भारत और यूरोपीय संघ (EU) के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। करीब दो दशकों से जिस मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) पर बातचीत चल रही थी, वह अब अपने आखिरी मोड़ पर है। इसे ही दुनिया भर में “Mother of All Deal” कहा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक करार का औपचारिक ऐलान 27 जनवरी को किया जा सकता है — यानी अब से ठीक तीन दिन बाद।
आज भारत पहुंचे EU के टॉप लीडर्स
इसी बड़े ऐलान से पहले यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता भारत पहुंच रहे हैं।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत दौरे पर हैं।
ये नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और भारत-EU शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे।
खास बात यह है कि ये नेता 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में भी शामिल होंगे। इसके अगले ही दिन यानी 27 जनवरी को FTA को लेकर बड़ा ऐलान होने की उम्मीद है।
क्यों कहा जा रहा है इसे “Mother of All Deal”?
इस समझौते को इतना बड़ा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि:
- यह करार करीब 2 अरब लोगों के बाजार को जोड़ देगा।
- यह वैश्विक GDP के लगभग 25% हिस्से को कवर करता है।
- यह अब तक का भारत का सबसे व्यापक व्यापार समझौता हो सकता है।
इस पर बातचीत साल 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन कई बार अटकने के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है।
भारत के लिए क्या बदलेगा?
अगर यह FTA लागू होता है तो इसका सीधा फायदा भारत के कारोबार और आम लोगों तक पहुंचेगा।
- भारतीय उत्पादों जैसे टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा को यूरोप में बेहतर पहुंच मिलेगी।
- निर्यात बढ़ेगा, जिससे लाखों नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
- विदेशी निवेश में तेजी आएगी और कारोबार का कुल आकार 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
दूसरी ओर, यूरोपीय कंपनियों को भारत में कार, शराब और हाई-टेक मशीनरी जैसे सेक्टरों में आसान एंट्री मिलेगी।
बदलती वैश्विक राजनीति में अहम कदम
दुनिया के कई बड़े देश आज संरक्षणवादी नीतियों और ऊंचे टैरिफ की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में भारत और EU के बीच यह समझौता रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका और मजबूत होगी।
आगे क्या होगा?
- 25–27 जनवरी: EU नेताओं का भारत दौरा
- 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा
- 27 जनवरी: भारत-EU FTA पर संभावित ऐलान
हालांकि, समझौते को जमीन पर लागू होने में अभी कुछ कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी, लेकिन संकेत साफ हैं —
भारत और EU एक नए आर्थिक रिश्ते की दहलीज पर खड़े हैं।
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