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Sabarimala विवाद: सरकार ने Supreme Court से कहा- धार्मिक मामलों में न हो दखल

Sabarimala विवाद: सरकार ने Supreme Court से कहा- धार्मिक मामलों में न हो दखल

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। इस मामले में सरकार ने Supreme Court में अपनी बात रखते हुए कहा है कि अदालत को धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। सरकार का कहना है कि सबरीमाला मंदिर की परंपराएं सदियों पुरानी हैं और इनका अपना एक धार्मिक महत्व है। यदि इन परंपराओं में बदलाव किया जाता है, तो इससे श्रद्धालुओं की आस्था पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर महिलाओं की एंट्री को लेकर सरकार ने कहा कि यह फैसला मंदिर की मूल परंपरा को बदल सकता है। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि हर धर्म और मंदिर की अपनी अलग परंपराएं होती हैं, जिन्हें बनाए रखना जरूरी है। ऐसे मामलों में अदालत को सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। वहीं, इस मुद्दे पर देशभर में अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। कुछ लोग महिलाओं को मंदिर में प्रवेश देने के पक्ष में हैं, तो कुछ लोग इसे परंपरा के खिलाफ मानते हैं। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है, जो तय करेगा कि परंपरा और समान अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Digital Shift या System Failure? SWAYAM-NPTEL Courses में क्यों नहीं बढ़ रही छात्रों की दिलचस्पी

Exclusive story:-भारत में SWAYAM और NPTEL ऑनलाइन कोर्स से डिग्री में क्रेडिट लेने का सिस्टम लागू है, लेकिन छात्र और यूनिवर्सिटीज इसे अपनाने में पीछे क्यों हैं?जानिए पूरी पड़ताल। ऑनलाइन एजुकेशन का बड़ा दावा, लेकिन असर सीमित भारत में उच्च शिक्षा को डिजिटल और लचीला बनाने के लिए सरकार ने SWAYAM और NPTEL प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया। उद्देश्य साफ था — छात्र अपने कॉलेज के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई करके डिग्री का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर सकें। नीतियों के अनुसार, छात्र अपनी पढ़ाई का लगभग 40% हिस्सा ऑनलाइन कोर्स के जरिए पूरा कर सकते हैं। लेकिन असल स्थिति यह है कि यह सुविधा मौजूद होने के बावजूद ज्यादातर छात्र इसका फायदा नहीं उठा रहे हैं। सिस्टम मौजूद, लेकिन इस्तेमाल कम देशभर की 400 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज इस क्रेडिट सिस्टम से जुड़ चुकी हैं। प्लेटफॉर्म पर हजारों कोर्स भी उपलब्ध हैं। फिर भी, ग्राउंड लेवल पर देखा जाए तो: इससे साफ संकेत मिलता है कि नीति और व्यवहार में बड़ा गैप है। क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम आखिर है क्या? यह सिस्टम छात्रों को यह आज़ादी देता है कि: कागजों पर यह मॉडल काफी मजबूत दिखता है, लेकिन इसे लागू करना उतना आसान नहीं रहा। क्यों नहीं चल पा रहा यह मॉडल? 1. स्टूडेंट्स का कम जुड़ाव कई छात्रों को ये कोर्स अतिरिक्त बोझ लगते हैं। वे इन्हें सीरियसली नहीं लेते या पूरा नहीं कर पाते। 2. यूनिवर्सिटीज का अधूरा इंप्लीमेंटेशन हालांकि कई यूनिवर्सिटीज इस सिस्टम से जुड़ी हैं, लेकिन: 3. टाइमिंग और शेड्यूल का टकराव ऑनलाइन कोर्स और कॉलेज के सेमेस्टर शेड्यूल में तालमेल की कमी है।इस वजह से छात्रों के लिए दोनों को साथ मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। 4. इंडस्ट्री-फोकस्ड कोर्स की कमी आज के समय में छात्र ऐसे कोर्स चाहते हैं जो उन्हें नौकरी दिलाने में मदद करें।लेकिन कई ऑनलाइन कोर्स अभी भी पुराने या कम प्रैक्टिकल माने जाते हैं। 5. जानकारी और गाइडेंस का अभाव कई छात्रों को यह तक नहीं पता कि: क्या हो सकता है समाधान? विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम को सफल बनाने के लिए: ✔ कुछ प्रतिशत क्रेडिट को अनिवार्य किया जाए✔ छात्रों को सही गाइडेंस दी जाए✔ इंडस्ट्री से जुड़े नए कोर्स जोड़े जाएं✔ यूनिवर्सिटीज में इसे गंभीरता से लागू किया जाए प्राइवेट प्लेटफॉर्म क्यों आगे हैं? आज के समय में कई छात्र विदेशी और प्राइवेट प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके पीछे कारण हैं: यही वजह है कि सरकारी प्लेटफॉर्म होते हुए भी कम्पटीशन बढ़ गया है। भविष्य का रास्ता क्या है? SWAYAM और NPTEL जैसे प्लेटफॉर्म भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर हैं, खासकर उन छात्रों के लिए जो: लेकिन अगर इन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया, तो यह पहल सिर्फ एक अच्छी योजना बनकर रह जाएग डिजिटल एजुकेशन का यह मॉडल भारत की शिक्षा व्यवस्था को बदल सकता है, लेकिन अभी यह अपने शुरुआती संघर्ष के दौर में है। नीतियों से ज्यादा जरूरी है उनका सही क्रियान्वयन — तभी यह पहल सच में एजुकेशन रिवोल्यूशन बन पाएगी।
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Bhopal : Sports Minister Vishvas Sarang के सरकारी घर में चोरी, Medals और Certificates ले उड़े चोर

Bhopal : Sports Minister Vishvas Sarang के सरकारी घर में चोरी, Medals और Certificates ले उड़े चोर

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। राज्य के खेल मंत्री Vishvas Sarang के सरकारी आवास में चोरी हो गई, जहां से चोर मेडल और प्रशस्ति पत्र तक लेकर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब घर में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य थी, लेकिन चोरों ने मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। चोरी की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जब मामला एक मंत्री के घर का हो। बताया जा रहा है कि चोरों ने खास तौर पर मेडल और सम्मान से जुड़े दस्तावेजों को निशाना बनाया, जो भावनात्मक और सम्मान की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा तेज है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ayodhya में CRPF Armoured Vehicles का रेला! Special Mission से पहले भगवान राम का आशीर्वाद

Ayodhya में CRPF Armoured Vehicles का रेला! Special Mission से पहले भगवान राम का आशीर्वाद

उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर अयोध्या में अचानक सीआरपीएफ (CRPF) की बख्तरबंद गाड़ियों का काफिला देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शहर की सड़कों पर भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी से स्थानीय लोगों के बीच उत्सुकता और हल्की चिंता दोनों देखने को मिली। सूत्रों के मुताबिक, यह काफिला किसी खास मिशन के तहत अयोध्या पहुंचा है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से इस मिशन के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दे रही हैं। दिलचस्प बात यह रही कि मिशन शुरू करने से पहले सीआरपीएफ के जवानों ने अयोध्या में भगवान राम के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अयोध्या में इस तरह की हलचल पहले भी बड़े आयोजनों या विशेष सुरक्षा कारणों से देखी जाती रही है। फिलहाल शहर में शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी को एहतियात के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से निपटा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raghav Chadha और कांग्रेस सांसद में तीखी बहस: डॉ. गांधी ने कहा- गुस्से में चिट्ठी फाड़कर उनके सामने फेंकी

Raghav Chadha और कांग्रेस सांसद में तीखी बहस: डॉ. गांधी ने कहा- गुस्से में चिट्ठी फाड़कर उनके सामने फेंकी

पंजाब की राजनीति में उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब Raghav Chadha और कांग्रेस सांसद Dr. Dharamvira Gandhi के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद पंजाब भवन में हुआ, जहां दोनों नेताओं के बीच बातचीत अचानक बहस में बदल गई। डॉ. गांधी ने बताया कि चर्चा के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि उन्होंने गुस्से में एक चिट्ठी फाड़ दी और उसे राघव चड्ढा के सामने फेंक दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने उन्हें “गेट आउट” तक कह दिया। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच पहले से ही तनातनी चल रही थी, लेकिन इस घटना ने दोनों पार्टियों के रिश्तों को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है। राजनीति में इस तरह की घटनाएं आम जनता के लिए भी चिंता का विषय बन जाती हैं, क्योंकि लोग अपने नेताओं से शालीन व्यवहार और मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद रखते हैं, न कि इस तरह के टकराव की। अब देखना यह होगा कि इस विवाद के बाद दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते और कैसे बदलते हैं। अधिक अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIKKIM में बर्फबारी और भूस्खलन से हालात खराब, 1500 टूरिस्ट फंसे

SIKKIM में बर्फबारी और भूस्खलन से हालात खराब, 1500 टूरिस्ट फंसे

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। SIKKIM में भारी बर्फबारी और भूस्खलन ने हालात बिगाड़ दिए हैं। यहां करीब 1500 टूरिस्ट अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हो गई हैं और कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। फंसे हुए पर्यटकों के लिए खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खराब मौसम राहत कार्य में बड़ी चुनौती बन रहा है। वहीं, मौसम विभाग ने देश के 16 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। तेज हवाएं, बिजली गिरने और बारिश को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिला है। यहां पिछले 3 दिनों में बिजली गिरने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे लोग और खुले में मौजूद लोग इस प्राकृतिक आपदा का ज्यादा शिकार हो रहे हैं। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि खराब मौसम के दौरान घरों में रहें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। एक तरफ जहां लोग छुट्टियां मनाने गए थे, वहीं अब वही यात्रा डर और अनिश्चितता में बदल गई है। फंसे हुए पर्यटक अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कई परिवार अपने अपनों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ASSAM में NDA की हैट्रिक का दावा, पुडुचेरी में राहुल गांधी का युवाओं से बड़ा वादा

ASSAM में NDA की हैट्रिक का दावा, पुडुचेरी में राहुल गांधी का युवाओं से बड़ा वादा

ASSAM और पुडुचेरी में चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। एक तरफ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने असम में NDA की लगातार तीसरी जीत का दावा किया, वहीं दूसरी तरफ Rahul Gandhi ने पुडुचेरी में युवाओं के लिए बड़ी घोषणा कर दी। प्रधानमंत्री मोदी ने असम की रैली में कहा कि राज्य की जनता NDA पर भरोसा जता रही है और इस बार भी जीत की हैट्रिक तय है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास न कोई ठोस विजन है और न ही विकास के लिए स्पष्ट योजना। मोदी ने अपने भाषण में सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि असम में पिछले कुछ सालों में तेजी से बदलाव हुआ है और जनता इस बदलाव को आगे भी जारी रखना चाहती है। वहीं, पुडुचेरी में राहुल गांधी ने युवाओं को साधने की कोशिश की। उन्होंने वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो युवाओं को हर महीने ₹2000 की आर्थिक मदद दी जाएगी। राहुल ने कहा कि आज का युवा रोजगार और आर्थिक सुरक्षा चाहता है, और उनकी पार्टी इसके लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उन्हें मजबूत बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नौकरी

New Labour Law नौकरी छोड़ते ही Company को 48 Hours में करना होगा FnF Payment

नौकरी छोड़ने या अचानक नौकरी जाने के बाद सबसे बड़ी चिंता होती है — आखिरी सैलरी और बाकी बकाया पैसे कब मिलेंगे?अब इस परेशानी पर बड़ा कानूनी बदलाव हुआ है। नए लेबर कानून के तहत कंपनियों को कर्मचारी का Full & Final (FnF) settlement सिर्फ 2 working days के भीतर पूरा करना होगा। यह बदलाव उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें पहले resignation या termination के बाद अपने ही पैसों के लिए हफ्तों तक इंतज़ार करना पड़ता था। क्या बदला है नए Labour Law में? पहले ज्यादातर कंपनियां final settlement को अगले payroll cycle में डाल देती थीं। इसकी वजह से कर्मचारियों को 30 से 45 दिन, और कई बार उससे भी ज्यादा इंतजार करना पड़ता था। अब नए नियम के मुताबिक अगर कोई कर्मचारी: तो कंपनी को 2 working days के अंदर salary और बाकी wage-related dues clear करना जरूरी होगा। यानी exit process अब सिर्फ HR formalities नहीं, बल्कि legal compliance भी बन गया है। Full & Final Settlement में क्या-क्या मिलेगा? FnF settlement सिर्फ आखिरी महीने की salary नहीं होती। इसमें कई financial components शामिल होते हैं, जैसे: हालांकि gratuity जैसी कुछ statutory payments की अलग timeline हो सकती है, लेकिन salary-related dues जल्दी देना अनिवार्य माना जा रहा है। Employees के लिए क्यों है बड़ी राहत? जॉब बदलने के दौरान EMI, किराया, daily expenses और नई नौकरी के बीच का gap सबसे ज्यादा pressure बनाता है। ऐसे समय पर final settlement जल्दी मिलना employees के लिए बड़ी financial support साबित होगा। यही वजह है कि यह नया rule खासतौर पर middle-class salaried professionals के लिए काफी राहतभरा माना जा रहा है। इससे कंपनियों की मनमानी policies पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। Companies पर क्या पड़ेगा असर? इस नियम का सीधा असर HR, payroll और finance teams पर पड़ेगा।अब उन्हें exit clearance, leave calculation, company assets recovery और approvals जैसी प्रक्रियाओं को काफी तेज करना होगा। जिन कंपनियों का payroll system अभी भी manual है, उनके लिए 48 घंटे में FnF settlement करना एक operational challenge बन सकता है। अगर कंपनी 2 दिन में settlement न करे तो क्या करें? अगर कंपनी नए नियम के बाद भी देरी करती है, तो कर्मचारी ये कदम उठा सकते हैं: क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव? यह नया कानून सिर्फ payment timeline नहीं बदलता, बल्कि employee dignity और financial security को भी मजबूत करता है। नौकरी छूटने का समय पहले से ही emotionally और financially stressful होता है। ऐसे में अपने earned money के लिए लंबा इंतजार न करना कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी राहत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kerala

Kerala Election थरूर के काफिले पर हमला, पहली बार वोटर्स के लिए Free Cab का बड़ा ऐलान

Kerala में चुनावी हलचल अब और तेज होती दिख रही है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां जहां अपने चरम पर हैं, वहीं कुछ घटनाओं ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। मलप्पुरम के वंडूर इलाके में कांग्रेस नेता शशि थरूर के काफिले को रोके जाने और उनके सुरक्षाकर्मी व ड्राइवर के साथ मारपीट की खबर ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इसी बीच चुनाव आयोग ने पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के लिए free cab ride जैसी सुविधा का ऐलान कर चुनावी चर्चा को नया आयाम दे दिया है। मलप्पुरम में काफिला रोके जाने से बढ़ी राजनीतिक हलचल घटना उस वक्त हुई जब शशि थरूर का काफिला एक चुनावी कार्यक्रम की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में चेल्लिथोडु ब्रिज के पास कुछ लोगों ने गाड़ियों की आवाजाही रोक दी, जिससे काफिला कुछ देर के लिए वहीं थम गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रास्ता साफ कराने के दौरान बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। इस दौरान थरूर के गनमैन और ड्राइवर को चोटें आईं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज की है और कुछ लोगों की पहचान भी कर ली गई है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल स्थानीय स्तर पर इस घटना ने चुनावी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर तब, जब मतदान में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है और हर दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है। Young Voters के लिए Free Cab Service इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच चुनाव आयोग की एक सकारात्मक पहल भी चर्चा में है। युवा मतदाताओं, खासकर first-time voters, को बूथ तक आसानी से पहुंचाने के लिए कुछ शहरों में free cab service शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य सिर्फ सुविधा देना नहीं, बल्कि उन युवाओं को भी मतदान के लिए प्रेरित करना है जो दूरी, ट्रांसपोर्ट या समय की वजह से वोट डालने से चूक जाते हैं। लोकतंत्र को मजबूत करने की कोशिश जमीनी स्तर पर देखें तो यह कदम सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत करने की कोशिश है। एक तरफ जहां चुनावी हिंसा जैसी घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं, वहीं दूसरी ओर युवाओं को वोटिंग के लिए प्रोत्साहित करने वाली पहल उम्मीद जगाती है। यही वजह है कि इस बार केरल में youth turnout पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

IMD Weather हिमाचल से Delhi तक मौसम अलर्ट, कई राज्यों में बारिश-आंधी का असर

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार को सक्रिय Western Disturbance (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिमी राज्यों में तेज हवाएं, बारिश, ओलावृष्टि और धूलभरी आंधी देखने को मिली। मौसम विभाग ने 9 से ज्यादा राज्यों में rain-thunderstorm alert जारी किया है, जबकि पहाड़ी इलाकों में avalanche risk ने चिंता बढ़ा दी है। Himachal और Jammu-Kashmir में Avalanche Risk बढ़ा सबसे ज्यादा सतर्कता हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बरती जा रही है। ताजा बर्फबारी के बाद कई संवेदनशील ढलानों पर हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों, स्थानीय लोगों और ट्रेकिंग करने वालों से अपील की है कि वे ऊंचे बर्फीले रास्तों और पहाड़ी दर्रों की यात्रा फिलहाल टाल दें। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम ने एक बार फिर सर्दियों जैसी याद दिला दी है। MP Weather Update: बारिश और ओलों से किसानों की बढ़ी चिंता वहीं मध्य प्रदेश में मौसम का असर किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। कई जिलों में अचानक बारिश, तेज हवाओं और ओलों ने फसलों को नुकसान पहुंचाने का खतरा बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक heavy rain, hailstorm और strong winds की संभावना जताई है। खेतों में गेहूं और चना की कटाई कर रहे किसानों के चेहरे पर मौसम को लेकर साफ चिंता देखी जा सकती है। Rajasthan-Haryana में Rain Storm से बदला मौसम राजस्थान और हरियाणा में भी आसमान में बादल छाए रहे और कई जगह गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। जयपुर, अलवर, बीकानेर, कोटा और हरियाणा के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मौसम सुहाना तो हुआ, लेकिन अचानक बदले इस मिजाज ने जनजीवन को प्रभावित भी किया। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी है। Delhi Dust Storm: तेज हवाओं से विजिबिलिटी हुई कम राजधानी दिल्ली-NCR में सुबह से चली dust storm और तेज हवाओं ने लोगों को परेशान किया। कई इलाकों में धूल का गुबार छा गया, जिससे visibility कम हो गई। ऑफिस जाने वाले लोगों को सड़क पर धूल और तेज हवा के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, मौसम के इस बदलाव से गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अगले 72 घंटे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 से 72 घंटे तक यही pattern बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट देखते रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कालरात्रि

Navratri 2026: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें कथा, महत्त्व और मंत्र

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। उनका स्वरूप देखने में उग्र है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में वे अपने भक्तों का कल्याण करने वाली देवी मानी जाती हैं। उन्हें भय, अज्ञान और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। मां कालरात्रि की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को देवी दुर्गा का वह शक्तिशाली स्वरूप बताया गया है, जो दुष्ट शक्तियों का संहार करता है। उनका उग्र रूप यह संदेश देता है कि बुराई और अन्याय का सामना करने के लिए साहस जरूरी है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः। भोग: मां को गुड़ अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

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