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‘मेरी बहू इतनी सुंदर, फिर बेटा भटक क्यों गया…’: TCS कांड में आरोपी दानिश की मां का दर्द छलका

‘मेरी बहू इतनी सुंदर, फिर बेटा भटक क्यों गया…’: TCS कांड में आरोपी दानिश की मां का दर्द छलका

नासिक में हुए चर्चित TCS कांड के बीच आरोपी दानिश के परिवार की भावनाएं अब सामने आ रही हैं। इस मामले में दानिश की मां का एक भावुक बयान सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। मां का दर्द: रोते हुए कही ये बात दानिश की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी बहू बहुत अच्छी और सुंदर है। ऐसे में उनका बेटा किसी और के पीछे क्यों गया, यह बात उन्हें समझ नहीं आ रही।बात करते-करते वह भावुक हो गईं और रोने लगीं। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। मां ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को अच्छे संस्कार दिए थे, लेकिन अब जो कुछ सामने आया है, उससे पूरा परिवार सदमे में है। क्या है पूरा मामला? नासिक में सामने आए इस TCS कांड ने हर किसी को चौंका दिया है। आरोपी दानिश पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस जांच में जुटी हुई है।हालांकि, मामले की पूरी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। समाज में बढ़ती चिंता इस तरह की घटनाएं समाज में कई सवाल खड़े करती हैं। रिश्तों में विश्वास, पारिवारिक मूल्यों और व्यक्तिगत फैसलों को लेकर बहस तेज हो जाती है। आगे क्या? फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं, जिनसे पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
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बंगाल

बंगाल में Voting Rights को लेकर नया विवाद ममता बोलीं- सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा

वोटिंग अधिकार पर ममता बनर्जी का बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मुद्दा चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटिंग अधिकारों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों को ट्रिब्यूनल से क्लीन चिट मिल चुकी है, उन्हें राज्य में मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा जताया ममता बनर्जी ने अपने बयान में यह भी साफ किया कि उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा और सम्मान है। उनका कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया के बाद जब किसी व्यक्ति को निर्दोष घोषित कर दिया जाता है, तो उसे लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर जोर मुख्यमंत्री के अनुसार, लोकतंत्र की असली ताकत हर नागरिक की भागीदारी में है। अगर कोई व्यक्ति कानूनी जांच के बाद निर्दोष साबित हो जाता है, तो उसे वोट देने के अधिकार से दूर रखना उचित नहीं माना जा सकता। विपक्ष का पलटवार इस बयान के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि वोटिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर और कानूनी ढांचे के अनुसार होना चाहिए। TMC का पक्ष वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) का पक्ष है कि यह कदम केवल उन लोगों को राहत देने के लिए है जिन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत क्लीन चिट मिल चुकी है, और इसका मकसद लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है। राजनीतिक असर की संभावना राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह बयान आने वाले समय में बंगाल की चुनावी राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है। यह मुद्दा आगे और भी सियासी बहस को जन्म दे सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Airport Latest Update पार्किंग एरिया में विमान टक्कर, जांच शुरू

Delhi के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) पर गुरुवार को एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। यहां अकासा एयर (Akasa Air) और स्पाइसजेट (SpiceJet) के दो यात्री विमान जमीन पर ही आपस में टकरा गए। यह घटना पार्किंग और टैक्सीिंग एरिया में हुई, जिससे कुछ देर के लिए एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। IGI Airport Incident कैसे हुआ? जानकारी के मुताबिक, स्पाइसजेट का विमान टैक्सीिंग के दौरान अपनी निर्धारित दिशा में आगे बढ़ रहा था, जबकि अकासा एयर का विमान भी उसी समय ग्राउंड मूवमेंट में था। इसी दौरान दोनों विमानों के विंग (पंख) आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी थी कि दोनों विमानों को हल्का लेकिन साफ नुकसान हुआ। घटना टर्मिनल-1 के पास टैक्सीवे/पार्किंग क्षेत्र में हुई बताई जा रही है। Passengers Safe: सभी यात्री सुरक्षित इस पूरे हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई। दोनों फ्लाइट्स में मौजूद यात्रियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बाद में उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था से भेजा गया। यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए डर और असमंजस का माहौल जरूर बना, लेकिन स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। दोनों विमानों को नुकसान, जांच शुरू प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार: एयरपोर्ट अथॉरिटी और संबंधित एविएशन एजेंसियों ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। Air Safety पर सवाल इस घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट ग्राउंड सेफ्टी और टैक्सीिंग प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट पर विमानों की मूवमेंट के दौरान छोटी सी चूक भी बड़े जोखिम में बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

Historic Bill: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर पीएम मोदी का बड़ा बयान – South vs North, परिसीमन और क्रेडिट पर साफ संदेश

पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर बोलते हुए South vs North बहस, परिसीमन और राजनीतिक क्रेडिट पर बड़ा बयान दिया। जानें उनके भाषण की पूरी बड़ी बातें। नई दिल्ली लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ महिला आरक्षण पर बात की, बल्कि South vs North बहस, परिसीमन (Delimitation) और राजनीतिक क्रेडिट जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी स्पष्ट और मजबूत रुख रखा। उन्होंने कहा कि यह बिल देश की दिशा और दशा दोनों तय करेगा, इसलिए इसे राजनीति के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। South vs North पर बड़ा बयान – “किसी के साथ अन्याय नहीं होगा” पीएम मोदी ने सबसे अहम आशंका पर सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा— चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूर्व हो या पश्चिम,छोटे राज्य हों या बड़े — किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया में किसी क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा और संतुलन पूरी तरह बनाए रखा जाएगा। परिसीमन (Delimitation) पर साफ आश्वासन परिसीमन को लेकर चल रही चिंताओं पर पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा— यानी उन्होंने साफ संकेत दिया कि महिला आरक्षण के नाम पर सीटों के बंटवारे में कोई राजनीतिक या क्षेत्रीय खेल नहीं होगा। “क्रेडिट नहीं चाहिए” – पीएम मोदी का बड़ा संदेश पीएम मोदी ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा— “हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, देश के लिए सही निर्णय चाहिए।” उन्होंने इसे राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन देने की अपील की। “राजनीति का रंग न दें” प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बिल 25–30 साल पहले ही लागू हो जाना चाहिए था। अगर तब हो जाता तो आज तक इसे और बेहतर बनाया जा सकता था। उन्होंने साफ कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक लाभ-हानि का नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का है। महिलाओं की बढ़ती ताकत का जिक्र पीएम मोदी ने जमीनी स्तर पर महिलाओं की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा— उन्होंने कहा कि यही “ग्रासरूट पॉलिटिकल कॉन्शियसनेस” अब राष्ट्रीय राजनीति को भी बदल रही है। विरोध करने वालों को महिलाओं ने नहीं किया माफ प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग पहले महिला आरक्षण के खिलाफ थे, उन्हें महिलाओं ने चुनावों में जवाब दिया है। हालांकि 2024 में सर्वसम्मति से बिल पास होने के कारण यह विवाद का मुद्दा नहीं बना। “विकसित भारत में महिलाओं की बराबरी जरूरी” पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का मतलब सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, ब ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर पीएम मोदी का भाषण सिर्फ एक बिल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें South vs North संतुलन, परिसीमन की पारदर्शिता और राजनीति से ऊपर उठने का संदेश साफ दिखाई दिया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह ऐतिहासिक फैसला आने वाले समय में भारतीय राजनीति और महिला नेतृत्व को किस तरह नई दिशा देता है।
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TCS

Nashik TCS BPO Controversy यौन उत्पीड़न आरोपों के बाद Work From Home का बड़ा फैसला

महाराष्ट्र के नासिक से आई एक खबर ने देश के कॉर्पोरेट सेक्टर को झकझोर दिया है। Tata Consultancy Services (TCS) के BPO सेंटर में सामने आए गंभीर आरोपों के बाद कंपनी ने बड़ा फैसला लेते हुए ऑफिस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। फिलहाल सभी कर्मचारियों को घर से काम यानी Work From Home (WFH) करने के निर्देश दिए गए हैं। क्या हुआ नासिक TCS ऑफिस में? पूरा मामला तब सामने आया जब कुछ महिला कर्मचारियों ने ऑफिस के भीतर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों ने न सिर्फ कंपनी बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। शिकायतों के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। शुरुआती कार्रवाई में कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। कंपनी ने क्यों लिया WFH का फैसला? जैसे-जैसे मामला बढ़ता गया, ऑफिस के बाहर माहौल भी तनावपूर्ण होने लगा। विरोध और संभावित तोड़फोड़ की आशंका को देखते हुए कंपनी ने एहतियातन यह कदम उठाया। कर्मचारियों के मन में क्या चल रहा है? इस घटना के बाद कर्मचारियों में डर और असुरक्षा का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि अगर समय पर शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो शायद मामला इतना बड़ा नहीं बनता। वर्क फ्रॉम होम के फैसले से फिलहाल कर्मचारियों को राहत जरूर मिली है, लेकिन उनके मन में कई सवाल अभी भी बाकी हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए चेतावनी नासिक TCS कांड सिर्फ एक कंपनी की समस्या नहीं है। यह घटना साफ संकेत देती है कि वर्कप्लेस सेफ्टी, महिला सुरक्षा और HR सिस्टम को लेकर कंपनियों को और गंभीर होने की जरूरत है। आगे क्या होगा? जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं। कंपनी की आंतरिक जांच भी चल रही है। सभी की नजर अब इस बात पर है कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और सिस्टम में क्या बदलाव लाए जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indirapuram

Breaking Fire Indirapuram में आग से हड़कंप, काले धुएं ने बढ़ाई लोगों की चिंता

उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में दो बड़ी आग की घटनाओं ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। पहले लखनऊ से आग की खबर आई और अब गाजियाबाद के इंदिरापुरम (Indirapuram) इलाके में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। इस घटना ने एक बार फिर शहरों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैसे भड़की Indirapuram Fire? गाजियाबाद के इंदिरापुरम (Indirapuram) के कनावनी इलाके में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग झुग्गियों और कबाड़ के ढेर में लगी, जहां प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद थी। यही वजह रही कि आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। Black Smoke ने बढ़ाई दहशत आग इतनी तेज थी कि पूरे इलाके में काला धुआं फैल गया। आसमान में उठते धुएं के गुबार को दूर-दूर तक देखा गया। आसपास रहने वाले लोगों ने घबराकर अपने घर छोड़ दिए और सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे। कई लोगों के चेहरों पर डर साफ नजर आ रहा था। Fire Brigade की टीम ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का काम शुरू किया, लेकिन कबाड़ और तंग गलियों की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश जारी रही। Lucknow Fire के बाद बढ़ी चिंता इससे पहले लखनऊ में भी आग की घटना सामने आई थी। लगातार दो शहरों में आग लगने की घटनाओं ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। लोग अब यह सोचने पर मजबूर हैं कि क्या उनके आसपास के इलाके सुरक्षित हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Women Reservation Bill

Women Reservation Bill 2026 संसद में टकराव तेज, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) को लेकर बहस अपने चरम पर है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बीच यह मुद्दा एक बार फिर देश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। सदन में बोलते हुए कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने सरकार पर देरी का आरोप लगाया और कहा कि अगर 2023 में विपक्ष के सुझावों को मान लिया गया होता, तो यह कानून 2024 से ही लागू हो चुका होता। “महिलाओं को इंतजार क्यों?” गौरव गोगोई ने अपने संबोधन में सवाल उठाया कि महिलाओं को उनका हक पाने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर सरकार को राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके मुताबिक, कांग्रेस लगातार इस बिल को जल्द लागू करने की मांग करती रही है। Women Reservation Bill क्या कहता है? महिला आरक्षण बिल का मकसद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करना है। लंबे समय से लंबित इस बिल को अब फिर से संसद में लाया गया है, जिससे उम्मीदें तो बढ़ी हैं, लेकिन इसके लागू होने की समय-सीमा को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। लागू होने में देरी क्यों? सरकार का कहना है कि इस बिल को लागू करने से पहले जनगणना और परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया पूरी करनी जरूरी है। यही वजह है कि इसे तुरंत लागू करना संभव नहीं है। हालांकि, विपक्ष इस तर्क से सहमत नहीं है और इसे देरी का बहाना बता रहा है। विपक्ष बनाम सरकार विपक्ष का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है और इसे चुनावी मुद्दा बनाकर पेश कर रही है। वहीं, सरकार का दावा है कि वह महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इसे लागू किया जाएगा। आगे क्या? संसद में जारी इस बहस के बीच साफ है कि महिला आरक्षण बिल आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बना रहेगा। देशभर की महिलाओं की नजर अब इस पर टिकी है कि यह कानून आखिर कब जमीन पर उतरता है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है—क्या महिला आरक्षण अब भी राजनीति में वादों तक सीमित रहेगा, या जल्द ही हकीकत बनकर सामने आएगा? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AMIT SHAH

संसद में अमित शाह का सपा पर तीखा वार—“अगर चाहें तो सारी सीटें मुस्लिमों को दे दें”

लोकसभा में बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह चाहें तो अपनी सारी सीटें मुस्लिमों को दे दें। जानिए पूरा राजनीतिक संदर्भ और विवाद।लोकसभा में चल रही बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समाजवादी पार्टी (SP) पर निशाना साधते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर सपा को मुस्लिमों के लिए इतनी चिंता है, तो “वे अपनी सभी सीटें मुस्लिमों को दे सकते हैं”—लेकिन संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। यह पूरा विवाद धर्म आधारित आरक्षण (Religion-based reservation) और प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर हुआ।
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Breaking News: बदायूं के मदरसे में कार्यक्रम के दौरान ‘हनुमान जी’ को बताया गया ‘भ्रष्ट अधिकारी’—मामला गरमाया

उत्तर प्रदेश के बदायूं में मदरसे के एक कार्यक्रम में देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आया है। ‘हनुमान जी’ को ‘भ्रष्ट अधिकारी’ कहने पर विवाद बढ़ा, जांच शुरू। उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक मदरसे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान मंच से ‘हनुमान जी’ को ‘भ्रष्ट अधिकारी’ कहकर संबोधित किया गया, जिसके बाद यह मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। वीडियो वायरल, बढ़ा विवाद घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया। कई संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन हरकत में मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने संज्ञान लिया है। पुलिस द्वारा वीडियो की जांच की जा रही है और कार्यक्रम में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सामाजिक माहौल पर असर इस घटना ने क्षेत्र में धार्मिक संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है। प्रशासन शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और लोगों से अफवाहों से बचने को कहा गया है। धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर इस तरह की टिप्पणियां समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
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Aadhaar

Aadhaar Update 2026 10 साल पुराना आधार करें Free Update, 14 June है Last Date

अगर आपका आधार कार्ड (Aadhar Card) कई साल पुराना है और आपने अभी तक उसे अपडेट नहीं कराया है, तो अब देर करने का वक्त नहीं है। Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने लोगों को राहत देते हुए 14 जून 2026 तक Aadhaar Document Update की सुविधा बिल्कुल फ्री कर दी है। यानि अब आप घर बैठे अपने आधार की जानकारी अपडेट कर सकते हैं—वो भी बिना किसी फीस के। क्यों जरूरी है Aadhaar Update? आज के समय में आधार सिर्फ पहचान पत्र नहीं, बल्कि हर जरूरी काम का हिस्सा बन चुका है—चाहे बैंक हो, सिम कार्ड हो या सरकारी योजना। अगर आपका आधार 10 साल पुराना है, तो उसमें दी गई जानकारी पुरानी हो सकती है। इसीलिए UIDAI समय-समय पर आधार अपडेट करने की सलाह देता है। 14 June 2026 के बाद क्या होगा? यानि अभी आपके पास फ्री में अपडेट करने का अच्छा मौका है। घर बैठे Aadhaar Update कैसे करें? (Step-by-Step) अगर आप भी लाइन में लगने से बचना चाहते हैं, तो ये तरीका आपके लिए आसान है: कुछ ही दिनों में आपका आधार अपडेट हो जाएगा। क्या-क्या कर सकते हैं Update? ध्यान रखें:मोबाइल नंबर, फोटो या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए आपको आधार केंद्र जाना ही पड़ेगा। ये बातें जरूर ध्यान रखें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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