नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत BRICS देशों के नेताओं ने शुक्रवार को BRICS बिजनेस फोरम में वैश्विक व्यापार, अर्थव्यवस्था और कारोबारी सहयोग पर चर्चा की। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों और G7 को लेकर तीखी टिप्पणी की।
पुतिन बोले- पश्चिम कमजोर हो रहा
BRICS बिजनेस फोरम में व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS देशों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अमेरिका और यूरोप पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम अब कमजोर हो रहा है और सवाल उठाया कि ये देश खुद को G7 क्यों कहते हैं।
पुतिन के मुताबिक, PPP यानी खरीद क्षमता समानता के आधार पर BRICS देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी करीब 40% है, जबकि G7 की हिस्सेदारी करीब 18% है।
हालांकि, G7 का वैश्विक प्रभाव अभी भी काफी मजबूत माना जाता है। डॉलर, अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग, निवेश और तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का प्रभाव महत्वपूर्ण है। वहीं BRICS की प्रमुख ताकत बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं।
PM मोदी बोले- भारत व्यापार बढ़ाना चाहता है
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि BRICS देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है और ये देश वैश्विक GDP में बड़ा योगदान देते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत BRICS देशों के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। इसके लिए सुरक्षित और स्थिर समुद्री व्यापार मार्ग बेहद जरूरी हैं।
मोदी ने वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए देशों के बीच बेहतर सहयोग और भरोसे की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मोदी-पुतिन के बीच 45 मिनट हुई बैठक
BRICS कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब 45 मिनट तक बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन एक ही कार में इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत भी देखने को मिली।
पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया
बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस समिट में शामिल होने के लिए रूस आने का न्योता दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया।
इस बैठक को भारत और रूस के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



