहता जा रहा है। सिर्फ ‘अलर्ट’ रहने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। चीन ने भी बनाई दूरी:जहां पहले चीन पाकिस्तान का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार माना जाता था, अब उसी चीन ने धीरे-धीरे दूरी बनानी शुरू कर दी है। बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट ठंडे पड़ चुके हैं और आर्थिक मदद की गारंटी भी नहीं दी जा रही। परमाणु की धमकी… लेकिन जेब खाली:पाकिस्तान की ओर से अक्सर परमाणु हमले की धमकियां दी जाती हैं, लेकिन जिस देश की जेब पहले से ही खाली हो और IMF की शर्तों पर बंधा हो, वो युद्ध की भारी कीमत कैसे चुका पाएगा? यही बड़ा सवाल है। भारत की ‘War Before War’ रणनीति:भारत ने बिना सीमा लांघे, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ऊर्जा को कमज़ोर करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। यही है असली ‘War Before War’ – जिसमें दुश्मन खुद ही थककर मैदान छोड़ दे।
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Pahalgam Terror Attack

Pahalgam Attack: इसी महिला की बहादुरी से सामने आया आतंकी का चेहरा

​ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई। इस हमले में एक बहादुर महिला की सूझबूझ और साहस ने आतंकियों की पहचान में अहम भूमिका निभाई।​ 📸 महिला ने खींची आतंकी की तस्वीर Pahalgam Attack के दौरान, जब गोलियों की बौछार से लोग इधर-उधर भाग रहे थे, तब एक महिला ने साहस दिखाते हुए हमलावर की तस्वीर अपने मोबाइल फोन से खींच ली। इस तस्वीर में आतंकी का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को उनकी पहचान करने में मदद मिली। इस महिला की बहादुरी की सराहना पूरे देश में हो रही है।​ 🕵️‍♂️ आतंकियों की पहचान और जांच सुरक्षा एजेंसियों ने हमले के पीछे तीन आतंकियों की पहचान की है: असीफ फूजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा। ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन “द रेजिस्टेंस फ्रंट” (TRF) से जुड़े हुए हैं। हमलावरों ने बायसरण घाटी में पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हुए। ​ 🌍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और भारत की कार्रवाई हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं और कूटनीतिक स्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है। ​ 🧭 निष्कर्ष पहलगाम आतंकी हमले में महिला की बहादुरी ने आतंकियों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि आम नागरिकों की सतर्कता और साहस से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मदद मिल सकती है।​
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Pahalgam Terror Attack

Cross-Border Marriage Crisis: अब फस गयी पाकिस्तान में ब्याही महिलाएं

नई दिल्ली।Pahalgam Terror Attack के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों की खाई और चौड़ी हो गई है। इस बार सिर्फ राजनयिक बयानबाज़ी नहीं हुई, Diplomatic Fallout इतना गहरा है कि दोनों देशों की सरकारों ने एक-दूसरे के नागरिकों को फौरन देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। लेकिन इस एक फैसले ने एक अनदेखी Fault Line को सबके सामने उजागर कर दिया है—उन भारतीय महिलाओं की, जिन्होंने पाकिस्तानियों से शादी की थी। इनमें से अधिकांश महिलाएं जम्मू-कश्मीर और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों से हैं, जो कभी प्यार तो कभी धोखे में सीमा पार चली गई थीं। अब जबकि दोनों देशों के बीच तनातनी चरम पर है, तो पाकिस्तान सरकार ने उन्हें वापसी देने से इनकार कर दिया है। भारत सरकार की तरफ से उन्हें अपने वीज़ा या निवास को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं मिल रहे हैं, जिससे वे Legal Limbo में फंस गई हैं। Cross-Border Marriage Crisis: पाकिस्तान से रिश्ता, भारत में शक भारत में इन महिलाओं को दोहरी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है—एक तरफ वे कानूनी मान्यता के लिए संघर्ष कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उन पर पाकिस्तानी जासूसी एजेंसियों से जुड़े होने का शक किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे मामलों में महिलाएं कई बार अनजाने में या मजबूरी में Spy Tools बन जाती हैं। Social और National Security Concern बनती महिलाएंजानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में कई बार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इन महिलाओं का इस्तेमाल ‘स्लीपर सेल’ या ‘soft espionage’ के लिए करती है। उन्हें भारत भेज कर संवेदनशील इलाकों में बसाया जाता है।जब ये महिलाएं लौटती हैं, तो उनके पास Pakistan की रहन-सहन, नेटवर्क और विचारधारा का असर होता है, जो आगे जाकर भारत की सुरक्षा नीति के लिए चिंता बन सकता है।
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Pakistan Terror Support Confession

Pakistan Terror Support Confession पाक के रक्षा मंत्री ने खुद कबूली 30 साल की गलती

Pakistan Terror Support Confession डेस्क रिपोर्ट।“Terror Support”, “Freedom Fighters”, “Nuclear Threats” – ये तीन keywords पिछले 24 घंटे में पाकिस्तान की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय छवि पर सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरे हैं। एक ओर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने British चैनल ‘The Sky’ को दिए इंटरव्यू में ये कबूल किया कि उनका देश 30 सालों से आतंकियों को ट्रेनिंग देता रहा है और ये सब अमेरिका और पश्चिमी देशों के कहने पर किया गया, वहीं दूसरी ओर विदेश मंत्री इशाक डार ने आतंकियों को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बताकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया। ❝ Terrorism को पालना एक बड़ी गलती थी, अब हम उसकी सज़ा भुगत रहे – ख्वाजा आसिफ ❞ ब्रिटिश एंकर यल्दा हकीम के एक तीखे सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ(Khawaja Asif) ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने वैश्विक शक्तियों के कहने पर कई आतंकी गुटों को सपोर्ट किया और ये गंदा काम 30 साल तक चलता रहा। उन्होंने माना कि अगर पाकिस्तान ने 1980 के दशक में सोवियत यूनियन के खिलाफ जंग में दखल न दिया होता और 9/11 के बाद अमेरिका के साथ जुड़कर आतंक के खिलाफ लड़ाई न लड़ी होती, तो आज उनका देश ‘बेदाग’ होता। आसिफ ने साफ कहा – “हमने एक बहुत बड़ी भूल की और अब इसकी सजा भुगत रहे हैं। पाकिस्तान को एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया।” ❝ Nuclear Powers के बीच Conflict दुनिया के लिए खतरा – पाकिस्तान ❞ कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले को लेकर जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा, तो ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी कि “अगर भारत ने कोई एक्शन लिया, तो पाकिस्तान जवाब देने को मजबूर होगा।”उन्होंने कहा – “हमारे पास कोई और विकल्प नहीं रहेगा। दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं, इसलिए दुनिया को इस टकराव से डरना चाहिए।”हालांकि उन्होंने ये उम्मीद भी जताई कि मामला बातचीत से सुलझ सकता है। ❝ TRF और LeT? हमें तो नाम भी नहीं पता – पाकिस्तान ❞ जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि क्या TRF यानी ‘The Resistance Front’ लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने इस नाम को पहली बार सुना है। और फिर लश्कर-ए-तैयबा को ही ‘पुराना और अप्रासंगिक’ बता दिया। ❝ ये आतंकी नहीं, Freedom Fighters हो सकते हैं – विदेश मंत्री इशाक डार ❞ दूसरी तरफ पाकिस्तान के विदेश मंत्री और डिप्टी PM इशाक डार (Iswhaq Dar ) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो कहा, उसने आग में घी डालने का काम किया। उन्होंने कहा – “हमें शुक्रगुजार होना चाहिए कि ये लोग फ्रीडम फाइटर्स भी हो सकते हैं। हमें नहीं पता ये कौन हैं, पर भारत हमेशा अपनी नाकामी का दोष पाकिस्तान पर डालता है।” उन्होंने भारत की तरफ से मिले सबूतों की मांग करते हुए कहा कि “अगर उनके पास कुछ है, तो दुनिया के सामने पेश करें।” साथ ही उन्होंने बांग्लादेश और अफगानिस्तान की अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं ताकि इस मसले पर कूटनीतिक प्रतिक्रिया तैयार की जा सके। 🔴 निष्कर्ष: पाकिस्तान की सरकार के दो शीर्ष मंत्रियों ने इस पूरे मामले में जो बयान दिए हैं, उसने उसकी विदेश नीति, आंतरिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर आतंकियों को 30 साल तक समर्थन देने की स्वीकारोक्ति और दूसरी ओर उन्हें ‘फ्रीडम फाइटर’ कहने की कोशिश – यह स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान आज भी उस दोराहे पर खड़ा है, जहाँ उसे तय करना होगा कि वह आतंक का साथ देगा या शांति का। 👉 अधिक अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Desh Harpal से।
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Indo -Pak Tension-LoC Firing: पाकिस्तान की हरकतों से बढ़ा तनाव , Indian Army का करारा जवाब

नई दिल्ली/श्रीनगर। LoC firing के जरिए पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी बौखलाहट का प्रदर्शन किया है। गुरुवार देर रात जम्मू-कश्मीर में Line of Control (LoC) के कई क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों से अकारण फायरिंग की। हालांकि, Indian Army ने इस कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तानी सेना की इस नापाक कोशिश में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा तनाव और गहरा गया है। खासकर Pahalgam Attack के बाद पाकिस्तान की घबराहट और बढ़ गई है, और वह Indian retaliation से डरा हुआ है। इसी डर के चलते वह नियंत्रण रेखा पर उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। Pahalgam Attack के बाद से LoC पर मूवमेंट तेज सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, Indian Army ने नियंत्रण रेखा पर हुई गोलीबारी का “सटीक और प्रभावी” जवाब दिया है। गुरुवार रात को पुंछ और राजौरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाकिस्तान ने अचानक गोलीबारी शुरू की, लेकिन भारत ने अपने अनुभव और रणनीति के बल पर उसे शांत कर दिया। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब पहुलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद देश में आक्रोश है और केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ zero tolerance की नीति अपनाई है। Indian Army की सतर्कता और रणनीतिक जवाब पाकिस्तान की इस हरकत से यह साफ है कि वह भारत को अस्थिर करने के अपने प्रयासों से बाज नहीं आ रहा है। Indian defence forces पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं और ऐसी किसी भी हरकत का तुरंत और करारा जवाब देने को तैयार हैं। सेना के एक अधिकारी ने बताया, “हमारे जवान हर मोर्चे पर सतर्क हैं। LoC पर शांति भंग करने की किसी भी कोशिश का जवाब दिया जाएगा और पाकिस्तान को उसकी भाषा में समझाया जाएगा।” Indo -Pak Tension , लेकिन नियंत्रण में है स्थिति इस घटना के बाद सीमावर्ती गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, नागरिकों से अफवाहों से बचने और सुरक्षाबलों का सहयोग करने की अपील की गई है। Desh Harpal की राय:LoC पर पाकिस्तान की यह हरकत उसकी हताशा को दर्शाती है। भारत ने जिस तरह से हर हमले का जवाब संयम और ताकत से दिया है, वह देश की सैन्य क्षमता और रणनीतिक दृढ़ता का प्रमाण है। ऐसे समय में जनता को चाहिए कि वह सेना और सरकार पर भरोसा बनाए रखे, क्योंकि जवाब सिर्फ बंदूक से नहीं, बल्कि नीति और रणनीति से भी दिया जा रहा है
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दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

भोपाल में पहले बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचा, 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज

भोपाल के नीलबड़ स्थित गोरा गांव में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कमलेश राजपूत ने पहले ही बिक चुके 800 वर्गफीट के प्लॉट का दोबारा सौदा कर धर्मेंद्र कुमार शर्मा से 3 लाख रुपए एडवांस ले लिए। रजिस्ट्री कराने की तय तारीख पर आरोपी रजिस्ट्रार ऑफिस नहीं पहुंचा, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने आरोपी कमलेश राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में नाम देखकर किया सौदा पुलिस के अनुसार, आरोपी ने प्लॉट के ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपना नाम दिखाकर धर्मेंद्र कुमार शर्मा से सौदा किया था। 800 वर्गफीट के प्लॉट की कीमत 3.30 लाख रुपए तय हुई थी। इसके बाद धर्मेंद्र ने किस्तों में आरोपी को 3 लाख रुपए एडवांस दे दिए। हालांकि, जांच में सामने आया कि आरोपी करीब दो महीने पहले ही यह प्लॉट शुभम यादव को बेच चुका था। शुभम के नाम पर प्लॉट की रजिस्ट्री भी हो चुकी थी, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण नहीं हुआ था। रजिस्ट्री कराने नहीं पहुंचा आरोपी पुलिस के मुताबिक, रिकॉर्ड में नामांतरण नहीं होने का फायदा उठाकर आरोपी ने कथित तौर पर प्लॉट का दोबारा सौदा कर रकम ले ली। जब रजिस्ट्री कराने की तय तारीख पर आरोपी रजिस्ट्रार ऑफिस नहीं पहुंचा, तो धर्मेंद्र को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। टीटी नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी ने किस तरह प्लॉट का दोबारा सौदा किया और रकम लेने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

इंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा

इंदौर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन जारी है। 5 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने अपने आंदोलन को ‘Gen Z Protest 2.0’ नाम दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद वे अपनी मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। 19 अक्टूबर को भंवरकुआं चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समय रहते हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इसके बाद उन्हें करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा गया। रिहा होने के बाद युवाओं ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुटने की अपील की गई थी। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान और महात्मा गांधी की तस्वीरें थीं। इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियों के जरिए अपनी मांगें भी रखीं। 50-60 पुलिसकर्मियों ने हटाया, प्रदर्शनकारी का दावा प्रदर्शनकारी योगित गुप्ता के मुताबिक, 19 अक्टूबर को वह अपने 10 साथियों के साथ भंवरकुआं चौराहे पर पहुंचे थे। उनके पास पेट्रोल से भरी बोतलें थीं और वे आत्मदाह करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान करीब 50 से 60 पुलिसकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक वहां से हटा दिया। योगित ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें आत्मदाह करने से रोकने के बाद करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और वे अपनी मांग को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे।
Neha Bora

Neha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा

दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। 22 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा (Neha Bora) ने साफ कहा कि उन्होंने कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शन के लिए न तो कोई कॉल दिया और न ही वह वहां गई थीं। उनके इस बयान के बाद CJP प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। Neha Bora की ओर से अदालत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। उनका कहना है कि जिस प्रदर्शन से उन्हें जोड़कर कार्रवाई की गई, उसमें उनकी भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। अब इस मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। Delhi High Court में नेहा बोरा ने क्या कहा? दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह वहां मौजूद नहीं थीं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष के मुताबिक, नेहा को हिरासत में लेने की प्रक्रिया और उसके बाद जारी किए गए नोटिस के लिए पर्याप्त आधार नहीं बताया गया। नेहा बोरा ने अदालत में पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को भी चुनौती दी है, जिसमें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने की शर्त रखी गई थी। क्या है Neha Bora और CJP प्रदर्शन का पूरा मामला? यह पूरा विवाद 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से जुड़ा है। इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध दर्ज कराने की योजना थी। नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें शांति बनाए रखने के लिए मुचलका देने से संबंधित नोटिस जारी किया गया। नेहा की ओर से अदालत में कहा गया कि मंडी हाउस में प्रस्तावित सभा और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन को एक ही मामला मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस के कदम को चुनौती देते हुए नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए हैं। CJP Leaders Update: सौरव दास और आशुतोष रांका को भी मिली राहत CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका का नाम भी चर्चा में है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 21 अक्टूबर को दोनों की रिहाई का आदेश दिया गया। इसके लिए उन्हें निजी और जमानती मुचलके भरने तथा निर्धारित शर्तों का पालन करने को कहा गया। दोनों नेताओं की हिरासत और नेहा बोरा की याचिका ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है। SIR Controversy: क्यों हो रहा है विरोध? मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों से मुचलका भरवाने जैसे मुद्दे अदालत तक पहुंच गए हैं। अब आगे क्या होगा? दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा की ओर से पुलिस के नोटिस और हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही अहम होगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि हाईकोर्ट ने नेहा बोरा को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है या पुलिस का नोटिस रद्द कर दिया है। मामले में अंतिम आदेश की पुष्टि होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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