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Manali

Manali Snow Alert 2026 ट्रैफिक जाम और फंसे Tourist का हाल

हिमाचल प्रदेश का मनाली (Manali) और कुल्लू क्षेत्र इस समय भारी बर्फबारी और ट्रैफिक जाम की चपेट में है। 26 जनवरी के लॉन्ग वीकेंड पर बर्फ देखने आए tourists को यहां का नज़ारा बेहद रोमांचक तो लग रहा था, लेकिन असली चुनौती तब आई जब सड़कों पर लंबा जाम और फंसे वाहन सामने आए। Kullu-Manali Highway पर Traffic Jam का तांडव भारी हिमपात और वीकेंड ट्रैफिक के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग 3 (NH3) पर 8 से 15 किलोमीटर तक लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कई यात्रियों को सिर्फ 15 किलोमीटर की दूरी तय करने में 10-12 घंटे का समय लग गया। ट्रैफिक के बीच कई पर्यटक बर्फ में अपने सामान के साथ पैदल चलने को मजबूर हुए। Tourists की मुश्किलें स्थानीय लोगों ने भी आगे आकर बर्फ में फंसे पर्यटकों को गर्म चाय और मदद प्रदान की। प्रशासन की तैयारी और उपाय मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बर्फबारी/बारिश की संभावना के लिए चेतावनी जारी की है। पर्यटकों को सलाह दी जा रही है कि वे सड़कें खुलने और मौसम अनुकूल होने पर ही यात्रा करें। Social Media पर वायरल दृश्य सोशल मीडिया पर भी Manali की कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिनमें ट्रैफिक जाम, बर्फ में फंसे लोग और हिमाचल की सर्दी का नज़ारा साफ दिखाई दे रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Republic Day

Republic Day परेड 2026 कर्तव्य पथ पर रचा गया इतिहास, New India की नई पहचान

कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस (Republic Day ) की परेड इस बार सिर्फ एक सरकारी समारोह नहीं, बल्कि बदलते भारत की कहानी बन गई। परंपरा के रंग, आधुनिक तकनीक की चमक और समावेशिता का संदेश — सब कुछ एक ही मंच पर दिखाई दिया। इस साल की परेड में कई ऐसे पल रहे, जो लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। दो Chief Guest, एक मंच Republic Day के इतिहास में पहली बार दो मुख्य अतिथि आमंत्रित किए गए। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन की मौजूदगी ने भारत-यूरोप रिश्तों की मजबूती को नए स्तर पर पहुंचाया। दर्शकों के बीच यह चर्चा का बड़ा विषय रहा कि एक साथ दो वैश्विक नेता भारत के लोकतंत्र के इस उत्सव में शामिल हुए। महिला कमांडेंट के पीछे पूरा पुरुष दस्ता CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व जब सहायक कमांडेंट सिमरन बाला ने किया, तो तालियों की गूंज खुद परेड से ज्यादा तेज़ थी। यह सिर्फ एक परेड मूव नहीं था, बल्कि उस बदलाव का संकेत था, जिसमें महिलाएं अब हर मोर्चे पर नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। सेना का लाइव युद्ध प्रदर्शन इस बार परेड में सेना ने ‘बैटल एरे फॉर्मेशन’ के जरिए युद्ध जैसी स्थिति का लाइव डेमो दिखाया। आधुनिक हथियार, तेज़ मूवमेंट और रणनीतिक अभ्यास ने लोगों को रोमांचित कर दिया। कई दर्शकों के लिए यह पल परेड का सबसे दमदार हिस्सा साबित हुआ। ड्रोन से लेकर ब्रह्मोस तक AI आधारित सिस्टम, ड्रोन, रोबोटिक यूनिट्स, ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल जैसी प्रणालियों की झलक ने यह साफ कर दिया कि भारत अब रक्षा तकनीक में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। दो कूबड़ वाले ऊंट भी बने आकर्षण परेड में दो कूबड़ वाले बेक्ट्रियन ऊंटों की मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। यह नज़ारा जितना अनोखा था, उतना ही यह संदेश भी देता था कि कठिन इलाकों में तैनाती के लिए सेना किस तरह पारंपरिक और आधुनिक संसाधनों का संतुलन बना रही है। थीम: ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ इस साल की थीम “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” रही। झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के ज़रिए राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक यात्रा, आज़ादी की लड़ाई में उसकी भूमिका और आज के भारत में उसकी अहमियत को खूबसूरती से दिखाया गया। झांकियां और कलाकारों की भव्य प्रस्तुति करीब 2500 कलाकारों ने मंच संभाला और 30 से ज्यादा झांकियों ने भारत की विविधता, संस्कृति और विकास की कहानी सुनाई। डिजिटल इंडिया, महिला सशक्तिकरण, हरित ऊर्जा और स्टार्टअप इंडिया जैसे विषयों पर आधारित झांकियां खास तौर पर चर्चा में रहीं। नई सैन्य इकाइयों की पहली झलक ‘भैरव बटालियन’ और ‘शक्तिबान रेजिमेंट’ जैसी नई इकाइयों को पहली बार परेड में शामिल किया गया। यह भारत की बदलती सुरक्षा रणनीति और नई पीढ़ी की सैन्य ताकत का संकेत माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Republic Day

Republic Day India 77वां गणतंत्र दिवस वायुसेना का ‘Sindoor Formation’ और नई मिसाइल की झलक

देश ने आज 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) पूरे जोश, गर्व और भावनात्मक माहौल में मनाया। सुबह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने से हुई। इसके बाद कर्तव्य पथ पर भव्य परेड में भारत की सैन्य शक्ति, स्वदेशी तकनीक और सांस्कृतिक विविधता की शानदार झलक देखने को मिली। शहीदों को नमन से शुरू हुआ गणतंत्र दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित किया और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को नमन किया। यह क्षण भावुक भी था और प्रेरणादायक भी, जिसने पूरे समारोह को गरिमा और गंभीरता प्रदान की। कर्तव्य पथ पर भव्य परेड, विदेशी मेहमान भी रहे मौजूद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित परेड में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते रिश्तों का संकेत माना गया। ‘Sindoor Formation’ में वायुसेना का दमदार फ्लायपास्ट भारतीय वायुसेना ने इस बार ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ नाम से खास फ्लायपास्ट किया। राफेल, सुखोई-30, मिग-29 और जगुआर जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों ने जब आसमान में एक साथ उड़ान भरी, तो पूरा कर्तव्य पथ तालियों से गूंज उठा। कुल 29 विमानों और हेलीकॉप्टरों ने हिस्सा लिया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वदेशी Hypersonic Glide Missile का पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन परेड का सबसे चर्चित आकर्षण डीआरडीओ की स्वदेशी हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल का डेब्यू रहा। यह मिसाइल बेहद तेज रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है और दुश्मन के रडार से बचना इसके लिए मुश्किल माना जाता है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता की दिशा में एक बड़ा कदम है। त्रि-सेवा झांकियां और सैन्य शक्ति की झलक थलसेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त झांकियों में ब्रह्मोस, आकाश और अन्य आधुनिक हथियार प्रणालियां प्रदर्शित की गईं। हर झांकी भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और तकनीकी प्रगति की कहानी कह रही थी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी भारत की विविधता करीब 2,500 कलाकारों ने देश के अलग-अलग राज्यों की लोकसंस्कृति, नृत्य और संगीत की प्रस्तुति दी। इस वर्ष की थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति को समर्पित रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस रंगारंग कार्यक्रम में खोया नजर आया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indigo

DGCA ने Indigo को कहा Flights कम करें 717 Slots 16 हवाईअड्डों से रद्द

घरेलू एयरलाइन्स Indigo Airlines ने हाल ही में 16 प्रमुख Airports पर अपने 717 Flight Slots छोड़ दिए हैं। DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के आदेश के तहत यह कदम एयरलाइन के Winter Schedule में 10% कटौती सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। इस कदम का उद्देश्य ऑपरेशनल Challenges को कम करना और यात्रियों को बेहतर और समय पर Flight Services देना है। DGCA ने यह सुनिश्चित किया कि एयरलाइन अपने Slot Management और समयबद्ध उड़ानों के मामलों में सुधार करे। प्रमुख हवाईअड्डों में Flight कटौती इन Slots को अन्य एयरलाइन्स के लिए रीलोकेट किया जा सकता है। Indigo का कहना है कि यह कदम यात्री सुविधाओं में सुधार और Operational Stability के लिए जरूरी था। यात्रियों के लिए असर Flights की कटौती और Slots छोड़ने से यात्रियों को कुछ अस्थायी असुविधा हो सकती है, लेकिन एयरलाइन का दावा है कि यह कदम Flight Delays और Cancellation को भविष्य में रोकने में मदद करेगा। Indigo के प्रवक्ता ने कहा:“हम लगातार अपनी Operations को बेहतर बना रहे हैं ताकि यात्रियों को समय पर और सुरक्षित सेवाएं मिलती रहें।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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शंकराचार्य

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का कालनेमि बयान और राजनीतिक बहस

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश – 2026 के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विवाद अब पूरे देश की चर्चा का विषय बन गया है। यह विवाद सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तेज बहस को जन्म दे रहा है। “कालनेमि” बयान क्या है? शंकराचार्य ने हाल ही में कहा: “चोला तो साधु का और गोहत्या हो रही है। आप बताइए कालनेमि कौन?” इस बयान का मतलब गहरा है। रामायण के कालनेमि राक्षस की तरह, वे लोगों को धर्म के नाम पर भ्रमित करने वालों की ओर इशारा कर रहे हैं। यह सीधे तौर पर यह सवाल उठाता है कि धर्म और संस्कृति के संरक्षण में कौन वास्तव में बाधक है। स्नान विवाद और प्रशासन की भूमिका माघ मेले की मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य को संगम में स्नान करने से रोका गया। शिष्यों के साथ झड़प हुई और वीडियो वायरल हो गया। शंकराचार्य ने इसे अपमानजनक बताया और स्नान से इनकार कर दिया। संत समाज और साधु‑संप्रदायों में इस पर गहरी नाराजगी है। कई संतों ने प्रशासन से साधुओं के सम्मान की सुरक्षा की मांग की है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ इस तरह, विवाद धीरे‑धीरे धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। लोकप्रिय सवाल: कालनेमि कौन? शंकराचार्य का यह सवाल समाज में गहरी सोच पैदा कर रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि कौन हैं वे लोग जो धर्म और संस्कृति के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं? यह बयान युवाओं और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है और हर तरफ चर्चाएँ तेज हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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EU

भारत-EU Free Trade Agreement Mother of All Deal से बदलेगा कारोबार, तीन दिन बाद ऐलान

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। करीब दो दशकों से जिस मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) पर बातचीत चल रही थी, वह अब अपने आखिरी मोड़ पर है। इसे ही दुनिया भर में “Mother of All Deal” कहा जा रहा है।सूत्रों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक करार का औपचारिक ऐलान 27 जनवरी को किया जा सकता है — यानी अब से ठीक तीन दिन बाद। आज भारत पहुंचे EU के टॉप लीडर्स इसी बड़े ऐलान से पहले यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता भारत पहुंच रहे हैं।यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत दौरे पर हैं।ये नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और भारत-EU शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे। खास बात यह है कि ये नेता 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में भी शामिल होंगे। इसके अगले ही दिन यानी 27 जनवरी को FTA को लेकर बड़ा ऐलान होने की उम्मीद है। क्यों कहा जा रहा है इसे “Mother of All Deal”? इस समझौते को इतना बड़ा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि: इस पर बातचीत साल 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन कई बार अटकने के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है। भारत के लिए क्या बदलेगा? अगर यह FTA लागू होता है तो इसका सीधा फायदा भारत के कारोबार और आम लोगों तक पहुंचेगा। दूसरी ओर, यूरोपीय कंपनियों को भारत में कार, शराब और हाई-टेक मशीनरी जैसे सेक्टरों में आसान एंट्री मिलेगी। बदलती वैश्विक राजनीति में अहम कदम दुनिया के कई बड़े देश आज संरक्षणवादी नीतियों और ऊंचे टैरिफ की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में भारत और EU के बीच यह समझौता रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका और मजबूत होगी। आगे क्या होगा? हालांकि, समझौते को जमीन पर लागू होने में अभी कुछ कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी, लेकिन संकेत साफ हैं —भारत और EU एक नए आर्थिक रिश्ते की दहलीज पर खड़े हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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उज्जैन

Breaking News Tarana उज्जैन के तराना में उपद्रव, घरों पर पथराव, 10 से ज्यादा बसों को नुकसान

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के तराना कस्बे में एक बार फिर हिंसा ने लोगों की नींद उड़ा दी। गुरुवार शाम मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते बड़े बवाल में बदल गया। गुस्साई भीड़ ने कई घरों पर पत्थर फेंके, दुकानों में तोड़फोड़ की और बस स्टैंड पर खड़ी बसों को निशाना बनाया। कुछ बसों में आग लगाए जाने की भी पुष्टि हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद की जड़ एक युवक पर हुआ हमला बताया जा रहा है। युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और कुछ ही देर में भीड़ उग्र हो गई। लोग अपने घरों में दुबक गए, बाजार बंद हो गए और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई। बस स्टैंड पर सबसे ज्यादा नुकसान हिंसा के दौरान तराना बस स्टैंड पर खड़ी करीब 10 से 11 बसों के शीशे तोड़ दिए गए। कुछ बसों में आग लगाने की कोशिश की गई और एक-दो बसों के अंदर आग भी भड़क गई। इसके अलावा आसपास खड़ी गाड़ियां और दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। कई घरों पर पत्थर फेंके गए, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई। पुलिस और प्रशासन हरकत में स्थिति बिगड़ने की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस बल तैनात किया गया और हालात काबू में करने के लिए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। रात भर पुलिस गश्त करती रही ताकि हालात दोबारा न बिगड़ें। प्रशासन ने उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। अब तक कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। लोग सहमे, बाजार बंद घटना के बाद तराना के कई इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर बाजार बंद रखे। जिन घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है, उनके मालिक गहरे सदमे में हैं। लोगों का कहना है कि पहले भी यहां तनाव की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार हिंसा ने ज्यादा डर पैदा कर दिया है। प्रशासन की अपील प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नुकसान का आकलन कर मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। तराना की यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि छोटे-से विवाद कैसे बड़ी हिंसा में बदल जाते हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि हालात जल्द सामान्य हों और कस्बे में फिर से सुकून लौटे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Srinagar में बर्फबारी, 20 Flights Cancelled Vaishno Devi यात्रा रुकी

उत्तर भारत (North India) में मौसम (Weather) ने इस हफ्ते काफी हलचल मचा दी है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश (Rajasthan-UP) के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को यात्रा और दैनिक जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिमला और मनाली में सीजन की पहली Snowfall वहीं हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला (Shimla) और मनाली (Manali) में मौसम ने अपना नया रूप दिखाया और यहाँ हुई सीजन की पहली बर्फबारी (First Snowfall of the Season)। बर्फबारी की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और पहाड़ी रास्तों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। श्रीनगर में भारी बर्फबारी और यात्रा प्रभावित जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) में भी मौसम की मार देखने को मिली। श्रीनगर एयरपोर्ट (Srinagar Airport) पर लगभग 4 इंच बर्फ गिरने से कई फ्लाइट्स प्रभावित हुईं और 20 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वैष्णो देवी (Vaishno Devi) यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनी और सुरक्षा मौसम विभाग (Meteorological Department) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है, इसलिए यात्रियों और स्थानीय लोगों को अपनी यात्रा योजनाओं में सावधानी और बदलाव करने की सलाह दी गई है। मौसम का अनुभव और सावधानी यह मौसम प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव भी लेकर आया है, लेकिन सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Kerala Visit केरल को 4 नई ट्रेनें, गरीबों के लिए क्रेडिट कार्ड और विकास की नई शुरुआत

तिरुवनंतपुरम, 23 जनवरी — PM Modi के केरल दौरे ने राज्य को एक साथ कई बड़ी सौगातें दीं। रेलवे कनेक्टिविटी से लेकर छोटे कारोबारियों के लिए आसान क्रेडिट और नवाचार को बढ़ावा देने तक, इस यात्रा का मकसद साफ दिखा — विकास को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाना। 4 नई ट्रेनें, बेहतर कनेक्टिविटी प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi ) ने केरल से जुड़ी चार नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस और एक पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं। इन ट्रेनों से केरल की कनेक्टिविटी तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से और मजबूत होगी।रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इससे यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और तेज़ यात्रा मिलेगी और पर्यटन व व्यापार को भी नई गति मिलेगी। “अब गरीबों के पास भी क्रेडिट कार्ड” इस मौके पर PM Modi ने PM SVANidhi Credit Card लॉन्च किया, जो खास तौर पर रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों के लिए तैयार किया गया है। यह UPI से जुड़ा, ब्याज-मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट कार्ड है। अपने संबोधन में मोदी ने कहा, “पहले क्रेडिट कार्ड अमीरों तक सीमित थे। आज गरीबों और छोटे कारोबारियों के हाथ में भी ये सुविधा है। सरकार उनके लिए गारंटर बनी है।” उन्होंने बताया कि इस योजना से छोटे व्यापारियों को आसान कर्ज मिलेगा, डिजिटल लेन-देन बढ़ेगा और उनका क्रेडिट इतिहास मजबूत होगा। इनोवेशन हब और नई उम्मीदें प्रधानमंत्री ने CSIR-NIIST इनोवेशन हब की आधारशिला भी रखी। यह केंद्र विज्ञान, तकनीक और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। सरकार का लक्ष्य केरल को रिसर्च और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनाना है, जिससे युवाओं को नए अवसर मिल सकें। अन्य विकास परियोजनाएँ दौरे के दौरान आधुनिक पोस्ट ऑफिस, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी हुआ। इनसे आम लोगों की रोज़मर्रा की सुविधाएँ बेहतर होने और रोजगार के मौके बढ़ने की उम्मीद है। लोगों से जुड़ा संदेश PM Modi का यह दौरा सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा। ट्रेन की सौगात हो या छोटे दुकानदारों के लिए क्रेडिट कार्ड, हर पहल में आम आदमी को केंद्र में रखा गया। सरकार का कहना है कि इन कदमों से केरल के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और राज्य के युवाओं, व्यापारियों और यात्रियों को सीधे फायदे मिलेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhojshala

Bhojshala Dhar 10 साल बाद एक ही दिन पूजा और नमाज, भारी सुरक्षा में ऐतिहासिक संयोग

धार (मध्य प्रदेश) की विवादित भोजशाला (Bhojshala)–कमाल मौला परिसर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। इस बार वजह कोई टकराव नहीं, बल्कि एक ऐसा दुर्लभ संयोग है, जो 10 साल बाद देखने को मिला है। बसंत पंचमी और शुक्रवार (जुमे) एक ही दिन पड़ने के कारण यहां मां वाग्देवी (सरस्वती) की पूजा और जुमे की नमाज एक ही तारीख को हो रही है। इस संवेदनशील मौके को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं, ताकि दोनों समुदाय अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्वक कर सकें। सुबह पूजा, दोपहर में नमाज सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार समय का साफ बंटवारा किया गया है। प्रशासन ने दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग समय और रास्ते तय किए हैं, ताकि भीड़ न टकराए और किसी तरह का तनाव न बने। 8,000 जवान, ड्रोन और AI से निगरानी भोजशाला (Bhojshala) परिसर और पूरे धार शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि दोनों समुदाय सम्मान और शांति के साथ अपने धार्मिक कर्तव्य निभा सकें।” सुप्रीम कोर्ट का संतुलित फैसला Bhojshala विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों समुदायों को अपने धार्मिक अधिकार निभाने की अनुमति दी है। कोर्ट ने साफ किया है कि पूजा और नमाज तय समय पर ही होंगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। साथ ही दोनों पक्षों से संयम और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की गई है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की अपील धार कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा न करने की अपील की है। स्थानीय नागरिकों और धार्मिक नेताओं ने भी शांति बनाए रखने की बात कही है। एक दुकानदार ने कहा, “हम रोज यहां आते-जाते हैं। बस यही चाहते हैं कि सब कुछ शांति से हो जाए और शहर का माहौल खराब न हो।” क्यों संवेदनशील है भोजशाला? Bhojshala एक ऐतिहासिक स्थल है, जिसे हिंदू समुदाय सरस्वती मंदिर और मुस्लिम समुदाय कमाल मौला मस्जिद मानता है। दशकों से यहां पूजा और नमाज अलग-अलग समय या दिनों में होती रही है। बसंत पंचमी और शुक्रवार का एक साथ आना इस जगह को और संवेदनशील बना देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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