बिलासपुर। आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार से बिलासपुर संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, PCC चीफ दीपक बैज और वरिष्ठ नेता ताम्रध्वज साहू समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 सितंबर तक चलेगा। इसमें ब्लॉक अध्यक्षों को संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने और पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी बनाने की रणनीति समझाई जा रही है।
कांग्रेस का फोकस ब्लॉक स्तर से संगठन को मजबूत करते हुए गांव और बूथ तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है।
22 सितंबर तक अलग-अलग संभागों में प्रशिक्षण
कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 सितंबर तक अलग-अलग संभागों में आयोजित किया जाएगा।
बिलासपुर के बाद 15 सितंबर को सरगुजा संभाग में ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। इसके बाद 20 सितंबर को रायपुर संभाग में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
वहीं, बस्तर और दुर्ग संभाग के ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले ही पूरा हो चुका है।
दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
बिलासपुर पहुंचे PCC चीफ दीपक बैज ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सरकार के पोस्टर अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “पोस्टर चमकाने से चेहरा नहीं चमकता।”
बैज ने आरोप लगाया कि सरकार के पास पोस्टर वार के अलावा जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए कुछ नहीं है।
रोजगार, किसान और स्वास्थ्य के मुद्दे उठाए
दीपक बैज ने कहा कि सरकार को रोजगार, किसानों, शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का चेहरा चमकाने के लिए 1,100 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। बैज ने दावा किया कि जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सरकार और मंत्री खर्च कर रहे हैं, जबकि गांवों में विकास कार्यों की स्थिति ठीक नहीं है।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों को पार्टी की नीतियों और संगठनात्मक गतिविधियों को गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति बताई जा रही है।
पार्टी का लक्ष्य ब्लॉक अध्यक्षों के माध्यम से स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करना है। प्रशिक्षण में संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं से संपर्क और चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

