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Lok Sabha सीटें बढ़ाने वाला बिल गिरा, मोदी सरकार को पहली बड़ी संसदीय हार

Lok Sabha सीटें बढ़ाने वाला बिल गिरा, मोदी सरकार को पहली बड़ी संसदीय हार

Lok Sabha सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा अहम बिल संसद में पास नहीं हो सका। इस बिल को पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन सरकार को केवल 298 वोट ही मिल पाए। यानी यह बिल 54 वोटों से गिर गया। यह पहली बार है जब मोदी सरकार किसी बड़े बिल को संसद में पास कराने में नाकाम रही है। सरकार को उम्मीद थी कि उसे पर्याप्त समर्थन मिलेगा, लेकिन विपक्ष के कड़े विरोध और कुछ सहयोगी दलों के रुख के कारण यह संभव नहीं हो पाया। इस बिल का मकसद देश में बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से लोकसभा सीटों का पुनर्गठन करना था, ताकि प्रतिनिधित्व बेहतर हो सके। लेकिन विपक्ष ने इस पर कई सवाल उठाए और इसे लेकर बहस भी काफी तीखी रही। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस घटना से आने वाले समय में संसद के अंदर सरकार के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। वहीं, विपक्ष इसे अपनी बड़ी जीत के तौर पर देख रहा है। इस फैसले का असर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता के प्रतिनिधित्व से भी जुड़ा है। ऐसे में अब लोगों की नजरें इस पर टिकी हैं कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Parliament News: ‘प्रियंका गांधी से सीखिए…’ Amit Shah की राहुल गांधी को नसीहत, सदन में बर्ताव पर टिप्पणी

Parliament News: ‘प्रियंका गांधी से सीखिए…’ Amit Shah की राहुल गांधी को नसीहत, सदन में बर्ताव पर टिप्पणी

संसद की कार्यवाही के दौरान एक बार फिर सियासी माहौल गरम हो गया। गृह मंत्री Amit Shah ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के बर्ताव पर टिप्पणी करते हुए उन्हें नसीहत दी। अमित शाह ने क्या कहा? अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी की नेता Priyanka Gandhi से सीखना चाहिए कि संसद में कैसे व्यवहार किया जाता है। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। बढ़ा सियासी टकराव इस बयान के बाद संसद में माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और सरकार पर सवाल उठाए। सदन की गरिमा पर जोर अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां हर सदस्य को नियमों और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। क्या है आगे का असर? इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर और चर्चा देखने को मिल सकती है।
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South Delhi Double Murder: बाप-बेटे की चाकू से हत्या, इलाके में दहशत

South Delhi Double Murder: बाप-बेटे की चाकू से हत्या, इलाके में दहशत

क्या है पूरा मामला? South Delhi में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बाप और बेटे की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। इस डबल मर्डर के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। कैसे हुई वारदात? जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने दोनों पर अचानक हमला किया। उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना बेहद तेजी से हुई और हमलावर मौके से फरार हो गए। इलाके में डर का माहौल इस घटना के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल है। लोग इस वारदात को लेकर काफी परेशान और गुस्से में हैं। कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए हैं। पुलिस जांच में जुटी Delhi Police ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश की जा रही है। क्या वजह हो सकती है? फिलहाल हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, जिसमें पुरानी रंजिश और आपसी विवाद की संभावना भी शामिल है। आगे क्या? पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Women Reservation Bill

Women Reservation Bill 2026 महिला आरक्षण बिल 54 वोट से गिरा, संसद में बड़ा झटका

संसद में लंबे समय से चर्चा में रहा महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) एक अहम मोड़ पर पहुंचकर पास नहीं हो सका। मतदान के दौरान 298 सांसदों ने समर्थन में वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया, लेकिन जरूरी समर्थन न मिलने के कारण यह बिल 54 वोटों के अंतर से गिर गया। यह बिल राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और संसद व विधानसभा में उनके लिए अधिक सीटें सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया था। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा था, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं। संसद में गरमाई बहस मतदान से पहले सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि बिल को लेकर सभी दलों के साथ पर्याप्त चर्चा नहीं की गई और कई महत्वपूर्ण प्रावधानों को स्पष्ट नहीं किया गया। वहीं सत्ता पक्ष ने इसे महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल बताया। सरकार को पहली बड़ी असफलता राजनीतिक गलियारों में इसे मोदी सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी महत्वपूर्ण विधेयक को बहुमत न मिलने के कारण पारित नहीं कराया जा सका। हालांकि सरकार का कहना है कि वह महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। आगे क्या? अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस बिल को संशोधनों के साथ दोबारा पेश करेगी या फिर इसे नए सिरे से रणनीति बनाकर आगे बढ़ाया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मस्जिद

Sambhal मस्जिद की Minar ढहाई, DM-SP की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के संभल में आज सुबह का मंजर अचानक बदल गया, जब प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ एक मस्जिद पर कार्रवाई करने पहुंची। कुछ ही देर में बुलडोजर चला और मस्जिद की करीब 35 फीट ऊंची मीनार जमींदोज हो गई। आसपास मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य चौंकाने वाला था—कई लोग दूर खड़े होकर पूरी कार्रवाई देखते रहे। क्यों हुई कार्रवाई? प्रशासन के अनुसार, मस्जिद के एक हिस्से को अवैध निर्माण माना गया था। इसको लेकर पहले नोटिस भी दिया गया था और जरूरी दस्तावेज मांगे गए थे। अधिकारियों का कहना है कि समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद ही यह कदम उठाया गया। मौके पर सख्त निगरानी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। डीएम और एसपी खुद मौके पर मौजूद रहे और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को पहले से ही तैनात कर दिया गया था। भीड़ बढ़ी, पुलिस ने संभाला हालात जैसे ही मीनार गिरने की खबर फैली, इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी। हालांकि, पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए भीड़ को वहां से हटा दिया और पूरे क्षेत्र को नियंत्रित कर लिया, ताकि माहौल बिगड़ने न पाए। अभी भी जारी है Bulldozer Action मीनार ढहाने के बाद अब मस्जिद के बाकी हिस्सों को हटाने का काम जारी है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत हो रही है और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। लोगों में चर्चा, प्रशासन की अपील इस कार्रवाई के बाद इलाके में हल्का तनाव जरूर महसूस हुआ, लेकिन हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। संभल की यह घटना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि यह संकेत भी है कि अब अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन का रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो चुका है। वहीं, स्थानीय लोगों के बीच इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Air Taxi

अब आसमान से सफर! Air Taxi India में लॉन्च की तैयारी Gurugram-Noida 15 मिनट

भारत में सफर का तरीका अब पूरी तरह बदलने वाला है। ट्रैफिक, लंबा समय और थकान—इन सब समस्याओं का हल अब आसमान से आने वाला है। जी हां, देश में जल्द ही Air Taxi सेवा शुरू हो सकती है, जिससे शहरों के बीच की दूरी मिनटों में तय होगी। इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo ने बेंगलुरु की स्टार्टअप Sarla Aviation में निवेश किया है। यह साझेदारी भारत में Urban Air Mobility को नई रफ्तार दे सकती है। क्या है Air Taxi? आसान भाषा में समझें Air Taxi एक छोटी इलेक्ट्रिक उड़ने वाली गाड़ी होगी, जो eVTOL (Electric Vertical Take-Off and Landing) तकनीक पर काम करेगी। मतलब: यानी अब आपको एयरपोर्ट जाने की झंझट भी नहीं होगी—आपके शहर में ही “मिनी एयरपोर्ट” जैसा सिस्टम होगा। NCR में Travel होगा सुपरफास्ट Air Taxi के आने से दिल्ली-NCR में सफर का पूरा गणित बदल सकता है। सोचिए, जो दूरी अभी आपको थका देती है, वही सफर अब आराम से और तेजी से पूरा होगा। IndiGo का निवेश क्यों है बड़ी खबर? IndiGo का Sarla Aviation में निवेश इस बात का संकेत है कि भारत में Air Taxi अब सिर्फ सपना नहीं रहा। बड़ी कंपनियों का भरोसा मिलने से: कब तक शुरू होगी Air Taxi Service? फिलहाल यह प्रोजेक्ट टेस्टिंग और डेवलपमेंट स्टेज में है।उम्मीद की जा रही है कि: आम लोगों के लिए क्या बदलेगा? Air Taxi सिर्फ अमीरों के लिए नहीं, बल्कि धीरे-धीरे आम लोगों के लिए भी सुलभ बनाने की योजना है। इससे: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP

Weather Alert बांदा 44.4°C, MP-राजस्थान में लू का Alert, स्कूल टाइमिंग बदली

अप्रैल की शुरुआत में ही गर्मी ने जिस तरह से रफ्तार पकड़ी है, उसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। बांदा (उत्तर प्रदेश) में पारा 44.4°C तक पहुंच गया है, जो इस मौसम में असामान्य रूप से ज्यादा माना जा रहा है। यूपी में अप्रैल में ही झुलसाने वाली गर्मी उत्तर प्रदेश के बांदा समेत कई जिलों में लोग तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान हैं। सुबह से ही सूरज की तपिश इतनी तेज महसूस हो रही है कि दोपहर तक हालात और भी मुश्किल हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। MP और राजस्थान में Heatwave का अलर्ट मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी दी है।दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है। छत्तीसगढ़ में बच्चों को राहत देने की कोशिश भीषण गर्मी को देखते हुए छत्तीसगढ़ में प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। कुछ जगहों पर स्कूल जल्दी बंद किए जा रहे हैं, ताकि बच्चे दोपहर की तेज धूप से बच सकें। साथ ही अनूपपुर और डिंडोरी में भी स्कूलों का समय बदला गया है। सुबह की शिफ्ट में कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे बच्चों को थोड़ी राहत मिल सके। अगले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 3 से 5 दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। कई जगहों पर यह 45°C के आसपास पहुंचने की संभावना है। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। खुद का और अपनों का रखें ध्यान ऐसे मौसम में छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि: गर्मी का यह बढ़ता असर साफ बता रहा है कि आने वाले दिनों में हालात और कठिन हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम सतर्क रहें और अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करके खुद को सुरक्षित रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump का बड़ा दावा: ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार, ईरानी मीडिया ने बताया ‘हवाई बात’

Donald Trump का बड़ा दावा: ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार, ईरानी मीडिया ने बताया ‘हवाई बात’

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान अब अपने यूरेनियम कार्यक्रम को लेकर समझौता करने के लिए तैयार है। ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, ईरान की तरफ से इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया गया। ईरानी मीडिया ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसी बातें सिर्फ “हवाई किले” हैं और इनका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, ईरान का यूरेनियम कार्यक्रम लंबे समय से दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अमेरिका और कई पश्चिमी देश इसे परमाणु हथियारों की दिशा में उठाया गया कदम मानते हैं, जबकि ईरान बार-बार कहता आया है कि उसका कार्यक्रम केवल ऊर्जा और शांति के उद्देश्य से है। इसी बीच, फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बढ़ता जा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां किसी भी तरह की अशांति का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज 40 देशों की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में सुरक्षा, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान नहीं निकला, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा। आम लोगों के लिए इसका मतलब महंगे पेट्रोल-डीजल और बढ़ती महंगाई भी हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lok Sabha

850 Seats in Lok Sabha किन राज्यों को होगा सबसे ज्यादा फायदा? Shah ने दी जानकारी

देश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आने की चर्चा तेज हो गई है। लोकसभा (Lok Sabha) सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की बात सामने आई है, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विस्तार से स्थिति साफ की है। उनके बयान के बाद यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। क्या है पूरा मुद्दा? (What is Delimitation) इस समय भारत में लोकसभा की कुल 543 सीटें हैं। लेकिन पिछले कई दशकों से जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण यानी Delimitation नहीं हुआ है। आसान शब्दों में समझें तो परिसीमन का मतलब है—जनसंख्या के अनुसार चुनावी क्षेत्रों और सीटों का दोबारा निर्धारण। अब नई जनगणना के बाद यह प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकती है। 850 सीटों तक कैसे पहुंचेगी लोकसभा? अमित शाह के मुताबिक, जब नई जनगणना के आंकड़े सामने आएंगे, तब उसी आधार पर सीटों का पुनर्गठन किया जाएगा। यह बदलाव भारत की लोकतांत्रिक संरचना में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। South India को भी होगा फायदा अक्सर यह माना जाता है कि परिसीमन से दक्षिण भारत को नुकसान होगा, लेकिन शाह ने इस धारणा को खारिज किया। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य— इनकी सीटें मौजूदा 129 से बढ़कर करीब 195 तक जा सकती हैं। यानी दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व भी मजबूत होगा। UP और Maharashtra को सबसे ज्यादा फायदा जनसंख्या के लिहाज से बड़े राज्य जैसे: इन राज्यों को सबसे ज्यादा सीटों का लाभ मिल सकता है। इससे इनकी राजनीतिक ताकत और प्रभाव में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब? यह सिर्फ सीटों की संख्या बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि इससे आम जनता की आवाज संसद तक ज्यादा मजबूती से पहुंचेगी। आगे क्या होगा? इस पूरे बदलाव के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जाएंगे: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sheopur Accident: ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 4 की मौत, शादी की खुशी मातम में बदली

Sheopur Accident: ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 4 की मौत, शादी की खुशी मातम में बदली

Sheopur जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 24 लोग घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब एक गुर्जर परिवार शादी में “भात” देने जा रहा था। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली में 28 से ज्यादा लोग सवार थे। रास्ते में अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और पलट गया। हादसा इतना भयानक था कि कई लोग नीचे दब गए। मौके पर मची चीख-पुकार हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों का इलाज जारी घायल लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। खुशियों के बीच पसरा मातम जिस परिवार में शादी की खुशी थी, वहां अब मातम छा गया है। भात देने जा रहे लोग इस हादसे का शिकार हो गए, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन की कार्रवाई प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही घायलों को हर संभव मदद देने की बात कही गई है।
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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