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Modi Rahul Gandhi conversation

Rare Moment in Parliament: मोदी और राहुल गांधी की बातचीत बनी चर्चा का केंद्र

महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर संसद में श्रद्धांजलि के दौरान पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत ने सबका ध्यान खींचा। नई दिल्ली में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। संसद परिसर के प्रेरणा स्थल पर जब देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi आमने-सामने आए, तो दोनों के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई। राजनीतिक मतभेदों के बीच इस तरह का सहज संवाद कम ही देखने को मिलता है, यही वजह रही कि यह पल कार्यक्रम का सबसे चर्चित क्षण बन गया। वहां मौजूद अन्य नेताओं और लोगों ने भी इस बातचीत को गौर से देखा। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष Om Birla, केंद्रीय मंत्री Arjun Ram Meghwal और पूर्व राज्यसभा उपसभापति Harivansh Narayan Singh सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। हालांकि बातचीत किस विषय पर हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस छोटे से संवाद ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य महान समाज सुधारक Jyotiba Phule को श्रद्धांजलि देना था, लेकिन मोदी और राहुल गांधी के बीच हुई यह बातचीत ही दिन का सबसे बड़ा आकर्षण बन गई।
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Bengal

Bengal vs TMC मोदी का वार- “डर खत्म, विकास शुरू”

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “West Bengal अब Parivartan यानी बदलाव के लिए तैयार है।” उन्होंने इशारों-इशारों में All India Trinamool Congress (TMC) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय से डर और दबाव की राजनीति चल रही है, जिससे अब जनता बाहर निकलना चाहती है। “डर नहीं, विकास चाहिए” – जनता का मूड बदल रहा? प्रधानमंत्री के बयान में एक साफ संदेश दिखा—बंगाल की जनता अब सिर्फ वादों से नहीं, बल्कि सुरक्षा, रोजगार और विकास चाहती है। उनके मुताबिक: राजनीतिक गलियारों में इस बयान को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। Assam में Re-Polling: एक बूथ पर फिर से वोटिंग इसी बीच असम से चुनाव से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है।चुनाव आयोग ने एक सिंगल बूथ पर आज दोबारा मतदान (Re-Polling) कराने का फैसला लिया है। 👉 कारण क्या है? अधिकारियों के मुताबिक इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से हो सके। क्या कहते हैं राजनीतिक संकेत? ग्राउंड पर क्या बदल रहा है? जमीन पर देखें तो तस्वीर दिलचस्प है— हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vrindavan

Vrindavan Accident यमुना में डूबी नाव, भजन से मची चीख-पुकार, 11 की मौत

Vrindavan से आई यह खबर दिल को झकझोर देने वाली है। एक साधारण सी धार्मिक सैर अचानक मातम में बदल गई, जब यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं। भजन से चीखों तक… कुछ ही पलों में बदल गया माहौल शुक्रवार का दिन था। लोग **Yamuna River में नाव की सवारी का आनंद ले रहे थे, कुछ भजन गा रहे थे, तो कुछ मोबाइल में यादें कैद कर रहे थे। लेकिन अचानक नाव डगमगाने लगी। चश्मदीद बताते हैं कि इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, नाव पलट गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। हादसे की वजह: एक के बाद एक बड़ी लापरवाही प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं: इन सब कारणों ने मिलकर इस हादसे को और भी भयावह बना दिया। 250 गोताखोरों की मदद से जारी है तलाश हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्रशासन का कहना है कि जब तक आखिरी लापता व्यक्ति नहीं मिल जाता, ऑपरेशन बंद नहीं होगा। नाव मालिक का गैरजिम्मेदाराना रवैया सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि हादसे के बाद नाव मालिक मौके से फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। परिवारों में पसरा मातम इस हादसे ने कई घरों की खुशियां छीन लीं। जो लोग कुछ देर पहले हंसते-गाते नजर आ रहे थे, वही अब अपने परिवारों से हमेशा के लिए दूर हो गए। घायलों का इलाज चल रहा है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन सख्त, जांच शुरू हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Artemis II

Moon Orbit से Earth वापसी Artemis II के Astronauts ने रचा इतिहास, 11.17 लाख KM का सफर

अंतरिक्ष इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। Artemis II मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए। यह मिशन सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि आने वाले चंद्रमा अभियानों की मजबूत नींव भी माना जा रहा है। सुबह करीब 5:37 बजे, अंतरिक्ष यान ने Pacific Ocean में सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन किया। जैसे ही कैप्सूल पानी में उतरा, रिकवरी टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी astronauts को सुरक्षित बाहर निकाला। यह पल हर उस व्यक्ति के लिए खास था जो इस मिशन से जुड़ा रहा। 11.17 लाख किलोमीटर का सफर, हर पल रहा अहम इस मिशन के दौरान astronauts ने लगभग 11.17 लाख किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने चंद्रमा के चारों ओर घूमते हुए कई महत्वपूर्ण डेटा इकट्ठा किए। यह डेटा आने वाले मिशनों के लिए बेहद काम का साबित होगा। Orion Spacecraft ने निभाई बड़ी जिम्मेदारी इस पूरे मिशन में Orion spacecraft ने अहम भूमिका निभाई। यह spacecraft खासतौर पर deep space missions के लिए तैयार किया गया है और इसने एक बार फिर अपनी क्षमता साबित कर दी। Artemis Program का अहम पड़ाव NASA का Artemis Program इंसानों को दोबारा चंद्रमा पर भेजने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Artemis II को एक टेस्ट मिशन के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने भविष्य की राह आसान कर दी है। अब सभी की नजरें Artemis III पर टिकी हैं, जिसमें astronauts को चंद्रमा की सतह पर उतारने की योजना है। क्यों खास है ये मिशन? इस मिशन ने यह साबित कर दिया कि इंसान एक बार फिर गहरे अंतरिक्ष में लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए तैयार है। यह सिर्फ तकनीक की जीत नहीं, बल्कि इंसानी हौसले और जिज्ञासा का भी प्रतीक है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitish Kumar

Nitish Kumar Rajya Sabha Entry नीतीश कुमार ने MP के रूप में ली शपथ, शुरू हुई नई पारी

भारतीय राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। Nitish Kumar ने अब राज्यसभा सदस्य (MP) के रूप में शपथ लेकर अपनी नई संसदीय पारी की शुरुआत कर दी है। बिहार की सियासत में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद उनका यह कदम अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर बढ़ते फोकस को दिखाता है। राज्यसभा में शपथ, बदली भूमिका Bihar के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने Rajya Sabha में सदस्य के तौर पर शपथ ली। यह सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। शपथ ग्रहण के दौरान संसद में मौजूद नेताओं और राजनीतिक गलियारों में इस कदम को लेकर काफी चर्चा रही। बिहार से बाहर, अब राष्ट्रीय राजनीति पर नजर नीतीश कुमार ने वर्षों तक बिहार की राजनीति को दिशा दी। अब राज्यसभा में उनकी एंट्री इस बात का संकेत है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनकी मौजूदगी संसद में कई अहम मुद्दों पर संतुलन बना सकती है और विपक्ष की रणनीति को भी मजबूती दे सकती है। क्यों अहम है यह कदम? नीतीश कुमार के राज्यसभा पहुंचने के पीछे कई बड़े मायने छिपे हैं— आने वाले समय में क्या असर होगा? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले चुनावों और गठबंधन समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। नीतीश कुमार की रणनीति और अनुभव उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक अहम खिलाड़ी बना सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RBI

RBI New Rule ₹10,000 से ज्यादा UPI Payment पर लगेगा 1 घंटे का Hold, जानिए पूरा अपडेट

डिजिटल इंडिया के दौर में जहां UPI और ऑनलाइन पेमेंट ने जिंदगी आसान बनाई है, वहीं फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जो आने वाले समय में आपके पेमेंट करने के तरीके को बदल सकता है। क्या है पूरा मामला? RBI ने सुझाव दिया है कि अगर आप ₹10,000 से ज्यादा का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं—जैसे UPI या IMPS—तो पैसा तुरंत ट्रांसफर नहीं होगा। इसके बजाय: आम लोगों के लिए क्या बदलेगा? मान लीजिए आपने गलती से किसी गलत अकाउंट में पैसे भेज दिए या किसी स्कैम कॉल में आकर ट्रांसफर कर दिया—तो अब आपके पास उसे रोकने का मौका होगा। यह 1 घंटे का समय: किन पेमेंट पर नहीं लगेगा Hold? RBI ने साफ किया है कि हर ट्रांजैक्शन पर यह नियम लागू नहीं होगा: इन मामलों में पेमेंट पहले की तरह तुरंत ही पूरा होगा। ‘Kill Switch’ क्या है? (सबसे बड़ा सेफ्टी फीचर) इस प्रस्ताव में एक और खास फीचर शामिल है—Kill Switch। आसान भाषा में:अगर आपको लगे कि आपका अकाउंट खतरे में है, तो आप एक बटन दबाकर: सब कुछ तुरंत बंद कर सकते हैं। यह फीचर बड़े फ्रॉड को रोकने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। बुजुर्गों के लिए खास सुरक्षा RBI ने सीनियर सिटीज़न्स को ध्यान में रखते हुए भी सुझाव दिया है: अभी लागू हुआ या नहीं? नहीं, अभी यह नियम लागू नहीं हुआ हैयह सिर्फ एक Proposal (Discussion Paper) है RBI ने लोगों से इस पर सुझाव मांगे हैं, उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Yashwant Verma

Allahabad High Court Controversy जले नोटों के बीच Justice Yashwant Verma का Resignation

क्या है पूरा मामला? देश की न्यायपालिका से जुड़ा एक गंभीर मामला इन दिनों सुर्खियों में है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Verma) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला उस विवाद के बाद आया, जिसमें उनके घर से ₹500 के नोटों के जले हुए बंडल मिलने की बात सामने आई थी। न्यायिक कार्यों से पहले ही किया गया था अलग जैसे ही यह मामला सामने आया, हाईकोर्ट प्रशासन ने एहतियातन उन्हें न्यायिक कामकाज से दूर कर दिया था। शुरुआती जांच में मामला गंभीर नजर आया, जिसके बाद उनके ऊपर दबाव लगातार बढ़ता गया। जले हुए नोटों ने खड़े किए बड़े सवाल सूत्रों के अनुसार, घर में जली हुई नकदी मिलने की घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में कैश आखिर वहां तक पहुंचा कैसे। फिलहाल, इस पूरे मामले पर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। न्यायपालिका की साख पर उठे सवाल इस विवाद ने न्यायपालिका की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर भी बहस छेड़ दी है। आम लोगों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है और हर कोई सच्चाई जानना चाहता है। आगे क्या? जांच पर टिकी सबकी नजर Justice Yashwant Verma का इस्तीफा इस मामले में एक बड़ा कदम जरूर माना जा रहा है, लेकिन असली कहानी अभी बाकी है। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों पर है, जो इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश करेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कुछ मंदिरों में प्रसाद में शराब दी जाती है: सरकार का Supreme Court में बयान

कुछ मंदिरों में प्रसाद में शराब दी जाती है: सरकार का Supreme Court में बयान

देश में आस्था और परंपराओं से जुड़े मामलों पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सबरीमाला मंदिर से जुड़े केस की सुनवाई के दौरान सरकार ने Supreme Court में एक अहम बात कही है। सरकार ने अदालत को बताया कि देश के कई मंदिरों में प्रसाद के रूप में शराब भी चढ़ाई जाती है और यह वहां की परंपरा का हिस्सा है। ऐसे में कोर्ट यह नहीं कह सकता कि वहां शराब का इस्तेमाल बंद कर दिया जाए। यह सुनवाई केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़ी है, जहां महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक परंपराओं को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस दौरान धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों की सीमा को लेकर भी चर्चा हो रही है। सरकार ने कहा कि भारत में अलग-अलग जगहों पर धार्मिक परंपराएं अलग होती हैं। कुछ मंदिरों में शराब को भी प्रसाद के रूप में स्वीकार किया जाता है। यह सदियों पुरानी मान्यता है, जिसे अदालत बदलने का निर्देश नहीं दे सकती। सरकार का यह भी कहना है कि कोर्ट को धार्मिक परंपराओं में दखल देने से बचना चाहिए, क्योंकि यह लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है। सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि क्या अदालत को धार्मिक परंपराओं की समीक्षा करने का अधिकार है। इस पर कोर्ट ने कहा कि उसे संविधान के तहत रिव्यू करने का पूरा अधिकार है। यह मामला सिर्फ सबरीमाला मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में धार्मिक स्वतंत्रता और परंपराओं के अधिकार से जुड़ा हुआ है। आने वाला फैसला यह तय कर सकता है कि धार्मिक मामलों में कोर्ट की सीमा कहां तक है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Badruddin Ajmal Impact in Assam Politics: BJP या Congress—किसे हो रहा ज्यादा नुकसान?

Badruddin Ajmal Impact in Assam Politics: BJP या Congress—किसे हो रहा ज्यादा नुकसान?

असम की राजनीति में Badruddin Ajmal एक ऐसा नाम है, जो हर चुनाव में चर्चा का केंद्र बन जाता है। उनकी पार्टी AIUDF का प्रभाव खासकर कुछ क्षेत्रों में काफी मजबूत है, और यही वजह है कि उनके राजनीतिक कदम सीधे तौर पर BJP और Congress—दोनों पर असर डालते हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर अजमल की मौजूदगी से सबसे ज्यादा नुकसान किसे हो रहा है? Congress के वोट बैंक पर सीधा असर राजनीतिक विश्लेषण की बात करें तो Badruddin Ajmal की पार्टी का सबसे बड़ा प्रभाव Congress के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ता है। इस वजह से Congress को कई बार ऐसे क्षेत्रों में नुकसान उठाना पड़ता है, जहां पहले उसकी पकड़ मजबूत मानी जाती थी। BJP को कैसे मिलता है फायदा? जहां एक तरफ वोटों का बंटवारा होता है, वहीं इसका अप्रत्यक्ष फायदा BJP को मिल सकता है। जब विपक्षी वोट एकजुट नहीं रहते, तो चुनावी नतीजों में BJP को बढ़त मिलना आसान हो जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में Badruddin Ajmal की बयानबाजी और राजनीति BJP के लिए भी चुनौती खड़ी कर देती है, खासकर जब मुद्दे सांप्रदायिक रूप ले लेते हैं। क्या बदल रहे हैं सियासी समीकरण? असम में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच यह साफ है कि अजमल की भूमिका ‘किंगमेकर’ जैसी बनती जा रही है। इन सभी पहलुओं में उनका प्रभाव साफ नजर आता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar Politics Update: नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलें तेज, सम्राट चौधरी CM पद की रेस में सबसे आगे

Bihar Politics Update: नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलें तेज, सम्राट चौधरी CM पद की रेस में सबसे आगे

Bihar Politics Update: क्या बदलने वाला है सत्ता का समीकरण? Bihar की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। खबरें सामने आ रही हैं कि Nitish Kumar के मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तारीख लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, इस संभावित बदलाव के बीच Samrat Choudhary का नाम नए मुख्यमंत्री के तौर पर सबसे आगे चल रहा है। क्यों उठ रही हैं इस्तीफे की अटकलें? पिछले कुछ समय से बिहार में गठबंधन की राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई है कि सत्ता में एक बड़ा फेरबदल हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ऐसा होता है, तो इसका असर सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। Samrat Choudhary क्यों हैं मजबूत दावेदार? Samrat Choudhary को संगठन में मजबूत पकड़ और तेजतर्रार नेता के रूप में देखा जाता है। इन्हीं कारणों से उन्हें CM पद की रेस में आगे माना जा रहा है। क्या कहते हैं सियासी समीकरण? बिहार की राजनीति हमेशा से गठबंधनों और रणनीतियों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। Nitish Kumar का राजनीतिक अनुभव और फैसले अक्सर चौंकाने वाले रहे हैं, इसलिए अंतिम निर्णय क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। जनता पर क्या होगा असर? अगर मुख्यमंत्री पद में बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर राज्य की नीतियों और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। लोगों के बीच भी इस खबर को लेकर उत्सुकता बनी हुई है — क्या यह बदलाव नई दिशा देगा या सिर्फ राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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