अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान अब अपने यूरेनियम कार्यक्रम को लेकर समझौता करने के लिए तैयार है।
ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, ईरान की तरफ से इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया गया। ईरानी मीडिया ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसी बातें सिर्फ “हवाई किले” हैं और इनका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।
दरअसल, ईरान का यूरेनियम कार्यक्रम लंबे समय से दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अमेरिका और कई पश्चिमी देश इसे परमाणु हथियारों की दिशा में उठाया गया कदम मानते हैं, जबकि ईरान बार-बार कहता आया है कि उसका कार्यक्रम केवल ऊर्जा और शांति के उद्देश्य से है।
इसी बीच, फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बढ़ता जा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां किसी भी तरह की अशांति का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज 40 देशों की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में सुरक्षा, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान नहीं निकला, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा। आम लोगों के लिए इसका मतलब महंगे पेट्रोल-डीजल और बढ़ती महंगाई भी हो सकता है।
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