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अमेरिका नहीं China बना India से बड़ा खरीदार – Plan-B का बड़ा कमाल

वैश्विक व्यापार की तस्वीर तेजी से बदल रही है और इसका सीधा फायदा अब भारत को मिल रहा है। जहां पहले उम्मीद थी कि अमेरिका भारत से इस खास प्रोडक्ट का सबसे बड़ा खरीदार बनेगा, वहीं अब चीन (China) ने बाजी मार ली है। China ने भारत से इस प्रोडक्ट की बड़ी मात्रा में खरीद शुरू कर दी है, जिससे एक्सपोर्ट सेक्टर में नई जान आ गई है। सरकार की “Plan-B” रणनीति को इस पूरे बदलाव का अहम कारण माना जा रहा है। क्या है पूरा बदलाव? कुछ समय पहले तक भारत के एक्सपोर्ट में अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश ही मुख्य खरीदार थे। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। भारत ने अपनी व्यापार नीति को डायवर्सिफाई करते हुए नए बाजारों की ओर कदम बढ़ाया है। इसी बदलाव के तहत चीन के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत हुए हैं और अब वह भारत से बड़े पैमाने पर आयात कर रहा है। चीन की बढ़ती डिमांड क्यों अहम है? चीन जैसे बड़े बाजार का भारत से जुड़ना सिर्फ एक सामान्य व्यापारिक लेन-देन नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा आर्थिक संकेत है। इससे भारतीय कंपनियों को नए अवसर मिल रहे हैं और एक्सपोर्ट ग्रोथ में तेजी आई है। Government Plan-B कैसे बना गेमचेंजर? भारत सरकार की Plan-B रणनीति का मुख्य उद्देश्य था: इस रणनीति के चलते भारत ने चीन जैसे बड़े बाजारों में अपनी पकड़ बनानी शुरू की है। भारत को क्या फायदा हो रहा है? इस पूरे बदलाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है: आगे की तस्वीर कैसी हो सकती है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो भारत आने वाले समय में ग्लोबल सप्लाई चेन का एक बड़ा हिस्सा बन सकता है। चीन जैसे देशों से बढ़ता व्यापार भारत के लिए लंबे समय में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खड़गे

Political Row खड़गे बोले “मोदी आतंकवादी”, फिर कहा- गलत समझा गया बयान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “आतंकवादी” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल तेजी से गरमा गया और सत्ता पक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद खड़गे ने खुद सामने आकर सफाई दी और कहा कि उनका ऐसा कोई मतलब नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। खड़गे के मुताबिक, उनका इशारा किसी व्यक्ति को “आतंकवादी” कहने का नहीं था, बल्कि सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर विपक्षी दलों और आम लोगों को डराने-धमकाने की राजनीति करने के आरोपों की ओर था। उन्होंने कहा कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे गलतफहमी फैल गई। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और खड़गे पर हमला बोलते हुए इसे आपत्तिजनक बयान बताया है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि विपक्षी नेताओं के बयानों को अक्सर संदर्भ से हटाकर पेश किया जाता है। पूरा मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां दोनों दल अपने-अपने पक्ष में तर्क दे रहे हैं और बयान को लेकर सियासी टकराव जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sabarimala

Sabarimala Case “मूर्ति छूना ईश्वर का अपमान कैसे?” सुप्रीम कोर्ट में नई बहस

सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला (Sabarimala) मंदिर से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और कानून के बीच संतुलन को लेकर गहन बहस देखने को मिली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर “मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान कैसे माना जा सकता है?” इस टिप्पणी ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। क्या है पूरा Sabarimala Temple Case? Sabarimala मंदिर के नियमों को लेकर यह विवाद वर्षों से चला आ रहा है। परंपरा के अनुसार, 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक रही है। इस नियम को लेकर पहले भी देशभर में विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई हो चुकी है। अब एक बार फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां अदालत धार्मिक परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन तलाश रही है। “भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी” – मंदिर पक्ष की दलील सुनवाई के दौरान सबरीमाला मंदिर पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी स्वरूप में पूजा जाता है। इसलिए उनकी पूजा पद्धति में विशेष नियम और शुद्धता का पालन किया जाता है। वकील ने कहा कि यह परंपरा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही आस्था और धार्मिक विश्वास का हिस्सा है, जिसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। कोर्ट का सवाल और बड़ी बहस सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि यदि मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान नहीं माना जा सकता, तो फिर पूजा की परंपराओं में ऐसे नियम क्यों बनाए गए हैं? यह टिप्पणी मामले को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बना देती है। आस्था बनाम अधिकार – फिर सामने पुरानी बहस यह मामला एक बार फिर उसी पुराने सवाल को सामने लाता है जहां एक तरफ धार्मिक परंपराएं और आस्था है, तो दूसरी तरफ समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार। समाज के अलग-अलग वर्ग इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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केजरीवाल

Breaking न्यायपालिका बनाम राजनीति? केजरीवाल की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का सख्त संदेश

दिल्ली के बहुचर्चित शराब नीति (Excise Policy) मामले में केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को बड़ा झटका लगा है। Delhi High Court ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने जस्टिस Swarana Kanta Sharma को मामले की सुनवाई से अलग (recuse) करने की मांग की थी। अदालत ने अपने फैसले में बेहद कड़े शब्दों में कहा कि—“कोई भी पक्ष, खासकर एक राजनेता, यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा जज निष्पक्ष है और कौन नहीं।” पूरा मामला क्या है? यह विवाद दिल्ली की 2021-22 की नई शराब नीति से जुड़ा है, जिसे लागू करने के बाद भारी राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हुआ। इसी दौरान केजरीवाल की ओर से जज पर सवाल उठाते हुए उन्हें केस से हटाने की मांग की गई। केजरीवाल के 3 बड़े आरोप याचिका में केजरीवाल की तरफ से जस्टिस शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए— 1. Conflict of Interest का आरोप कहा गया कि जज के परिवार के कुछ सदस्यों का संबंध सरकारी संस्थानों से है, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। 2. एकतरफा सुनवाई का आरोप केजरीवाल ने दावा किया कि अदालत की कार्यवाही में उनकी दलीलों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। 3. पूर्वाग्रह (Bias) का आरोप यह भी कहा गया कि कोर्ट का रुख पहले से ही उनके खिलाफ दिखाई दे रहा है, जिससे निष्पक्ष ट्रायल पर सवाल उठता है। हाईकोर्ट का सख्त और स्पष्ट जवाब जस्टिस स्वरणा कांता शर्मा ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए विस्तृत आदेश में कहा— अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका में लगाए गए आरोप ठोस सबूतों पर आधारित नहीं थे, बल्कि “अनुमानों और आशंकाओं” पर आधारित थे। राजनीतिक प्रतिक्रिया: बयानबाजी तेज इस फैसले के बाद सियासत भी गरमा गई— इस पूरे घटनाक्रम ने एक नई बहस छेड़ दी है— क्या नेता जज की निष्पक्षता पर सवाल उठा सकते हैं? या यह न्यायपालिका की गरिमा को चुनौती है? कानूनी नजरिए से क्यों अहम है ये फैसला? यह फैसला सिर्फ एक केस तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ा नज़ीर (precedent) बन सकता है— बड़ी बात (Big Takeaway) दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला एक मजबूत संदेश देता है— न्यायपालिका किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगीसिर्फ आरोप लगाकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जा सकता यह मामला अब सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि“न्यायपालिका vs राजनीति” की बड़ी बहस बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kedarnath

Kedarnath Yatra कपाट खुलते ही आस्था का सैलाब, प्रशासन ने जारी किए नए नियम

चारधाम यात्रा का सबसे पवित्र और भावनात्मक पड़ाव माने जाने वाले Kedarnath Dham के कपाट कल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। लंबे इंतजार के बाद बाबा केदार के दर्शन का समय करीब आ गया है और देशभर से भक्त भारी उत्साह के साथ उत्तराखंड की ओर रवाना हो रहे हैं। पहाड़ों में ठंडी हवाओं के बीच गूंजते “जय बाबा केदार” के जयकारों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मंदिर में सख्त नियम: मोबाइल ले जाना पूरी तरह मना इस बार सबसे बड़ा बदलाव मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। श्रद्धालुओं को गेट पर ही मोबाइल जमा करना होगा और उसके बाद ही प्रवेश मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम इसलिए लिया गया है ताकि: श्रद्धालुओं की भावनाएं और तैयारियां केदारनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का गहरा अनुभव है। कई श्रद्धालु सालभर इस पल का इंतजार करते हैं। कुछ भक्तों के चेहरे पर खुशी है तो कुछ में बाबा के दर्शन की भावुकता साफ झलक रही है। परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालु कठिन रास्तों और मौसम की परवाह किए बिना बस एक ही भावना लेकर आगे बढ़ रहे हैं—“बाबा केदार के दर्शन”। प्रशासन की अपील और सुरक्षा इंतजाम प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें। सुरक्षा के लिए पुलिस और राहत दलों को तैनात किया गया है। साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल

Weather Update भोपाल में नहीं मिल रही रात में राहत, कई राज्यों में असर

देश में गर्मी ने इस बार सामान्य सीमाओं को पीछे छोड़ दिया है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि दिन ही नहीं, रातें भी तपने लगी हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौसम विभाग ने रात में भी लू (Night Heatwave) चलने की चेतावनी दी है। इसका सीधा मतलब है कि लोगों को अब रात में भी राहत नहीं मिलने वाली। भोपाल: रात में भी नहीं मिल रही राहत आमतौर पर सूरज ढलने के बाद तापमान में गिरावट आती है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। भोपाल में रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। गर्म हवाएं लगातार चल रही हैं, जिससे घरों के अंदर भी उमस और बेचैनी महसूस हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में शरीर को आराम नहीं मिल पाता, जिससे थकान, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। प्रयागराज: 44°C के पार पहुंचा तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गर्मी अपने चरम पर है। यहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग जरूरी काम के बिना घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। Maharashtra–Chhattisgarh: पुलिसकर्मियों को राहत भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम लोगों पर ही नहीं, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। इसे देखते हुए महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मियों के ड्यूटी टाइम में बदलाव किया गया है। अब उन्हें सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में तैनात किया जा रहा है, ताकि लू के खतरे को कम किया जा सके। क्यों खतरनाक हो रही है यह Heatwave? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और नमी की कमी मिलकर स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। बचाव ही सबसे बड़ा उपाय हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi Cabinet

Delhi Cabinet 2026 क्या कटेगा पुराने नेताओं का पत्ता? Samrat Chaudhary-Vijay Sinha पर Suspense

दिल्ली में तेज हुई सियासी हलचल Delhi Cabinet के गठन को लेकर सियासी माहौल काफी गरम हो चुका है। सत्ता पक्ष के बड़े नेता लगातार बैठकों में जुटे हैं और हर नाम पर गहराई से चर्चा हो रही है। इसी बीच सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को लेकर सस्पेंस सबसे ज्यादा चर्चा में है। कैबिनेट में हो सकते हैं बड़े बदलाव सूत्र बताते हैं कि इस बार Delhi Cabinet गठन में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी सिर्फ अनुभव ही नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस, जनसंपर्क और क्षेत्रीय संतुलन को भी प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में कुछ पुराने चेहरों का हटना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि कई नए नेताओं को मौका मिलने की संभावना मजबूत है। नए चेहरों पर पार्टी का फोकस ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले नेताओं को इस बार खास तवज्जो मिलने की बात भी सामने आ रही है। पार्टी चाहती है कि सरकार में ऐसे चेहरे आएं जो जनता से सीधे जुड़े हों और जिनकी छवि साफ-सुथरी हो। इससे सरकार की विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पर नजर जहां तक सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का सवाल है, दोनों ही नेताओं को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ सूत्रों का मानना है कि इन्हें कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कुछ का कहना है कि संगठन में इनकी भूमिका और मजबूत की जा सकती है। अंतिम फैसले का इंतजार दिल्ली में चल रही इन बैठकों के बीच एक बात साफ है कि पार्टी इस बार कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। हर फैसले को सोच-समझकर लिया जा रहा है ताकि आने वाले समय में राजनीतिक संतुलन बना रहे और जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए। अब सबकी नजरें अंतिम ऐलान पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि नई कैबिनेट में कौन चमकेगा और किसका पत्ता कटेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Love Jihad Debate: नासिक से भोपाल तक बढ़ते केस, सच्चाई क्या है?

संपादकीय भारत में “लव जिहाद” बहस तेज—नासिक, भोपाल समेत कई शहरों में सामने आए मामलों का विश्लेषण। क्या कहते हैं कानून, आंकड़े और विशेषज्ञ? पढ़ें पूरा संपादकीय। भारत में पिछले कुछ वर्षों में “लव जिहाद” को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है। नासिक, परतवाड़ा, अकोला और भोपाल जैसे शहरों से सामने आए मामलों ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सवाल यह है कि क्या ये घटनाएं अलग-अलग आपराधिक मामले हैं, या इसके पीछे कोई बड़ा पैटर्न है? क्या कहते हैं कानून और सरकार? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि “लव जिहाद” शब्द भारतीय कानून में परिभाषित नहीं है। केंद्र सरकार ने संसद में कई बार स्पष्ट किया है कि इस नाम से कोई अलग अपराध श्रेणी नहीं है। हालांकि, कई राज्यों ने जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून बनाए हैं: इन कानूनों के लागू होने के बाद दर्ज मामलों में कुछ वृद्धि देखी गई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बढ़ती जागरूकता और रिपोर्टिंग का असर भी हो सकता है। आंकड़े क्या बताते हैं? यानी, आंकड़े मिश्रित तस्वीर दिखाते हैं—कुछ मामले वास्तविक अपराध के हैं, तो कुछ व्यक्तिगत विवाद या सहमति वाले रिश्तों के। हाईली एजुकेटेड लड़कियां क्यों बनती हैं टारगेट? यह सबसे बड़ा सवाल है। आम धारणा के विपरीत, शिक्षा हमेशा भावनात्मक निर्णयों को नहीं रोकती। विशेषज्ञों के अनुसार: ये सभी कारण किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं—चाहे वह कितना भी शिक्षित क्यों न हो। क्या हर इंटरफेथ शादी संदिग्ध है? बिल्कुल नहीं। भारत में हजारों अंतर-धार्मिक शादियां हर साल होती हैं, जिनमें से अधिकांश पूरी तरह सहमति और वैध प्रक्रिया के तहत होती हैं। समस्या तब शुरू होती है जब: यहीं पर कानून हस्तक्षेप करता है। क्या यह केवल एक समुदाय का मुद्दा है? इस तरह की घटनाओं को किसी एक धर्म से जोड़ना वास्तविकता को सरल बना देना होगा पर यह भी उतना ही बड़ा सच हैं की अधिकांश घटनाओ में मुस्लिम युवा इसमें संलिप्त पाये गए हैं । दुनिया भर में “रोमांस स्कैम”, “ऑनलाइन ग्रूमिंग” और “इमोशनल एक्सप्लॉइटेशन” के मामले बढ़ रहे हैं—और यह हर समाज में मौजूद समस्या है। समाज और संगठनों की भूमिका “लव जिहाद” की बहस भावनात्मक जरूर है, लेकिन इसका समाधान केवल भावनाओं से नहीं निकलेगा। जरूरत है: हर अंतर-धार्मिक रिश्ते को शक की नजर से देखना गलत है, लेकिन वास्तविक अपराधों को नजरअंदाज करना भी उतना ही खतरनाक हैl
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Virat Kohli और Anushka Sharma पहुंचे संत प्रेमानंद के सत्संग में, अक्षय तृतीया पर लिया आशीर्वाद

Virat Kohli और Anushka Sharma पहुंचे संत प्रेमानंद के सत्संग में, अक्षय तृतीया पर लिया आशीर्वाद

भारतीय क्रिकेटर Virat Kohli और उनकी पत्नी Anushka Sharma पहुंचे संत प्रेमानंद के सत्संग में, अक्षय तृतीया पर लिया आशीर्वाद एक बार फिर आध्यात्मिक मार्ग पर नजर आए। दोनों अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज के सत्संग में पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। यह दोनों की संत प्रेमानंद से छठी मुलाकात बताई जा रही है, जिससे साफ है कि वे लगातार उनके विचारों और सत्संग से जुड़े हुए हैं। सत्संग में शामिल हुए विराट-अनुष्का अक्षय तृतीया के मौके पर आयोजित इस सत्संग में दोनों ने शांत वातावरण में संत के प्रवचन सुने। वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उनकी उपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। लगातार बढ़ रहा आध्यात्मिक जुड़ाव विराट और अनुष्का पहले भी कई बार संत प्रेमानंद महाराज से मिल चुके हैं। दोनों का यह बार-बार सत्संग में आना उनके आध्यात्मिक विश्वास और शांति की ओर झुकाव को दिखाता है। फैंस में चर्चा सोशल मीडिया पर उनकी इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस इसे “सरल और शांत जीवन की ओर कदम” के रूप में देख रहे हैं।
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Chhattisgarh

Chhattisgarh Plane Crash – आरा पहाड़ियों में बड़ा हादसा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Chhattisgarh के जशपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। आरा पहाड़ियों के घने जंगलों के बीच एक निजी चार्टर्ड विमान अचानक क्रैश हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के गांवों के लोग भी कुछ समझ नहीं पाए। कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा? प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह हादसा जशपुर क्षेत्र के आरा पहाड़ियों और रतनपहली जंगल इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान विमान कम ऊंचाई पर था और अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। स्थानीय लोगों के अनुसार: इस घटना ने आसपास रहने वाले लोगों को भी हिला कर रख दिया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल हादसे के बाद का मंजर बेहद डरावना था: घने जंगल और पहाड़ी इलाका होने की वजह से मौके पर पहुंचना भी काफी मुश्किल हो रहा है। रेस्क्यू और राहत कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। फायर ब्रिगेड की टीम भी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों के अनुसार: यात्रियों को लेकर अभी भी सस्पेंस फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि: प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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