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Heatwave

Heatwave vs Snowfall मैदानों में लू का कहर, Jammu-Kashmir और Uttarakhand में बर्फबारी Alert

देशभर में मौसम का मिजाज इस समय बिल्कुल उलट नजर आ रहा है। एक तरफ जहां मैदानी इलाकों में सूरज आग बरसा रहा है, वहीं पहाड़ी राज्यों में ठंड और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। बदलते मौसम ने लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लू से तप रहे कई राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित कुल 8 राज्यों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का असर साफ दिख रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। अकोला सबसे गर्म महाराष्ट्र का अकोला इस समय देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है, जहां तापमान 44°C तक पहुंच गया। गर्मी का असर इतना ज्यादा है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं वर्धा में भी हालात गंभीर हैं, जहां तेज गर्मी को देखते हुए प्रशासन को स्कूल बंद करने का फैसला लेना पड़ा। बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद वर्धा में बढ़ते तापमान को देखते हुए आज सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। यह कदम बच्चों को लू और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए उठाया गया है। पहाड़ों में बदला मौसम दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में मौसम अचानक ठंडा हो गया है। मौसम विभाग ने यहां बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है और ठंड बढ़ सकती है। देश में Weather का Double Impact भारत में इस समय मौसम का डबल असर देखने को मिल रहा है—मैदानों में तेज गर्मी और पहाड़ों में ठंड। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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महिला आरक्षण बिल

महिला आरक्षण बिल Update 33% Reservation पर चर्चा, Delimitation बना विवाद की जड़

संसद के विशेष सत्र में आज एक ऐसा विधेयक पेश होने जा रहा है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। महिला आरक्षण संशोधन बिल (Women Reservation Bill) को लेकर सियासी माहौल गर्म है। जहां एक ओर सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष Delimitation (परिसीमन) के मुद्दे पर सवाल खड़े कर रहा है। संसद में क्या होने वाला है? आज लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। इसके साथ ही परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की पूरी संभावना है। जानकारी के अनुसार, इस विषय पर लंबी बहस हो सकती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर करीब 3 बजे सदन को संबोधित कर सकते हैं। क्या है Women Reservation Bill? इस बिल के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अगर यह कानून बनता है, तो देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी एक नए स्तर पर पहुंच सकती है। कई विशेषज्ञ इसे आजादी के बाद का सबसे बड़ा राजनीतिक सुधार मान रहे हैं। Delimitation को लेकर क्यों विवाद? विपक्ष साफ तौर पर कह रहा है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे परिसीमन (Delimitation) से जोड़ने पर आपत्ति है। विपक्ष के मुताबिक: कई दलों ने सुझाव दिया है कि पहले मौजूदा सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू किया जाए। सरकार का पक्ष सरकार का कहना है कि यह बिल महिलाओं को उनका हक देने और लोकतंत्र को और मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परिसीमन को लेकर गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। क्यों अहम है यह मुद्दा? यह बिल सिर्फ आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए देश की राजनीति का ढांचा भी बदल सकता है। संसद में महिलाओं की संख्या बढ़ने से नीति निर्माण में नए दृष्टिकोण देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vrindavan Ghost Claim: ‘मैंने कई भूत देखे हैं…’ प्रेमानंद महाराज का दावा, बताया उनका हुलिया

Vrindavan Ghost Claim: ‘मैंने कई भूत देखे हैं…’ प्रेमानंद महाराज का दावा, बताया उनका हुलिया

धार्मिक नगरी Vrindavan से एक अलग तरह की चर्चा सामने आई है। प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj ने दावा किया है कि उन्होंने वृंदावन में कई बार भूत-प्रेत देखे हैं। उनके इस बयान के बाद लोगों के बीच जिज्ञासा और चर्चा दोनों बढ़ गई है। क्या कहा प्रेमानंद महाराज ने? Premanand Maharaj ने बताया कि उन्होंने अपने अनुभव में कई बार ऐसे साये देखे हैं, जिन्हें आम इंसान आसानी से नहीं देख पाता। उनका कहना है कि ये शक्तियां अलग तरह की होती हैं और हर किसी को दिखाई नहीं देतीं। कैसा बताया भूतों का हुलिया? महाराज के अनुसार, ये आकृतियां सामान्य इंसानों से अलग दिखती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ साये धुंधले होते हैं, तो कुछ अचानक प्रकट होकर गायब हो जाते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि हर अनुभव को डर से नहीं जोड़ना चाहिए। लोगों में बढ़ी दिलचस्पी इस बयान के बाद Vrindavan में आने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे आध्यात्मिक अनुभव मान रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत धारणा बता रहे हैं। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अनुभव कई बार मानसिक स्थिति, माहौल और विश्वास से जुड़े होते हैं। इसलिए इन बातों को समझदारी और संतुलन के साथ देखना जरूरी है। सावधानी और समझ जरूरी ऐसी बातों को लेकर डरने की बजाय जागरूक रहना ज्यादा जरूरी है। बिना पुख्ता सबूत के किसी भी बात पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
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Prayagraj Train Accident: कालका मेल से उतरे यात्रियों को पीछे से आई पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने कुचला, 5 की मौत

Prayagraj Train Accident: कालका मेल से उतरे यात्रियों को पीछे से आई पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने कुचला, 5 की मौत

उत्तर प्रदेश के Prayagraj से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां ट्रेन से उतरकर ट्रैक पर खड़े कुछ यात्रियों को दूसरी ट्रेन ने कुचल दिया, जिससे 5 लोगों की मौत हो गई। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के मुताबिक, यात्री Kalka Mail से उतरकर रेलवे ट्रैक पर खड़े थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही Purushottam Express वहां पहुंच गई। अचानक आई ट्रेन को देखकर लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और यह दर्दनाक हादसा हो गया। मौके पर मचा हड़कंप हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन 5 लोगों की जान नहीं बच सकी। प्रशासन और रेलवे की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यात्री ट्रैक पर क्यों उतरे। सुरक्षा को लेकर सवाल इस हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों को ट्रैक पर उतरने से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। मानवीय पहलू यह हादसा एक बड़ी चेतावनी भी है कि रेलवे ट्रैक पर खड़ा होना कितना खतरनाक हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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Prayagraj PPGCL Power Plant Strike: मजदूरों का विरोध, 12 घंटे की शिफ्ट और कम वेतन बना मुद्दा

Prayagraj PPGCL Power Plant Strike: मजदूरों का विरोध, 12 घंटे की शिफ्ट और कम वेतन बना मुद्दा

उत्तर प्रदेश के Prayagraj स्थित Prayagraj Power Generation Company Limited (PPGCL) पावर प्लांट में मजदूरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से 12 घंटे की शिफ्ट में काम करना पड़ रहा है, लेकिन इसके मुकाबले वेतन काफी कम दिया जा रहा है। क्या हैं मजदूरों की मुख्य मांगें? हड़ताल पर बैठे मजदूरों ने अपनी कई मांगें रखी हैं: मजदूरों का कहना है कि वे लंबे समय से इन समस्याओं को झेल रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। प्रबंधन पर लगाए आरोप मजदूरों ने प्लांट प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि उनकी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। कामकाज पर असर इस हड़ताल का असर पावर प्लांट के कामकाज पर भी पड़ रहा है। अगर यह विरोध लंबा चला, तो बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है, जिससे आसपास के इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है। प्रशासन की नजर स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है, ताकि जल्द से जल्द समाधान निकाला जा सके। आगे क्या? अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रबंधन मजदूरों की मांगों पर क्या फैसला लेता है और क्या यह हड़ताल जल्द खत्म होती है या नहीं।
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Samrat Choudhary CM: पद संभालते ही 5 बड़े फैसले, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान

Samrat Choudhary CM: पद संभालते ही 5 बड़े फैसले, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Samrat Choudhary ने मुख्यमंत्री पद संभालते ही कई अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी। पद संभालते ही दिए 5 बड़े निर्देश मुख्यमंत्री बनते ही Samrat Choudhary ने अधिकारियों और प्रशासन को पांच बड़े निर्देश दिए: भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश Samrat Choudhary ने साफ कहा कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने की बात कही और अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता से जुड़े मुद्दों पर फोकस नए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य आम लोगों की समस्याओं को जल्द से जल्द हल करना होगा। इसके लिए प्रशासन को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। राजनीति में बढ़ी हलचल इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष भी सरकार के इन कदमों पर नजर बनाए हुए है। आगे क्या उम्मीद? अब देखना होगा कि सरकार अपने इन फैसलों को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू कर पाती है।
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महिला आरक्षण पर कांग्रेस का समर्थन, डिलिमिटेशन बिल पर Rahul Gandhi का हमला

महिला आरक्षण पर कांग्रेस का समर्थन, डिलिमिटेशन बिल पर Rahul Gandhi का हमला

महिला आरक्षण को लेकर सियासत तेज हो गई है। Indian National Congress ने इस मुद्दे पर अपना समर्थन साफ कर दिया है। वहीं, पार्टी के नेता Rahul Gandhi ने डिलिमिटेशन बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने क्या कहा? Rahul Gandhi का कहना है कि डिलिमिटेशन की प्रक्रिया के जरिए OBC, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस का रुख Indian National Congress ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। पार्टी का मानना है कि इससे राजनीति में महिलाओं को बराबरी का मौका मिलेगा। डिलिमिटेशन बिल पर क्यों उठे सवाल? डिलिमिटेशन यानी चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष का कहना है कि इससे कुछ वर्गों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर इसे सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो समाज के कमजोर वर्गों को नुकसान हो सकता है। राजनीति में बढ़ी हलचल इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। एक तरफ सरकार अपने फैसले को सही ठहरा रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। आगे क्या होगा? अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या सभी पक्षों के बीच कोई सहमति बन पाती है या नहीं।
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Breaking News: पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, तेलंगाना HC की जमानत पर लगी रोक

पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी गई है। जानिए पूरा मामला और आगे क्या होगा। Pawan Khera को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने Supreme Court of India द्वारा सुनवाई के दौरान Telangana High Court के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्हें ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी। इस फैसले के बाद अब खेड़ा को मिली अस्थायी राहत फिलहाल खत्म हो गई है और उन्हें कानूनी लड़ाई सही क्षेत्राधिकार वाली अदालत में लड़नी होगी। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब Pawan Khera ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी को लेकर कुछ गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद Assam में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। गिरफ्तारी की आशंका के चलते खेड़ा ने सीधे असम जाने के बजाय Telangana हाई कोर्ट का रुख किया और वहां से ट्रांजिट अग्रिम जमानत हासिल कर ली। सुप्रीम कोर्ट ने रोक क्यों लगाई? Supreme Court of India ने इस मामले में कई अहम सवाल उठाए: 🔹 1. क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) पर सवाल केस असम में दर्ज हुआ, फिर तेलंगाना हाई कोर्ट से राहत क्यों ली गई? कोर्ट ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई। 🔹 2. “Forum Shopping” की आशंका सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि आरोपी अपनी सुविधा के अनुसार कोर्ट चुनने की कोशिश नहीं कर सकता। 🔹 3. दस्तावेज़ों में विरोधाभास कोर्ट में पेश किए गए पते और दस्तावेज़ों को लेकर भी सवाल उठे, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहराया। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब Pawan Khera को: असम की अदालत में जाकर नियमित अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना होगा वहीं से उन्हें आगे की कानूनी राहत मिल सकती ह यह मामला सिर्फ एक नेता की जमानत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े बड़े कानूनी और संवैधानिक मुद्दे सामने आए हैं: सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता फिलहाल साफ है कि Pawan Khera की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं।अब उनकी अगली रणनीति और असम कोर्ट का रुख ही तय करेगा कि उन्हें राहत मिलती है या नहीं।
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बिहार में नई सरकार: Samrat Choudhary बने मुख्यमंत्री, दो डिप्टी CM ने भी ली शपथ

बिहार में नई सरकार: Samrat Choudhary बने मुख्यमंत्री, दो डिप्टी CM ने भी ली शपथ

बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Samrat Choudhary ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। उनके साथ विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने डिप्टी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है। शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहे। नई सरकार बनने के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि अब राज्य में विकास के नए काम तेजी से होंगे। सम्राट चौधरी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उन्हें संगठन का मजबूत नेता माना जाता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। वहीं, विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव का अनुभव सरकार को मजबूती देने में मदद करेगा। राज्य के आम लोगों की नजर अब नई सरकार पर है। लोगों को उम्मीद है कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर तेजी से काम होगा। नई सरकार के गठन के साथ ही बिहार में राजनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kolkata से एक अनोखा लेकिन विवादित मामला सामने आया है। यहां एक कार्डियोलॉजिस्ट के कथित ऑफर ने सोशल मीडिया और मेडिकल जगत में बहस छेड़ दी है। खबरों के मुताबिक, डॉक्टर ने मरीजों से कहा कि अगर वे “जय श्री राम” बोलते हैं, तो उनके इलाज में छूट (डिस्काउंट) दी जाएगी। क्या है पूरा मामला? बताया जा रहा है कि इस ऑफर का एक पोस्टर या मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि धार्मिक नारा बोलने पर इलाज सस्ता मिलेगा। इस खबर के सामने आते ही लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने इसे मजाक बताया, तो कुछ ने इसे गलत और गैर-पेशेवर बताया। IMA ने क्या कहा? इस पूरे विवाद पर Indian Medical Association (IMA) ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। IMA का कहना है कि डॉक्टर का काम इलाज करना होता है, न कि किसी भी तरह के धार्मिक या राजनीतिक संदेश को बढ़ावा देना। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के ऑफर मेडिकल एथिक्स के खिलाफ हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्यों उठ रहा है विवाद? मेडिकल प्रोफेशन को निष्पक्ष और सभी के लिए समान माना जाता है धर्म के आधार पर छूट देना कई लोगों को गलत लगा सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस छिड़ गई डॉक्टर की सफाई (अगर सामने आई) कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने इसे मजाक या गलत तरीके से पेश किया गया मामला बताया है। हालांकि, इस पर पूरी सच्चाई क्या है, इसकी जांच अभी जारी है। क्या कहती है मेडिकल एथिक्स? मेडिकल प्रोफेशन में हर मरीज को बराबरी से इलाज देना जरूरी होता है। किसी भी धर्म, जाति या विचारधारा के आधार पर भेदभाव करना नियमों के खिलाफ माना जाता है।

जय श्री राम बोलो, इलाज में मिलेगा डिस्काउंट’: Kolkata के डॉक्टर के ऑफर पर विवाद, IMA ने जताई नाराजगी

Kolkata से एक अनोखा लेकिन विवादित मामला सामने आया है। यहां एक कार्डियोलॉजिस्ट के कथित ऑफर ने सोशल मीडिया और मेडिकल जगत में बहस छेड़ दी है। खबरों के मुताबिक, डॉक्टर ने मरीजों से कहा कि अगर वे “जय श्री राम” बोलते हैं, तो उनके इलाज में छूट (डिस्काउंट) दी जाएगी। क्या है पूरा मामला? बताया जा रहा है कि इस ऑफर का एक पोस्टर या मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि धार्मिक नारा बोलने पर इलाज सस्ता मिलेगा। इस खबर के सामने आते ही लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने इसे मजाक बताया, तो कुछ ने इसे गलत और गैर-पेशेवर बताया। IMA ने क्या कहा? इस पूरे विवाद पर Indian Medical Association (IMA) ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। IMA का कहना है कि डॉक्टर का काम इलाज करना होता है, न कि किसी भी तरह के धार्मिक या राजनीतिक संदेश को बढ़ावा देना।उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के ऑफर मेडिकल एथिक्स के खिलाफ हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्यों उठ रहा है विवाद? डॉक्टर की सफाई (अगर सामने आई) कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने इसे मजाक या गलत तरीके से पेश किया गया मामला बताया है। हालांकि, इस पर पूरी सच्चाई क्या है, इसकी जांच अभी जारी है। क्या कहती है मेडिकल एथिक्स? मेडिकल प्रोफेशन में हर मरीज को बराबरी से इलाज देना जरूरी होता है।किसी भी धर्म, जाति या विचारधारा के आधार पर भेदभाव करना नियमों के खिलाफ माना जाता है।
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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