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Trump का दावा: IRAN ने सुप्रीम लीडर बनने का दिया प्रस्ताव, मैंने ठुकराया

Trump का दावा: IRAN ने सुप्रीम लीडर बनने का दिया प्रस्ताव, मैंने ठुकराया

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। ट्रम्प के अनुसार, Iran ने उन्हें अपना सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने साफ तौर पर ठुकरा दिया। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें किसी दूसरे देश का नेता बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका पूरा ध्यान हमेशा United States और वहां के लोगों पर रहा है। हालांकि, ट्रम्प के इस बयान पर अभी तक ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा जरूर पैदा करते हैं, लेकिन इनकी सच्चाई की पुष्टि होना भी उतना ही जरूरी है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में ट्रम्प का यह दावा और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गया है। फिलहाल, इस मामले को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे गंभीरता से ले रहे हैं, तो कुछ इसे सिर्फ एक राजनीतिक बयान मान रहे हैं। ज्यादा अपडेट्स के लिए विजिट करें: Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

Hotel Bill में LPG Charge जोड़ना मना Govt ने जारी किए नए नियम

क्या है पूरा मामला? अगर आप बाहर खाना खाने जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी अहम है। हाल के दिनों में कई होटल और रेस्टोरेंट अपने बिल में “LPG Charge” या “Gas Crisis Charge” जोड़कर ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूल रहे थे। इस पर लगातार शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने अब सख्त कदम उठाया है। सरकार ने क्या कहा? Department of Consumer Affairs ने साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि होटल और रेस्टोरेंट अपने किचन से जुड़े खर्च—जैसे LPG या फ्यूल कॉस्ट—को अलग से बिल में नहीं जोड़ सकते। सरकार के अनुसार, ये सभी खर्च पहले से ही खाने-पीने की कीमत (menu price) में शामिल होने चाहिए। क्यों लिया गया यह फैसला? कई शहरों से शिकायतें सामने आई थीं कि ग्राहकों से 5% तक “Gas Crisis Charge” वसूला जा रहा है।इससे ग्राहकों को न सिर्फ अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा था, बल्कि बिल में पारदर्शिता भी खत्म हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे “अनुचित व्यापार प्रथा” मानते हुए सख्ती दिखाई है। नियम तोड़ने पर क्या होगा? अगर कोई होटल या रेस्टोरेंट अब भी LPG या फ्यूल चार्ज अलग से वसूलता है, तो उसके खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों के साथ इस तरह की चालाकी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए? जब भी आप किसी रेस्टोरेंट में जाएं, तो बिल को ध्यान से जरूर देखें: शिकायत कैसे करें? अगर आपसे गलत तरीके से चार्ज वसूला जाता है, तो आप: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

LPG vs PNG Update क्या अब PNG लेना होगा जरूरी? नई गाइडलाइन

देशभर में इन दिनों एक खबर तेजी से फैल रही है—अगर घरों में PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शन नहीं लिया, तो LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। इस खबर ने कई लोगों को चिंता में डाल दिया है। लेकिन क्या सच में ऐसा होने वाला है? असल में क्या है नया नियम? सरकार ने गैस वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कुछ नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है कि जहां PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां ज्यादा से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल करें। अब नियम यह कहता है: तुरंत नहीं कटेगी LPG, मिलेगा समय यह समझना बहुत जरूरी है कि LPG सप्लाई अचानक बंद नहीं होगी। यानी लोगों को फैसला लेने का पूरा मौका दिया जाएगा। सोसाइटी और अपार्टमेंट वालों के लिए खास नियम अगर आप किसी हाउसिंग सोसाइटी या अपार्टमेंट में रहते हैं, तो यह नियम और भी अहम हो जाता है। इसलिए अब फैसले सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक भी होंगे। क्या हर घर पर लागू होगा यह नियम? नहीं, यह नियम हर जगह लागू नहीं है। जिन इलाकों में PNG की सुविधा ही नहीं है, वहां रहने वालों को कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।ऐसे क्षेत्रों में LPG पहले की तरह मिलती रहेगी। एक और बड़ा बदलाव सरकार ने एक और अहम नियम लागू किया है: यानी अब दोनों गैस सिस्टम एक साथ इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। सरकार ऐसा क्यों कर रही है? इस फैसले के पीछे कुछ व्यावहारिक कारण हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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विधानसभा

Bomb Threat in Delhi विधानसभा को मिला धमकी भरा Email, बढ़ी Security

राष्ट्रीय राजधानी में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कैसे मिली धमकी? जानकारी के मुताबिक, यह धमकी एक ईमेल के जरिए भेजी गई, जो विधानसभा स्पीकर के OSD को प्राप्त हुआ। मेल मिलते ही अधिकारियों ने बिना समय गंवाए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया। कुछ ही देर में पूरा परिसर सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने क्या कदम उठाए? धमकी के बाद विधानसभा भवन के अंदर और बाहर सघन जांच अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ली। आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके। जांच में क्या सामने आ रहा है? दिल्ली पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। साइबर टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है, जिससे यह पता चल सके कि धमकी कहां से और किसने भेजी। शुरुआती तौर पर हर एंगल से जांच की जा रही है। लोगों में कैसा है माहौल? इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में चिंता जरूर देखी गई, लेकिन अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Harish Rana

Harish Rana Death 13 साल Coma के बाद मिली इच्छामृत्यु, नम आंखों से हुआ अंतिम संस्कार

13 साल तक कोमा में रही जिंदगी 13 साल तक बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे 31 वर्षीय हरीश राणा की कहानी आखिरकार एक दर्दभरे अंत तक पहुंच गई। एक गंभीर घटना के बाद वे कोमा में चले गए थे और तब से उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने भी छोड़ दी थी उम्मीद समय के साथ डॉक्टरों ने साफ कर दिया था कि उनके ठीक होने की संभावना बेहद कम है। मशीनों के सहारे चल रही जिंदगी ने परिवार को अंदर तक तोड़ दिया था। परिवार का सबसे कठिन फैसला घर के एक सदस्य को इस हालत में सालों तक देखना आसान नहीं होता। हरीश के परिवार ने भी भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह का बोझ झेला। आखिरकार उन्होंने इच्छामृत्यु की अनुमति लेने का फैसला किया। कानूनी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट का आधार मामला सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले Common Cause vs Union of India के दिशा-निर्देशों के तहत आगे बढ़ा। सभी मेडिकल और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद लाइफ सपोर्ट हटाने की मंजूरी दी गई। इच्छामृत्यु के बाद हुआ निधन जैसे ही लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाया गया, कुछ ही समय में हरीश ने अंतिम सांस ली। यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक और भारी था। नम आंखों से अंतिम विदाई हरीश राणा का अंतिम संस्कार नम आंखों और भारी दिल के साथ किया गया। परिवार के लिए यह दुख के साथ-साथ एक तरह की राहत भी थी कि अब उन्हें उस लंबी पीड़ा से मुक्ति मिल गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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देश की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच BJP ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि Asaduddin Owaisi पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

BJP का आरोप- Asaduddin Owaisi पश्चिम बंगाल में पकड़ बनाने की कोशिश में

देश की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच BJP ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि Asaduddin Owaisi पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता किसी नए नेता या पार्टी को आसानी से स्वीकार नहीं करती है, इसलिए यहां पैर जमाना आसान नहीं है। भाजपा का मानना है कि बंगाल की राजनीति पहले से ही काफी जटिल है, जहां क्षेत्रीय दलों का मजबूत प्रभाव है। ऐसे में बाहर से आने वाली पार्टियों के लिए जगह बनाना चुनौती भरा होता है। वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। AIADMK ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में कई पुराने और भरोसेमंद चेहरों को मौका दिया गया है, साथ ही कुछ नए उम्मीदवारों को भी टिकट दिया गया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में अलग-अलग राज्यों में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो सकता है। सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर रही हैं और जनता का समर्थन पाने की कोशिश कर रही हैं। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें Desh Har Pal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kuwait

Kuwait Airport Drone Attack Middle East में बढ़ा खतरा, US Military Bases भी निशाने पर

क्या है पूरा मामला? मध्य पूर्व (Middle East) एक बार फिर तनाव के दौर से गुजर रहा है। कुवैत, ईरान, इराक और अमेरिका से जुड़ी हालिया घटनाओं ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कुवैत एयरपोर्ट ड्रोन अटैक: क्या हुआ? ताज़ा खबरों के मुताबिक, कुवैत के एक एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस हमले में फ्यूल टैंक में आग लग गई। हालांकि, अभी तक इस घटना की आधिकारिक पुष्टि पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है। इराक में US ठिकानों पर हमले दूसरी ओर, इराक में सक्रिय ईरान समर्थित लड़ाकों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना तेज कर दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के कई ठिकानों पर एक साथ हमले किए गए। यह घटनाएं क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव की ओर इशारा करती हैं। क्यों बढ़ रहा है Middle East में तनाव? विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव इसका मुख्य कारण है। इराक जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकाने अक्सर ईरान समर्थित समूहों के निशाने पर रहते हैं, और अब ड्रोन व मिसाइल हमले आम रणनीति बन चुके हैं। आम लोगों और दुनिया पर असर इन घटनाओं का असर सिर्फ सैन्य स्तर तक सीमित नहीं है। इससे आम लोगों में डर और अनिश्चितता बढ़ रही है। साथ ही, अगर हालात और बिगड़ते हैं तो तेल की कीमतों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi Speech युद्ध के लंबे दुष्प्रभाव, भारत Government की सतर्कता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने राज्यसभा में हाल ही में एक महत्वपूर्ण भाषण में कहा कि मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के नकारात्मक असर लंबे समय तक रह सकते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि इसके वैश्विक आर्थिक, व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर भी पड़ सकते हैं। युद्ध और आर्थिक चुनौतियाँ PM Modi ने बताया कि इस युद्ध के कारण तेल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा के आयात स्रोतों में विविधता लाने और सुरक्षित विकल्पों की तलाश करनी होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री मार्गों में बाधा आने से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में रह रहे लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिकों और कई भारतीय क्रू मेंबर्स की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सुरक्षा सरकार की उच्च प्राथमिकता है और हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है। सतर्कता और तैयारी PM Modi ने कहा कि सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और अप्रत्याशित परिस्थितियों से निपटने के लिए रणनीतियाँ तैयार हैं। उन्होंने राज्य सरकारों और संबंधित विभागों से भी सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियाँ मजबूत करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर अपनी राजनीतिक और आर्थिक रणनीतियों को मजबूती से बनाए रखेगा। देश की सुरक्षा, नागरिकों की भलाई और व्यापार की स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए हर कदम उठाया जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court

धर्म बदलने वालों के लिए चेतावनी Supreme Court ने तय किया SC Rights का नियम

भारत के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) के अधिकारों और धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) से जुड़े एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोग ही SC का दर्जा और उससे जुड़े लाभ (Reservation और Benefits) का दावा कर सकते हैं। मुख्य बातें: धर्म परिवर्तन और SC Status कानूनी और सामाजिक पृष्ठभूमि सुप्रीम कोर्ट का तर्क सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय उन याचिकाओं के खिलाफ सुनाया, जिनमें धर्म परिवर्तन करने वाले लोग SC/ST एक्ट के तहत आरक्षण और सुरक्षा के लाभ लेने का प्रयास कर रहे थे। कोर्ट ने कहा कि SC दर्जा ऐतिहासिक और संविधानिक आधार पर ही दिया गया है, और धर्म परिवर्तन करने से यह स्वतः समाप्त हो जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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2029 Elections

2029 Elections महिला आरक्षण और Seat Increase से बदलेगा सिस्टम

भारत की राजनीति एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। आने वाले वर्षों में संसद की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है, क्योंकि सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 33% आरक्षण (Women Reservation) लागू करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व और समान भागीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Lok Sabha Seats Increase: 543 से 816 तक का सफर इस योजना का सबसे बड़ा पहलू है लोकसभा सीटों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी। अभी जहां 543 सीटें हैं, वहीं इन्हें बढ़ाकर 816 सीटें करने का प्रस्ताव सामने आया है। यह बदलाव परिसीमन (Delimitation) के जरिए होगा, जिसमें जनसंख्या के आधार पर नए निर्वाचन क्षेत्र बनाए जाएंगे। सीधे शब्दों में कहें तो, देश की बढ़ती आबादी को देखते हुए संसद में ज्यादा प्रतिनिधियों की जरूरत महसूस की जा रही है। 33% Women Reservation: महिलाओं को मिलेगा बड़ा प्रतिनिधित्व अगर सीटें 816 हो जाती हैं, तो उनमें से लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह भारतीय संसद के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा महिला प्रतिनिधित्व होगा। आज भी कई क्षेत्रों में महिलाएं राजनीति में आने से हिचकती हैं या उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। ऐसे में यह कदम लाखों महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद बन सकता है। क्यों जरूरी है यह बदलाव? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है कि सीटें बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी। दरअसल, अगर सीधे मौजूदा सीटों में से 33% आरक्षण लागू किया जाता, तो कई मौजूदा सांसदों की सीटें प्रभावित होतीं।सीटों की संख्या बढ़ाकर सरकार एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि: 2029 Elections Target: कब तक लागू होगा? सरकार की योजना है कि यह पूरी प्रक्रिया 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पूरी कर ली जाए। हालांकि इसके लिए कुछ जरूरी कदम अभी बाकी हैं: Human Angle: बदलाव सिर्फ आंकड़ों का नहीं, सोच का भी यह सिर्फ सीटों की गणित नहीं है, बल्कि सोच में बदलाव की कहानी भी है।जब संसद में अधिक महिलाएं होंगी, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर नए नजरिए सामने आएंगे। गांव से लेकर शहर तक, कई महिलाएं अब राजनीति में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। यह आरक्षण उनके लिए दरवाजे खोल सकता है। राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? इस फैसले का असर देश की राजनीति पर साफ दिखाई देगा: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कालरात्रि

Navratri 2026: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें कथा, महत्त्व और मंत्र

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। उनका स्वरूप देखने में उग्र है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में वे अपने भक्तों का कल्याण करने वाली देवी मानी जाती हैं। उन्हें भय, अज्ञान और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। मां कालरात्रि की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को देवी दुर्गा का वह शक्तिशाली स्वरूप बताया गया है, जो दुष्ट शक्तियों का संहार करता है। उनका उग्र रूप यह संदेश देता है कि बुराई और अन्याय का सामना करने के लिए साहस जरूरी है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः। भोग: मां को गुड़ अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

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