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Chhangur Baba ISI Connection

Chhangur Baba ISI Connection : छांगुर बाबा का षड्यंत्रकारी जाल अब भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती

उत्तर प्रदेश ATS और ईडी (ED) की संयुक्त जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, छांगुर बाबा की करतूतों की परतें एक-एक कर सामने आती जा रही हैं। धर्मांतरण के नाम पर शुरू हुआ यह खेल अब सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ता नजर आ रहा है। धर्मांतरण से लेकर जासूसी तक – पूरी प्लानिंग थी तैयार सूत्रों की मानें तो छांगुर बाबा सिर्फ हिंदुओं को इस्लाम में बदलने का काम नहीं कर रहा था, बल्कि इसका मकसद भारत में सांप्रदायिक ज़हर फैलाना और देश की एकता को तोड़ना था।जांच एजेंसियों को जो दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत मिले हैं, उनमें नेपाल कनेक्शन सबसे खतरनाक साबित हुआ है। काठमांडू स्थित पाकिस्तानी दूतावास में ISI एजेंटों के साथ छांगुर नेटवर्क की एक गुप्त बैठक भी हुई थी, जिसमें भारत में स्लीपर सेल एक्टिवेट करने की प्लानिंग शामिल थी। ISI एजेंटों से निकाह और जासूसी में महिलाओं की भूमिका छांगुर बाबा की सबसे खतरनाक योजना थी – आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू महिलाओं को धर्म के नाम पर फंसाकर पहले इस्लाम कबूल करवाना, फिर नेपाल ले जाकर उनका निकाह ISI एजेंटों या स्लीपर सेल से कराना। इसके बाद इन महिलाओं को भारत में जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बनाने के लिए एक कोडवर्ड सिस्टम तक तैयार कर लिया गया था। इस साजिश में नेपाल की जमीन का इस्तेमाल ट्रांजिट और रिक्रूटमेंट सेंटर के तौर पर किया जा रहा था। ATS और ED का एक्शन मोड ON उत्तर प्रदेश एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने बरेली, कानपुर, प्रयागराज और लखनऊ समेत कई जिलों में रेड कर छांगुर बाबा से जुड़े दर्जनों संदिग्धों को हिरासत में लिया है। कई बैंक खातों में संदिग्ध विदेशी फंडिंग के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। डिजिटल सबूत और कोडवर्ड सिस्टम निष्कर्ष: एक बाबा, एक रैकेट और एक अंतरराष्ट्रीय खतरा! छांगुर बाबा का मामला सिर्फ धर्मांतरण तक सीमित नहीं है। यह एक बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी साजिश है, जिसमें भारत को अंदर से कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी। इस केस की तह तक जाने के लिए ATS और ED की जाँच निर्णायक मोड़ पर है।
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Slice Bank UPI ATM, India first UPI ATM,

Game Changing! Slice Bank ने लॉन्च किया India का 1st UPI ATM, अब बिना कार्ड के निकलेगा कैश

भारत की फिनटेक दुनिया में एक और बड़ा इनोवेशन हुआ है। Slice Bank ने देश का पहला UPI ATM लॉन्च कर दिया है। अब आप बिना डेबिट कार्ड के सिर्फ अपने फोन से QR Code स्कैन कर के कैश निकाल सकेंगे। इस कदम को भारतीय बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में एक game-changing innovation माना जा रहा है। क्या है UPI ATM और कैसे करता है काम? यह कोई साधारण ATM नहीं है। UPI ATM एक ऐसा स्मार्ट ATM है जिसमें आपको न तो डेबिट कार्ड लगाने की जरूरत है और न ही PIN डालने की। बस UPI ऐप (जैसे कि PhonePe, Google Pay, Paytm आदि) से QR Code स्कैन करिए और तुरंत कैश निकालिए। UPI ATM से पैसे निकालने का तरीका: Cash Deposit की सुविधा भी जल्द: Slice Bank के मुताबिक मशीन में UPI से cash deposit की सुविधा भी हैं । क्यों खास है Slice Bank का UPI ATM? ✅ बिना कार्ड के कैश निकालने की सुविधा।✅ भारत के डिजिटल पेमेंट को और accessible बनाना।✅ ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में banking सुविधा पहुंचाना।✅ फास्ट और secure transactions। भारत में Fintech का बढ़ता दायरा भारत दुनिया का सबसे बड़ा UPI मार्केट बन चुका है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 तक भारत में UPI के जरिए प्रतिदिन 1,200 मिलियन से ज्यादा transactions हो रही हैं। अब UPI ATM के आने से cash withdrawal का तरीका भी पूरी तरह बदलने जा रहा है। Slice Bank कौन है? Slice Bank एक नया-age Fintech platform है, जिसने youth को target करते हुए credit cards, payment apps और BNPL (Buy Now Pay Later) services में नाम कमाया है। अब UPI ATM के जरिए company banking sector में भी बड़ी शुरुआत कर रही है।
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mobile voting in Bihar

Mobile e-Voting: बिहार में मोबाइल से होगा मतदान

Mobile e-Voting बिहार ने देश में पहली बार नगर निकाय चुनावों के लिए मोबाइल एप से वोटिंग की शुरुआत की है। जानिए कैसे काम करता है यह ब्लॉकचेन बेस्ड e-Voting सिस्टम और कौन-कौन कर सकता है इसका उपयोग। पटना | देश हरपल डेस्क:भारत के लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बिहार पहला राज्य बन गया है, जहां नगर निकाय चुनावों में मोबाइल ऐप से ई-वोटिंग (e-Voting) को अनुमति दी गई है। इस डिजिटल वोटिंग प्रणाली की शुरुआत 28 जून 2025 को पटना, रोहतास और पूर्वी चंपारण जिलों की 6 नगर परिषदों में की गई है। यह प्रणाली विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और प्रवासी वोटर्स के लिए राहत लेकर आई है, जो किसी कारणवश मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते। कैसे काम करता है यह Secure e-Voting सिस्टम? इस मोबाइल वोटिंग सिस्टम को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain Technology) और फेस रिकग्निशन (Face Recognition) जैसे अत्याधुनिक तकनीकों से सुरक्षित बनाया गया है। सुरक्षा के विशेष इंतजाम: कैसे करें ई-वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन? ई-वोटिंग के लिए e-SECBHR मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (फिलहाल यह केवल एंड्रॉयड पर उपलब्ध है): यह सुविधा किनके लिए है? क्या विधानसभा चुनावों में होगा इसका प्रयोग? राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने कहा कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। इसकी सफलता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा कि क्या इसे आगामी विधानसभा चुनावों में लागू किया जा सकता है। यह कदम न केवल लोकतंत्र को तकनीकी रूप से उन्नत बना रहा है, बल्कि उन लाखों लोगों को भी जोड़ने की दिशा में है जो पारंपरिक वोटिंग में भाग नहीं ले पाते। देश हरपल की राय: बिहार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की यह पहल निश्चित ही डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो भविष्य में पूरे देश में इस तकनीक को अपनाया जा सकता है। आपकी क्या राय है? क्या आप मोबाइल से वोट डालने के इस नए सिस्टम को अपनाएंगे?कमेंट कर बताएं, और यह खबर अपने दोस्तों से शेयर करें
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Indian Army

International Yoga Day 2025, Indian Army का High Altitude Yoga Mission

21 जून 2025 को पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी International Yoga Day धूमधाम से मनाया गया, लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) ने इसे बेहद अलग अंदाज़ में सेलिब्रेट किया। सेना ने देश के सबसे ऊंचे और कठिन इलाकों जैसे Siachen Glacier, Shahi Kangri, Pangong Lake, और Galwan Valley में योग कर यह साबित किया कि Yoga केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि discipline, strength और mental focus का प्रतीक है। कहां-कहां हुआ Indian Army का योग अभ्यास? Shahi Kangri Lake (लगभग 20,000 फीट) – जवानों ने बर्फ से ढकी सतह पर माइनस तापमान में योग किया।Galwan Valley (~15,000 फीट) – सामरिक दृष्टि से बेहद अहम इस क्षेत्र में जवानों ने शारीरिक और मानसिक मजबूती के लिए योग किया।Siachen Glacier (दुनिया का सबसे ऊँचा युद्धक्षेत्र) – बेस कैंप से लेकर फॉरवर्ड पोस्ट तक योगाभ्यास कर जवानों ने साहस का प्रदर्शन किया।Pangong Lake और Border Villages – “One Earth, One Health” थीम के साथ सामूहिक योग का आयोजन हुआ।Nubra Valley – सेना और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर एकजुटता और शांति का संदेश दिया। Yoga Benefits for Soldiers in High Altitude Areas Physical Fitness – ऊँचाई पर योग करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और ऑक्सीजन की कमी से लड़ने में मदद मिलती है।Mental Wellness – कठोर परिस्थितियों में योग तनाव को कम करता है और फोकस बढ़ाता है।Discipline & Team Spirit – सामूहिक योग से एकजुटता और अनुशासन का भाव मज़बूत होता है।Global Message – Army ने “Yoga For One Earth, One Health” के ज़रिए पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और सामूहिक चेतना का संदेश दिया। Indian Army की Courageous Background हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Air India

Air India Boeing Crash Black Box रिपोर्ट में Power Loss की पुष्टि

12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए Air India Boeing 787 Crash को लेकर चल रही जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा पायलट की गलती (Pilot Error) से नहीं बल्कि अचानक हुई बिजली (Power) फेलियर की वजह से हुआ। आइए जानें इस हादसे से जुड़े सभी अहम अपडेट। Air India Plane Crash – क्या हुआ था फ्लाइट में? क्या है RAT सिस्टम और क्यों हुआ एक्टिव? इंजन में कोई खराबी नहीं, फिर क्या था कारण? Black Box जांच और इंटरनेशनल एजेंसियाँ शामिल पायलट और ट्रेनिंग रिकॉर्ड्स क्लियर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FASTag

FASTag Annual Pass निजी वाहनों के लिए ₹3,000 में सालभर टोल फ्री यात्रा, 15 अगस्त से लागू

नई दिल्ली | देश हरपल ब्यूरोदेशभर के लाखों निजी वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा करते हुए बताया कि ₹3,000 में FASTag आधारित वार्षिक पास की सुविधा 15 अगस्त 2025 से लागू की जा रही है। क्या है यह ₹3,000 वाला FASTag वार्षिक पास? इस पास के जरिए कोई भी निजी वाहन (Car, Jeep, Van आदि) देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बिना बार-बार टोल देने के अधिकतम 200 यात्राओं या एक साल तक (जो भी पहले हो) निर्बाध यात्रा कर सकेगा।यह सुविधा केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए है, और इससे टोल प्लाजाओं पर लगने वाली भीड़ और प्रतीक्षा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। कैसे मिलेगा यह पास? नितिन गडकरी ने ‘X’ (पूर्व Twitter) पर जानकारी दी कि इस वार्षिक पास को Highway Travel App, NHAI और MoRTH की वेबसाइट पर एक अलग लिंक के माध्यम से सक्रिय (activate) किया जा सकेगा।जल्द ही रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी भी जारी की जाएगी 60 KM दायरे की टोल समस्याओं पर सीधा समाधान यह नीति विशेष रूप से उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो रोजाना 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाजाओं से होकर यात्रा करते हैं।अब उन्हें हर बार टोल देने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि एक सिंगल ट्रांजैक्शन में सालभर के लिए सुविधा मिल जाएगी। क्या बदल जाएगा इस पॉलिसी से? नितिन गडकरी ने क्या कहा? “यह वार्षिक पास नीति, टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने, विवादों को समाप्त करने और निजी वाहन चालकों के लिए एक तेज़ व सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए लाई जा रही है।” — नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्र सरकार की यह पहल जहां आम नागरिकों की जेब पर असर कम करेगी, वहीं इससे डिजिटल टोल भुगतान और इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रैकिंग में भी सुधार होगा। FASTag सिस्टम के जरिए एक डिजिटली कनेक्टेड और ट्रांसपेरेंट टोल मैकेनिज्म की ओर भारत आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Census 2027

India Census 2027 Digital गिनती और Caste Data Collection का ऐलान

भारत सरकार ने जनगणना 2027 (Census 2027) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह जनगणना कई मायनों में खास होगी—इस बार प्रक्रिया पूरी तरह Digital होगी और जातिगत आंकड़े (Caste Data) भी इकट्ठा किए जाएंगे। Census 2027 Key Dates – कब और कहां होगी जनगणना? जनगणना दो चरणों में होगी: हाउस लिस्टिंग (House Listing) चरण जनसंख्या गणना (Population Enumeration) चरण Census 2027 होगी Digital, Self-Enumeration Portal भी लॉन्च सरकार इस बार जनगणना में Digital Tools का उपयोग करेगी: 1931 के बाद पहली बार होगी जातीय जनगणना (Caste Census) इस जनगणना में: कितने लोग होंगे शामिल? Census 2027 Highlights (मुख्य बातें) चरण तारीख गतिविधि हाउस लिस्टिंग (हिम क्षेत्र) 1 अक्टूबर 2026 घर व सुविधाओं की जानकारी हाउस लिस्टिंग (अन्य क्षेत्र) 1 मार्च 2027 घर व सुविधाओं की जानकारी जनसंख्या गणना मार्च 2027 के बाद जाति, शिक्षा, रोजगार, जनसांख्यिकीय विवरण डेटा प्रोसेसिंग दिसंबर 2027 तक (संभावित) डिजिटल विश्लेषण और रिपोर्ट हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ahmedabad

Ahmedabad Plane Crash हादसे से पहले एक तस्वीर और ज्योतिषीय चेतावनी ने बढ़ाया रहस्य

हादसा या संयोग? एयर इंडिया Ahmedabad AI171 फ्लाइट क्रैश से पहले छपा विज्ञापन और ज्योतिषी की भविष्यवाणी बना सोशल मीडिया पर मिस्ट्री पॉइंट 12 जून 2025 को एयर इंडिया की Ahmedabad से लंदन (गैटविक) जाने वाली फ्लाइट AI171, टेक-ऑफ के कुछ मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था, जिसमें 242 लोग सवार थे। दुखद रूप से, इस हादसे में सिर्फ एक यात्री ही जीवित बच पाया — जिसे “चमत्कारी उत्तरजीवी” कहा जा रहा है। Ahmedabad घटना ने पूरे देश को गहरे शोक और सदमे में डाल दिया है, लेकिन इसके साथ ही एक रहस्यमयी संयोग ने सबका ध्यान खींचा है — जिसने इस क्रैश को सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक रहस्य और चेतावनी में बदल दिया। KidZania का विज्ञापन या भविष्य की झलक? गुजरात के लोकप्रिय दैनिक अखबार मिड-डे के उसी दिन, यानी 12 जून के संस्करण के पहले पन्ने पर छपा एक विज्ञापन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह विज्ञापन बच्चों के मनोरंजन व लर्निंग हब KidZania से जुड़ा था, जिसमें एक Air India विमान की तस्वीर दिखाई गई थी — जो एक मिनिएचर शहर की इमारत से उड़ता हुआ प्रतीत हो रहा था। ज्योतिषी गौरव पुरोहित की भविष्यवाणी फिर चर्चा में इस बीच ज्योतिषाचार्य गौरव पुरोहित का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने इस तरह की संभावित वायु मार्ग दुर्घटना को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी। गौरव जी पिछले 5 वर्षों से राजनीति, युद्ध, सामाजिक घटनाओं पर ज्योतिषीय विश्लेषण करते आ रहे हैं। उनका दावा है: क्या यह महज संयोग था या चेतावनी? जहां विज्ञान इस दुर्घटना की तकनीकी जांच में जुटा है, वहीं आमजन अब यह सवाल पूछ रहे हैं – क्या यह सब ‘कॉस्मिक अलर्ट’ था? भारत में कई लोग इस दुर्घटना और विज्ञापन के मेल को “दिव्य संयोग” मान रहे हैं, और सोशल मीडिया पर #AI171Coincidence ट्रेंड कर रहा है। 242 में से एक उत्तरजीवी: उम्मीद की एक किरण फिलहाल सभी की निगाहें उस एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति पर हैं, जो शायद दुनिया को इस हादसे की सच्ची कहानी सुना सके।सरकारी जांच एजेंसियां, DGCA और एयर इंडिया हादसे की जाँच में जुटी हैं, और ब्लैक बॉक्स रिकवर भी हो चुका है। जहां एक ओर यह हादसा तकनीकी खामियों की संभावनाओं के साथ जांच के घेरे में है, वहीं लोगों के मन में इसके रहस्यमयी पहलू भी सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या यह सिर्फ संयोग था, या कोई आभास, कोई ज्योतिषीय चेतावनी? देश एक गहरे शोक में डूबा है, लेकिन यह घटना विज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के बीच एक नई बहस भी छेड़ गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर! यदि आप इस विषय पर अपनी राय देना चाहते हैं, तो कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।
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Kerala school rivalry news in Hindi

Kerala school rivalry news: 50 साल पुरानी रंजिश में दो बुजुर्गों ने पूर्व सहपाठी पर किया हमला

केरल के कासरगोड में 50 साल पुराना स्कूल विवाद बना हिंसा का कारण Kerala school rivalry news – केरल के कासरगोड जिले के मलोम कस्बे से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्कूल टाइम की 50 साल पुरानी रंजिश ने दो बुजुर्गों को हिंसा के रास्ते पर धकेल दिया। बालाल ग्राम पंचायत स्थित नटक्कल्लू एडेड स्कूल में साथ पढ़ने वाले तीन पूर्व सहपाठी—वी.जे. बाबू (62), मालोथु बालकृष्णन, और मैथ्यू वलियप्लक्कल—के बीच वर्षों पुराना विवाद फिर से उभर आया। होटल के बाहर हुआ हमला, टूटा दोस्ती का दिखावा घटना सोमवार को जनग्राम होटल के बाहर हुई, जब तीनों की आकस्मिक मुलाकात हो गई। बातचीत के दौरान पुरानी रंजिश फिर से भड़क उठी। रिपोर्ट के मुताबिक, बालकृष्णन ने बाबू को पकड़ लिया और मैथ्यू ने एक बड़ा पत्थर उठाकर बाबू के चेहरे और शरीर पर हमला कर दिया। इस हमले में बाबू के दो दांत टूट गए और उन्हें गंभीर हालत में परियारम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज, कन्नूर में भर्ती कराया गया। गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज, हो सकती है जेल वेल्लरिकुंड पुलिस थाने के निरीक्षक टी.के. मुकुंदन के अनुसार, अगर मेडिकल रिपोर्ट में यह साबित हुआ कि बाबू के दांत हमले के कारण टूटे हैं, तो यह अपराध गैर-जमानती हो जाएगा। हमले के आरोप में बालकृष्णन और मैथ्यू पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया गया है: ₹1.5 लाख में सुलह की पेशकश, शराब की भी संभावना पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, घायल वी.जे. बाबू ने इस मामले को कोर्ट से बाहर सुलझाने की इच्छा जताई है, लेकिन बदले में ₹1.5 लाख की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी बयान दिया कि हमले के समय हमलावरों द्वारा शराब का सेवन किया गया हो सकता है। 50 साल पुरानी दुश्मनी का मनोवैज्ञानिक पहलू Kerala school rivalry news- विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल में हुए छोटे-छोटे बुलींग या टकराव का असर लंबे समय तक मानसिक रूप से बना रह सकता है, खासकर अगर उसे सुलझाया न जाए। यह घटना बताती है कि बचपन की घटनाएं, अगर मन में बैठ जाएं, तो बुजुर्ग अवस्था में भी हिंसा का रूप ले सकती हैं।
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Shashank Singh

IPL 2025 Final में Shashank Singh की धमाकेदार पारी Punjab Kings के लिए मैच का टर्निंग पॉइंट

IPL 2025 के फाइनल मैच में Shashank Singh ने Punjab Kings के लिए एक शानदार और दमदार प्रदर्शन किया। उनके बेहतरीन 61* रन ने टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया, लेकिन Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने 6 रनों से जीत हासिल कर अपना पहला IPL खिताब जीता। मैच का पूरा हाल: Shashank IPL 2025 Performance Highlights: कप्तान Shreyas Iyer की प्रतिक्रिया: Punjab Kings के कप्तान Shreyas Iyer ने कहा,“Shashank Singh ने इस IPL सीजन में हमारी टीम की रीढ़ की तरह काम किया है। उनकी पारी ने फाइनल में टीम को लड़ने का मौका दिया।” सोशल मीडिया पर Shashank Singh का जलवा: IPL 2025 के दौरान Shashank Singh सोशल मीडिया पर #ClutchKing के नाम से ट्रेंड करते रहे। फैंस ने उन्हें “Punjab Kings का फिनिशर” और “Match Winner” बताया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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