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Bangladesh

Hindu Community खतरे में Bangladesh में बढ़ती अल्पसंख्यक Violence

बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदू युवाओं और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। हाल के हफ्तों में हुई कई घटनाएँ इस बात का सबूत हैं कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई जानलेवा हिंसा है। Petrol Pump पर जानलेवा हमला राजबारी ज़िले में 30 वर्षीय रिपोन साहा की हत्या एक बेहद दुखद घटना के रूप में सामने आई। रिपोन, जो क़रीम पेट्रोल पंप में काम करते थे, ने वाहन चालक से ईंधन का बिल चुकाने की मांग की। इसके जवाब में चालक और उसके साथी ने कार से रिपोन को कुचलकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। यह घटना दिखाती है कि हिंसा की यह कार्रवाई जानबूझकर की गई थी। भीड़ द्वारा हमले और डर का माहौल 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास नामक हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। इसके कुछ दिन बाद, 31 दिसंबर 2025 को खोकन चंद्र दास पर हमला हुआ। उसे पीटा गया और चाकू से मारा गया, साथ ही आग लगाने की कोशिश भी की गई। वह अपनी जान बचाने में सफल रहा। बढ़ते मामलों की गंभीरता मानवाधिकार समूहों के अनुसार, पिछले 45 दिनों में कम से कम 15 हिंदुओं की हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। International Response और Human Touch संयुक्त राष्ट्र महासचिव और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस हिंसा पर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना है कि बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। यह घटनाएँ सिर्फ संख्या या रिपोर्ट नहीं हैं — यह इंसानियत पर चोट हैं, जो यह दिखाती हैं कि समाज में धार्मिक और सामाजिक भेदभाव अभी भी कितनी गहरी जड़ें जमा चुका है। सोशल मीडिया और अफवाहों से सावधानी सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन उनमें से कुछ तथ्यों से दूर या AI जनरेटेड पाए गए हैं। इसलिए, इन घटनाओं को समझने और साझा करने से पहले विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि करना जरूरी है। Bangladesh में हिंदू युवाओं पर बढ़ती हिंसा केवल स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह मानवाधिकार और सुरक्षा की गंभीर चुनौती बन चुकी है। समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि वे अल्पसंख्यकों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाएँ और इंसानियत को जीवित रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BMC

BMC Election 2026 Results मुंबई में BJP की बड़ी जीत, PM Modi और CM Fadnavis का धन्यवाद

महाराष्ट्र के 29 नगरपालिकाओं में हाल ही में हुए BMC Election 2026 और अन्य नगरपालिका चुनावों में BJP‑सहयोगी महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया। खासकर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और अब वह तय करेगी कि मुंबई का नया मेयर कौन होगा। चुनाव परिणाम (Election Results) नेताओं की प्रतिक्रिया (Leaders’ Reactions) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi, BJP):PM मोदी ने महाराष्ट्र के लोगों को धन्यवाद कहा और इसे “अच्छे शासन और विकास के लिए जनता का समर्थन” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह जनता का विश्वास और BJP की नीति में भरोसा दर्शाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Fadnavis, BJP):फडणवीस ने कहा कि जनता ने ईमानदारी, विकास और पारदर्शी प्रशासन के लिए मतदान किया। उन्होंने BJP और उसके सहयोगियों की नीतियों को समावेशी और विकासोन्मुख बताया और कहा कि यह जनता के भरोसे का प्रतीक है। कांग्रेस पार्टी (Opposition Congress):कांग्रेस ने चुनाव को “विचारधारा की लड़ाई” बताया और कहा कि उनका अभियान सिद्धांतों पर आधारित था, चाहे परिणाम बड़े न भी आए हों। व्यापक प्रभाव (Broader Impact) BMC Election 2026 और अन्य नगरपालिका चुनावों में BJP‑महायुति की शानदार जीत ने महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में नया मोड़ दिया है। PM Modi और CM Fadnavis ने जनता का आभार जताया, जबकि विपक्ष ने इसे विचारधारा आधारित मुकाबला बताया। अब नगर निगमों में प्रशासन और विकास की दिशा तय होगी, और यह जनता के लिए नए अवसर और चुनौतियां लेकर आएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Indore Visit बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों से मिले राहुल गांधी, पीड़ितों को देंगे 1 लाख की मदद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपने इंदौर दौरे के दौरान सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राहुल गांधी ने मरीजों से बातचीत कर उन्हें बेहतर इलाज और सहयोग का भरोसा दिलाया। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से भी उन्होंने उपचार की स्थिति को लेकर चर्चा की। हॉस्पिटल गेट पर रोके गए कांग्रेस कार्यकर्ता Rahul Gandhi के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंच गए। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया। केवल सीमित नेताओं और अधिकारियों को ही अस्पताल परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई, जिससे कुछ समय के लिए गेट पर हलचल का माहौल रहा। भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात बॉम्बे हॉस्पिटल के बाद Rahul Gandhi का अगला कार्यक्रम भागीरथपुरा क्षेत्र में तय है। यहां वे हालिया घटनाओं से प्रभावित पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी पीड़ितों के घर जाकर हालात का जायजा लेंगे। पीड़ितों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता कांग्रेस की ओर से जानकारी दी गई है कि राहुल गांधी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में 1-1 लाख रुपये का चेक सौंपेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मदद पीड़ितों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें। मानवीय संवेदना के संदेश के साथ इंदौर दौरा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि Rahul Gandhi का यह दौरा राजनीतिक से अधिक मानवीय संवेदना से जुड़ा हुआ है। उनका प्रयास है कि पीड़ित परिवार खुद को अकेला न समझें। राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर शहर में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Maharashtra

Maharashtra Municipal Result 2026 BJP+ का शहरी स्ट्रॉन्गहोल्ड, Congress को Latur और Chandrapur में राहत

महाराष्ट्र (Maharashtra) नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की शहरी राजनीति की तस्वीर लगभग साफ कर दी है। 29 नगर निगमों में हुए चुनावों के रुझानों और नतीजों में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन (BJP+) ने बड़ा दबदबा दिखाया है। शुरुआती और लगभग अंतिम रुझानों के मुताबिक 23 से 25 नगर निगमों में BJP+ को बढ़त या जीत मिली है, जबकि कुछ जगहों पर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है। Mumbai, Pune, Nagpur में BJP+ का दमदार प्रदर्शन राज्य के तीन सबसे बड़े और अहम नगर निगम—मुंबई (BMC), पुणे और नागपुर—में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने बढ़त बना ली है। इन नतीजों को शहरी मतदाताओं के बीच बीजेपी की पकड़ के रूप में देखा जा रहा है, खासकर विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर प्रशासन जैसे मुद्दों को लेकर। Latur और Chandrapur में Congress को राहत जहां एक तरफ BJP+ का दबदबा दिखा, वहीं लातूर और चंद्रपुर जैसे नगर निगमों में कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर या मजबूत बढ़त बनाकर राहत की सांस ली है। इन इलाकों में स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों और संगठन की पकड़ ने कांग्रेस को फायदा पहुंचाया। अन्य नगर निगमों का हाल मतदाता रुझान और राजनीतिक संकेत इन चुनावों में शहरी मतदाताओं का रुझान साफ तौर पर स्थिरता और मजबूत नेतृत्व की ओर झुका दिखता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए भी संकेत देने वाले हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Yashwant Varma

Justice Yashwant Varma के खिलाफ Parliamentary Committee की जांच जारी Supreme Court ने रोक नहीं लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश Justice Yashwant Varma के लिए हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उनके उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ गठित Parliamentary Investigation Committee को चुनौती दी थी। इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ लगे corruption allegations की संसदीय जांच पूरी तरह से जारी रह सकेगी। मामला क्या है? जस्टिस यशवंत वर्मा तब विवादों में आए थे जब दिल्ली हाईकोर्ट में उनका official residence आग की घटना के बाद खुलासा हुआ कि वहां बड़ी मात्रा में unaccounted cash मिली। इसके बाद उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे और उन्हें बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया। संसदीय कार्रवाई की शुरुआत लोकसभा में उनके खिलाफ impeachment motion पेश किया गया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने Judges (Inquiry) Act, 1968 के तहत तीन सदस्यीय संसदीय जांच समिति का गठन किया। इस समिति का काम है आरोपों की निष्पक्ष जांच करना। हालांकि, राज्यसभा में यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सका क्योंकि उपसभापति ने इसे पहले ही रिजेक्ट कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस वर्मा की दलील जस्टिस वर्मा ने दलील दी कि जब तक दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार नहीं होता, तब तक संसदीय जांच समिति का गठन कानूनी रूप से सही नहीं है। उनका कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष ने एकतरफा निर्णय लिया, जो कानून के खिलाफ है। कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि: इस निर्णय के बाद संसदीय जांच समिति को जस्टिस वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच जारी रखने का हक मिल गया। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न्यायिक जवाबदेही और transparency की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जस्टिस यशवंत वर्मा के लिए यह एक बड़ा झटका है, जबकि संसद को उनके खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच जारी रखने का अधिकार मिल गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Maharashtra

Maharashtra Civic Polls 2026 मुंबई नगर निगम में कड़ा मुकाबला, Nagpur में BJP का दबदबा

महाराष्ट्र (Maharashtra) में नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की शहरी राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। मतगणना के रुझानों से साफ है कि इस बार BJP+ (महायुति) गठबंधन ने कई बड़े महानगरों में मजबूत बढ़त बना ली है। खास तौर पर मुंबई और नागपुर जैसे अहम शहरों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जहां मुकाबला सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव का भी है। Mumbai BMC Result: कड़ा मुकाबला, लेकिन BJP+ आगे देश की आर्थिक राजधानी मुंबई नगर निगम (BMC) में इस बार चुनावी जंग बेहद दिलचस्प रही। अब तक सामने आए रुझानों के अनुसार BJP+ गठबंधन करीब 44 सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और उसके सहयोगी लगभग 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।कई वार्डों में मुकाबला इतना नजदीकी है कि हर राउंड के साथ समीकरण बदलते दिखे। फिर भी, मौजूदा रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि मुंबई की नगर राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। Nagpur Municipal Result: BJP का दबदबा बरकरार नागपुर नगर निगम में तस्वीर कहीं ज्यादा साफ नजर आ रही है। यहां BJP+ गठबंधन लगभग 63 सीटों पर आगे चल रहा है। यह शहर लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है और इस चुनाव में भी पार्टी ने अपनी पकड़ कायम रखी है। विपक्षी दल नागपुर में प्रभावी चुनौती देने में फिलहाल पीछे दिख रहे हैं। अन्य महानगरों में क्या रहा हाल मुंबई और नागपुर के अलावा पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, वसई-विरार जैसे प्रमुख नगर निगमों में भी BJP+ को बढ़त मिलती दिख रही है। कुछ जगहों पर कांग्रेस, NCP और शिवसेना (UBT) ने टक्कर जरूर दी, लेकिन कुल मिलाकर रुझान महायुति के पक्ष में रहे हैं। राजनीतिक मायने क्या हैं इन नगर निगम चुनाव परिणामों को सिर्फ स्थानीय निकाय तक सीमित नहीं देखा जा रहा। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि शहरी इलाकों में BJP+ की बढ़त आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय राजनीति पर असर डाल सकती है। वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) के लिए यह चुनाव आत्ममंथन का मौका भी माना जा रहा है। फिलहाल ये सभी आंकड़े मतगणना के रुझानों पर आधारित हैं और अंतिम परिणाम आना अभी बाकी है। लेकिन इतना तय है कि Maharashtra Nagar Nigam Election Result 2026 ने यह साफ कर दिया है कि शहरी महाराष्ट्र में राजनीतिक हवा किस दिशा में बह रही है। आने वाले घंटों में जब अंतिम नतीजे सामने आएंगे, तब यह तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ED

ED vs I-PAC Case Supreme Court से Mamata Government को बड़ा झटका, FIR पर रोक

राजनीति और कानून के टकराव से निकला ED vs I-PAC मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट, के केंद्र में है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद में अदालत ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा ईडी (Enforcement Directorate) के अधिकारियों पर दर्ज FIR पर रोक लगा दी है। इस फैसले को ममता बनर्जी सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। क्या है पूरा मामला? (What is ED vs I-PAC?) जनवरी की शुरुआत में ED ने कोलकाता में I-PAC (Indian Political Action Committee) से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई कथित कोयला घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी बताई गई।I-PAC वही संस्था है जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) को राजनीतिक रणनीति में सलाह देती रही है—यही वजह है कि मामला सीधे राजनीतिक बहस में बदल गया। छापेमारी के बाद बंगाल पुलिस ने ED अधिकारियों पर FIR दर्ज कर दी, आरोप लगाए गए कि छापे के दौरान अवैध तरीके अपनाए गए और डराने-धमकाने जैसी बातें हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? ED इस FIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह मामला संवैधानिक और बेहद संवेदनशील है।अदालत ने: इसका सीधा मतलब है कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, ED अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। ED के गंभीर आरोप ED ने कोर्ट में दावा किया कि: ED का कहना है कि अगर राज्य पुलिस केंद्रीय एजेंसी की जांच रोकने लगे, तो कानून-व्यवस्था और न्याय दोनों खतरे में पड़ेंगे। ममता बनर्जी सरकार का पक्ष ममता बनर्जी और उनकी सरकार ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उनका कहना है कि: TMC का दावा है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया जा रहा है। यह मामला इतना अहम क्यों है? क्योंकि यह सिर्फ एक छापेमारी नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों की शक्तियों की सीमा का सवाल बन चुका है।अगर राज्य पुलिस केंद्रीय एजेंसी पर केस दर्ज कर देती है, तो जांच का भविष्य क्या होगा—यही सवाल सुप्रीम कोर्ट के सामने है। ED vs I-PAC केस अब सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं रहा—यह संघीय ढांचे, चुनावी राजनीति और जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।सुप्रीम कोर्ट का FIR पर रोक लगाना बताता है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह केस बंगाल की राजनीति और देश की संस्थागत व्यवस्था—दोनों पर असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mayawati

Mayawati Press Meet स्टेज लाइट से धुआं निकलते ही बीच में छोड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय अचानक रुक गई, जब मंच पर लगी एक तेज़ लाइट से धुआं निकलने लगा। कुछ ही सेकेंड में माहौल असहज हो गया और सुरक्षा कारणों से मायावती को अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर जाना पड़ा। यह घटना लखनऊ में आयोजित एक अहम राजनीतिक प्रेस मीट के दौरान हुई, जहां मायावती पार्टी की आगे की रणनीति और मौजूदा राजनीतिक हालात पर बोलने वाली थीं। लेकिन जैसे ही धुएं की तेज़ गंध और लाइट से निकलता धुआं दिखाई दिया, वहां मौजूद लोग भी घबरा गए। मंच पर अचानक बदला माहौल प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस सामान्य रूप से चल रही थी, तभी अचानक स्टेज लाइट के एक हिस्से से धुआं उठने लगा। कुछ देर के लिए यह साफ नहीं हो पाया कि यह तकनीकी खराबी है या किसी बड़े खतरे का संकेत। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थिति संभाली और मायावती को मंच से हटाया गया। Mayawati बिना किसी हड़बड़ी के अपनी कुर्सी से उठीं और सुरक्षा घेरे के बीच कार्यक्रम स्थल से बाहर चली गईं। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को वहीं रोक दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना के कुछ ही मिनटों में प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे — कुछ ने इसे सुरक्षा में चूक बताया तो कुछ ने इसे महज तकनीकी खराबी कहा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और समय रहते बड़ा हादसा टल गया। क्या थी धुएं की वजह? फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि लाइट से धुआं क्यों निकला। शुरुआती तौर पर इसे इलेक्ट्रिकल या टेक्निकल फॉल्ट माना जा रहा है। इवेंट मैनेजमेंट टीम और तकनीकी स्टाफ द्वारा उपकरणों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गड़बड़ी कहां हुई। बसपा की ओर से भी कहा गया है कि मायावती पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही अगला कार्यक्रम तय किया जाएगा। राजनीति के बीच एक अप्रत्याशित मोड़ इस वक्त जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज़ है, मायावती की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भी काफी अहम मानी जा रही थी। ऐसे में इस तरह की तकनीकी घटना ने न सिर्फ कार्यक्रम को प्रभावित किया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jaipur की सड़कों पर सेना की ताकत का भव्य प्रदर्शन, शहीद की मां भावुक होकर हुईं बेहोश

Jaipur की सड़कों पर सेना की ताकत का भव्य प्रदर्शन, शहीद की मां भावुक होकर हुईं बेहोश

Jaipur में उस वक्त गर्व और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला, जब भारतीय सेना की ताकत सड़कों पर उतरी। शहर की मुख्य सड़कों पर ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका रॉकेट लॉन्चर और आधुनिक सैन्य वाहन लोगों के सामने लाए गए। वहीं आसमान में अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर की गर्जना ने हर देशवासी का सीना चौड़ा कर दिया। सेना की शक्ति देख उमड़ा जनसैलाब इस भव्य सैन्य प्रदर्शन को देखने के लिए जयपुर की सड़कों पर हजारों लोग जुटे। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर किसी की आंखों में गर्व साफ झलक रहा था। लोग मोबाइल में तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आए। सेना के जवानों का उत्साह और अनुशासन लोगों को भावुक कर गया। शहीद की मां को मिला सम्मान, भावनाओं पर नहीं रहा काबू कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा पल भी आया, जिसने हर आंख नम कर दी। एक शहीद जवान की मां को जब सेना का मेडल दिया गया, तो वह भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं और मंच पर ही बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद अधिकारियों और डॉक्टरों ने तुरंत उनकी मदद की। यह दृश्य याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा के पीछे कितनी माताओं का बलिदान और दर्द छिपा होता है। देशभक्ति और सम्मान का संदेश यह कार्यक्रम सिर्फ हथियारों की ताकत दिखाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाना और शहीदों के परिवारों को सम्मान देना भी था। जयपुर की सड़कों पर यह नज़ारा लंबे समय तक लोगों की यादों में रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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तेज प्रताप यादव

Bihar Family Politics तेज प्रताप यादव और Lalu परिवार की Makar Sankranti मुलाकात

बिहार में मकर संक्रांति 2026 के अवसर पर तेज प्रताप यादव का दही‑चूड़ा (Dahi‑Chura) Feast आयोजन सिर्फ पारिवारिक रिश्तों को फिर से जीवित करने वाला पल नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी नया संकेत बना। परिवार का मिलन और आशीर्वाद तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव, माता राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी यादव से पटना स्थित अपने घर पर मुलाकात की। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को दही‑चूड़ा भोज में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।इस मुलाकात में तेज प्रताप ने अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में उठाते हुए भावनात्मक पल साझा किया। लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे को आशीर्वाद और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।यह मुलाकात लंबे समय के बाद हुई, जब परिवार के रिश्तों में कुछ दूरी बनी हुई थी। रिश्तों में नरमी और Positive Signs पिछले समय में तेज प्रताप यादव और उनके परिवार के बीच तनाव देखा गया था। आज का यह त्योहार और मुलाकात संकेत देती है कि व्यक्तिगत रिश्तों में सुलह की कोशिशें हो रही हैं। हालांकि यह कहना जल्दी होगा कि सब कुछ सामान्य हो गया है, लेकिन यह पहला सकारात्मक कदम जरूर माना जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक संदेश दही‑चूड़ा भोज सिर्फ पारिवारिक मिलन का पल नहीं है। यह बिहार में राजनीतिक परंपरा का भी हिस्सा है। तेज प्रताप ने इस भोज में एनडीए और अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी आमंत्रित किया।इससे यह संकेत मिलता है कि वे न केवल पारिवारिक रिश्तों को सुदृढ़ करना चाहते हैं, बल्कि राजनीतिक समीकरण भी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह आयोजन पारिवारिक प्यार और राजनीति के संतुलन का प्रतीक है। इस तरह के कार्यक्रम अक्सर सामाजिक और राजनीतिक संकेत दोनों देते हैं। आज का दही‑चूड़ा भोज पारिवारिक और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा। यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि सब कुछ पूरी तरह सामान्य हो गया है, लेकिन त्योहार और मुलाकात ने रिश्तों में नरमी और सकारात्मक बदलाव के संकेत जरूर दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Suryakumar Yadav

T20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा Captain

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने T20 कप्तानी से हटाए जाने और टीम से बाहर किए जाने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। सूर्यकुमार ने बताया कि चयनकर्ताओं के फैसले के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक इस सवाल से जूझते रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। उन्हें उम्मीद थी कि वह भारतीय टीम की कप्तानी को कम से कम 2028 Olympics और अगले T20 World Cup तक संभालेंगे। सूर्यकुमार यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय टी20 टीम में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनकी जगह Shreyas Iyer को टीम की कमान सौंपी गई है। Captaincy जाने के बाद क्या बोले Suryakumar Yadav? सूर्यकुमार ने बातचीत में बताया कि टीम से बाहर किए जाने की खबर उनके लिए आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उनका नाम टीम में नहीं है, तो उनके मन में सबसे पहला सवाल यही आया कि “ऐसा कैसे हो गया?” उन्होंने बताया कि वह करीब डेढ़ महीने तक इस फैसले के बारे में सोचते रहे। उनके लिए यह इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि भारतीय टीम ने उनकी कप्तानी में लगातार शानदार प्रदर्शन किया था। सूर्यकुमार को उम्मीद थी कि वह आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में भी टीम का नेतृत्व करेंगे। लगा था Olympics और T20 World Cup तक Captain रहूंगा सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें लगा था कि वह भारतीय टी20 टीम के साथ लंबे समय तक जुड़े रहेंगे। उनके सामने 2028 Los Angeles Olympics और अगला T20 World Cup जैसे बड़े टूर्नामेंट थे। उन्हें उम्मीद थी कि इन बड़े मुकाबलों तक वह टीम इंडिया के Captain बने रहेंगे। हालांकि, चयनकर्ताओं ने भविष्य की योजनाओं को देखते हुए नेतृत्व में बदलाव करने का फैसला किया। यह फैसला सूर्यकुमार के लिए इसलिए भी चौंकाने वाला था क्योंकि कप्तान के तौर पर उनका रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा था। ‘जब सब अच्छा चल रहा था तो बदलाव क्यों?’ सूर्यकुमार यादव की सबसे बड़ी चिंता कप्तानी जाने से ज्यादा इस बात को लेकर थी कि आखिर बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल कर रही थी, तब अचानक कप्तानी में बदलाव क्यों किया गया। सूर्यकुमार ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं। उनका मानना है कि चयनकर्ता टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं और उन्हें जो सही लगा, उन्होंने वही किया। Selection Committee ने पहले ही दे दी थी जानकारी सूर्यकुमार ने बताया कि टीम की घोषणा से करीब 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं की ओर से उन्हें फोन आया था। उन्हें जानकारी दी गई थी कि आगे की सीरीज के लिए टीम में उनका नाम नहीं होगा। यह बातचीत उनके लिए निश्चित तौर पर मुश्किल रही होगी, लेकिन उन्होंने फैसले को स्वीकार किया और विवाद खड़ा करने के बजाय अपने क्रिकेट पर ध्यान देने का फैसला किया। Shreyas Iyer की Captaincy से कोई दिक्कत नहीं नए कप्तान Shreyas Iyer को लेकर सूर्यकुमार यादव ने कोई नाराजगी नहीं जताई। उन्होंने श्रेयस को अच्छा खिलाड़ी और अच्छा इंसान बताया। सूर्यकुमार का मानना है कि श्रेयस के पास कप्तानी का अनुभव है और वह टीम को अच्छी तरह संभाल सकते हैं। इसलिए उन्हें श्रेयस के Captain बनाए जाने से कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है। खराब Batting Form भी बनी वजह? सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर किए जाने के पीछे उनकी Batting Form को भी एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उनका बल्ला उस स्तर पर नहीं चला, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। कप्तानी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद व्यक्तिगत बल्लेबाजी में लगातार अच्छी लय हासिल नहीं कर पाने का असर उनकी टीम में जगह पर पड़ा। चयनकर्ताओं के सामने अब एक नई T20 टीम तैयार करने की चुनौती भी है। अब Team India में Comeback पर नजर टीम से बाहर होने के बाद सूर्यकुमार यादव के सामने अब सबसे बड़ा लक्ष्य Team India में Comeback करना है। वह जानते हैं कि भारतीय टी20 टीम में वापसी के लिए उन्हें बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करना होगा। कप्तानी का अध्याय फिलहाल पीछे छूट चुका है, लेकिन सूर्यकुमार के लिए भारतीय टीम में वापसी का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है। उनका प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह दोबारा टीम इंडिया की T20 योजनाओं में जगह बना पाते हैं या नहीं।
Nepal-Tibet

Nepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिल

 नेपाल (Nepal) और तिब्बत में भारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। आपदा के बाद बनी दो अस्थायी झीलों ने नई चिंता पैदा कर दी है। एक झील से लगातार पानी रिस रहा है, जबकि दूसरी झील में पानी जमा होने के कारण अचानक Flood का खतरा बना हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में करीब 2,500 लोग Missing बताए जा रहे हैं, जिनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। Nepal में Landslide के बाद दो झीलों से बढ़ा खतरा भूस्खलन और भारी मलबे के कारण पहाड़ी इलाके में दो अस्थायी झीलें बन गई हैं। इन झीलों को लेकर नेपाली प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर पानी का दबाव बढ़ा और किसी झील का प्राकृतिक बांध टूट गया तो निचले इलाकों में अचानक तेज बाढ़ आ सकती है। इनमें से एक झील से पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक पानी का रिसाव होने के बावजूद खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दूसरी झील की स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है क्योंकि उसमें पानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है। 2,482 लोग Missing, 320 भारतीयों की तलाश नेपाल और तिब्बत में आई इस आपदा के बाद 2,482 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें नेपाल और तिब्बत के नागरिकों के अलावा बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार 320 Indian citizens अभी तक संपर्क से बाहर हैं। भारतीय अधिकारियों की ओर से नेपाली और चीनी प्रशासन के साथ संपर्क कर लापता नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। Death Toll भी बढ़ा बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। अब तक 584 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। कई घर, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में मलबा और खराब सड़क संपर्क राहत एवं बचाव अभियान में बड़ी चुनौती बन रहा है। कई स्थानों पर Communication Network प्रभावित होने के कारण प्रशासन को लापता लोगों की सही जानकारी जुटाने में भी परेशानी हो रही है। Rescue Operation में जुटी टीमें नेपाल में Rescue Operation लगातार जारी है। सुरक्षाबलों और राहत टीमों की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हेलीकॉप्टरों के जरिए भी राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, लगातार बदलते मौसम, भूस्खलन के खतरे और अस्थिर पहाड़ी इलाकों के कारण बचावकर्मियों के लिए अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारतीय नागरिकों को लेकर चिंता नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भारत सरकार भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के स्तर पर नेपाल और चीन के साथ Coordination किया जा रहा है। लापता भारतीयों की संख्या 320 तक पहुंचने के बाद उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाना है। दूसरी बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता फिलहाल इन दोनों अस्थायी झीलों को लेकर है। पहली झील से पानी निकलने के बावजूद उसका जलस्तर और आसपास का मलबा खतरा पैदा कर सकता है। वहीं दूसरी झील में पानी बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर किसी झील का प्राकृतिक बांध अचानक टूटता है तो पानी और मलबे का तेज बहाव निचले इलाकों में Flash Flood की स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए प्रशासन ने नदी घाटियों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। Nepal Flood 2026: आगे क्या? फिलहाल नेपाल और तिब्बत में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रशासन के सामने एक ओर लापता लोगों की तलाश और दूसरी ओर संभावित नई बाढ़ को रोकने की चुनौती है। दोनों झीलों के जलस्तर की Monitoring, प्रभावित इलाकों से लोगों की सुरक्षित Evacuation और लापता भारतीय नागरिकों की तलाश आने वाले दिनों में सबसे बड़ी प्राथमिकताएं रहेंगी। Nepal Flood 2026 Latest Update: भूस्खलन से बनी दोनों झीलों के कारण खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। करीब 2,500 लोगों के Missing होने और इनमें 320 भारतीय नागरिकों के शामिल होने से इस आपदा का मानवीय संकट और गंभीर हो गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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