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Volkswagen Taigun SUV लॉन्च: 40+ Safety Features, 8 Gear Transmission के साथ Creta को देगी कड़ी टक्कर

Volkswagen Taigun SUV लॉन्च: 40+ Safety Features, 8 Gear Transmission के साथ Creta को देगी कड़ी टक्कर

Volkswagen Taigun New SUV: दमदार फीचर्स और सेफ्टी के साथ बाजार में एंट्री भारतीय ऑटो मार्केट में SUV सेगमेंट लगातार तेजी से बढ़ रहा है, और इसी रेस में अब Volkswagen Taigun एक बार फिर चर्चा में है। नए अपडेट्स और एडवांस फीचर्स के साथ यह SUV सीधे तौर पर Hyundai Creta और आने वाली Tata Sierra जैसी गाड़ियों को टक्कर देने के लिए तैयार है। इस नई Taigun में कंपनी ने न सिर्फ परफॉर्मेंस पर ध्यान दिया है, बल्कि सेफ्टी और कम्फर्ट को भी खास प्राथमिकता दी गई है, जो आज के ग्राहकों की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। 40+ सेफ्टी फीचर्स: सेफ्टी में कोई समझौता नहीं नई Taigun का सबसे बड़ा हाईलाइट इसका सेफ्टी पैकेज है। इसमें 40 से ज्यादा सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे अपने सेगमेंट में मजबूत बनाते हैं। ये सभी फीचर्स मिलकर ड्राइविंग को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाते हैं, खासकर भारतीय सड़कों के हिसाब से। 8 Gear Transmission: स्मूद और पावरफुल ड्राइविंग एक्सपीरियंस इस SUV में 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है, जो स्मूद ड्राइविंग के साथ बेहतर माइलेज और परफॉर्मेंस देता है। सिटी ड्राइव हो या हाईवे, गाड़ी हर जगह संतुलित और कंट्रोल में महसूस होती है। इंजन और परफॉर्मेंस: पावर के साथ एफिशिएंसी Taigun में टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो पावर और माइलेज दोनों का अच्छा बैलेंस देता है। यह SUV उन लोगों के लिए खास है जो डेली यूज़ के साथ-साथ लॉन्ग ड्राइव का भी आनंद लेना चाहते हैं। इंटीरियर और कम्फर्ट: प्रीमियम फील के साथ Taigun का इंटीरियर काफी मॉडर्न और प्रीमियम बनाया गया है। ड्राइवर और पैसेंजर्स दोनों के लिए यह SUV आरामदायक अनुभव देती है। Creta और Sierra को देगी टक्कर भारतीय मार्केट में Hyundai Creta पहले से ही एक मजबूत खिलाड़ी है, वहीं Tata Sierra की वापसी भी चर्चा में है। ऐसे में Taigun अपने सेफ्टी फीचर्स, जर्मन इंजीनियरिंग और मजबूत बिल्ड क्वालिटी के दम पर इन दोनों को कड़ी टक्कर देने वाली है। निष्कर्ष: क्यों है Taigun एक स्मार्ट चॉइस? अगर आप एक ऐसी SUV ढूंढ रहे हैं जिसमें सेफ्टी, परफॉर्मेंस और स्टाइल तीनों का बैलेंस हो, तो Volkswagen Taigun एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आती है। यह गाड़ी सिर्फ फीचर्स की बात नहीं करती, बल्कि ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर फोकस करती है — और यही इसे भीड़ से अलग बनाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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COP33 Hosting Update: भारत ने वापस लिया Climate Summit का प्रस्ताव | 2028 में होना था आयोजन

COP33 Hosting Update: भारत ने वापस लिया Climate Summit का प्रस्ताव | 2028 में होना था आयोजन

एक अहम वैश्विक फैसले में भारत ने 2028 में होने वाले COP33 की मेजबानी का प्रस्ताव वापस ले लिया है। यह सम्मेलन जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दों पर दुनिया के देशों को एक मंच पर लाने के लिए जाना जाता है। क्या है पूरा मामला? भारत को 2028 में COP33 की मेजबानी करनी थी, लेकिन अब उसने यह प्रस्ताव वापस लेने का फैसला किया है। हालांकि इसके पीछे के सटीक कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे एक बड़ा कूटनीतिक निर्णय माना जा रहा है। क्यों अहम है COP33? COP (Conference of the Parties) जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख सम्मेलन है, जहां दुनियाभर के देश पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन और ग्लोबल वार्मिंग जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इस मंच पर लिए गए फैसले वैश्विक नीतियों को प्रभावित करते हैं। भारत के फैसले के मायने भारत का यह कदम कई सवाल खड़े करता है। एक ओर यह देश वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस तरह का फैसला कूटनीतिक और रणनीतिक पहलुओं से जुड़ा हो सकता है। आगे क्या? अब यह देखना दिलचस्प होगा कि COP33 की मेजबानी किस देश को मिलती है और भारत इस वैश्विक मुद्दे पर अपनी भूमिका कैसे आगे बढ़ाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG Supply Update: गैस की नहीं होगी किल्लत | Government का नया प्लान, इन लोगों को मिलेगा Priority Cylinder

LPG Supply Update: गैस की नहीं होगी किल्लत | Government का नया प्लान, इन लोगों को मिलेगा Priority Cylinder

देशभर में LPG सिलेंडर की संभावित कमी को लेकर चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ऐसा सिस्टम तैयार किया है जिससे जरूरतमंद लोगों तक गैस की सप्लाई बिना रुकावट के पहुंच सके। नई योजना के तहत अब LPG सिलेंडर की डिलीवरी को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब है कि कुछ खास वर्गों को सबसे पहले गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। किन लोगों को मिलेगी सबसे पहले LPG? सरकारी योजना के अनुसार, उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवार, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग और जिनके पास गैस का कोई वैकल्पिक साधन नहीं है—उन्हें सबसे पहले LPG सिलेंडर दिया जाएगा। इसके अलावा अस्पतालों, छोटे ढाबों और जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। क्यों उठाना पड़ा यह कदम? हाल के समय में बढ़ती मांग और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के कारण कई जगहों पर LPG की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही थी। ऐसे में सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है कि कोई भी जरूरतमंद गैस से वंचित न रहे। कैसे काम करेगा नया सिस्टम? इस नई व्यवस्था में गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पहले प्राथमिकता वाले उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराएं। इसके बाद सामान्य उपभोक्ताओं की बारी आएगी। साथ ही, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए सप्लाई पर नजर रखी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। आम लोगों पर क्या होगा असर? इस फैसले से आम उपभोक्ताओं को थोड़ी देरी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इसका मकसद है कि जिनके लिए LPG बेहद जरूरी है, उन्हें समय पर सिलेंडर मिल सके।
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Government vs Court : धार्मिक परंपरा पर बहस, किसका है अंतिम अधिकार?

Government vs Court : धार्मिक परंपरा पर बहस, किसका है अंतिम अधिकार?

देश में एक बार फिर धर्म और कानून को लेकर बहस तेज हो गई है। Government vs Court के बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि धार्मिक परंपराओं को अंधविश्वास माना जाए या नहीं, और इसका फैसला कौन करेगा। सरकार का कहना है कि किसी भी धार्मिक परंपरा को अंधविश्वास बताना कोर्ट का काम नहीं है। सरकार के मुताबिक, इस तरह के फैसले लेना विधायिका (Legislature) का अधिकार है, क्योंकि वही जनता द्वारा चुनी गई संस्था है।सरकार ने यह भी कहा कि कोर्ट इस मामले में एक्सपर्ट नहीं है, इसलिए उसे सीमित दायरे में ही रहकर काम करना चाहिए। वहीं, कोर्ट ने साफ कहा कि उसे किसी भी मामले की समीक्षा (Review) करने का पूरा अधिकार है। अगर किसी परंपरा से लोगों के अधिकार प्रभावित होते हैं, तो कोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है।कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि वह संविधान के आधार पर हर मुद्दे को देखने के लिए स्वतंत्र है। इस बहस का असर सीधे आम लोगों की आस्था और अधिकारों पर पड़ सकता है। एक तरफ लोग अपनी धार्मिक परंपराओं को बचाना चाहते हैं, तो दूसरी तरफ यह भी जरूरी है कि किसी भी परंपरा के नाम पर किसी के अधिकारों का हनन न हो। यह मुद्दा सिर्फ धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि देश में संविधान, आस्था और कानून के बीच संतुलन कैसे बनेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC का आरोप- चुनाव आयोग ने 5 मिनट में बाहर निकाला

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है। Trinamool Congress (TMC) ने आरोप लगाया है कि जब उनके नेता चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर Election Commission of India (EC) के पास पहुंचे, तो उन्हें सिर्फ 5 मिनट के भीतर ही बाहर कर दिया गया। TMC नेताओं का कहना है कि वे SIR (Special Intensive Revision) को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने गए थे। उनका आरोप है कि आयोग ने उनकी बात ठीक से सुनी भी नहीं और उन्हें जल्दबाजी में बाहर जाने को कह दिया। इस घटना के बाद TMC ने चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि अगर उनकी बात ही नहीं सुनी जाएगी, तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव होंगे। वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया है, लेकिन साफ कहा है कि इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव पूरी तरह “भयमुक्त और निष्पक्ष” होंगे। आयोग का कहना है कि वह हर मतदाता को सुरक्षित माहौल देने के लिए पूरी तरह तैयार है। राजनीतिक माहौल को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों में राज्य में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। आम जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या इस बार चुनाव वास्तव में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो पाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kanpur Kidney Scam: ‘मेरी किडनी निकाल ली’—Hospital से आए Phone Call ने खोली साजिश की परतें

Kanpur Kidney Scam: ‘मेरी किडनी निकाल ली’—Hospital से आए Phone Call ने खोली साजिश की परतें

Kanpur से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। शहर की पुलिस को एक ऐसा फोन कॉल मिला, जिसने पूरे सिस्टम को हिला दिया। कॉल करने वाले ने घबराई आवाज में बताया कि उसकी किडनी धोखे से निकाल ली गई है। जैसे ही यह सूचना मिली, पुलिस बिना समय गंवाए सीधे उस अस्पताल पहुंची, जहां से कॉल किया गया था। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा और तुरंत जांच शुरू कर दी। पीड़ित की बात सुनकर साफ था कि यह कोई सामान्य मामला नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। शुरुआती जांच में कई सवाल खड़े हुए—क्या यह किसी गिरोह का काम है? क्या अस्पताल के अंदर ही कोई मिलीभगत है? इस घटना ने लोगों के मन में डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। कोई भी यह सोचने पर मजबूर है कि अगर अस्पताल जैसी जगह पर भी ऐसा हो सकता है, तो भरोसा किस पर किया जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है और हर एंगल से जांच की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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Delhi Assembly Security Breach: सुरक्षा में बड़ी चूक, 2 Police Officers Suspended; आरोपी की Remand से खुल सकते हैं कई राज

Delhi Assembly Security Breach: सुरक्षा में बड़ी चूक, 2 Police Officers Suspended; आरोपी की Remand से खुल सकते हैं कई राज

देश की राजधानी से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां Delhi Assembly की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगने से हड़कंप मच गया। इस चूक के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी किसी तरह सुरक्षा घेरा पार कर अंदर तक पहुंच गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड में है, और उम्मीद की जा रही है कि पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे मामले में कहीं अंदरूनी मदद तो नहीं मिली थी। इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है, बल्कि आम लोगों के मन में भी चिंता बढ़ा दी है। विधानसभा जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की चूक को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। अब सभी की नजर जांच पर टिकी है, क्योंकि आरोपी की रिमांड से ऐसे कई राज सामने आ सकते हैं, जो इस पूरे मामले की असली तस्वीर साफ करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jammu Kashmir में 2 पाकिस्तानी आतंकवादी गिरफ्तार, 16 साल से फरार था एक

Jammu Kashmir में 2 पाकिस्तानी आतंकवादी गिरफ्तार, 16 साल से फरार था एक

Jammu Kashmir में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां 2 पाकिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक आतंकवादी पिछले 16 साल से फरार चल रहा था, जिसे पकड़ना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। जानकारी के मुताबिक, ये दोनों आतंकवादी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से घाटी में सक्रिय थे। सुरक्षा बलों ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन्हें दबोच लिया। सिर्फ इतना ही नहीं, इस ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की मदद करने वाले 3 स्थानीय सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है। ये लोग आतंकियों को छिपने की जगह, खाना और अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराते थे। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से इलाके में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। साथ ही आने वाले समय में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि ऐसे आतंकियों की मौजूदगी हमेशा आम नागरिकों के लिए खतरा बनी रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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8th Pay Commission Update: DA बढ़ने से Salary में होगा इजाफा, 3 महीने का Arrear भी मिलेगा – आसान भाषा में समझें Calculation

8th Pay Commission Update: DA बढ़ने से Salary में होगा इजाफा, 3 महीने का Arrear भी मिलेगा – आसान भाषा में समझें Calculation

सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। 8th Pay Commission को लेकर चर्चाएं तेज हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने के साथ ही सैलरी में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। खास बात यह है कि कर्मचारियों को तीन महीने का एरियर (Arrear) भी मिल सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को काफी राहत मिलेगी। दरअसल, जब भी DA में बढ़ोतरी होती है, उसका सीधा असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है और DA में 4% की बढ़ोतरी होती है, तो हर महीने उसकी सैलरी में ₹1,200 का इजाफा हो जाएगा। अब अगर यह बढ़ोतरी तीन महीने से लागू मानी जाए, तो कर्मचारी को ₹3,600 का एरियर एक साथ मिल सकता है। यही वजह है कि कर्मचारी DA बढ़ने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की भी उम्मीद है। इससे न सिर्फ सैलरी बढ़ेगी, बल्कि अन्य भत्तों में भी सुधार हो सकता है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से चर्चाएं चल रही हैं, उससे साफ है कि आने वाले समय में सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सकती है। कुल मिलाकर, DA हाइक और एरियर का यह कॉम्बिनेशन कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी साबित हो सकता है, जिसका असर उनके मासिक बजट से लेकर बचत तक पर दिखेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Assam Police का कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापा, बयान को लेकर बढ़ा सियासी विवाद

Assam Police का कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर छापा, बयान को लेकर बढ़ा सियासी विवाद

Assam Police ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के घर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। दरअसल, पवन खेड़ा ने हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट हैं। इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। पुलिस की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए खेड़ा ने कहा कि यह सब राजनीतिक दबाव में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सच को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा की ओर से कहा गया है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी बेबुनियाद आरोप लगाने की छूट नहीं दी जा सकती। इस पूरे मामले ने आम लोगों के बीच भी चर्चा बढ़ा दी है। कई लोग इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई मान रहे हैं, तो कुछ इसे कानून का सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और सच्चाई क्या सामने आती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कालरात्रि

Navratri 2026: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें कथा, महत्त्व और मंत्र

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। उनका स्वरूप देखने में उग्र है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में वे अपने भक्तों का कल्याण करने वाली देवी मानी जाती हैं। उन्हें भय, अज्ञान और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। मां कालरात्रि की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को देवी दुर्गा का वह शक्तिशाली स्वरूप बताया गया है, जो दुष्ट शक्तियों का संहार करता है। उनका उग्र रूप यह संदेश देता है कि बुराई और अन्याय का सामना करने के लिए साहस जरूरी है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः। भोग: मां को गुड़ अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

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