AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को भोपाल पहुंचे। वे सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। यह सभा AIMIM के UCC विरोधी अभियान का हिस्सा है।
जनसभा से पहले ओवैसी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में UCC को लेकर अपना विरोध जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समान नागरिक संहिता भारत की विविधता को खत्म करने की कोशिश है।
संविधान के अनुच्छेदों का दिया हवाला
ओवैसी ने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला देते हुए कहा कि संविधान नागरिकों को समानता के साथ-साथ अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को खत्म करके इस तरह का कानून लागू नहीं किया जा सकता। ओवैसी ने UCC को देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता से जोड़ते हुए इसके प्रावधानों पर सवाल उठाए।
NDA सहयोगी दलों से UCC का विरोध करने की अपील
AIMIM प्रमुख ने NDA में शामिल सहयोगी दलों से भी समान नागरिक संहिता का विरोध करने की अपील की।
उन्होंने TDP, JDU, चिराग पासवान, एचडी कुमारस्वामी और जयंत चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि यदि इन दलों और भाजपा के बीच अभी भी वैचारिक अंतर मौजूद है, तो उन्हें UCC का विरोध करना चाहिए।
मुस्लिमों के अलग कानून का मुद्दा उठाया
ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC के जरिए हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदू सक्सेशन एक्ट और अडॉप्शन एंड कस्टडी एक्ट जैसे प्रावधान गैर-हिंदू समुदायों पर लागू करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने आदिवासी समुदायों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी अलग संस्कृति, परंपरा और धार्मिक पहचान को देखते हुए उन्हें UCC से बाहर रखा गया है। ओवैसी का तर्क है कि इसी तरह मुस्लिम समुदाय की भी अपनी धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत कानून हैं।
भोपाल में UCC के खिलाफ जनसभा
AIMIM की ओर से आयोजित इस जनसभा में UCC को लेकर पार्टी का पक्ष रखा जाएगा। ओवैसी अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता के प्रावधानों और इसके संभावित प्रभावों को लेकर अपनी बात रखेंगे।


