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Kanpur में दर्दनाक घटना: पिता ने जुड़वां बेटियों की ली जान, खुद ही पुलिस को किया फोन

Kanpur में दर्दनाक घटना: पिता ने जुड़वां बेटियों की ली जान, खुद ही पुलिस को किया फोन

उत्तर प्रदेश के Kanpur से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पिता पर अपनी ही जुड़वां बेटियों की हत्या करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद आरोपी पिता वहीं बैठा रहा और उसने खुद ही पुलिस को फोन कर इसकी जानकारी दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो घर का माहौल बेहद गमगीन था। इस दौरान आरोपी की पत्नी का दर्द भी सामने आया। उसने गुस्से और सदमे में पुलिस अधिकारियों से कहा कि आरोपी को तुरंत सजा दी जाए। परिवार पर अचानक आए इस दुख ने सभी को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चियों के शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है। आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह साफ हो सके। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है और हर कोई इस दर्दनाक मामले से स्तब्ध है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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चुनावी रैली के बीच PM Modi का ‘बंगाली अंदाज’, लोगों संग चखा झालमुड़ी का स्वाद

चुनावी रैली के बीच PM Modi का ‘बंगाली अंदाज’, लोगों संग चखा झालमुड़ी का स्वाद

चुनावी माहौल के बीच PM Modi का एक अलग और दिलचस्प अंदाज देखने को मिला। रैली के दौरान उन्होंने न सिर्फ लोगों को संबोधित किया, बल्कि स्थानीय संस्कृति से जुड़ते हुए बंगाली स्टाइल में झालमुड़ी का स्वाद भी लिया। रैली के बीच जब पीएम मोदी लोगों के बीच पहुंचे, तो उन्होंने आम लोगों की तरह सड़क किनारे मिलने वाली मशहूर स्नैक ‘झालमुड़ी’ का आनंद लिया। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए खास बन गया। कई लोगों ने इस दौरान तस्वीरें और वीडियो भी बनाए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पीएम मोदी का यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है। आम जनता से इस तरह जुड़ना और उनकी संस्कृति को अपनाना, लोगों के बीच एक अलग संदेश देता है। यह दिखाता है कि नेता सिर्फ मंच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनके साथ पल भी साझा करते हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस मौके को खास बताया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री का इस तरह उनके बीच आना और स्थानीय खाने का स्वाद लेना उनके लिए गर्व की बात है। चुनावी रैलियों के बीच इस तरह के छोटे-छोटे पल माहौल को हल्का और यादगार बना देते हैं। पीएम मोदी की यह तस्वीरें अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं और लोग इसे खूब शेयर कर रहे हैं।
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Tamil Nadu में पटाखा फैक्ट्री में भयानक धमाका, 16 लोगों की मौत, कई घायल

Tamil Nadu में पटाखा फैक्ट्री में भयानक धमाका, 16 लोगों की मौत, कई घायल

Tamil Nadu के विरुधुनगर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री पूरी तरह से तबाह हो गई और आसपास की इमारतों में भी दरारें आ गईं। हादसे के समय कई मजदूर फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे थे, जिनमें से कुछ अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद इलाके में डर और शोक का माहौल है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
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Akshaya Tritiya 2026: सोना खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना हो सकता है नुकसान

Akshaya Tritiya 2026: सोना खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना हो सकता है नुकसान

Akshaya Tritiya का त्योहार आते ही सोना खरीदने की परंपरा फिर से लोगों को बाजार की ओर खींच रही है। माना जाता है कि इस दिन खरीदा गया सोना घर में समृद्धि और शुभता लेकर आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना सही जानकारी के सोना खरीदना नुकसान का सौदा भी बन सकता है? इस खास मौके पर अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले, हमेशा हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना शुद्ध और असली है। इसके अलावा, सोने की कीमत रोज बदलती है, इसलिए खरीदने से पहले उस दिन का रेट जरूर चेक करें। दूसरी अहम बात है मेकिंग चार्ज। कई बार दुकानदार ज्यादा मेकिंग चार्ज जोड़ देते हैं, जिससे सोना महंगा पड़ जाता है। ऐसे में अलग-अलग दुकानों पर कीमत की तुलना करना समझदारी भरा कदम होगा। अगर आप निवेश के नजरिए से सोना खरीद रहे हैं, तो डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF या सोने के सिक्के जैसे विकल्प भी देख सकते हैं। ये सुरक्षित और सुविधाजनक माने जाते हैं। कई परिवारों के लिए अक्षय तृतीया सिर्फ खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा एक खास मौका होता है। ऐसे में सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला न सिर्फ आपकी बचत को सुरक्षित रखेगा, बल्कि भविष्य में फायदा भी देगा।
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Gurugram में नकली डायबिटीज इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Gurugram में नकली डायबिटीज इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

हरियाणा के Gurugram में नकली डायबिटीज इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने नकली डायबिटीज इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से नकली इंजेक्शन बनाकर बाजार में बेच रहा था। ये इंजेक्शन देखने में बिल्कुल असली जैसे लगते थे, जिससे आम लोग आसानी से धोखा खा जाते थे। सबसे चिंता की बात यह है कि इन नकली दवाओं से मरीजों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता था। जांच में सामने आया कि गिरोह सस्ती और घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर इन इंजेक्शनों को तैयार करता था और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता था। कई मरीज, जो रोजाना डायबिटीज की दवा पर निर्भर हैं, इस धोखाधड़ी का शिकार हो सकते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस खुलासे ने सभी को चौंका दिया है। एक मरीज ने बताया कि, “हम अपनी सेहत के लिए दवाओं पर भरोसा करते हैं, लेकिन अगर वही नकली निकलें तो यह बहुत डराने वाली बात है।” फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दवाएं केवल भरोसेमंद मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि थोड़े से लालच के लिए कुछ लोग दूसरों की जान तक जोखिम में डाल देते हैं। ऐसे में सतर्क रहना और सही जानकारी रखना बेहद जरूरी है।
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Noida हिंसा केस: मुख्य आरोपी आदित्य ने कबूला गुनाह, तमिलनाडु से हुई थी गिरफ्तारी

Noida हिंसा केस: मुख्य आरोपी आदित्य ने कबूला गुनाह, तमिलनाडु से हुई थी गिरफ्तारी

Noida हिंसा मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी आदित्य ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह छिपकर रह रहा था। जांच अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान आदित्य ने हिंसा में अपनी भूमिका स्वीकार की। इस कबूलनामे के बाद पुलिस को मामले की कड़ियां जोड़ने में काफी मदद मिल रही है। स्थानीय लोगों के लिए यह घटना काफी डर और चिंता का कारण बनी हुई थी। कई परिवार अब भी उस दिन की घटना को याद कर सहम जाते हैं। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी और कबूलनामे से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त कदम कितने जरूरी हैं। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
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Kharge Attack on PM Modi: ‘महिलाओं से ज्यादा कांग्रेस का जिक्र’, बोले- झूठ बोलना बंद क

Kharge Attack on PM Modi: ‘महिलाओं से ज्यादा कांग्रेस का जिक्र’, बोले- झूठ बोलना बंद करें

कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया भाषण पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में महिलाओं के मुद्दों से ज्यादा कांग्रेस को निशाना बनाया। क्या बोले खड़गे? खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री को महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अपने भाषण में बार-बार कांग्रेस का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता अब सच्चाई समझ रही है और केवल आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा। ‘झूठ बोलना बंद करें’ – खड़गे का सीधा संदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें “झूठ बोलना बंद करना चाहिए” और देश के सामने सही तथ्य रखने चाहिए। खड़गे के मुताबिक, सरकार को मुद्दों से भटकाने के बजाय असली समस्याओं पर काम करना चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी तेज इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। एक तरफ बीजेपी सरकार अपने कामकाज को लेकर दावा कर रही है, वहीं विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
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देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में अपने संबोधन में कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। उनके भाषण में जहां विपक्ष पर तीखा हमला देखने को मिला, वहीं नारी शक्ति को लेकर भावनात्मक संदेश और महिला आरक्षण को लेकर बड़ा वादा भी किया गया। आइए आसान और साफ भाषा में जानते हैं उनके भाषण की 10 बड़ी बातें: PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें विपक्ष पर सीधा हमला पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे देश के विकास में बाधा डालने का काम कर रहे हैं। नारी शक्ति से माफी उन्होंने महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि अगर कहीं कमी रह गई है, तो वे नारी शक्ति से माफी मांगते हैं। महिला आरक्षण का वादा पीएम ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। देश के विकास पर जोर उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और इसे रोकने की कोशिशें हो रही हैं। युवा शक्ति का जिक्र युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे करोड़ों लोगों को फायदा मिला है। भ्रष्टाचार पर सख्ती पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। एकजुटता का संदेश देशवासियों से एकजुट होकर देश को आगे बढ़ाने की अपील की। आत्मनिर्भर भारत पर फोकस उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूत बनाने पर जोर दिया। भविष्य के लिए रोडमैप पीएम ने कहा कि आने वाले समय में और बड़े फैसले लिए जाएंगे, जो देश के विकास को नई दिशा देंगे।

PM Modi Speech Highlights: विपक्ष पर निशाना, नारी शक्ति से माफी और महिला आरक्षण का वादा

देश के PM Modi ने हाल ही में अपने संबोधन में कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। उनके भाषण में जहां विपक्ष पर तीखा हमला देखने को मिला, वहीं नारी शक्ति को लेकर भावनात्मक संदेश और महिला आरक्षण को लेकर बड़ा वादा भी किया गया। आइए आसान और साफ भाषा में जानते हैं उनके भाषण की 10 बड़ी बातें: PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें
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PM मोदी आज रात 8:30 बजे करेंगे देश को संबोधित, महिला आरक्षण बिल पर कर सकते हैं बात

प्रधानमंत्री Narendra Modi आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। इस संबोधन का विषय फिलहाल आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि वे संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल के पास न हो पाने पर अपनी बात रख सकते हैं। यह संबोधन लाइव प्रसारित किया जाएगा। लोकसभा में नहीं पास हो सका बड़ा बिल शुक्रवार को केंद्र सरकार लोकसभा में संविधान का 131वां संशोधन बिल पेश किया था, जिसमें संसद की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था। इस पर करीब 21 घंटे चर्चा के बाद वोटिंग हुई। कुल 528 सांसदों ने मतदान किया, जिसमें: हालांकि, बिल पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट जरूरी थे। इस तरह यह बिल 54 वोट से गिर गया। 12 साल में पहली बार सरकार को झटका मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में यह पहला मौका है, जब कोई सरकारी बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया। इससे महिला आरक्षण कानून के लागू होने में भी देरी तय मानी जा रही है। अब यह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू होना मुश्किल है। दो अन्य बिलों पर वोटिंग नहीं हुई सरकार ने दो अन्य अहम बिलों पर वोटिंग ही नहीं कराई: संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि ये दोनों बिल पहले वाले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए अलग से वोटिंग की जरूरत नहीं है। 24 साल बाद संसद में सरकारी बिल गिरा यह 2002 के Prevention of Terrorism Act 2002 के बाद पहला मौका है, जब संसद में कोई सरकारी विधेयक गिरा है। वहीं, 1990 के बाद पहली बार कोई संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। महिला आरक्षण और परिसीमन का कनेक्शन महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होनी हैं। लेकिन इसके लागू होने से पहले परिसीमन जरूरी है। परिसीमन का मतलब है जनसंख्या के आधार पर सीटों की संख्या और सीमाओं का निर्धारण। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन सीटों पर आरक्षण लागू होगा। अब माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया 2034 तक ही पूरी हो पाएगी। PM मोदी के बड़े संबोधन (पहले भी अहम घोषणाएं) 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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BJP strategy women reservation

Editorial: ‘Win-Win Politics’ या सोची-समझी रणनीति? महिला आरक्षण बिल पर सियासी शतरंज

संपादकीय निखिल सिद्धभट्टी (प्रधान संपादक ) 17 अप्रैल की दोपहर, जब Narendra Modi ने सोशल मीडिया पर अपील की—“महिलाओं को उनका हक दीजिए”—तो यह सिर्फ एक भावनात्मक संदेश नहीं था, बल्कि एक बड़े राजनीतिक मूव का संकेत भी था। कुछ ही घंटों बाद लोकसभा में जो हुआ, उसने साफ कर दिया कि यह सिर्फ विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सियासी रणनीति का हाई-वोल्टेज खेल था। सरकार का बिल पास नहीं हुआ—लेकिन क्या वाकई यह हार थी? या फिर यह एक ऐसी चाल थी जिसमें दोनों रास्तों पर फायदा ही फायदा था? सरकार की चाल: हार में भी जीत का रास्ता Bharatiya Janata Party और NDA के पास जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं था—यह बात किसी से छुपी नहीं थी। फिर भी बिल लाया गया, जोर-शोर से अपीलें हुईं, और अंततः वोटिंग में यह गिर गया। यहीं से “Win-Win Strategy” की शुरुआत होती है: यानी परिणाम चाहे जो भी हो, नैरेटिव सरकार के पक्ष में सेट था। विपक्ष की स्थिति: मुद्दा सही, मैसेज कमजोर Indian National Congress समेत विपक्ष ने बिल का विरोध पूरी रणनीति के साथ किया—परिसीमन, जनगणना और OBC प्रतिनिधित्व जैसे गंभीर मुद्दे उठाए।Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने साफ कहा कि यह “महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक पुनर्संरचना” है। लेकिन समस्या यहां थी: राजनीति में अक्सर भावनाएं, लॉजिक पर भारी पड़ती हैं। यही वह जगह है जहां विपक्ष, खासकर कांग्रेस, नैरेटिव की लड़ाई में पीछे दिखी। क्या विपक्ष ‘जाल’ में फंस गया? सरकार की रणनीति को देखें तो यह साफ लगता है कि: अगर विपक्ष समर्थन करता → सरकार को सीधा क्रेडिटअगर विरोध करता → “महिला विरोधी” टैग यानी यह एक क्लासिक राजनीतिक ट्रैप था—और विपक्ष इसमें उलझता नजर आया। अब सवाल उठता हैं कि इसका राजनीतिक असरआगे क्या होगा ? तो इस पूरे घटनाक्रम के तीन बड़े असर हो सकते हैं: यह पूरा मामला सिर्फ एक विधेयक के पास या फेल होने का नहीं था। यह उस धारणा (Perception) की लड़ाई थी, जिसमें Narendra Modi की सरकार एक कदम आगे नजर आई। राजनीति में कई बार असली जीत संसद के भीतर नहीं, बल्कि जनता के दिमाग में होती है।और इस बार—बिल गिरने के बावजूद—सरकार ने वही हासिल करने की कोशिश की है।
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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