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Bengal Hostage Case Update एयरपोर्ट से मुख्य आरोपी गिरफ्तार, NIA ने तेज की जांच

Bengal के मालदा जिले में सामने आए हाई-प्रोफाइल Hostage Case में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कई घंटों तक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में कथित मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वह राज्य से बाहर निकलने की तैयारी में था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे दबोच लिया। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, केस की गंभीरता को देखते हुए NIA ने भी अपनी जांच औपचारिक रूप से शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासों की उम्मीद बढ़ गई है। क्या है पूरा Malda Hostage Case? यह मामला मालदा के कालियाचक इलाके से जुड़ा है, जहां चुनावी और प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी सरकारी काम के सिलसिले में पहुंचे थे। आरोप है कि स्थानीय विरोध के बीच अचानक बड़ी भीड़ जमा हो गई और अधिकारियों को कई घंटों तक बाहर नहीं निकलने दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार माहौल इतना तनावपूर्ण था कि मौके पर मौजूद अधिकारी लंबे समय तक असहाय स्थिति में रहे। इस घटना ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। Airport Arrest से जांच में आया बड़ा मोड़ जांच टीम को सूचना मिली थी कि मामले का मुख्य आरोपी शहर छोड़ने की कोशिश कर सकता है। इसी इनपुट के आधार पर बागडोगरा एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई, जहां से मोफक्करुल इस्लाम को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी केस की planning, crowd mobilisation और possible political links तक पहुंचने में अहम साबित हो सकती है। NIA Probe: अब खुल सकती हैं साजिश की परतें मामले ने जब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ा, तब केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री हुई। अब NIA probe शुरू होने के बाद जांच सिर्फ बंधक बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि: यही वजह है कि इस केस को अब सिर्फ law and order issue नहीं, बल्कि national-level institutional challenge की तरह देखा जा रहा है। Bengal Politics में बढ़ी सियासी गर्मी मालदा Hostage Case ने बंगाल की राजनीति को भी गरमा दिया है। विपक्ष राज्य सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश बता रहा है। जैसे-जैसे NIA जांच आगे बढ़ेगी, यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि major political flashpoint भी बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raghav Chadha

AAP vs Raghav Chadha Post जाने के बाद छलका दर्द, बोले Sailaab बनकर करूंगा वापसी

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha ने राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखी। उनके शब्दों में नाराज़गी भी थी, आत्मविश्वास भी और एक ऐसा भावनात्मक संदेश भी, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। अपने वीडियो संदेश में राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें “खामोश कराया गया है, हराया नहीं गया।” उन्होंने आगे जोड़ा कि उन्हें कुछ समय के लिए रोका जा सकता है, लेकिन उनकी आवाज़ और उनके मुद्दे रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने बेहद असरदार अंदाज़ में कहा: “मैं दरिया हूं… वक्त आने पर सैलाब बनकर लौटूंगा।” यही एक लाइन अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक सबसे ज्यादा चर्चा में है। क्या है पूरा मामला? AAP ने एक दिन पहले राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर जानकारी दी कि राघव चड्ढा को पार्टी के Deputy Leader in Rajya Sabha पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह Ashok Mittal को नई जिम्मेदारी दी गई। साथ ही, पार्टी की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि अब सदन में पार्टी कोटे से बोलने का समय राघव चड्ढा को नहीं दिया जाएगा। इस फैसले ने स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े कर दिए हैं। Raghav Chadha का Emotional Message अपने संदेश में राघव चड्ढा ने सीधे तौर पर किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों से साफ लगा कि वे इस फैसले से आहत हैं। उन्होंने कहा कि वे लगातार जनता के मुद्दे उठाते रहे—महंगाई, बेरोज़गारी, बैंक चार्जेस, टेलीकॉम ओवरबिलिंग, टोल टैक्स और गिग वर्कर्स की समस्याओं जैसे विषयों पर उन्होंने संसद में आवाज़ उठाई। एक मानवीय और भावुक अंदाज़ में उन्होंने सवाल किया: “अगर जनता की आवाज़ उठाना गलती है, तो क्या मैंने सच में कोई गलती की?” यह लाइन आम लोगों के साथ सीधा भावनात्मक जुड़ाव बनाती है, और शायद यही वजह है कि उनका संदेश तेजी से वायरल हो रहा है। सिर्फ फेरबदल या कुछ बड़ा? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक साधारण संसदीय फेरबदल नहीं भी हो सकता। राघव चड्ढा की पार्टी और संसद में अलग पहचान रही है, और उनकी लोकप्रियता भी लगातार बढ़ी है। ऐसे में उनका यह सार्वजनिक और भावुक संदेश इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वे खुद को अभी भी पार्टी और राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी भूमिका में देखते हैं। AAP की ओर से इसे फिलहाल संगठनात्मक बदलाव बताया जा रहा है, लेकिन अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कहानी सिर्फ पद की नहीं, पहचान की भी है यह मामला सिर्फ एक पद जाने का नहीं दिखता, बल्कि एक ऐसे नेता की प्रतिक्रिया है जो खुद को अभी भी जनता की आवाज़ मानता है। राघव चड्ढा के शब्दों में एक व्यक्तिगत चोट भी महसूस होती है और वापसी का भरोसा भी। यही वजह है कि उनका “सैलाब बनकर लौटूंगा” वाला बयान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि एक personal resilience story की तरह भी देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Navy

Indian Navy को मिला Double Power INS Aridhaman और INS Taragiri से बढ़ी समुद्री ताकत

हिंद महासागर में भारत की बढ़ी ताकत, दुश्मनों के लिए साफ संदेश भारत की समुद्री सुरक्षा को आज एक नई मजबूती मिली, जब भारतीय नौसेना (Indian Navy) में दो बेहद अहम और अत्याधुनिक युद्ध प्लेटफॉर्म — INS Aridhaman और INS Taragiri — शामिल किए गए। यह सिर्फ दो नए युद्ध प्लेटफॉर्म्स की एंट्री नहीं है, बल्कि हिंद महासागर में भारत की बढ़ती रणनीतिक पकड़ का बड़ा संकेत भी है। एक तरफ INS Aridhaman, भारत की स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी क्षमता को और मजबूत करता है, तो दूसरी ओर INS Taragiri stealth power और multi-role combat क्षमता के साथ नौसेना की सतही ताकत को नई धार देता है। इन दोनों की तैनाती से साफ है कि भारत अब समुद्र में सिर्फ मौजूद नहीं, बल्कि निर्णायक बढ़त की दिशा में आगे बढ़ रहा है। INS Aridhaman: Sea-Based Nuclear Deterrence का मजबूत कवच INS Aridhaman को भारत की तीसरी स्वदेशी nuclear-powered ballistic missile submarine (SSBN) माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह लंबे समय तक समुद्र की गहराइयों में बिना पकड़े गए ऑपरेट कर सकती है। युद्ध या तनाव की स्थिति में यह भारत की second-strike capability को मजबूत बनाती है, जो किसी भी परमाणु शक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। रणनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी तैनाती से भारत की nuclear triad और ज्यादा भरोसेमंद हुई है। INS Taragiri: Stealth Frigate जो दुश्मन पर रखेगी पैनी नजर INS Taragiri, Project 17A के तहत तैयार किया गया आधुनिक stealth frigate है। करीब 6,670 टन वजनी यह युद्धपोत advanced radar systems, BrahMos-class strike capability, anti-submarine warfare systems और air defence weapons से लैस है। इसकी stealth design इसे दुश्मन के radar पर कम visible बनाती है, जिससे यह sensitive maritime missions में बेहद असरदार साबित होगा। escort operations, surveillance और strike missions जैसे हर मोर्चे पर यह Indian Navy की ताकत बढ़ाएगा। Indian Ocean में भारत की बढ़ती Strategic Edge इन दोनों प्लेटफॉर्म्स की commissioning ऐसे समय पर हुई है जब हिंद महासागर और Indo-Pacific region में geopolitical competition तेजी से बढ़ रहा है। भारत के लिए यह सिर्फ defence upgrade नहीं, बल्कि maritime dominance की दिशा में बड़ा कदम है। INS Aridhaman जहां invisible deterrence का भरोसा देता है, वहीं INS Taragiri visible combat superiority का प्रतीक बनकर सामने आया है। Aatmanirbhar Bharat की बड़ी सफलता इस उपलब्धि का सबसे गर्व वाला पहलू इसका स्वदेशी निर्माण है। दोनों प्लेटफॉर्म भारत की defence manufacturing capability, naval design expertise और indigenous technology ecosystem की ताकत को दिखाते हैं। यह सिर्फ सेना की ताकत नहीं बढ़ाता, बल्कि देश के युवाओं, engineers, shipbuilders और defence sector से जुड़े हजारों लोगों के लिए गर्व का पल भी है। निष्कर्ष: समुद्र में भारत की नई शक्ति का दौर INS Aridhaman और INS Taragiri की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि भारत समुद्र में अपनी शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले वर्षों में ये दोनों प्लेटफॉर्म Indian Navy की operational capability और strategic deterrence के सबसे मजबूत स्तंभ बन सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ममता बनर्जी के घर के सामने रथ छोड़ कार में क्यों गए Amit Shah? सामने आई वजह
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक दिलचस्प नज़ारा उस वक्त देखने को मिला, जब केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का काफिला Mamata Banerjee के घर के पास पहुंचा। आंखों-देखी के मुताबिक, अमित शाह पहले रथ में सवार थे, लेकिन जैसे ही उनका काफिला ममता बनर्जी के आवास के सामने पहुंचा, उन्होंने रथ छोड़कर कार में सफर करना जारी रखा। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों और राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। अधिकारियों का मानना था कि भीड़भाड़ वाले इलाके में रथ के बजाय कार से आगे बढ़ना ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक रहेगा। हालांकि, इस बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक नजरिए से भी देख रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि राजनीति में छोटी-छोटी चीजें भी बड़े मायने रखती हैं और हर कदम पर लोगों की नजर रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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राज्यसभा में Raghav Chadha को डिप्टी लीडर पद से हटाया गया, वीडियो शेयर कर दी प्रतिक्रिया

राज्यसभा में Raghav Chadha को डिप्टी लीडर पद से हटाया गया, वीडियो शेयर कर दी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया है। इस फैसले के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। राघव चड्ढा ने वीडियो के साथ कुछ इमोजी भी पोस्ट किए, जिससे लोगों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन उनका अंदाज काफी कुछ बयान करता नजर आया। पार्टी या आधिकारिक तौर पर इस फैसले के पीछे की वजह साफ नहीं की गई है, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे पार्टी के अंदरूनी बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं। राघव चड्ढा, जो पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं, को इस पद से हटाए जाने के बाद अब आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले समय में पार्टी इस फैसले को लेकर क्या स्पष्टता देती है और राघव चड्ढा की भूमिका में क्या बदलाव देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal में 7 चुनाव पर्यवेक्षक बंधक, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

West Bengal में 7 चुनाव पर्यवेक्षक बंधक, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

West Bengal से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां 7 चुनाव पर्यवेक्षकों (इलेक्शन ऑब्जर्वर्स) को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया। इस घटना पर Supreme Court of India ने सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि इन अधिकारियों को न तो सही तरीके से खाना-पानी मिला और न ही वे राज्य के होम सेक्रेटरी या डीजीपी से संपर्क कर पाए। यह स्थिति बेहद गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि चुनाव के दौरान पर्यवेक्षकों की सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रशासन से जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकती हैं और इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चिंता है। सभी की यही मांग है कि जल्द से जल्द पर्यवेक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसे हालात दोबारा न बनें। हर खबर, हर पल, देश हरपल पर !
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भारत टैक्सी vs ओला-उबर: ‘देसी ऐप से मिलेगा तगड़ा कॉम्पटीशन’, Amit Shah ने राज्यसभा में दी जानकारी

भारत टैक्सी vs ओला-उबर: ‘देसी ऐप से मिलेगा तगड़ा कॉम्पटीशन’, Amit Shah ने राज्यसभा में दी जानकारी

देश में कैब सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि सरकार एक नई पहल ‘भारत टैक्सी’ को बढ़ावा दे रही है, जो आने वाले समय में Ola और Uber जैसी बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे सकती है। राज्यसभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश में एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जिससे ड्राइवरों को ज्यादा फायदा मिले और यात्रियों को सस्ती व बेहतर सेवा मिल सके। सरकार की यह योजना खासतौर पर उन ड्राइवरों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, जो अभी प्राइवेट कंपनियों के साथ काम करते हैं और कमीशन के कारण उन्हें कम कमाई होती है। ‘भारत टैक्सी’ मॉडल के जरिए ड्राइवरों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें ज्यादा स्वतंत्रता देने पर जोर दिया जा रहा है। इस कदम को ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अगर यह योजना सफल होती है, तो देश में कैब सर्विस का पूरा सिस्टम बदल सकता है और यात्रियों को भी सस्ती सवारी का फायदा मिल सकता है। हालांकि, अभी इस योजना के पूरी तरह लागू होने में समय लग सकता है, लेकिन सरकार के इस ऐलान के बाद से ही बाजार में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ‘भारत टैक्सी’ सही तरीके से लागू होती है, तो यह देश में राइड-हेलिंग इंडस्ट्री का गेम बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बीजेपी ऑफिस ब्लास्ट: ‘अपने दरवाजे पर धमाके… देश की सुरक्षा कैसे?’ Mamata Banerjee का अमित शाह पर हमला

बीजेपी ऑफिस ब्लास्ट: ‘अपने दरवाजे पर धमाके… देश की सुरक्षा कैसे?’ Mamata Banerjee का अमित शाह पर हमला

बीजेपी दफ्तर के पास हुए धमाके के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को सीधे निशाने पर लिया है। ममता बनर्जी ने कहा, “जब अपने ही दरवाजे पर धमाके हो रहे हैं, तो देश की सुरक्षा कैसे संभालेंगे?” उनके इस बयान के बाद राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। क्या हुआ था? (BJP Office Blast ) मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी के एक कार्यालय के पास अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। लोग डर गए और कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल धमाके के कारणों का पता लगाया जा रहा है। ममता बनर्जी का बयान ममता बनर्जी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर राजनीतिक कार्यालय ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। BJP का पलटवार बीजेपी नेताओं ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है और इस तरह की घटनाएं राज्य प्रशासन की कमी को दिखाती हैं। क्यों अहम है यह मामला? यह घटना सिर्फ एक धमाका नहीं है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है।लोगों के मन में डर और असुरक्षा की भावना पैदा होना स्वाभाविक है, ऐसे में सरकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Assam

BJP Hat-trick in Assam मोदी ने Congress पर साधा निशाना, Tea to Chip बना बड़ा मुद्दा

Assam विधानसभा चुनाव 2026 का माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है, और प्रधानमंत्री Narendra Modi की गोगामुख रैली ने चुनावी बहस को नई दिशा दे दी है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी अब तय है।” राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर सीधा तंज माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि असम की जनता एक बार फिर भाजपा-एनडीए पर भरोसा जताएगी और राज्य में जीत की hat-trick लगेगी। उनका कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में असम ने जिस तेजी से विकास देखा है, वह अब रुकने वाला नहीं है। Tea से Chip तक: Assam Growth Model पर बड़ा फोकस रैली का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जब पीएम मोदी ने कहा कि अब असम की पहचान सिर्फ tea gardens तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राज्य “Tea and Chip” economy के रूप में भी जाना जाएगा। यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के औद्योगिक विजन की झलक भी माना जा रहा है। असम लंबे समय से अपनी चाय के लिए दुनिया भर में मशहूर रहा है, लेकिन अब सरकार इसे semiconductor, electronics manufacturing और tech investment hub के रूप में भी आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि भाजपा इस चुनाव में विकास को सिर्फ सड़क, बिजली और पानी तक सीमित न रखकर technology-driven economy के रूप में पेश कर रही है। Congress पर Identity और Security को लेकर निशाना अपने भाषण में पीएम मोदी ने असम की सांस्कृतिक पहचान, घुसपैठ और सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि असम की अस्मिता और परंपरा की रक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार भी identity politics + development narrative के मिश्रण के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है, जो पहले भी राज्य में उसके लिए फायदेमंद रहा है। Tea Garden Visit ने जोड़ा Emotional Human Touch रैली के बाद प्रधानमंत्री का डिब्रूगढ़ के चाय बागान पहुंचना और महिला श्रमिकों से बातचीत करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने खुद चाय की पत्तियां तोड़ीं, श्रमिकों से हालचाल पूछा और उनके काम को सराहा। यही वह पल था जिसने पूरे चुनावी संदेश में एक human touch जोड़ दिया।असम में चाय उद्योग केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी और पीढ़ियों की पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यह दौरा सीधे लोगों की भावनाओं से जुड़ता दिखा। Assam Election 2026 में किस ओर जाएगा मुकाबला? 126 सीटों वाली असम विधानसभा में इस बार मुकाबला दिलचस्प होता दिख रहा है। भाजपा जहां development, security और identity के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है, वहीं कांग्रेस राहत, सामाजिक न्याय और स्थानीय मुद्दों के सहारे चुनावी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Update UP में तेज बारिश-ओले, MP और Rajasthan में अलर्ट, J&K में खतरा बढ़ा

उत्तर भारत में अचानक बदला मौसम, कई राज्यों में अलर्ट उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश (UP) में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित किया है। इसी के साथ मध्य प्रदेश (MP) और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद एवलांच (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रशासन ने लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। Western Disturbance से बदला मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बदलाव के पीछे एक मजबूत Western Disturbance सक्रिय है, जो उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रहा है। इसके असर से यूपी के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी खबरें सामने आईं। अचानक बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि गेहूं और सरसों जैसी तैयार फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। UP Weather Update: कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी है। खेतों में तैयार खड़ी फसल के लिए यह मौसम नुकसानदायक साबित हो सकता है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। MP और Rajasthan में भी बारिश-आंधी का अलर्ट MP और Rajasthan Weather Update की बात करें तो दोनों राज्यों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट जरूर आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं और बारिश की वजह से सड़क यात्रा और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। J&K High Areas में Avalanche और Landslide Risk वहीं Jammu-Kashmir Weather Alert ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम और दूसरे ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण हिमस्खलन और लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें। अगले 24–48 घंटे रहेंगे अहम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक यह सिस्टम सक्रिय रह सकता है, इसलिए उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का असर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो आने वाले दो दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसका असर और बढ़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कालरात्रि

Navratri 2026: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें कथा, महत्त्व और मंत्र

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। उनका स्वरूप देखने में उग्र है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में वे अपने भक्तों का कल्याण करने वाली देवी मानी जाती हैं। उन्हें भय, अज्ञान और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। मां कालरात्रि की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को देवी दुर्गा का वह शक्तिशाली स्वरूप बताया गया है, जो दुष्ट शक्तियों का संहार करता है। उनका उग्र रूप यह संदेश देता है कि बुराई और अन्याय का सामना करने के लिए साहस जरूरी है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः। भोग: मां को गुड़ अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

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