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Protest CJP ने जारी किया देर रात Video, कहा- सभी प्रदर्शनकारी सुरक्षित, FIR वापस लेने पर सहमति

Table of Content

देशभर में चल रहे प्रदर्शन के बीच Campaign for Justice and Peace (CJP) ने देर रात एक वीडियो जारी कर बड़ा दावा किया है। संगठन का कहना है कि सरकार के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही है और प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने पर सहमति बनी है। हालांकि, इस दावे पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

रात 1 बजे जारी वीडियो में क्या कहा गया?

CJP ने रात करीब 1 बजे सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई। संगठन के अनुसार, बातचीत के दौरान प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

वीडियो में यह भी कहा गया कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के साथ अनुचित कार्रवाई नहीं होगी और सभी प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

सभी FIR वापस लेने का दावा

CJP का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान दर्ज की गई सभी एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संगठन ने इसे बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम बताया है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई लिखित आदेश या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

ऐसे में फिलहाल CJP के इस दावे को आधिकारिक निर्णय नहीं माना जा सकता। अंतिम स्थिति सरकार की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील

वीडियो संदेश में CJP ने आंदोलन में शामिल लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में प्रयास जारी हैं और सभी पक्ष सकारात्मक माहौल बनाए रखें।

अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर

CJP के दावे के बाद प्रदर्शनकारियों और आम लोगों की निगाहें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि सरकार आधिकारिक तौर पर एफआईआर वापस लेने की घोषणा करती है, तो आंदोलन से जुड़े हजारों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल इस पूरे मामले में सरकारी पुष्टि का इंतजार है।

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Yukta

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छत्तीसगढ़ कॉन्स्टेबल भर्ती मामले में सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, 400 से ज्यादा अभ्यर्थियों की नौकरी की उम्मीद बढ़ी

छत्तीसगढ़ में साल 2017 की कॉन्स्टेबल भर्ती से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद 400 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है, जो लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। 2259 पदों की भर्ती से जुड़ा है मामला यह पूरा मामला साल 2017 में निकली 2259 कॉन्स्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित है। भर्ती में प्रतीक्षा सूची के प्रावधान को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंचा। पारस राम ध्रुव और अन्य की ओर से दायर मामले में हाईकोर्ट ने 1 फरवरी 2024 को अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पुलिस कॉन्स्टेबल सेवा नियम, 2007 के नियम 13(2) के तहत वैध प्रतीक्षा सूची के आधार पर रिक्त पदों को भरा जाना चाहिए। इसमें प्रोन्नति, सेवानिवृत्ति, कैडर परिवर्तन या अन्य कारणों से खाली हुए पदों को भी शामिल किए जाने की बात कही गई थी। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा SLP खारिज किए जाने के बाद हाईकोर्ट के आदेश के प्रभावी होने का रास्ता खुल गया है। 17 नवंबर 2025 को 47 पद सुरक्षित रखने का आदेश इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही 17 नवंबर 2025 को एक अहम आदेश जारी कर चुका है। कोर्ट ने 47 सफल अभ्यर्थियों के पद सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। अब SLP खारिज होने के बाद प्रतीक्षा सूची में शामिल अन्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर भी उम्मीद मजबूत हुई है। हालांकि, नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया राज्य सरकार और संबंधित विभाग द्वारा कोर्ट के आदेश के अनुसार पूरी की जाएगी। सुनवाई में इन अधिवक्ताओं ने की पैरवी मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नौशीना अली उपस्थित रहीं। हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रुचि नागर और AOR देवाशीष तिवारी ने पैरवी की। वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. नटराज सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित हुए। वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी 2259 कॉन्स्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थी पिछले कई वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। प्रतीक्षा सूची में रिक्त पदों को शामिल किए जाने को लेकर शुरू हुआ कानूनी विवाद उनकी नियुक्ति में बड़ी बाधा बना हुआ था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार की SLP खारिज किए जाने के बाद अब 400 से अधिक प्रतीक्षा सूची वाले अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति की उम्मीद बढ़ गई है।

यमन के हूतियों का सऊदी अरब पर ड्रोन-मिसाइल हमला, मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट

यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए। हमलों के बाद सऊदी अरब ने मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। जेद्दा और ताइफ में भी मंगलवार सुबह इसी तरह के अलर्ट जारी किए गए थे। मक्का में पहली बार जारी हुआ इमरजेंसी अलर्ट सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक, नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए मक्का में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया। इस दौरान लोगों से ऊंची इमारतों और संभावित खतरे वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की गई। कुछ देर बाद सिविल डिफेंस ने स्थिति सामान्य होने की जानकारी देते हुए बताया कि खतरा टल गया है। हालांकि, लोगों से भीड़ से दूर रहने और किसी भी घटना की फोटो या वीडियो नहीं बनाने की अपील की गई। मंगलवार सुबह जेद्दा और ताइफ में भी अलर्ट जारी किए गए थे। स्थिति सामान्य होने के बाद इन अलर्ट को वापस ले लिया गया। लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह मक्का, जेद्दा और ताइफ में जारी चेतावनी के दौरान लोगों को भीड़भाड़ और खुले इलाकों में जाने से बचने को कहा गया। नागरिकों से शांत रहने और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील की गई। लोगों को घरों के अंदर रहने तथा खिड़कियों, बालकनी, छत, कांच और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। घर से बाहर मौजूद लोगों को नजदीकी इमारत में जाने या किसी मजबूत संरचना की आड़ लेने और खतरा पूरी तरह टलने तक वहीं रहने को कहा गया। हूती हमलों में अब तक 13 लोग घायल ये अलर्ट सऊदी अरब पर हूतियों के लगातार हो रहे हमलों के बीच जारी किए गए हैं। सोमवार को हूतियों ने खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ की दिशा में कई मिसाइल और ड्रोन दागे थे। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 13 नागरिक घायल हुए। मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने सऊदी नागरिकों को निशाना बनाने वाले हमलों को जानबूझकर किया गया हमला बताया। पिछले सप्ताह भी हूतियों ने सऊदी अरब के अबहा, खमिस मुशैत, जाजान और नजरान समेत कई शहरों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया था। इन हमलों में कम से कम 73 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। हमलों के बाद सऊदी अरब की कुछ ऊर्जा सुविधाओं का संचालन भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था। यमन में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी पर हमले ईरान समर्थित हूतियों का आरोप है कि सऊदी अरब यमन में हवाई हमले कर रहा है और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, यमन के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष जारी है। इस बीच हूतियों ने यमन के पश्चिमी लाल सागर तट पर अपना नियंत्रण बढ़ाया है। सोमवार को उन्होंने ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश द्वीपों पर भी कब्जा करने का दावा किया। दोनों द्वीप बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से करीब 160 किलोमीटर उत्तर में स्थित हैं। चार हफ्तों में 500 से ज्यादा सरकारी लड़ाके मारे गए हूतियों के खिलाफ जारी लड़ाई में पिछले चार हफ्तों के दौरान सरकार समर्थित 500 से ज्यादा लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। यह दावा सरकार के समर्थन में लड़ने वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स ने किया है। संगठन के मुताबिक, इसी अवधि में होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके भी मारे गए। हालांकि, हूती संगठन की ओर से इन आंकड़ों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यमनी सरकार ने लाल सागर के तटीय इलाकों में अतिरिक्त सैनिक भेजने का भी फैसला किया है। सरकार के एक अधिकारी ने पिछले सप्ताह हुई हार को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी बल दोबारा इस क्षेत्र में लौटेंगे।

UPI पर लगेगा चार्ज? ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर MDR को लेकर समझें पूरा मामला

UPI पेमेंट को लेकर इन दिनों एक बड़ा बदलाव चर्चा में है। सरकार ने Payment and Settlement Systems Act में संशोधन के जरिए भविष्य में कुछ चुनिंदा बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR यानी Merchant Discount Rate लगाने का रास्ता साफ किया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहकों से UPI पेमेंट पर सीधे कोई शुल्क लिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम यूजर्स के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा।  क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगेगा? फिलहाल यह समझना जरूरी है कि 0.4% MDR को सरकार ने सभी ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर लागू किया हुआ शुल्क नहीं बताया है। सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक भविष्य में MDR लागू किया गया तो इसे एक तय सीमा से ऊपर के सीमित मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक रखा जाएगा। इसकी दर और अंतिम दायरा संबंधित व्यवस्था के तहत तय होगा।  सबसे अहम बात यह है कि ग्राहक से UPI ट्रांजैक्शन फीस नहीं ली जाएगी। Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI पेमेंट भी फ्री रहेंगे।  सरकार ने बदलाव की जरूरत क्यों बताई? सरकार का कहना है कि UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और इसे सुरक्षित, मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम बनाए रखने के लिए पूरे पेमेंट इकोसिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना जरूरी है। जुलाई 2026 में UPI पर 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹29.88 लाख करोड़ रही। इस समय 741 बैंक UPI से जुड़े हुए थे। वित्त वर्ष 2025-26 में देश के डिजिटल पेमेंट में UPI की हिस्सेदारी करीब 84% रही।  MDR क्या होता है? MDR यानी Merchant Discount Rate डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले मर्चेंट से जुड़ी फीस है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझ सकते हैं कि किसी दुकानदार या कारोबारी को डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा उपलब्ध कराने की लागत का एक हिस्सा MDR के रूप में लिया जा सकता है। यह ग्राहक से सीधे वसूला जाने वाला चार्ज नहीं है। सरकार ने भी कहा है कि UPI यूजर्स के लिए ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे।  क्या इसका असर दुकानदार पर पड़ेगा? अगर भविष्य में किसी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होता है, तो इसका सीधा असर कारोबारी की पेमेंट लागत पर पड़ेगा। हालांकि, कोई दुकानदार इस अतिरिक्त लागत को अपने कारोबार की कुल लागत में शामिल करता है या नहीं और इसका असर सामान या सेवा की कीमत पर पड़ता है या नहीं, यह कारोबारी और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा। छोटे दुकानदारों के लिए क्या व्यवस्था है? सरकार ने पहले भी छोटे कारोबारियों के लिए कम राशि वाले UPI पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना चलाई है। वित्त वर्ष 2024-25 की योजना में ₹2,000 तक के UPI P2M ट्रांजैक्शन पर छोटे मर्चेंट के लिए MDR शून्य रखा गया था और 0.15% तक का इंसेंटिव दिया गया था।  इसलिए ₹2,000 की सीमा से जुड़ी पुरानी इंसेंटिव व्यवस्था और भविष्य में MDR लगाने की सक्षम व्यवस्था को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए। सरकार ने UPI को फ्री रखने के लिए क्या किया? UPI को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कम मूल्य वाले BHIM-UPI ट्रांजैक्शन के लिए इंसेंटिव स्कीम शुरू की थी। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इस योजना पर ₹1,500 करोड़ का प्रावधान किया गया था। इसका उद्देश्य छोटे कारोबारियों के बीच डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना था।  UPI पर कितना बड़ा नेटवर्क है? जून 2026 तक करीब 55.49 करोड़ यूजर्स UPI प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड थे। वित्त वर्ष 2025-26 में UPI पर करीब 24,162 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹314 लाख करोड़ रही।  जुलाई 2026 तक 741 बैंक UPI से जुड़े थे और इसी महीने रिकॉर्ड करीब 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए।

IND vs AFG 2nd T20: अफगानिस्तान ने भारत को दिया 160 रन का लक्ष्य, नीतीश रेड्डी ने झटके 3 विकेट

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान ने भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य रखा है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 159 रन बनाए। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। अब टीम इंडिया को सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल करने के लिए 160 रन बनाने होंगे। इब्राहिम जादरान ने बनाए 37 रन अफगानिस्तान की पारी में इब्राहिम जादरान ने सबसे ज्यादा 37 रन बनाए। इसके अलावा राशिद खान ने 28 रन और मोहम्मद नबी ने 20 रन की पारी खेली। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर अफगानिस्तान को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोके रखा। नीतीश रेड्डी ने लिए 3 विकेट भारत की ओर से नीतीश कुमार रेड्डी सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए। अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई और जसप्रीत बुमराह को एक-एक सफलता मिली। अफगानिस्तान की टीम 20 ओवर में 159 रन तक ही पहुंच सकी। भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य पहले टी-20 में शानदार जीत के बाद टीम इंडिया तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। पहले मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया था। अब दूसरे मुकाबले में 160 रन का लक्ष्य हासिल कर भारत सीरीज अपने नाम करना चाहेगा। वहीं अफगानिस्तान की नजरें मुकाबला जीतकर सीरीज को 1-1 से बराबर करने पर होंगी।

भोपाल पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी, UCC के विरोध में जनसभा को करेंगे संबोधित; बोले- विविधता खत्म करने की कोशिश

AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को भोपाल पहुंचे। वे सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। यह सभा AIMIM के UCC विरोधी अभियान का हिस्सा है। जनसभा से पहले ओवैसी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में UCC को लेकर अपना विरोध जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समान नागरिक संहिता भारत की विविधता को खत्म करने की कोशिश है। संविधान के अनुच्छेदों का दिया हवाला ओवैसी ने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला देते हुए कहा कि संविधान नागरिकों को समानता के साथ-साथ अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को खत्म करके इस तरह का कानून लागू नहीं किया जा सकता। ओवैसी ने UCC को देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता से जोड़ते हुए इसके प्रावधानों पर सवाल उठाए। NDA सहयोगी दलों से UCC का विरोध करने की अपील AIMIM प्रमुख ने NDA में शामिल सहयोगी दलों से भी समान नागरिक संहिता का विरोध करने की अपील की। उन्होंने TDP, JDU, चिराग पासवान, एचडी कुमारस्वामी और जयंत चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि यदि इन दलों और भाजपा के बीच अभी भी वैचारिक अंतर मौजूद है, तो उन्हें UCC का विरोध करना चाहिए। मुस्लिमों के अलग कानून का मुद्दा उठाया ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC के जरिए हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू सक्सेशन एक्ट और अडॉप्शन एंड कस्टडी एक्ट जैसे प्रावधान गैर-हिंदू समुदायों पर लागू करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आदिवासी समुदायों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी अलग संस्कृति, परंपरा और धार्मिक पहचान को देखते हुए उन्हें UCC से बाहर रखा गया है। ओवैसी का तर्क है कि इसी तरह मुस्लिम समुदाय की भी अपनी धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत कानून हैं। भोपाल में UCC के खिलाफ जनसभा AIMIM की ओर से आयोजित इस जनसभा में UCC को लेकर पार्टी का पक्ष रखा जाएगा। ओवैसी अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता के प्रावधानों और इसके संभावित प्रभावों को लेकर अपनी बात रखेंगे।

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